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पावर बैंक को लेकर सख्त रवैया क्यों अपना रही एयरलाइन कंपनियां?
- Author, गैविन बटलर
- पदनाम, बीबीसी समाचार
- प्रकाशित
- पढ़ने का समय: 4 मिनट
दक्षिण कोरिया में एयरबस ए321 सीईओ में आग लगने के कारण का पता चल गया है. स्थानीय अधिकारियों न बताया है कि आग लगने का कारण पावर बैंक था.
दक्षिण कोरिया के गुमहाई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर 28 जनवरी 2025 को एयर बुसान के एक यात्री विमान में आग लग गई थी. इसमें तीन लोग मामूली रूप से घायल हो गए थे.
दक्षिण कोरिया के परिवहन मंत्रालय ने 14 मार्च को बताया कि जांच में पता चला है कि पावर बैंक में ख़राबी आ गई थी. इसके कारण विमान में आग लग गई. पावर बैंक विमान के ऊपरी हिस्से में स्थित था, जहां सबसे पहले आग लगी थी.
जांचकर्ताओं का कहना है कि उन्हें जो पावर बैंक मिला, उस पर जलने के निशान थे. हालांकि यह पता नहीं चल पाया कि आख़िर पावर बैंक की बैटरी में ख़राबी क्यों हुई थी? महत्वपूर्ण बात यह है कि यह केवल अंतरिम जांच रिपोर्ट है. अभी विमान की अंतिम जांच रिपोर्ट सामने आना बाक़ी है.
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कैरी-ऑन सामान में पावर बैंक पर 2016 से है प्रतिबंध
दुनिया भर की एयरलाइंस कंपनियां सुरक्षा कारणों से अपने सामान में पावर बैंक ले जाने के संबंध में कई सालों से दिशा-निर्देश जारी करती रही हैं.
इसमें लिथियम आयन बैटरी होती है. ये बैटरियां तीव्र गर्मी उत्पन्न करने में सक्षम हैं. किसी भी ख़राबी के कारण शॉर्ट सर्किट होने की आशंका रहती है.
अंतरराष्ट्रीय नागरिक विमानन संगठन ने 2016 में यात्री विमानों में पावर बैंक को कैरी-ऑन सामान (केबिन बैगेज) में ले जाने पर प्रतिबंध लगा दिया था.
दक्षिण कोरिया में एयरबस विमान में आग लगने की घटना के बाद एयर बुसान के अधिकारियों ने भी कड़े सुरक्षा उपाय अपनाने शुरू कर दिए हैं.
अधिकारियों ने घोषणा की है कि वे यात्रियों को अपने सामान में पावर बैंक ले जाने की अनुमति नहीं देंगे.
एक अप्रैल से पावर बैंक पर प्रतिबंध
सिंगापुर एयरलाइंस एक अप्रैल से विमान में पावर बैंक के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाने जा रही है.
वहीं चाइना एयरलाइंस और थाई एयरलाइंस भी इसी तरह के नियम लागू कर रही हैं.
लिथियम बैटरी के कारण जहाजों में आग लगने की घटनाएं पहले भी हो चुकी हैं.
मार्च 2017 में, ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न से बीजिंग जा रही एक उड़ान में एक महिला का हेडफ़ोन फट गया था. इस कारण उसका चेहरा जल गया था. महिला हेडफ़ोन के फटने की आवाज़ सुनकर नींद से जागी थी और उसने तुरंत उसे निकालकर फर्श पर पटक दिया.
दुर्घटना के बाद यह जानकारी सामने आई कि यह दुर्घटना लिथियम आयन बैटरी में ख़राबी के कारण हुई थी.
इससे पहले सिडनी में एक विमान को रोक दिया गया था, क्योंकि उसके बैगेज डिब्बे से धुआं उठता देखा गया था.
बाद में पता चला कि सामान में रखी लिथियम आयन बैटरी में आग लग गई थी.
क्यों बढ़ गई हैं आग लगने की घटनाएं?
यूके के पर्यावरण सेवा संघ ने 2022 की एक रिपोर्ट में कहा कि हर साल कचरे के ढेरों और कचरा निपटान इकाइयों में 700 से अधिक आग लगने की घटनाएं दर्ज की जाती हैं. इनमें से अधिकांश घटनाएं में फेंकी गई लिथियम बैटरियों के कारण होती हैं.
लिथियम आयन बैटरियां किसी ख़राबी या टूटने के कारण फट सकती हैं. इन बैटरियों का इस्तेमाल पावर बैंकों में ही नहीं बल्कि टूथब्रश, खिलौनों, मोबाइल फ़ोन और लैपटॉप में भी किया जाता है.
ऐसी बैटरियों में दो इलेक्ट्रोड होते हैं जो एक दूसरे से अलग रखे जाते हैं और उनमें लिथियम आयन कण होते हैं. जब इन बैटरियों को चार्ज किया जाता है, तो उनमें मौजूद आयन अपनी मूल स्थिति में लौट आते हैं.
यदि बैटरी क्षतिग्रस्त नहीं है, तो इसका उपयोग सुरक्षित है लेकिन यदि बैटरी के दो इलेक्ट्रोड संपर्क में आ जाएं तो विस्फोट हो सकता है और बैटरी में मौजूद रसायन आग का कारण बन सकते हैं.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़ रूम की ओर से प्रकाशित
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