दिल्ली में बिम्सटेक के गृह मंत्रियों की पहली बैठक को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को संबोधित किया.
गृह मंत्री शाह ने कहा कि भारत ने हमेशा हर देश की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता को बनाए रखने का काम किया है. साथ ही कहा कि भारत मतभेदों को शांति से सुलझाने में विश्वास किया है.
उन्होंने कहा, "पहली बिम्सटेक गृह मंत्रियों की मीटिंग की मेज़बानी करना भारत के लिए बहुत गर्व और सौभाग्य की बात है. बिम्सटेक, एक तरह से क्षेत्रीय एकीकरण, आर्थिक सहयोग और सामूहिक सुरक्षा के लिए एक ज़रूरी प्लेटफ़ॉर्म बन गया है."
"वसुधैव कुटुम्बकम की भावना के साथ भारत आज आगे बढ़ रहा है. हम हमेशा शांति, सह-अस्तित्व और मानव कल्याण के लिए प्रतिबद्ध रहे हैं. हम आज भी इनके लिए प्रतिबद्ध हैं."
शाह ने कहा, "भारत ने कभी किसी देश पर हमला करने या उन पर दबदबा बनाने में विश्वास नहीं किया है. भारत ने हमेशा हर देश की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता को बनाए रखने और मतभेदों को शांति से सुलझाने में विश्वास किया है."
बिम्सटेक (बे ऑफ बंगाल इनिशिएटिव फ़ॉर मल्टी-सेक्टरल टेक्निकल एंड इकोनॉमिक कोऑपरेशन) एक क्षेत्रीय संगठन है जिसमें सात सदस्य देश शामिल हैं. ये सात देश- बांग्लादेश, भूटान, भारत, म्यांमार, नेपाल, श्रीलंका और थाईलैंड हैं.
यह क्षेत्रीय संगठन कृषि और खाद्य सुरक्षा, कनेक्टिविटी, आपदा प्रबंधन, ऊर्जा, पर्यावरण और स्वास्थ्य सहित कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए काम करता है.