लाइव , गिरफ़्तारी नहीं, हिरासत में लेने के 24 घंटों के भीतर मजिस्ट्रेट के सामने पेशी ज़रूरी - सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि 24 घंटे पुलिस की ओर से गिरफ़्तारी दर्ज करने के समय से नहीं बल्कि हिरासत में लेने के समय से गिने जाएंगे.

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लाइव कवरेज

संदीप राय

  1. फ़्रांस में पांच यूनियनों की देशव्यापी हड़ताल, सड़कों पर उतरे ढाई लाख से ज़्यादा लोग, पॉल किर्बी, यूरोप डिजिटल एडिटर

    फ्रांस में प्रदर्शन
    इमेज कैप्शन, इन प्रदर्शनों में हाई स्कूल के छात्र और महंगाई के ख़िलाफ़ आवाज़ उठा रहे लोग भी शामिल हैं

    फ़्रांस में पांच यूनियनों की ओर से देशव्यापी हड़ताल के आह्वान के बाद कई जगहों पर प्रदर्शन हो रहे हैं.

    इन प्रदर्शनों में हाई स्कूल के छात्र और महंगाई के ख़िलाफ़ आवाज़ उठा रहे लोग भी शामिल हैं.

    गुरुवार दोपहर 1 बजे (भारतीय समय के मुताबिक़ शाम 5:30 बजे) तक करीब 70 शहरों और कस्बों में ढाई लाख से ज़्यादा लोग सड़कों पर उतर चुके थे. सीजीटी यूनियन की सोफी बिने ने कहा कि यह तो सिर्फ़ शुरुआत है.

    यूनियनों ने सितंबर में हाई स्कूलों में ख़राब हालात और संसाधनों की कमी को लेकर शुरू हुए विरोध प्रदर्शनों को अगले स्तर तक ले जाने का संकल्प लिया है.

    बाद में इन प्रदर्शनों में कर्मचारी और महंगाई के ख़िलाफ़ आंदोलन करने वाला तथाकथित 'येलो वेस्ट' आंदोलन भी शामिल हो गया.

    गृह मंत्री लॉरां नुनेज़ ने कहा कि सुरक्षा के लिए 70 हज़ार पुलिसकर्मियों को तैनात किया जा रहा है. उन्होंने हिंसा की किसी भी घटना पर बेहद सख़्त कार्रवाई करने की बात कही.

  2. गिरफ़्तारी नहीं, हिरासत में लेने के 24 घंटों के भीतर मजिस्ट्रेट के सामने पेशी ज़रूरी - सुप्रीम कोर्ट

    सुप्रीम कोर्ट
    इमेज कैप्शन, सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि 24 घंटे पुलिस की ओर से गिरफ़्तारी दर्ज करने के समय से नहीं बल्कि हिरासत में लेने के समय से गिने जाएंगे

    सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि किसी व्यक्ति को हिरासत में लेने के बाद 24 घंटे के भीतर मजिस्ट्रेट के सामने पेश करना ज़रूरी है.

    ये 24 घंटे पुलिस की ओर से गिरफ़्तारी दर्ज करने के समय से नहीं, बल्कि हिरासत में लेने के समय से गिने जाएंगे.

    बार एंड बेंच के मुताबिक़, जस्टिस उज्जल भुइयां और जस्टिस अतुल एस चंदुरकर की पीठ ने कहा कि अगर किसी व्यक्ति को हिरासत में लेने के 24 घंटे के भीतर मजिस्ट्रेट के सामने पेश नहीं किया जाता है, तो उसे तुरंत रिहा करना होगा.

    अदालत एक ऐसे मामले की सुनवाई कर रही थी जिसमें नशीले पदार्थों की तस्करी के एक अभियुक्त को 29 सितंबर, 2025 की दोपहर हिरासत में लिया गया था. लेकिन पुलिस ने उसकी गिरफ़्तारी 30 सितंबर, 2025 को दर्ज की थी.

    अभियुक्त का कहना था कि जांच एजेंसी ने ऐसा इसलिए किया, ताकि 24 घंटे के भीतर मजिस्ट्रेट के सामने पेश करने के नियम से बचा जा सके.

    वहीं, जांच एजेंसी का कहना था कि 24 घंटे की गिनती 30 सितंबर से शुरू होगी, क्योंकि इसी दिन गिरफ़्तारी दर्ज की गई थी.

    सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि 24 घंटे की गिनती व्यक्ति को हिरासत में लेने के समय से शुरू होगी. पुलिस गिरफ़्तारी कब दर्ज करती है, इससे कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता.

    अदालत ने कहा कि पुलिस किसी व्यक्ति को जांच के नाम पर हिरासत में रखे, लेकिन उसकी गिरफ़्तारी दर्ज न करे, ऐसा नहीं हो सकता. यह संविधान के ख़िलाफ़ है.

  3. उमर ख़ालिद ने ज़मानत के लिए सुप्रीम कोर्ट का रुख़ किया, क्या दी दलील?

    उमर ख़ालिद
    इमेज कैप्शन, उमर ख़ालिद ने अपनी याचिका में कहा है कि सुप्रीम कोर्ट की ओर से ज़मानत देने पर लगाई गई एक साल की रोक जल्द ही ख़त्म होने वाली है.

    जेएनयू के पूर्व छात्र उमर ख़ालिद ने 2020 के दिल्ली दंगों की बड़ी साज़िश के मामले में ज़मानत के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है. हाल ही में दिल्ली हाई कोर्ट ने उनकी ज़मानत याचिका ख़ारिज कर दी थी.

    उमर ख़ालिद ने अपनी याचिका में कहा है कि सुप्रीम कोर्ट ने एक साल तक ज़मानत के लिए दोबारा याचिका दायर करने पर जो रोक लगाई थी, वह जल्द ही ख़त्म होने वाली है.

    उन्होंने यह भी कहा है कि अभियोजन पक्ष के गवाहों की गवाही 5 जनवरी, 2027 तक पूरी होना संभव नहीं है. सुप्रीम कोर्ट ने ज़मानत पर विचार करने के लिए यह शर्त भी रखी थी.

    ख़ालिद ने दलील दी है कि वह लंबे समय से जेल में हैं. इसलिए उन्हें ज़मानत दी जानी चाहिए.

    ग़ौरतलब है कि 5 जनवरी, 2026 को जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस एनवी अंजरी की पीठ ने शरजील इमाम और उमर ख़ालिद को ज़मानत देने से इनकार कर दिया था. अदालत ने उन्हें बड़ी साज़िश का 'वैचारिक सूत्रधार' बताया था.

    हालांकि, अदालत ने कथित साज़िश में उनकी भूमिका को दूसरे अभियुक्तों से अलग माना था. इसी आधार पर गल्फ़िशा फ़ातिमा समेत पांच अन्य अभियुक्तों को ज़मानत दे दी गई थी.

    ज़मानत देने से इनकार करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि शरजील इमाम और उमर ख़ालिद दोबारा ज़मानत मांग सकते हैं. इसके लिए दो शर्तें रखी गई थीं: या तो संरक्षित गवाहों की गवाही पूरी हो जाए या फिर सुप्रीम कोर्ट के आदेश को एक साल पूरा हो जाए. इनमें से जो भी पहले होगा, उसके बाद वे दोबारा ज़मानत के लिए अदालत जा सकते हैं.

  4. लीबिया में नाइकी के ख़िलाफ़ फ़तवा क्यों जारी किया गया?, बिस्मा अल-अती

    नाइकी का लोगो
    इमेज कैप्शन, लीबिया के एक शीर्ष धार्मिक संस्थान ने कहा कि नाइकी का नाम यूनानी जीत की देवी ‘नाइकी’ के नाम पर रखा गया था.

    लीबिया के शीर्ष धार्मिक संस्थान दारुल इफ्ता ने मुसलमानों के लिए नाइकी के लोगो वाले कपड़ों की ख़रीद-बिक्री करने और उन्हें पहनने के ख़िलाफ़ फ़तवा जारी किया है.

    बीबीसी न्यूज़ उर्दू के मुताबिक, त्रिपोली स्थित दारुल इफ्ता की ओर से जारी फ़तवे में कहा गया है कि अमेरिकी स्पोर्ट्सवेयर कंपनी नाइकी का नाम यूनानी जीत की देवी ‘नाइकी’ के नाम पर रखा गया था. कंपनी का मशहूर ‘स्वूश’ लोगो भी इसी देवी के पंखों से प्रेरित होकर बनाया गया था.

    फ़तवे में कहा गया है कि नाइकी के लोगो वाले कपड़े पहनना ऐसे प्रतीकों को बढ़ावा देने जैसा है, जो ‘शिर्क’ यानी एक से ज़्यादा ईश्वर की पूजा करने की श्रेणी में आता है.

    लीबिया में प्राचीन यूनानी शहर साइरीन स्थित है. यहां मिले पुरातात्विक अवशेषों में इसी नाम की यूनानी देवी की एक मूर्ति भी शामिल है.

    दारुल इफ्ता ने अमेरिकी कंपनी नाइकी पर इसराइल का समर्थन करने का आरोप भी लगाया है. उसने ऐसी सभी कंपनियों के बहिष्कार की अपील की है.

    दारुल इफ्ता ने 2023 को काउंसिल फॉर रिसर्च एंड शरीयत स्टडीज़ की ओर से जारी एक बयान का भी हवाला दिया है. इस बयान में ग़ज़ा युद्ध के दौरान इसराइल का समर्थन करने वाली पश्चिमी कंपनियों के बहिष्कार की अपील की गई थी.

    फ़तवा इस्लामी क़ानून से जुड़े किसी मामले पर दी जाने वाली धार्मिक राय को कहते हैं. इस फ़तवे को लीबिया के ग्रैंड मुफ़्ती सादिक़ अल-ग़रियानी ने मंज़ूरी दी है.

  5. कार्टून: नौकरी के टॉप-अप

    कॉर्टून
    इमेज कैप्शन, अग्निवीर सैनिकों को दो साल के एक्सटेंशन पर आज का कार्टून
  6. क्रिस्टियानो रोनाल्डो का अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास का एलान, माइक पीटर, बीबीसी स्पोर्ट संवाददाता

    क्रिस्टियानो रोनाल्डो
    इमेज कैप्शन, क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने पुर्तगाल के लिए 146 गोल किए और 234 मैच खेले. ये दोनों ही विश्व रिकॉर्ड हैं.

    पुर्तगाल के दिग्गज फुटबॉलर क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास लेने का एलान किया है.

    41 साल के रोनाल्डो ने 2003 में अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत की थी. उन्होंने अपने देश के लिए 146 गोल किए और 234 मैच खेले. ये दोनों ही विश्व रिकॉर्ड हैं.

    पिछले महीने रोनाल्डो पुर्तगाल की टीम का कैंप छोड़कर चले गए थे. उन्हें बताया गया था कि डेनमार्क के ख़िलाफ़ नेशंस लीग के मैच में उन्हें शुरुआती प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं मिलेगी.

    रोनाल्डो ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो जारी कर कहा, "पुर्तगाल के लोगों, वह दिन आ गया है जब मैं अपनी राष्ट्रीय टीम की सात नंबर की जर्सी वापस सौंप रहा हूं."

    उन्होंने कहा, "मुझे कभी नहीं लगा कि यह जर्सी सिर्फ़ मेरी है, लेकिन 23 साल तक इसे पहनना, इसकी रक्षा करना और दुनिया भर के स्टेडियमों में इसे अपने साथ लेकर जाना मेरे लिए सौभाग्य और ज़िम्मेदारी की बात रही."

    रोनाल्डो ने कहा, "अब इसे अगली पीढ़ी को सौंपने का समय आ गया है. यह फ़ैसला आसान नहीं था, क्योंकि कुछ फ़ैसले सिर्फ़ दिमाग़ से नहीं, बल्कि दिल से भी लिए जाते हैं."

    उन्होंने कहा, "अगस्त 2003 में शुरू हुआ यह सफ़र, जिसने मेरी ज़िंदगी हमेशा के लिए बदल दी, अब ख़त्म हो गया है."

  7. यूरोप में कई विमानों को बम से उड़ाने की धमकी

    विमान
    इमेज कैप्शन, दो दिन पहले भी इसी तरह की धमकियों के कारण कम से कम सात उड़ानें प्रभावित हुई थीं

    यूरोप में कई उड़ानें बम की धमकियों से प्रभावित हुई हैं. दो दिन पहले भी इसी तरह की धमकियों के कारण कम से कम सात उड़ानों पर असर पड़ा था.

    आज प्रभावित होने वाली उड़ानों में एर लिंगस का एयरबस ए320 विमान भी शामिल था. यह विमान डबलिन से रोम जा रहा था. विमान ने इमरजेंसी अलर्ट जारी किया और अपना रास्ता बदलकर उत्तरी फ़्रांस के एवरू एयरबेस पर उतरा.

    वहीं, फ़िनलैंड की एयरलाइन फ़िनएयर ने बताया कि गुरुवार को हेलसिंकी से रोम जा रहे उसके एक विमान को बम की धमकी मिली थी. वायुसेना के लड़ाकू विमानों ने उसे सुरक्षा घेरे में लिया और वह तय समय पर रोम में उतरा.

  8. अमित शाह का राहुल गांधी पर तंज़, 'जब से आप आए हैं कांग्रेस पार्टी के विधायक लगातार कम हो रहे हैं '

    अमित शाह

    केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके पार्टी में आने के बाद से कांग्रेस के विधायकों की संख्या लगातार कम हुई है.

    शाह ने आज हरियाणा के करनाल में 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' मार्च में हिस्सा लिया.

    उन्होंने यहां कहा कि 2007 में जब राहुल गांधी कांग्रेस के महासचिव बने थे, तब पार्टी के 1,200 विधायक थे. उनके उपाध्यक्ष बनने तक यह संख्या घटकर 900 रह गई.

    अमित शाह के मुताबिक़, राहुल गांधी के कांग्रेस अध्यक्ष बनने के समय पार्टी के विधायकों की संख्या 700 रह गई थी. वहीं, 2022 में भारत जोड़ो यात्रा के समय यह संख्या और घटकर 600 हो गई.

    उन्होंने कहा, "राहुल जी, जब से आप आए हैं कांग्रेस पार्टी के विधायक लगातार कम हो रहे हैं और जब से मोदी जी आए हैं, तब से बीजेपी के विधायक और सांसद लगातार बढ़ रहे हैं"

  9. जेडी वेंस के राष्ट्रपति बनने की संभावना 'कम होती जा रही है', दोस्त ने बीबीसी से कहा

    जेडी वेंस
    इमेज कैप्शन, रॉड ड्रेहर ने कहा कि ईरान की राजधानी तेहरान में यह युद्ध सत्ता परिवर्तन नहीं करा सका, लेकिन इसने वॉशिंगटन की सियासी व्यवस्था को उलट दिया है

    अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के दोस्त और कंजर्वेटिव पत्रकार रॉड ड्रेहर का मानना ​​है कि 2028 में वेंस के राष्ट्रपति बनने की संभावनाएं खत्म तो नहीं हुई हैं, लेकिन तेजी से कम होती जा रही हैं.

    वेंस ने सार्वजनिक रूप से ईरान युद्ध का विरोध किया है. हालांकि, ड्रेहर का कहना है कि अगर यह युद्ध जल्द से जल्द खत्म नहीं हुआ, तो रिपब्लिकन पार्टी के लिए हालात और भी खराब होते जाएंगे.

    इसका असर खास तौर पर वेंस पर पड़ेगा. उन्होंने रेडियो 4 के कार्यक्रम 'टुडे' से कहा, "यह युद्ध उन लोगों के साथ पूरी तरह से विश्वासघात है जिन्होंने ट्रंप को वोट दिया था. इसने आम अमेरिकियों पर बहुत दबाव डाला है."

    ड्रेहर ने कहा कि ईरान की राजधानी तेहरान में यह युद्ध सत्ता परिवर्तन नहीं करा सका, लेकिन इसने वॉशिंगटन की सियासी व्यवस्था को उलट दिया है.

    उन्होंने इसे इतिहास की एक असाधारण घटना बताया.

  10. हार पर अमेरिकी उपराष्ट्रपति वेंस के कबूलनामे पर ग़ालिबाफ़ का तंज़- ये हारते हुए जुआरी जैसी बेचैनी है

    ग़ालिबाफ़

    ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बग़र ग़ालिबाफ़ ने अमेरिका के मध्यवाधि चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी की हार पर प्रतिक्रिया दी है.

    उन्होंने पार्टी की चुनावी हार पर अमेरिकी उप राष्ट्रपति जेडी वेंस की ओर से पार्टी की हार का विश्लेषण का जवाब देते हुए सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, ''एक हारते हुए जुआरी जैसी बेचैनी है, जो मेज़ छोड़कर उठ ही नहीं पा रहा. बॉस अगले युद्ध के दौर की तैयारी कर रहा है, जबकि अमेरिका 'इसराइल-फ़र्स्ट' के ख़तरनाक मोड़ पर डगमगा रहा है. लंबा-चौड़ा भाषण छोड़िए.अपने बॉस से सीधे ये बात क्यों नहीं कहते?

    जेडी वेंस ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा था कि रिपब्लिकन पार्टी की हार की वजह ईरान युद्ध था.

    ,उन्होंने लिखा, ''भले ही सर्वेक्षणों में डेमोक्रेट्स की भारी जीत दिखाई जा रही थी, डेटा लगातार हमें एक ही बात बता रहा था. कुछ राज्यों में मतदान बस ठीक-ठाक था, दूसरे राज्यों में बेहद शानदार था और किसी भी राज्य में स्थिति विनाशकारी नहीं थी. हमारी टीम में वास्तविक आशावाद का माहौल था. हमारे मतदाता मतदान के लिए निकल रहे थे.''

    मध्यावधि चुनाव के नतीज़ों के मुताबिक़ सीनेट में डेमोक्रेटिक पार्टी ने 54 सीटें जीती हैं जबकि रिपब्लिकन पार्टी को 44 सीटें मिली हैं.

    वहीं हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव में डेमोक्रेटिक पार्टी ने 240 और रिपब्लिकन पार्टी ने 147 सीटें जीती हैं.

  11. बर्नी सैंडर्स ने कहा, 'चुनाव में हार के बाद ट्रंप को जवाबदेह ठहराना चाहिए'

    बर्नी सैंडर्स
    इमेज कैप्शन, बर्नी सैंडर्स निर्दलीय सीनेटर हैं, लेकिन उनके विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी से काफी अच्छे संबंध हैं

    अमेरिकी सीनेटर बर्नी सैंडर्स ने बीबीसी न्यूज़नाइट से कहा है कि डेमोक्रेटिक पार्टी के कांग्रेस (संसद) पर नियंत्रण हासिल करने के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को जवाबदेह ठहराना चाहिए.

    जब उनसे पूछा गया कि क्या अब डेमोक्रेट्स राष्ट्रपति ट्रंप और उनके परिवार के ख़िलाफ़ कार्रवाई करेंगे, तो उन्होंने जवाब दिया, "बिल्कुल."

    सैंडर्स निर्दलीय सीनेटर हैं, लेकिन डेमोक्रेटिक पार्टी के साथ उनके करीबी संबंध हैं.

    मिडटर्म चुनावों में जीत के बावजूद उन्होंने कहा कि यह कोई छिपी हुई बात नहीं है कि आज डेमोक्रेटिक पार्टी बहुत लोकप्रिय नहीं है.

    उन्होंने न्यूज़नाइट से कहा, "डेमोक्रेट्स आखिर दे क्या रहे हैं? मेरा मतलब है, आप ही मुझे बताइए. मैं भी डेमोक्रेटिक कॉकस का सदस्य हूं."

  12. अभी तक बीबीसी संवाददाता संदीप राय आप तक ख़बरें पहुंचा रहे थे.

    अब बीबीसी संवाददाता तेजस्वी सिंह रात दस बजे तक आप तक ख़बरें पहुंचाएंगे.

    बीबीसी न्यूज़ हिन्दी पर मौजूद कुछ अहम ख़बरों को आप नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक कर विस्तार से पढ़ सकते हैं.

  13. बोकारो में कोयले का ढेर धंसने से तीन महिलाओं की मौत, मोहम्मद सरताज आलम, बीबीसी हिंदी के लिए

    ख़दान हादसा

    झारखंड के बोकारो ज़िले के कथारा कोलियरी में कोयले का एक बड़ा ढेर धंसने से सात लोग इसकी चपेट में आ गए. इस दुर्घटना में तीन महिलाओं की मौत हो गई.

    घटना की पुष्टि स्थानीय बेरमो एसडीपीओ रविंद्र सिंह ने बीबीसी से की है.

    उन्होंने बताया कि “जिस स्थान पर हादसा हुआ वहां सीसीएल के रिजेक्शन कोयला का स्टॉक है. उसमें स्थानीय महिलाएं सुबह पांच बजे जलावन के लिए कोयला चुनने गई थीं.”

    वह आगे बताते हैं कि “रिजेक्ट कोयला में बढ़िया कोयले का टुकड़ा हाथ से खींचने पर ढेर भरभरा कर धंस गया, जिस की चपेट में आने से तीन महिलाओं की मौत हो गई.”

    सीडीपीओ रवींद्र सिंह के अनुसार शेष चार लोग स्वस्थ हैं जिनको घर भेज दिया गया है, जबकि स्थानीय के अनुसार सभी मृतक स्थानीय बांध बस्ती की रहने वाली हैं.

  14. मिडटर्म जीतने के बाद डेमोक्रेट नेता ने कहा, 'बेलग़ाम ट्रंप प्रशासन पर कांग्रेस लगाएगी अंकुश'

    हकीम जेफ्रीज़
    इमेज कैप्शन, हकीम जेफ्रीज़ अगर चुने जाते हैं तो वह अमेरिकी हाउस ऑफ़ रिप्रेज़ेंटेटिव में वह स्पीकर बनने वाले पहले ब्लैक लीडर होंगे

    अमेरिकी हाउस ऑफ़ रिप्रेज़ेंटेटिव में विपक्ष के नेता हकीम जेफ्रीज़ ने स्पीकर पद के लिए अपनी उम्मीदवारी का एलान किया है. अगर वह चुने जाते हैं, तो अमेरिकी इतिहास में इस पद पर पहुंचने वाले पहले ब्लैक नेता होंगे.

    जनवरी में नई कांग्रेस के गठन के साथ डेमोक्रेट्स सदन का नियंत्रण संभालेंगे. स्पीकर हाउस ऑफ़ रिप्रेज़ेंटेटिव के प्रमुख होने के साथ-साथ बहुमत वाली पार्टी का नेता भी होता है.

    अपने सहयोगियों को लिखे पत्र में जेफ्रीज़ ने कहा, "तमाम मुश्किलों के बावजूद, हाउस ऑफ़ रिप्रेज़ेंटेटिव में अल्पमत में रहते हुए डेमोक्रेट्स लगातार सफल रहे. अब बहुमत में रहते हुए हमें वह बड़ा बदलाव लाना होगा, जिसकी मांग अमेरिकी लोग कर रहे हैं."

    उन्होंने कहा कि नई कांग्रेस को "क़िफ़ायती अमेरिका के लिए आक्रामक तरीके से लड़ना" होगा.

    उन्होंने आगे कहा, "लोग परेशान हैं. आम अमेरिकी न तो आगे बढ़ पा रहे हैं और मुश्किल से अपना गुजारा कर पा रहे हैं."

    जेफ्रीज़ ने कहा, "हाउस ऑफ़ रिप्रेज़ेंटेटिव अब ट्रंप प्रशासन की पूरी तरह अधीनस्थ संस्था की तरह काम नहीं करेगी. कांग्रेस नियंत्रण से बाहर हो चुकी कार्यपालिका पर निगरानी रखने और संतुलन कायम करने की अपनी भूमिका निभाएगी."

    न्यूयॉर्क के रिप्रेज़ेंटेटिव जेफ्रीज़ ने 'ट्रंप कार्टेल' का जिक्र करते हुए कहा कि 'अमेरिकी लोगों से चोरी करने, उन्हें ठगने या उनके साथ ग़लत करने वाले लोग अब छिप नहीं सकेंगे.'

    उन्होंने कहा, "हम इन अपराधियों को जवाबदेह ठहराएंगे."

    फ़िलहाल रिपब्लिकन नेता माइक जॉनसन हाउस ऑफ़ रिप्रेज़ेंटेटिव के स्पीकर हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति पद की उत्तराधिकार सूची में उपराष्ट्रपति के बाद स्पीकर का तीसरा स्थान है.

    हालांकि, मौजूदा अल्पमत नेता होने के नाते जेफ्रीज़ को यह पद अपने आप नहीं मिलेगा. स्पीकर बनने के लिए उन्हें हाउस ऑफ़ रिप्रेज़ेंटेटिव में चुनाव जीतना होगा.

  15. 10 बाग़ी टीएमसी विधायकों की सदस्यता के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कलकत्ता हाई कोर्ट से क्या कहा?

    ममता बनर्जी
    इमेज कैप्शन, ममता बनर्जी (फ़ाइल फ़ोटो)

    गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने कलकत्ता हाई कोर्ट से कहा कि वह पश्चिम बंगाल के 10 बाग़ी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) विधायकों की सदस्यता रद्द करने की मांग वाली याचिका पर जल्द सुनवाई करे.

    इन विधायकों की सदस्यता रद्द करने की मांग विधानसभा स्पीकर के सामने रखी गई थी, लेकिन उन्होंने अब तक इस पर कोई फ़ैसला नहीं लिया है.

    बार एंड बेंच के मुताबिक़ मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने कलकत्ता हाई कोर्ट के चीफ़ जस्टिस से कहा कि इस मामले को जल्द सुनवाई के लिए दो जजों की बेंच के पास भेजा जाए.

    कोर्ट ने कहा कि इस मामले में याचिकाकर्ता को कलकत्ता हाई कोर्ट जाना चाहिए. सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें हाई कोर्ट में याचिका दाख़िल करने की छूट दी. साथ ही हाई कोर्ट से कहा कि वह इस मामले पर जल्द फ़ैसला करे.

    सुप्रीम कोर्ट में यह याचिका टीएमसी विधायक शोभनदेव चट्टोपाध्याय ने दाख़िल की थी. उन्होंने शिकायत की थी कि विधानसभा स्पीकर 10 विधायकों की सदस्यता रद्द करने की मांग पर फ़ैसला नहीं ले रहे हैं.

    इन 10 विधायकों के नाम हैं- ऋतब्रत बनर्जी, फिरहाद हकीम, अरूप रॉय, संदीपन साहा, अखरुज्जमान अंसारी, शिउली साहा, सबीना यास्मीन, बिप्लब मित्रा, जावेद ख़ान और रथिन घोष.

    इन सभी ने टीएमसी के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ा था. आरोप है कि चुनाव के बाद उन्होंने पार्टी छोड़ दी. बीजेपी से चुनाव हारने के बाद टीएमसी में फूट पड़ गई थी.

    8 जुलाई को इन विधायकों की सदस्यता रद्द करने की मांग करते हुए विधानसभा स्पीकर के पास याचिकाएं दाख़िल की गई थीं.

    शोभनदेव चट्टोपाध्याय ने सुप्रीम कोर्ट से मांग की थी कि स्पीकर को इन याचिकाओं पर एक तय समय के भीतर फ़ैसला लेने का निर्देश दिया जाए. इसके लिए उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के 2021 के एक फ़ैसले का हवाला दिया था. उस फ़ैसले में कहा गया था कि विधायकों की सदस्यता रद्द करने के मामलों में स्पीकर को तय समय के भीतर फ़ैसला लेना चाहिए.

    इससे पहले भी शोभनदेव चट्टोपाध्याय इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट गए थे. तब कोर्ट ने कहा था कि उसे स्पीकर पर भरोसा नहीं करने की कोई वजह नहीं दिखती.

    लेकिन गुरुवार को सुनवाई के दौरान शोभनदेव के वकील ने बताया कि स्पीकर ने अब तक कोई फ़ैसला नहीं लिया है.

  16. कच्चे तेल की वैश्विक क़ीमतों में आई और गिरावट, अमेरिकी मिडटर्म के नतीजों का असर, पीटर हास्किंस, बिज़नेस संवाददाता, सिंगापुर

    पेट्रोल

    वैश्विक बाज़ार में कच्चे तेल की क़ीमतों में गिरावट जारी है. कारोबारियों को उम्मीद है कि अमेरिकी मध्यावधि चुनाव के नतीजों के बाद ईरान के साथ युद्ध खत्म हो सकता है या तनाव कम करने की दिशा में कदम उठाए जा सकते हैं.

    गुरुवार दोपहर एशियाई बाजार में ब्रेंट क्रूड की क़ीमत 0.9 फ़ीसदी गिरकर 93.74 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई.

    वहीं, अमेरिकी बाज़ार में कारोबार करने वाला कच्चा तेल क़रीब 1.5 फ़ीसदी गिरकर 86.83 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया.

    इससे पहले बुधवार को कच्चे तेल की क़ीमतों में 8 फ़ीसदी से ज़्यादा की गिरावट दर्ज की गई थी.

    अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी की हार के लिए ईरान युद्ध के कारण ईंधन की क़ीमतों में हुई बढ़ोतरी को ज़िम्मेदार ठहराया था.

    इससे पहले कच्चे तेल की क़ीमतें दो महीने के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई थीं.

  17. दिल्ली के भीड़ भाड़ वाले चावड़ी बाज़ार में तीन मंज़िला इमारत गिरी, दो लोगों की मौत

    चावड़ी बाज़ार
    इमेज कैप्शन, चावड़ी बाज़ार में तीन मंज़िला इमारत गिरी

    पुरानी दिल्ली के चावड़ी बाज़ार में गुरुवार सुबह एक निर्माणाधीन तीन मंज़िला इमारत ढह गई, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, यह घटना सुबह करीब 9:50 बजे चावड़ी बाज़ार मेट्रो स्टेशन के पास गली सितारा में हुई.

    अधिकारियों ने पीटीआई को बताया कि कुछ लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका है.

    अधिकारियों ने बताया कि राहत और बचाव कार्य के लिए दमकल की कम से कम छह गाड़ियां मौके पर भेजी गई हैं. इनमें पानी के टैंकर और बचाव वाहन भी शामिल हैं.

    वरिष्ठ अधिकारी मौके पर रहकर बचाव अभियान की निगरानी कर रहे हैं.

    समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक़, एनडीआरएफ़ की टीम बचाव और राहत के लिए घटनास्थल पर पहुंच गई हैं.

    चावड़ी बाज़ार दिल्ली के प्रमुख बाज़ारों में से एक है जहां त्योहारों, ख़ासकर दिवाली के मौके पर ख़रीदारी के लिए काफ़ी भीड़भाड़ होती है.

  18. शरद पवार अस्पताल में भर्ती, हेल्थ अपडेट में क्या कहा गया है

    शरद पवार
    इमेज कैप्शन, शरद पवार (फ़ाइल फ़ोटो)

    राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के प्रमुख शरद पवार की तबीयत ख़राब होने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

    उन्हें सांस और सीने में संक्रमण के बाद मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया.

    अस्पताल के डॉक्टर प्रतीत सामदानी ने बताया कि उनकी हालत स्थिर है और इलाज चल रहा है.

    डॉ. प्रतीत सामदानी ने कहा, "शरद पवार को सांस और सीने में संक्रमण के कारण कल ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया था. उनकी हालत स्थिर है और उनका इलाज चल रहा है."

    शरद पवार की बेटी और पार्टी सांसद सुप्रिया सुले ने बुधवार को भर्ती होने के बारे में जानकारी दी थी.

    शरद पवार को सीने में दर्द की शिकायत के बाद पुणे के रूबी हॉल क्लिनिक में भर्ती कराया गया था. वह दो दिन तक डॉक्टरों की निगरानी में रहे और गुरुवार को उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई.

    इसके बाद उन्हें आगे की जांच के लिए ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया.

  19. इसराइल में सरकार बनाने को लेकर विपक्ष के नेता आइज़नकोट ने क्या कहा

    गादी आइज़नकोट
    इमेज कैप्शन, इसराइल में विपक्ष के नेता गादी आइज़नकोट ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के साथ मिलकर काम करने का आश्वासन दिया है

    इसराइली प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू के प्रतिद्वंद्वी और विपक्ष के नेता गादी आइज़नकोट ने नई सरकार बनाने को लेकर एक बयान जारी किया है.

    'अमेरिका और दुनिया भर में सभी मित्रों' के नाम दिए एक संदेश में उन्होंने कहा कि इसराइल के लोगों ने 'बदलाव और मौजूदा सरकार को हटाने' के लिए मतदान किया है.

    उन्होंने एक्स पर लिखा, "हमारा लोकतंत्र मजबूत और जीवंत बना हुआ है. हम जल्द से जल्द नई सरकार बनाने के लिए इसराइली जनता की इच्छा पूरी करने की दिशा में काम कर रहे हैं. यह राष्ट्रीय आपातकाल की सरकार होगी."

    "मेरा इरादा इसराइल को नया नेतृत्व देने का है. ऐसा नेतृत्व जो सभी इसराइलियों के हित में काम करे. अपने सहयोगियों के साथ मिलकर हम एक मजबूत इसराइल बनाएंगे. ऐसा इसराइल जो यहूदी और लोकतांत्रिक हो. जो उदारवादी मूल्यों और सभी के लिए समानता के प्रति प्रतिबद्ध हो और जिसे अपने भविष्य पर भरोसा हो."

    आइज़नकोट ने आगे लिखा, "इसराइल और अमेरिका के बीच संबंध सिर्फ दो सरकारों का गठबंधन नहीं है. यह दोनों देशों के लोगों के बीच साझेदारी है, जो कई पीढ़ियों से चली आ रही है. यह साझा लोकतांत्रिक मूल्यों पर आधारित है और इस विश्वास से मजबूत हुई है कि जब हमारे देश साथ खड़े होते हैं, तो दोनों ज्यादा सुरक्षित और समृद्ध होते हैं."

    उन्होंने आश्वासन दिया कि उनके नेतृत्व में अमेरिका के साथ साझेदारी और 'मजबूत और गहरी' होगी.

    उन्होंने कहा, "हम अपने सहयोगियों के साथ मिलकर ऐसे मध्य पूर्व के निर्माण के लिए काम करेंगे, जहां सिर्फ संघर्ष न हो, ऐसा ही नहीं, बल्कि अवसरों और सहयोग की भी मौजूदगी हो. इसराइल मध्य पूर्व में अमेरिका के सबसे भरोसेमंद और सक्षम रणनीतिक साझेदारों में से एक बना रहेगा."

    "मैं राष्ट्रपति ट्रंप और उनके प्रशासन के साथ मिलकर रचनात्मक और करीबी तरीके से काम करने को लेकर उत्साहित हूं."

    ग़ौरतलब है कि बीते महीने के अंत में इसराइल में हुए आम चुनावों में नेतन्याहू की पार्टी की अगुवाई वाले गठबंधन को बहुमत नहीं मिल पाया.

    नेतन्याहू के गठबंधन को 53 सीटें मिलीं हैं, जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी गादी आइज़नकोट के गठबंधन को 48 सीटें मिलीं हैं.

    दो अरब पार्टियों के गठबंधनों, द जॉइंट लिस्ट और राम ने उम्मीदों के उलट प्रदर्शन करते हुए 120 सीटों वाली इसराइली संसद में रिकॉर्ड 19 सीटें जीतीं.

    इसके बाद वहां सरकार बनाने को लेकर विपक्षी दलों में बातचीत जारी है, लेकिन अभी तक कोई हल नहीं निकला है.

  20. मिडटर्म चुनावः रिपब्लिकन पार्टी के गढ़ में कांटे की टक्कर, सिर्फ़ 0.1% का अंतर

    मिसिसिपी
    इमेज कैप्शन, मिसिसिपी रिपब्लिकन पार्टी का गढ़ माना जाता है, लेकिन डेमोक्रेट उम्मीदवार से उसे कड़ी चुनौती मिल रही है

    अमेरिकी मिडटर्म चुनाव में मिसिसिपी में सीनेट चुनाव का मुकाबला बेहद करीबी बना हुआ है. करीब 96 फीसदी वोटों की गिनती पूरी हो चुकी है.

    ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक़, डेमोक्रेटिक उम्मीदवार स्कॉट कोलोम 1,138 वोटों से आगे चल रहे हैं. यह कुल वोटों का करीब 0.1 फ़ीसदी है.

    करीब एक घंटे पहले रिपब्लिकन उम्मीदवार सिंडी हाइड-स्मिथ पर उनकी बढ़त महज 65 वोटों की थी.

    मिसिसिपी में दोनों उम्मीदवारों के बीच सिर्फ़ कुछ सौ वोटों का अंतर है. परंपरागत रूप से रिपब्लिकन पार्टी के गढ़ माने जाने वाले इस राज्य में सीनेट का मुकाबला अप्रत्याशित रूप से कड़ा हो गया है.

    डेमोक्रेट उम्मीदवार स्कॉट कॉलोम
    इमेज कैप्शन, डेमोक्रेट उम्मीदवार स्कॉट कोलोम

    स्कॉट कोलोम कौन हैं

    स्कॉट कोलोम फ़िलहाल डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी के पद पर काम कर रहे हैं. इससे पहले वह प्रॉसिक्यूटर और जज भी रह चुके हैं.

    पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने कोलोम को मिसिसिपी के नॉर्दर्न डिस्ट्रिक्ट में संघीय जज बनाने के लिए नामित किया था. हालांकि, अमेरिकी सीनेट में रिपब्लिकन सांसद सिंडी हाइड-स्मिथ ने उनके नामांकन को रोक दिया था.

    मिसिसिपी का सीनेट चुनाव शुरुआत में देशभर के लोगों का ज्यादा ध्यान नहीं खींच पाया था. लेकिन हाल के हफ्तों में कई बड़े डेमोक्रेट नेताओं ने कोलोम की जीत की संभावना को देखते हुए उनके समर्थन में प्रचार किया.

    इनमें पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन, पूर्व उपराष्ट्रपति कमला हैरिस और जॉर्जिया के सीनेटर राफेल वॉर्नॉक शामिल हैं.

    हाइड-स्मिथ ने जब मिसिसिपी के लोगों की महंगे बीफ को लेकर नाराजगी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वे प्रोटीन के किसी दूसरे विकल्प को चुन सकते हैं, तो कोलोम ने इस बयान को अपने चुनाव प्रचार का मुद्दा बना लिया. उन्होंने एक टीवी विज्ञापन जारी कर लोगों से कहा, "दूसरा सीनेटर चुनिए." इस विज्ञापन की चर्चा देशभर में हुई.

    अगर कोलोम जीतते हैं, तो करीब 40 साल में अमेरिकी सीनेट के लिए चुने जाने वाले मिसिसिपी के पहले डेमोक्रेट होंगे. साथ ही, रिकंस्ट्रक्शन काल के बाद राज्य के पहले अश्वेत सीनेटर भी बनेंगे.

    कोलोम मिसिसिपी में सातवीं पीढ़ी के निवासी हैं और दो बच्चों के पिता हैं.