उत्‍तराखंड में दलेर मेहंदी पर मंत्री की ट‍िप्‍पणी से उठे व‍िवाद में अब क्‍या हुआ

प्रकाशित
पढ़ने का समय: 8 मिनट

उत्तराखंड में टिहरी गढ़वाल ज़िले के नरेंद्र नगर में 18 अक्तूबर को कुंजापुरी मेले के दौरान गायक दलेर मेहंदी की प्रस्तुति को लेकर विवाद हो गया.

कार्यक्रम के दौरान राज्य के कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने मंच पर ही उनके गायन पर सवाल उठाए.

यह कार्यक्रम नवरात्र के मौके पर आयोजित किया गया था.

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में उनियाल, दलेर मेहंदी से कह रहे हैं, "इतना पैसे देकर हमने आपको बुलाया है. आप बेवकूफ बना रहे हैं हमें. बोला तो जा नहीं रहा, गाना क्या गाओगे?"

इस पूरे विवाद के बीच दलेर मेहंदी के छोटे भाई और गायक मीका सिंह ने वीडियो जारी कर उनका बचाव किया.

मीका ने कहा कि उन्होंने अपने भाई को कभी शराब पीते हुए नहीं देखा. उन्होंने यह भी चुनौती दी कि अगर दलेर मेहंदी के साथ काम कर चुका कोई भी व्यक्ति यह कह दे कि उसने उन्हें (दलेर मेहंदी को) शराब पीते हुए देखा है, तो वह खुद सिंगिंग छोड़ देंगे.

इस विवाद पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को देहरादून में पत्रकारों से कहा, "मेरा मानना है कि उस समय मंत्री पर जनता का दबाव रहा होगा. मंत्री ने खुद कहा है कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी कि दलेर मेहंदी की तबीयत खराब है."

मुख्यमंत्री ने कहा, "उत्तराखंड कलाकारों की धरती है, जहां हर किसी का सम्मान किया जाता है. मुझे लगता है कि इस मामले को यहीं खत्म कर देना चाहिए. मैं मीका और दलेर मेहंदी से बात करूंगा. दोनों मेरे अच्छे मित्र हैं."

कैबिनेट मंत्री ने क्या कहा?

शॉर्ट वीडियो देखिए

समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में सुबोध उनियाल ने दलेर मेहंदी पर शराब पीकर प्रस्तुति देने का आरोप लगाया.

उन्होंने कहा, "वह (दलेर मेहंदी) मंच पर असहज दिख रहे थे और ऐसा लग रहा था कि वह ठीक से खड़े भी नहीं हो पा रहे हैं. इसके अलावा, वह अपने गानों पर सिर्फ़ लिप-सिंक कर रहे थे."

उनियाल के मुताबिक, उन्होंने दलेर मेहंदी से कहा था कि वह एक बड़े कलाकार हैं और उन्हें अपनी कला के साथ न्याय करना चाहिए.

उन्होंने दावा किया कि दलेर मेहंदी को कार्यक्रम में प्रस्तुति देने के लिए 35 लाख रुपये दिए गए थे, लेकिन वह गा भी नहीं रहे थे. उनियाल ने कहा कि इसी वजह से उन्होंने मंच पर अपनी नाराज़गी जाहिर की.

हालांकि, दलेर मेहंदी के नशे में होने के आरोप की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है.

मंत्री के दावे को मीका की चुनौती

दलेर मेहंदी पर आरोपों को लेकर मीका ने क्या चुनौती दी?

मीका ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर कहा, "हाल ही में दलेर मेहंदी का बड़ा ऑपरेशन हुआ था और संभव है कि उनकी तबीयत ठीक न हो."

मीका ने कहा कि अगर दलेर मेहंदी ठीक से खड़े नहीं हो पा रहे थे या गा नहीं पा रहे थे, तो इसकी वजह उनकी खराब तबीयत हो सकती है.

उन्होंने कहा कि मंत्री को उनकी परफॉर्मेंस पर सवाल उठाने का अधिकार है, लेकिन बिना सबूत यह कहना ठीक नहीं है कि वह शराब पीकर गा रहे थे.

मीका ने कहा, "मैं आप लोगों से पूछना चाहता हूं कि वो (दलेर मेहंदी) पिछले 30 साल से सुपरस्टार रहे हैं. क्या ज़िंदगी में आप लोगों ने कभी उनके हाथ में शराब का गिलास देखा है? नहीं देखा. जब आपने देखा ही नहीं, तो आपने सीधा (कैसे) बोल दिया कि उनसे खड़ा नहीं हुआ जा रहा है."

उन्होंने आगे कहा, "मैं मीडिया को भी चैलेंज करता हूं. उनके यार-दोस्त होंगे, बहुत सारे कलीग्स हैं, जिन्होंने उनके साथ बॉलीवुड में काम किया होगा. अगर एक बंदा बोल दे कि हमने दलेर मेहंदी को शराब पीते हुए देखा है, मैं गाना ही छोड़ दूंगा."

भाजपा के प्रदेश सह मीडिया प्रभारी विनय गोयल के बयान पर भी मीका ने प्रतिक्रिया दी है. गोयल ने कहा था कि अगर दलेर मेहंदी की तबीयत ठीक नहीं थी, तो इसकी जानकारी आयोजकों को पहले ही दी जानी चाहिए थी.

इस पर मीका ने उत्तराखंड में मुफ्त शो करने की पेशकश करते हुए कहा कि पहले मंत्री सुबोध उनियाल को दलेर मेहंदी से माफ़ी मांगनी चाहिए.

मीका ने दावा किया कि दलेर मेहंदी ने पूरे डेढ़ घंटे तक प्रस्तुति दी थी और वहां मौजूद कई लोग उनके साथ डांस कर रहे थे. इसके बावजूद उन पर शराब पीकर प्रस्तुति देने का आरोप लगाया गया.

दूसरे कलाकारों का साथ मिला

अभिनेता अनुपम खेर ने दलेर मेहंदी का बचाव करते हुए कहा कि वे पिछले 25-30 सालों से उन्हें जानते हैं और वे बेहद अनुशासित और बेहतरीन इंसान हैं. अनुपम ने कहा कि यदि कोई आपत्ति थी भी, तो कलाकार को इस तरह सार्वजनिक रूप से हजारों लोगों के सामने अपमानित करना सही नहीं था.

कपिल शर्मा, बादशाह, राजपाल यादव और शान ने भी दलेर मेहंदी के साथ हुए व्यवहार पर नाराज़गी जताई है.

कॉमेडियन कपिल शर्मा ने दलेर मेहंदी के समर्थन में कहा कि उनकी हाल ही में एक बड़ी सर्जरी हुई थी, जिसके बारे में लोगों को जानकारी नहीं है. उन्होंने कहा कि सभी को दूसरों के प्रति थोड़ा और संवेदनशील होना चाहिए, क्योंकि हमें नहीं पता कि कोई व्यक्ति किस दौर से गुज़र रहा है.

रैपर और गायक बादशाह ने दलेर मेहंदी का समर्थन करते हुए कहा कि दलेर पाजी एक दिग्गज कलाकार हैं. उन्होंने कहा कि किसी कलाकार की प्रस्तुति से निराशा जताई जा सकती है, लेकिन संगीत जगत को बहुत कुछ देने वाले कलाकार को सार्वजनिक रूप से अपमानित करना बेहद दुखद है.

अभिनेता राजपाल यादव ने दलेर मेहंदी के समर्थन में एक वीडियो जारी किया. उन्होंने कहा कि एक सम्मानित मंत्री का हजारों लोगों के सामने दशकों से संगीत जगत में योगदान देने वाले दिग्गज गायक के साथ अशोभनीय भाषा में बात करना निंदनीय है.

डाकू के किरदार से प्रेरित है दलेर का नाम

दलेर मेहंदी का जन्म 18 अगस्त, 1967 को बिहार के पटना साहिब में हुआ था. उनका बचपन संगीत के माहौल में बीता.

उनके पिता अजमेर सिंह चंदन गुरुद्वारे में कीर्तन करते थे, जबकि उनकी मां बलबीर कौर भी संगीत सीखती थीं. दलेर ने कम उम्र में ही शबद-कीर्तन गाना शुरू कर दिया था. बचपन में उनका परिवार बिहार से दिल्ली आ गया.

बीबीसी हिन्दी को दिए एक इंटरव्यू में दलेर मेहंदी ने बताया था कि वह मेहंदी हसन, बेगम अख्तर और बड़े गुलाम अली खां जैसे दिग्गज कलाकारों को सुनते हुए बड़े हुए. वह किसी ऐसे बड़े उस्ताद के शागिर्द बनना चाहते थे, जिन्हें संगीत की अलग-अलग विधाओं की जानकारी हो। बाद में उन्होंने गोरखपुर में उस्ताद राहत अली खां से संगीत की तालीम ली.

वहीं, कपिल शर्मा के शो में उन्होंने अपने नाम के पीछे की कहानी बताते हुए कहा था कि उनके माता-पिता ने फ़िल्म 'जौहर महमूद इन गोवा' में प्रेमनाथ के 'डाकू दलेर सिंह' के किरदार से प्रेरित होकर उनका नाम दलेर सिंह रखा था.

उसी शो में उन्होंने यह भी स्वीकार किया था कि उन्हें बचपन से अंधेरे से डर लगता है और दूर कहीं रोशनी की छोटी-सी किरण भी उन्हें सुकून देती है.

'चाय के शौकीन हैं दलेर मेहंदी'

बीबीसी हिन्दी को दिए इंटरव्यू में दलेर मेहंदी ने बताया था कि उन्होंने अमेरिका में बर्कले शहर में टैक्सी भी चलाई. वहां बड़े संगीत कार्यक्रम देखकर उन्हें भारत लौटकर अपने संगीत के दम पर पहचान बनाने की प्रेरणा मिली.

भारत लौटने के बाद शुरुआती संघर्ष के दौरान उनकी सोने की चेन, अंगूठी और कैमरा तक बिक गए. हालांकि, उन्होंने संगीत में अपनी पहचान बनाने की कोशिश जारी रखी. 1992 में एजे जसपाल से मुलाकात उनके करियर का अहम मोड़ बनी.

1995 में उनका एल्बम 'बोलो ता रा रा' हिट हुआ, जिसके लिए उन्हें चैनल V का बेस्ट इंडियन मेल पॉप आर्टिस्ट' का पुरस्कार मिला. इसके बाद 'दरदी रब रब', 'हो गई तेरी बल्ले बल्ले' और 'तुनक तुनक तुन' जैसे गानों ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई. उनके संगीत में पंजाबी लोकधुनों, भांगड़ा, शास्त्रीय संगीत और सूफी रंग का मेल दिखाई देता है.

बॉलीवुड में उनकी आवाज़ को ख़ास पहचान 1997 में आई अमिताभ बच्चन की फिल्म मृत्युदाता के गाने 'ना ना ना रे' से मिली. इसके बाद उन्होंने 'रंग दे बसंती', 'बाहुबली 2', 'दंगल' और 'उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक' जैसी फिल्मों में भी गाने गाए.

दलेर मेहंदी की शख्सियत का एक अहम पहलू उनकी धार्मिक और आध्यात्मिक रुचि है. उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा था कि उनका बचपन गुरुद्वारे में बीता और गुरुवाणी, कथाओं, शबद-कीर्तन तथा बाबा शेख फ़रीद की शिक्षाओं का उनके जीवन पर असर रहा है. साल 2017 में उन्होंने 'सिख रूट' नाम से आध्यात्मिक वीडियो की एक श्रृंखला भी शुरू की थी.

एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि उनके उस्ताद राहत अली ख़ाँ ने 13 साल की उम्र में उन्हें संगीत सिखाते समय बाल न कटवाने और शराब से दूर रहने की शर्त रखी थी. दलेर मेहंदी के मुताबिक, उन्होंने उस्ताद से किया यह वादा निभाया. दलेर ने कहा था कि उन्हें शराब पीने का शौक नहीं है, लेकिन चाय का बहुत शौक है.

"मेरे पैदा होने से पहले ही उन्होंने मेरा नाम दलेर सिंह रख लिया था. मेरी मां उस समय संगीत सीख रही थी. जब मैं पैदा होने वाला था तो डॉक्टर ने उन्हें आराम की सलाह दी, लेकिन उन्होंने अपने उस्ताद बुलाकी बाबू की सलाह पर रियाज़ जारी रखा. उन्होंने कहा कि यही सही वक्त है, अब मैं जो भी तुम्हें सिखाऊँगा, वो तुम्हारा बच्चा सीखेगा."

दलेर मेहंदी पर लगे थे मानव तस्करी के आरोप

दलेर मेहंदी पर 1998 और 1999 में अपने संगीत दल के सदस्यों के रूप में पेश करके लोगों को अमेरिका ले जाने और वहां छोड़ने के आरोप लगे थे. पुलिस के मुताबिक, इन दौरों के दौरान कम से कम 10 लोगों को कथित तौर पर अवैध रूप से अमेरिका में छोड़ दिया गया था.

2003 में दलेर मेहंदी और छह अन्य लोगों पर विदेश भेजने का झांसा देकर लोगों से बड़ी रकम ठगने के आरोप लगे थे. आरोप था कि उन्होंने लोगों को पश्चिमी देशों में ले जाने का वादा करके पैसे लिए, लेकिन उन्हें विदेश नहीं भेजा.

मार्च 2018 में पटियाला की एक अदालत ने दलेर मेहंदी को दोषी ठहराते हुए दो साल की जेल की सज़ा सुनाई थी. जुलाई 2022 में पटियाला की एक अदालत ने उनकी अपील खारिज करते हुए सज़ा बरकरार रखी. इसके बाद सितंबर 2022 में पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने उनकी सज़ा पर रोक लगा दी और उन्हें ज़मानत दे दी.

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.

BBC World Service के नए ऐप को डाउनलोड करें

BBC News हिन्दी को चुनें और पाइए न्यूज़ अलर्ट, लाइव टीवी, पॉडकास्ट... सब एक जगह

कृपया नोट करें: नया ऐप ब्रिटेन और अमेरिका में उपलब्ध नहीं है.