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नोटबंदी: 'इश्क मिल भी जाए पर दीदार-ए-कैश कहां'
- Author, आलोक पुराणिक
- पदनाम, व्यंग्यकार एवं अर्थशास्त्री
- प्रकाशित
सुबह, क़रीब सात बजे, 5 दिसंबर, 2016, पंजाब नैशनल बैंक, चंद्रनगर शाखा, गाज़ियाबाद.
चल उठ जग, लाइन में लग,
नोट मिलेंगे आज नहीं तो कल,
चल, चल, चल, चल, चल उठ चल!
क़रीब चार बजे, शाम, पांच दिसंबर, 2016, विवेक विहार, दिल्ली की स्टेट बैंक आफ बीकानेर एंड जयपुर शाखा.
दर खुले मुश्किल से मिलते हैं क़िस्मत के भी और एटीएम के भी,
बहुत कठिन है डगर कैश की.
क़रीब चार बजकर पंद्रह मिनट, 5 दिसंबर, 2016, विवेक विहार, दिल्ली की आईसीआईसीआई बैंक की शाखा.
नोटबंदी को क़रीब महीना हुआ, पर लाइन तो है जी,
आह को चाहिए एक उम्र असर होने तक,
ग़ालिब ने शेर तब कहा होगा, जब नोटबंदी की लाइन में लगे होंगे,
कैश और उसका इश्क ऐसे ही नहीं मिलता,
हां उसका इश्क तो कई बार आसानी से मिल भी जाता है.
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बैंक आफ इंडिया का एटीएम, दिलशाद कालोनी, दिल्ली, 5 दिसंबर, 2016, शाम क़रीब पौने पांच बजे.
बैंक आफ इंडिया के इश्तिहारों में बड़े ज़ोर-शोर से 'रिश्तों की पूंजी' की बात की जाती है.
बताइये बैंक आफ इंडिया का एटीएम क़तई चालू रिश्तेदार की तरह बरताव कर रहा है, नोटार्थियों के आने की ख़बर लगते ही बंद हो लिया.
बैंकन के दरवज्जे पे भई पब्लिक की जुटान, पांडेजी खुश बहुत देखि कचौड़ी की उठान.
बैंकवाले कैश मुश्किल से दे रहे हैं, तिलकधारी कचौड़ी-बेचक पांडेजी बहुत ही हंसकर कचौड़ी दे रहे हैं, उनके लिए तो बैंकों का संगमघाट है यह.
यह संगमघाट बैंक आफ इंडिया, युनाइडेट बैंक आफ इंडिया और एचडीएफसी बैंक एक ही ठीये पर कई कस्टमर दे रहा है.
कस्टमर टैक-सेवी ना हो पा रहा है, तो क्या कचौड़ी-सेवन तो कर ही रहा है. तीन बैंकों के संगम का सीन 5 दिसंबर, 2016, शाम करीब पांच बजे.
गढ्ढे के पास एटीएम है, दिलशाद कालोनी में सेंट्रल बैंक का एटीएम बंद है, 5 दिसंबर, 2016, शाम करीब पांच बजे.
सेंट्रल बैंक की इश्तिहारी लाइन है-1911 से आपके लिए केंद्रित, बस कैश की मांग ना करना भईया.
ऐक्सिस बैंक का एटीएम दिलशाद कालोनी, 5 दिसंबर, 2016, करीब पांच बजे.
एटीएम जब इतना सूना लगे कि उसमें राहजनी से लेकर इश्क तक संभव हो, तो समझ लें कि कैशलेस है.
आईसीआईसीआई दिलशाद कालोनी का एटीएम, 5 दिसंबर, 2016, क़रीब सवा पांच बजे.
आईसीआईसीआई बैंक की इश्तिहारी लाइन है - ख्याल आपका, ख्याल आपका.
यहां यूं रखा जा रहा है कि लाइन लंबी हो, या एटीएम कैशविहीन हो, तो अल्लबल्ल ना बोलने लगें, आपके ख़्याल में रहे, इसलिए आईसीआईसीआई बैंक ने वह धाराएं भी लिखवा दी हैं बाहर, जिनमें आपकी धरपकड़ की जा सकती है.
गरज यह है कि कैशार्थी खाली हाथ ना लौटता, यह कुछ कचौड़ी और कुछ ज्ञान लेकर लौटता है, बैंक आफ इंडिया की इश्तिहारी लाइन उधार लें, तो रिश्तों की इस पूंजी को भी कम ना मानिए.
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