कच्चे तेल की क़ीमतों में फिर उछाल, सऊदी अरब से इस फ़ैसले का पड़ा असर
सऊदी अरब की प्रमुख तेल पाइपलाइन अस्थायी रूप से बंद होने के बाद कच्चे तेल की क़ीमतों में 3 फ़ीसदी से ज़्यादा की तेज़ी दर्ज की गई.
रॉयटर्स के मुताबिक़, सोमवार को ब्रेंट क्रूड की क़ीमत 3.21 डॉलर बढ़कर 107.82 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई.
तेल की क़ीमतों में तेज़ी की एक वजह सऊदी अरब पर हूती विद्रोहियों के ताज़ा हमले और फ़ारस की खाड़ी में जहाज़ों पर ईरानी हमले भी हैं.
पिछले सप्ताह कच्चे तेल की क़ीमतों में क़रीब 8 फ़ीसदी की बढ़ोतरी हुई थी और यह 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई थी. जुलाई के बाद यह पहली बार था, जब कच्चे तेल की क़ीमत इस स्तर पर पहुंची थी.
सऊदी अरब के अधिकारियों ने ड्रोन हमले के बाद देश की ईस्ट-वेस्ट ऑयल पाइपलाइन को अस्थायी रूप से बंद कर दिया है.
यह पाइपलाइन सऊदी अरब को तेल निर्यात के लिए एक वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध कराती है, जिससे कच्चे तेल को होर्मुज़ स्ट्रेट से होकर नहीं गुज़रना पड़ता.
पाइपलाइन के बंद होने से वैश्विक तेल आपूर्ति का क़रीब 4 फ़ीसदी हिस्सा प्रभावित होने की आशंका है. ऐसे में आपूर्ति को लेकर बढ़ी चिंताओं का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल की क़ीमतों पर पड़ा है.