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पुतिन का दावा- मॉस्को अटैक में शामिल सभी चारों हमलावर पकड़े गए
- मॉस्को के क्रॉकस सिटी हॉल में बंदूकधारियों के हमले में 133 लोगों की मौत, 140 घायल.
- रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने सभी चारों हमलावरों के पकड़े जाने का दावा किया.
- इस हमले की ज़िम्मेदारी इस्लामिक स्टेट के एक धड़े ने ली है.
- वहीं इस्लामिक स्टेट का कहना था कि हमलावर बचकर भाग गए हैं.
- अमेरिका ने कहा कि उसने हमले के बारे में रूस को चेतावनी दी थी.
- यूक्रेन ने हमले में हाथ होने से इनकार किया है.
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन ने कहा है कि मॉस्को के कॉन्सर्ट हॉल में हमला करने वाले सभी चारों बंदूक़धारियों को गिरफ़्तार कर लिया गया है.
राजधानी मॉस्को के बाहरी इलाक़े में मौजूद एक कॉन्सर्ट हॉल में शुक्रवार रात गोलीबारी की घटना हुई थी जिस हमले में कम से कम 133 लोगों के मारे जाने की पुष्टि हो गई है. वहीं 140 लोग घायल हुए हैं.
रूसी प्रशासन का कहना है कि कुल 11 लोगों को गिरफ़्तार किया गया है जबकि चार बंदूक़धारियों को यूक्रेन से भागते हुए पकड़ लिया गया.
रूसी विदेश मंत्री ने इसे एक आतंकी हमला क़रार दिया है. वहीं यूक्रेन ने हमले में हाथ होने से इनकार किया है.
हालांकि, इस हमले की ज़िम्मेदारी इस्लामिक स्टेट के एक धड़े ने ली है.
बीबीसी रूसी सेवा के संपादक स्टीव रोज़नबर्ग ने कहा है कि बीते दो दशकों में ये रूस पर हुआ सबसे बड़ा हमला है.
मॉस्को में हुए हमले में मारे गए लोगों को लेकर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुख जताया है.
उन्होंने ट्वीट किया, “मॉस्को में हुए जघन्य चरमपंथी हमले की हम कड़ी निंदा करते हैं. हमारी प्रार्थनाएं पीड़ितों के परिजनों के साथ हैं. इस दुख की घड़ी में भारत रूस की सरकार और उनके लोगों के साथ खड़ा है.”
हमले के लिए कौन ज़िम्मेदार?
हमले की ज़िम्मेदारी चरमपंथी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) के ने ली है.
आईएस का कहना है कि जिन बंदूकधारियों ने हमला किया वो यहां से बच कर भाग चुके हैं.
शनिवार को टेलीग्राम पर आईएस के चैनल अमक़ पर एक तस्वीर जारी की गई थी जिसमें चार लोग मास्क पहने हुए हैं और दावा किया गया था कि ये हमलावर हैं.
रूस ने अब तक आईएस के दावे पर कोई टिप्पणी नहीं की है.
आईएस ने बाद में हमले का वीडियो जारी किया था. बीबीसी ने पाया है कि ये वीडियो वास्तविक है और इसमें हमलावर लोगों पर अंधाधुंध फ़ायरिंग कर रहे हैं. बीबीसी ने इस वीडियो को प्रसारित नहीं किया है.
टेलीविज़न पर दिए गए अपने भाषण में पुतिन ने हमले की निंदा करते हुए इसे ‘जघन्य आंतकी हरकत’ बताया है. साथ ही उन्होंने इस बात को दोहराया कि हमलावरों ने यूक्रेन भागने की कोशिश की थी.
यूक्रेन ने इस दावे को ख़ारिज किया है कि वो किसी भी तरह से इस हमले में शामिल है. उसने इस दावे को ही ‘बेतुका’ क़रार दिया है.
व्हाइट हाउस ने पुष्टि की है कि उसने रूसी अथॉरिटी को मार्च की शुरुआत में ही बता दिया था कि मॉस्को में ‘बड़ी भीड़’ पर हमला हो सकता है.
रूस ने अब तक इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है.
अमेरिका ने पहले चेताया था
अमेरिका की नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल की प्रवक्ता एडरीन वॉटसन ने कहा, “इस महीने की शुरुआत में अमेरिकी सरकार के पास मॉस्को में एक सुनियोजित आतंकी हमले की सूचना थी, जिसमें कॉन्सर्ट जैसे भारी भीड़ वाली जगहें निशानें पर थीं.”
उन्होंने बताया कि वॉशिंगटन ने रूसी अथॉरिटीज़ के साथ सूचना साझा की थी.
बीबीसी की सुरक्षा संवाददाता गॉर्डन कोरेरा ने बताया है कि क्रेमलिन ने इन चेतावनियों को ‘प्रोपेगैंडा’ कहकर ख़ारिज कर दिया था.
अमेरिकी अधिकारियों ने अमेरिका में बीबीसी की सहयोगी संस्था सीबीएस से कहा है कि उन्हें इसकी खु़फ़िया जानकारी मिली थी कि आईएस रूस में किसी हमले को अंजाम दे सकता है.
कहां हुआ हमला?
बीबीसी ने घटना से जुड़े वीडियो की जांच की है जिससे पता चला है कि ये हमला मॉस्को के उत्तर पश्चिमी शहर क्रास्नोगोर्स्क में मौजूद क्रॉकस सिटी हॉल रीटेल एंड कॉन्सर्ट कॉम्प्लेक्स में हुआ है.
यहां पिकनिक नाम के एक रूसी रॉक ग्रुप के कार्यक्रम का आयोजन होना था. कॉन्सर्ट शुरू होने से ठीक पहले कैमोफ्लॉज कपड़े पहने चार बंदूकधारियों ने यहां आए लोगों पर गोलियां बरसानी शुरू कर दीं.
हमले के दौरान हॉल में छह हज़ार से अधिक लोग मौजूद थे. एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि रॉक ग्रुप स्टेज पर आने ही वाला था कि उससे पहले ये हमला हो गया.
इस दौरान इमारत में आग लग गई और इसकी छत का एक हिस्सा भी गिर गया.
रूसी नेशनल गार्ड्स ने कहा है कि उनके स्पेशल दस्ते क्रॉकस सिटी हॉल पहुंच चुके हैं और हमलावरों को पकड़ने की कोशिश कर रहे हैं. वहीं रूस के आला अधिकारी भी यहां पहुंच रहे हैं.
क्या हुआ?
एक सिक्योरिटी गार्ड ने बताया है कि हथियारों से लैस हमलावर दर्शकों के बैठने वाली जगह के पीछे के हिस्से में आए और गोलियां चलाने लगे. इस दौरान दूसरे हमलावर हॉल के केंद्र में बने दरवाज़े के पास गोलियां चला रहे थे.
इस सिक्योरिटी गार्ड ने रूसी टेलीग्राम चैनल बाज़ा को बताया, "वहां पर तीन और सिक्योरिटी गार्ड्स थे और वो लोग विज्ञापन के लिए बने पैनलों के पीछे छिप गए थे. ये हमलावर हमसे 10 मीटर की दूरी पर से गुज़रे थे और वो ग्राउंड फ्लोर पर मौजूद लोगों की तरफ गोलियां चला रहे थे."
हॉल के भीतर मौजूद एक महिला ने कहा कि लोगों को जैसे ही इस बात का अंदाज़ा हुआ कि यहां पर गोलियां चल रही हैं वो स्टेज की तरफ भागने लगे. उन्होंने रूसी टेलिविज़न से कहा, "मैंने स्टॉल के पास एक व्यक्ति को खड़े देखा, वहां पर गोलियां चल रही थीं. मैं लाउडस्पीकर के पास थी और ज़मीन पर रेंग रही थी."
हमले के दौरान इमारत में आग लग गई जिससे धुंए का गुबार उठने लगा. इमारत के सामने का हिस्सा धू-धू कर जलने लगा और ऊपर की दो मंज़िल में लगा कांच धमाके से टूट गया.
रूसी अधिकारियों के अनुसार आग पर क़ाबू पा लिया गया है.
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ऐसा लगता है कि हमलावरों ने आग लगाने वाली कोई चीज़ फेंकी थी जिससे वहां आग लगी.
एक प्रत्यक्षदर्शी विटाली ने कहा कि वो हॉल की बालकनी में थे और उन्होंने हमलावरों को लोगों पर गोलियां चलाते देखा. उन्होंने कहा, "उन्होंने कुछ पेट्रोल बम फेंके और हर तरफ़ आग लग गई. हम लोग बाहर निकलने वाले दरवाजे़ पर पहुंचे लेकिन वो बंद था इसलिए हम बेसमेंट में चले गए."
एक अन्य प्रत्यक्षदर्शी ने कहा कि घटना के वक्त क्रॉकस कॉम्पलेक्स में बच्चे और युवा भी मौजूद थे जो बॉलरूम डांसिंग प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए यहां आए थे.
कॉन्सर्ट हॉल में मौजूद कई लोग पार्किंग की तरफ निकल कर भागने में कामयाब हुए. वहीं कई लोग भाग कर छत की तरफ चले गए. रूसी अधिकारियों के अनुसार कई लोग इमारत के बेसमेंट में छिप गए थे, जहां से बाद में उन्हें निकाला गया.
चीन ने जताई चिंता?
चीनी सरकारी न्यूज़ एजेंसी शिन्हुआ ने ख़बर दी है कि राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने भी इस हादसे को लेकर दुख व्यक्त किया है.
उन्होंने कहा है, "चीन इस आतंकी हमले की कड़ी निंदा करता है और हर स्वरूप में आतंकवाद का विरोध करता है. राष्ट्रीय सुरक्षा और स्थिरता को बचाने की रूसी सरकार की कोशिश में चीन रूस के साथ है."
अमेरिका ने क्या कहा?
दो सप्ताह पहले अमेरिकी दूतावास ने रूस में रहने वाले अमेरिकी नागरिकों को चेतावनी दी थी कि वो भीड़ वाली जगहों में जाने से बचें.
दूतावास ने कहा था कि उन्हें इस तरह की रिपोर्ट मिली है कि "मॉस्को की भीड़भाड़ वाली जगहों को निशाना बनाने की आतंकियों की योजना है."
शुक्रवार शाम को दूतावास ने एक और चेतावनी जारी की जिसमें उसने अमेरिकी नागरिकों को हमले वाली जगह के आसपास वाले इलाक़ों में न जाने को कहा था.
व्हाइट हाउस के प्रवक्ता जॉन किर्बी ने कहा है कि हमले की तस्वीरें "दिल दहला देने वाली हैं और इन्हें देखना मुश्किल है."
उन्होंने इसे "ख़ौफ़नाक हमला" कहा और कहा कि उनकी संवेदनाएं मारे जाने वाले लोगों के और उनके परिजनों के साथ हैं.
रूस की प्रतिक्रिया
मॉस्को के मेयर सर्गेई सोब्यानिन ने राजधानी मॉस्क में होने वाले सभी सार्वजनिक कार्यक्रम रद्द कर दिए हैं. उन्होंने मारे गए लोगों के प्रति संवेदना जताते हुए कहा, "मुझे दुख है कि हमले में कुछ लोगों ने अपने अपनों को खो दिया है."
हमले के बाद रूस के दूसरे सबसे बड़े शहर सेंट पीटर्सबर्ग में भी होने वाले सभी सार्वजनिक कार्यक्रमों को रद्द कर दिया गया है.
रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया ज़खारोवा ने इसे एक "एक भयानक अपराध" कहा है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इस हमले की कड़ी निंदा करने की अपील की है.
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