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गुजरात में हार्दिक पटेल और कांग्रेस और पास आए
पाटीदार आंदोलन के नेता हार्दिक पटेल और गुजरात कांग्रेस के अहम नेताओं के बीच अहमदाबाद स्थित गुजरात कांग्रेस मुख्यालय में सोमवार को बैठक हुई.
दोपहर में इस बैठक के बाद हार्दिक पटेल राजकोट गए और वहां पत्रकारों से बातचीत में कहा कि कांग्रेस के साथ उनकी बातचीत काफ़ी साकारात्मक रही.
पटेल ने जानकारी देते हुए कहा, "कांग्रेसी नेताओं के साथ चार मुद्दों पर बातचीत हुई. अगर गुजरात में कांग्रेस सरकार आई तो पाटीदारों के ख़िलाफ़ चल रहे मामले सरकार वापस ले लेगी."
"विरोध प्रदर्शन में जिन लोगों की मौत हुई है, उन्हें सरकार 35 लाख रुपये का मुआवजा देगी और पाटीदारों को संविधान सम्मत आरक्षण मिल सके, इसके लिए एक आयोग का गठन किया जाएगा और इसके लिए 2000 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया जाएगा."
हार्दिक पटेल ने ये भी बताया कि आरक्षण वाले मुद्दे पर अगले दो-तीन दिन के अंदर एक बैठक और होगी और उसमें इस मामले की तकनीकी पहलूओं पर बात होगी.
हार्दिक पटेल के कांफ्रेस के बाद गुजरात के उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल ने प्रेस कांफ्रेंस कर कांग्रेस पर निशाना साधा.
नितिन पटेल ने कहा, "पाटीदार नेताओं और कांग्रेस के बीच जिन मुद्दों पर बात हुई है, उन पर सरकार पहले से ही काम कर रही है. बीजेपी सरकार ने आर्थिक रूप से पिछड़ों को आरक्षण दिया है. विरोध प्रदर्शन में मारे गए 12 लोगों को हमलोगों ने 20-20 लाख रुपये का मुआवजा दिया है."
नितिन पटेल ने ये भी कहा कि विरोध प्रदर्शन के दौरान आम लोगों पर हुए अत्याचार की जांच के लिए जांच आयोग बिठाया है.
नितिन पटेल ने ये भी कहा कि कांग्रेस की तीन सरकारों, चिमन भाई पटेल, माधव सिंह सोलंकी और अमर सिंह चौधरी की सरकारों के वक्त भी अलग अलग विरोध प्रदर्शन हुए थे, उस दौरान हुए अत्याचारों की बात कोई नहीं कर रहा है.
हार्दिक पटेल ने कांग्रेसी नेताओं के साथ हुई मुलाकात के बाद ये भी कहा कि पाटीदारों पर हुए दमन की जांच के लिए कांग्रेस सरकार में आने पर जांच आयोग का गठन भी करेगी.
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