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बेंगलुरू: गौरी लंकेश की हत्या के मामले में पहली गिरफ़्तारी
- Author, इमरान क़ुरैशी
- पदनाम, बीबीसी हिंदी डॉट कॉम के लिए
- प्रकाशित
बेंगलुरू में पत्रकार और मानवाधिकार कार्यकर्ता गौरी लंकेश की हत्या की पड़ताल कर रहे विशेष जांच दल (एसआईटी) ने केटी नवीन कुमार नाम के एक शख़्स को औपचारिक रूप से हत्या का आरोपी बनाया है.
क्राइम ब्रांच की टीम ने नवीन कुमार को पिछले हफ़्ते बेंगलुरू के एक बस स्टेंड के पास से गिरफ़्तार किया था.
कर्नाटक के मांड्या ज़िले के मद्दुरु कस्बे से वास्ता रखने वाले नवीन कुमार के ख़िलाफ़ आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत एफ़आईआर दर्ज की गई है और एसआईटी गौरी लंकेश की हत्या के मामले में उनसे पूछताछ कर रही है.
एसआईटी के अधिकारी, डीसीपी एम एन अनुचेत ने इसकी पुष्टि की है और बीबीसी को बताया है कि नवीन को एक आरोपी के तौर पर ही गिरफ़्तार किया गया है और उनसे पूछताछ की जा रही है.
15 दिन की न्यायिक हिरासत
स्थानीय अदालत ने नवीन कुमार को 15 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा है. इसमें से पाँच दिन नवीन एसआईटी के साथ पूछताछ में शामिल रहेंगे. हालांकि कोर्ट ने नवीन के आवाज़ के सेंपल लेने और उनका नार्को टेस्ट करने से फ़िलहाल मना किया है.
कोर्ट ने अपने इस आदेश को अगले सप्ताह तक के लिए रिज़र्व कर लिया है. गौरी लंकेश को बेंगलुरू में उनके घर के बाहर 5 सितंबर को गोली मार दी गई थी.
अपने पिता की मौत के बाद वो 'गौरी लंकेश पत्रिके' नाम से एक अख़बार चलाती थीं. उनकी हत्या के बाद देशभर में विरोध प्रदर्शन हुआ था.
गौरी लंकेश ने कर्नाटक के तटीय इलाके में सांप्रदायिक ताकतों के खिलाफ़ कम्यूनल हार्मनी फ़ोरम की स्थापना की थी, जिसके ज़रिए वो आवाज़ उठाती थीं.
'जल्द ही बड़ा शिकार'
पुलिस का दावा है कि बेंगलुरू में जिस वक़्त क्राइम ब्रांच ने नवीन को गिरफ़्तार किया, उस वक़्त उनके पास हथियार बरामद हुए थे.
जाँच में पुलिस को पता चला है कि नवीन ने गौरी लंकेश की हत्या से कुछ दिन पहले ही अपने साथियों को शेखी बघारते हुए कहा था कि वो जल्द ही एक बड़ा शिकार करने वाले हैं.
अपनी पहचान छिपाने की गुज़ारिश के साथ एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि नवीन पर बीते चार महीने से नज़र रखी जा रही थी.
नवीन कुमार कथित तौर पर एक उत्पाती संस्था 'हिंदू युवा सेना' के संस्थापक भी हैं.
एसआईटी इस मामले में प्रवीण नाम के एक और शख़्स की फ़िलहाल तलाश कर रही है.
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