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पटना में कांग्रेस की सभा में हंगामा, खड़गे की पीएम मोदी पर टिप्पणी को लेकर बीजेपी ने माफ़ी की मांग की
बिहार की राजधानी पटना में रविवार (25 अक्तूबर) को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की एक रैली में उस समय हंगामा हो गया, जब एक शख़्स ने कहा कि नरेंद्र मोदी सत्ता से नहीं हटेंगे.
सोशल मीडिया पर वायरल इस कार्यक्रम के वीडियो में दिख रहा है कि खड़गे के भाषण के बीच में एक शख़्स उठकर नरेंद्र मोदी के समर्थन में नारे लगाने लगता है. जिसके बाद खड़गे नाराज़ होकर पीएम मोदी पर टिप्पणी करते हैं.
खड़गे की इसी टिप्पणी पर सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी है.
गृहमंत्री अमित शाह, बीजेपी अध्यक्ष नितिन नबीन और बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी समेत कई नेताओं ने खड़गे के बयान की निंदा करते हुए उनसे माफ़ी मांगने को कहा है.
क्या हुआ था?
पटना में 25 अक्तूबर को बिहार के पहले मुख्यमंत्री डॉ. श्रीकृष्ण सिंह की 139वीं जयंती पर एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था.
कार्यक्रम में जब मल्लिकार्जुन खड़गे बोल रहे थे, तभी भीड़ में एक शख़्स कहने लगा, "मोदी जी कहीं नहीं जाएंगे. वो यहीं रहेंगे."
इस पर खड़गे बेहद नाराज़ दिखे और उन्होंने पीएम मोदी के पिता का ज़िक्र करते हुए कुछ ऐसा कहा, जिस पर बीजेपी के नेता हमलावर हैं.
खड़गे की टिप्पणी के बाद उस शख़्स को कार्यक्रम स्थल से बाहर कर दिया गया.
बीजेपी ने की आलोचना
गृहमंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, "यह पहली बार नहीं है, जब कांग्रेस पार्टी ने मोदी जी या उनके परिवार को अपशब्द कहे हों. कभी उनकी पूजनीय माताजी के विषय में अपशब्द कहे, कभी उन्हें 'मौत का सौदागर' कहा, तो कभी 'चायवाला' कहकर उनकी गरीबी का उपहास उड़ाया. राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी हर रोज अभद्रता की सीमाएं पार करती जा रही है."
उन्होंने लिखा, "जब-जब इन्होंने मोदी जी या उनके परिवार पर घृणित टिप्पणियां की हैं, तब-तब जनता ने कांग्रेस को करारा जवाब दिया है."
बीजेपी अध्यक्ष नितिन नबीन ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, "आज पटना में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने देश के माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के प्रति जिस प्रकार की अमर्यादित और असंसदीय भाषा का प्रयोग किया है, वह कांग्रेस के वैचारिक दिवालियापन को दर्शाता है."
वहीं बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस टिप्पणी को लेकर खड़गे से माफ़ी मांगने की मांग की है.
खड़गे बोले- 'बीजेपी ने वोट चुरा कर सरकारें बनाईं'
बिहार के पहले मुख्यमंत्री डॉ. श्रीकृष्ण सिंह की 139वीं जयंती पर आयोजित रैली में खड़गे ने एनडीए सरकार पर 'वोट चोरी' का आरोप लगाया.
उन्होंने कहा, "बीजेपी ने 'वोट चोरी' कर सरकारें चोरी कर लीं. पश्चिम बंगाल, हरियाणा, बिहार और महाराष्ट्र में चोरी की सरकार है. हम इन चोरों को सबक ज़रूर सिखाएंगे."
उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की आलोचना करते हुए कहा, "ज्ञानेश कुमार एक पार्टी को जिताने के लिए ही काम नहीं कर रहे हैं, बल्कि बड़े अफ़सरों को बीजेपी का टिकट दिलाकर मंत्री बनवाने का भी ठेका ले रहे हैं. ये बात केरल के एक पूर्व चीफ़ सेक्रेटरी बता चुके हैं."
उन्होंने कहा, "अमित शाह देश को गुमराह कर रहे हैं. उन्होंने चुनाव आयोग में अपने चेलों को बैठाया हुआ है और वोट चोरी करा रहे हैं. इसी के आधार पर वो 30 साल तक सत्ता में बने रहने की बात करते हैं."
खड़गे ने कहा, "नरेंद्र मोदी को झूठ बोलने की आदत है. उन्होंने कहा था, 100 दिन में काला धन वापस लाऊंगा. सबको 15-15 लाख रुपये दूंगा. किसानों की आमदनी दोगुनी करूंगा. अर्थव्यवस्था को 5 ट्रिलियन डॉलर करूंगा. आज 2026 में इनका एक भी वादा पूरा नहीं हुआ है."
आरएसएस पर निशाना
उन्होंने आरएसएस की विचारधारा की आलोचना करते हुए कहा, "जब तक इस देश में आरएसएस की विचारधारा रहेगी, तब तक शांति नहीं होगी."
खड़गे ने कहा, "आरएसएस अपनी स्थापना के समय से ही सांप्रदायिक गतिविधियों में शामिल रहा है."
उन्होंने कहा, "अगर हम आज आरएसएस की बात करते हैं, तो लोग इसका अलग-अलग मतलब निकाल सकते हैं. लेकिन आप निशाने पर इसलिए हैं, क्योंकि आप अपनी स्थापना के समय से ही यही काम करते आ रहे हैं. इसीलिए आपको निशाना बनाया जा रहा है. इसलिए, जब तक इस देश में आरएसएस की विचारधारा रहेगी, तब तक शांति नहीं होगी."
उत्तराखंड के हल्द्वानी में अगस्त 2026 में हुई कथित शुद्धिकरण की घटना का ज़िक्र करते हुए खड़गे ने छुआछूत की प्रथा की निंदा की.
खड़गे ने कहा, "आज भी आरएसएस-बीजेपी में ऐसे लोगों की भरमार है, जो छुआछूत की भावना रखते हैं और संविधान के ख़िलाफ़ विचार रखते हैं. मुझे दुख होता है कि समाजवाद की विचारधारा लेकर राजनीति में आए नीतीश कुमार आख़िरकार बीजेपी और आरएसएस की गोद में जा बैठे. जब कोई व्यक्ति कमज़ोर पड़ जाता है और अपनी विचारधारा छोड़ देता है, तो ऐसा ही होता है."
हल्द्वानी की घटना का ज़िक्र करते हुए खड़गे ने कहा, "8 अगस्त, 2026 को उत्तराखंड के हल्द्वानी में एक मंदिर के पास बने मंच का शुद्धिकरण किया गया. आज़ादी के 80 साल बाद भी अगर छुआछूत क़ायम है, तो एकता कैसे होगी?"
शुद्धिकरण को लेकर यह विवाद हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस की रैली के बाद शुरू हुआ था.
रैली के बाद एक दक्षिणपंथी संगठन के सदस्यों ने कार्यक्रम स्थल पर शुद्धिकरण की रस्म की. कांग्रेस नेताओं ने इसकी आलोचना करते हुए इसे छुआछूत का उदाहरण बताया था.
हालांकि तब उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस पर सफ़ाई दी थी.
धामी ने कहा था, "जिन्होंने भी वहां पर शुद्धिकरण किया था, उनमें बीजेपी का कोई कार्यकर्ता शामिल नहीं था."
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.
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