आप इस वेबसाइट का टेक्स्ट-ओनली वर्शन देख रहे हैं जो कम डेटा खर्च करता है. सभी तस्वीरों और वीडियो के साथ वेबसाइट का मुख्य वर्शन देखें.
इंग्लैंड-न्यूज़ीलैंड के फ़ाइनल में पहुंचने पर पाकिस्तानी खुश क्यों हैं? #SOCIAL
क्रिकेट विश्व कप अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच गया है. खिताबी जंग के लिए आखिरी दो टीमों का नाम तय हो चुका है.
मेज़बान इंग्लैंड और न्यूज़ीलैंड की टीमें रविवार को लॉर्ड्स के मैदान में विश्वकप फ़ाइनल खेलेंगी.
पहले सेमीफ़ाइनल में न्यूज़ीलैंड ने भारत को मात दी. वहीं गुरुवार को खेले गए दूसरे सेमीफ़ाइनल मैच में इंग्लैंड ने ऑस्ट्रेलिया पर आसान जीत दर्ज की.
फिलहाल इंग्लैंड और न्यूज़ीलैंड के समर्थक अपनी-अपनी टीमों के फ़ाइनल में पहुंचने का जश्न मना रहे हैं.
लेकिन इंग्लैंड से कोसों दूर पाकिस्तान में भी इन दोनों टीमों के फ़ाइनल में पहुंचने पर खुशी मनाई जा रही है.
पाकिस्तानी क्यों है खुश?
पाकिस्तान के सोशल मीडिया पर #1992MeinBhi टॉप ट्रेंड कर रहा है. दरअसल 1992 में जो चार टीमें सेमीफ़ाइनल में पहुंची थी उसमें से एक एशिया से थी. उस समय न्यूज़ीलैंड, इंग्लैंड, दक्षिण अफ़्रीका और पाकिस्तान की टीमें अंतिम चार में पहुंची थीं.
तब फ़ाइनल इंग्लैंड और पाकिस्तान के बीच हुआ था, जिसमें पाकिस्तान ने जीत दर्ज कर विश्वकप जीता था.
गुरुवार को जब इंग्लैंड ने ऑस्ट्रेलिया को मात दी तो साल 1992 के बाद इंग्लैंड पहली बार विश्वकप फ़ाइनल में पहुंचा.
पाकिस्तान के लोग इस बात से खुश हो रहे हैं कि मौजूदा विश्वकप के पाकिस्तान ने फ़ाइनल में पहुंचने वाली दोनों ही टीमों को हराया है. जबकि इसके उलट भारत को इस विश्वकप में इन्हीं दो टीमों के ख़िलाफ़ हार का सामना करना पड़ा था.
लीग राउंड में भारत एकमात्र मैच हारा था, वह इंग्लैंड के ख़िलाफ़ था. जबकि भारत को अपनी दूसरी हार न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ सेमीफ़ाइनल में झेलनी पड़ी.
मोहम्मद अक़िब ने लिखा है, ''फ़ाइनल खेलने वाली दोनों टीमों को पाकिस्तान ने हराया है और भारत इन दोनों टीमों से हारा है. फिर भी भारत कहता है कि वो हमसे बेहतर है.''
हम्माद अज़िज़ ने लिखा है, ''फ़ाइनल में पहुंचने वाली टीमों को पाकिस्तान ने हराया, तो लॉजिक के हिसाब से पाकिस्तान चैम्पियन हुआ. और वो कौन सी टीम थी जिसने पाकिस्तान को बाहर करने की साजिश की और आखिर में खुद बाहर हो गई.''
हालांकि कुछ देर बाद इसी हैशटैग पर भारतीय समर्थक भी ट्वीट करने लगे. कई भारतीयों ने पाकिस्तान की इस खुशी मनाने की वजह का मज़ाक बनाया है.
डेविल क्वीन नाम के हैंडल से हुए ट्वीट में कहा गया है, ''अब सभी पाकिस्तानी बोल रहे हैं. भारत न्यूज़ीलैंड से हार गया और न्यूज़ीलैंड को पाकिस्तान ने हराया था तो एक तरह से पाकिस्तान जीत गया. लेकिन हमें यह मत याद दिलाओ कि पाकिस्तान को भारत ने हराया था.''
विद्या बालन नाम के ट्विटर हैंडल ने लिखा है, ''पाकिस्तान एक लूज़र टीम है जो खुद किसी टीम को नहीं हरा सकती इसलिए दूसरों की जीत में खुश होने लगते हैं.''
साहिल सचदेव ने लिखा है, ''कम से कम हम अपनी टीम के हारने पर पाकिस्तानी फ़ैंस की तरह टीवी नहीं तोड़ते.''
पाकिस्तान का 1992 कनेक्शन
इस विश्वकप के पूरे लीग राउंड को पाकिस्तान साल 1992 के विश्वकप से जोड़कर देखता रहा. साल 1992 में पाकिस्तान ने इमरान ख़ान की कप्तानी में विश्वकप जीता था.
उस समय पाकिस्तान जिस तरह की स्थितियों से गुजरते हुए अंतिम चार में पहुंचा था, लगभग उसी तरह के हालात पाकिस्तान के लिए इस बार भी बने थे.
सेमीफ़ाइनल में पहुंचने के लिए पाकिस्तान को अपनी जीत के अलावा दूसरी टीमों के मैच के नतीजों पर भी निर्भर होना पड़ा था. इसमें बहुत महत्वपूर्ण मैच भारत बनाम इंग्लैंड था.
पाकिस्तान के सेमीफ़ाइनल में पहुंचने के लिए इस मैच में इंग्लैंड की हार बेहद ज़रूरी थी लेकिन इंग्लैंड ने इस मैच में भारत को मात दी. बाद में पाकिस्तानी समर्थक ये कहते रहे कि भारत ने यह मुकाबला जानबूझकर गंवा दिया.
खैर, फिलहाल इतना तय हो चुका है कि इस बार क्रिकेट की दुनिया में एक नई टीम विश्वकप का खिताब जीतेगी क्योंकि इंग्लैंड और न्यूज़ीलैंड में से कोई भी टीम एक बार भी विश्वकप नहीं जीत सकी है.
ये भी पढ़ेंः
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)