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ग़ाज़ियाबाद: रेप केस में लापरवाही का आरोप, पूरा थाना लाइन हाज़िर
- Author, समीरात्मज मिश्र
- पदनाम, बीबीसी हिंदी के लिए
- प्रकाशित
किशोरी के अपहरण और उसके बाद हुई हत्या के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए ग़ाज़ियाबाद के पुलिस अधीक्षक ने मोदीनगर थाने के सभी 132 पुलिसकर्मियों को लाइन हाज़िर कर दिया है. इस मामले में मोदीनगर थानाध्यक्ष को पहले ही हटाया जा चुका है.
मोदीनगर थाना क्षेत्र में बीते दिनों नौवीं कक्षा की एक छात्रा को अगवा कर लिया गया था और उसके 11 दिन बाद उसका शव भोजपुर थाना क्षेत्र के एक खेत में मिला था. घटना के बाद से ही स्थानीय लोगों में काफी गुस्सा था.
मेरठ परिक्षेत्र के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक प्रशांत कुमार ने बीबीसी को बताया, "ये बड़ी लापरवाही है और इसमें कोई एक-दो लोग ज़िम्मेदार नहीं हैं. इसलिए हमने एसएसपी से थाने में तैनात सभी पुलिसकर्मियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई के लिए कहा."
96 सिपाही, 13 महिला सिपाही शामिल
लाइन हाज़िर किए गए पुलिसकर्मियों में 96 सिपाही, 13 महिला सिपाही, 4 एसआई, एक एसएसआई और 19 हेड कांस्टेबल शामिल हैं. बताया जा रहा है कि अपने तरह की यह शायद पहली घटना है जबकि थाने के पूरे स्टाफ़ को किसी एक मामले में ये सज़ा दी गई हो.
बताया जाता है कि मृत लड़की के परिजनों ने मंगलवार को एडीजी प्रशांत कुमार से मुलाक़ात की थी और इस बारे में पुलिस की लापरवाही की शिकायत की थी. उसके बाद एसएसपी ने यह कार्रवाई की.
स्थानीय लोगों के मुताबिक 4 सितंबर को दोषियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई की मांग कर रहे परिजनों पर पुलिस ने लाठी चार्ज किया था. इसके विरोध में सोमवार को मोदीनगर बंद रहा था और लोगों ने प्रदर्शन किया था. लोग पुलिस वालों के ख़िलाफ़ भी कार्रवाई की मांग कर रहे थे.
कार्रवाई से असंतुष्ट थे परिजन
परिजनों का आरोप है कि अगर पुलिस ने पहले सतर्कता दिखाई होती और अपहरण के बाद ठीक से कार्रवाई की होती तो लड़की को बचाया जा सकता था. यही नहीं, पुलिस ने लड़की के पिता की ओर से नामज़द दो लोगों को पहले हिरासत में भी लिया था लेकिन बाद में छोड़ दिया. बताया जा रहा है कि उसके बाद ही लड़की की हत्या हुई है.
लड़की की हत्या के बाद पुलिस ने पांच लोगों को गिरफ़्तार किया था. लोग पुलिस की इस कार्रवाई से संतुष्ट नहीं थे और लगातार इस घटना के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन हो रहे थे.
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