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मध्यप्रदेशः पुलिस भर्ती में अभ्यर्थियों की छाती पर 'जाति'
- Author, शुरैह नियाज़ी
- पदनाम, भोपाल से, बीबीसी हिंदी डॉटकॉम के लिए
- प्रकाशित
- पढ़ने का समय: 2 मिनट
मध्य प्रदेश में एक अजीबो-गरीब मामला सामने आया है. यहां धार में पुलिस आरक्षक पद पर भर्ती के लिए आए अभ्यर्थियों के सीने पर उनकी जाति लिख दी गई.
आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों की छाती पर भर्ती करने वालों ने एससी-एसटी लिख दिया और बताया कि पहचान आसानी से की जा सके, इसलिए ऐसा किया गया.
मामले ने जब तूल पकड़ा तो जिम्मदारों ने बताया कि इस तरह से लिखने का कोई आदेश नहीं दिया गया था. वहीं, अब इस मामले में जांच के आदेश दे दिए गए हैं.
धार ज़िले में कुछ दिन पहले आरक्षकों की भर्ती का अभियान चलाया गया था और अब उनका स्वास्थ्य परीक्षण चल रहा है.
ऐसा क्यों किया गया?
स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान सामान्य और आरक्षित वर्ग के लिए अलग-अलग लंबाई तय की गई है.
इसी के मद्देजनर ज़िला अस्पताल में आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों के सीने पर उनकी जाति लिख दी गई. जब उम्मीदवारों के सीने पर एससी और एसटी लिखी तस्वीर सामने आई तो प्रशासन हरकत में आया.
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर आरसी पनिका ने सफाई देते हुए कहा कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी कि चुने हुए आरक्षकों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है.
उन्होंने इस मामले को गंभीर मानते हुए दोषियों पर कार्रवाई का भरोसा दिलाया है.
डॉक्टर आरसी पनिका ने कहा, "इस तरह किया जाना ठीक नहीं है. इसे हमने गंभीरता से लिया है और जो भी इसके लिए जिम्मेदार पाए जाएंगे उनके ख़िलाफ कार्रवाई की जाएगी."
अभ्यर्थियों का डर
वहीं, ज़िले के पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र सिंह भी इस मामले की जांच करने की बात कह रहे हैं. उन्होंने कहा, "हमारी तरफ से इस तरह का कोई आदेश नहीं दिया गया था. अब मामले की जांच की जा रही है. इसे किसी भी तरह से जायज़ नहीं ठहराया जा सकता है."
प्रदेश में पुलिस विभाग में विभिन्न पदों के लिए लिखित परीक्षा कराई गई थी. परीक्षा में कामयाब हुए उम्मीदवारों का मेडिकल परीक्षण चल रहा था.
धार ज़िले में मेडिकल परीक्षण किया जा रहा था. हालांकि इस तरह के हालात का सामना करने के बाद परीक्षा में सफल रहे उम्मीदवार इसके बारे में बोलने से बच रहे हैं.
उन्हें इस बात का डर है कि अगर उन्होंने कुछ बोला तो नौकरी उनके हाथ से जा सकती है.
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