आप इस वेबसाइट का टेक्स्ट-ओनली वर्शन देख रहे हैं जो कम डेटा खर्च करता है. सभी तस्वीरों और वीडियो के साथ वेबसाइट का मुख्य वर्शन देखें.
पाबंदी के ख़िलाफ़ सुप्रीम कोर्ट पहुंचा एनडीटीवी
एनडीटीवी ने अपने हिंदी चैनल एनडीटीवी इंडिया के प्रसारण पर लगी 24 घंटे की पाबंदी को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है.
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के एक पैनल ने 9 नवंबर के लिए यह पाबंदी लगाई है.
इस पैनल का दावा है कि पठानकोट में वायुसेना बेस पर आतंकवादी हमले की कवरेज के दौरान चैनल ने संवेदनशील सूचनाओं को सार्वजनिक किया था. पठानकोट में हमला इस साल जनवरी की शुरुआत में हुआ था.
हालाँकि एनडीटीवी ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है. चैनल का कहना है कि अन्य चैनलों और अख़बारों ने भी ये सारी जानकारी दी थी, जिसे सरकार की तरफ से संवेदनशील कहा जा रहा है.
सरकार की इस पाबंदी की चौतरफा आलोचना हो रही है. भारत के जाने-माने पत्रकारों, संपादकों और प्रेस काउंसिल ने इसकी कड़ी निंदा की है.
इनका आरोप है कि सरकार का यह निर्णय भारत में आपातकाल के दौरान प्रेस पर लगी पाबंदी की तरह है.
एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया ने सरकार के इस फैसले को अप्रत्याशित बताया है. एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया ने कहा कि सरकार ने एनडीटीवी को बैन कर एकतरफा रवैये का परिचय दिया है. उसने कहा कि यदि सरकार को कवरेज से आपत्ति थी, तो कोर्ट से संपर्क करना चाहिए था.
हालांकि, सरकार ने इस फैसले का बचाव किया है. केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री वेंकैया नायडू ने कहा कि यह पांबदी राष्ट्र की सुरक्षा हित में है और बैन का विरोध राजनीति से प्रेरित है.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)