आप इस वेबसाइट का टेक्स्ट-ओनली वर्शन देख रहे हैं जो कम डेटा खर्च करता है. सभी तस्वीरों और वीडियो के साथ वेबसाइट का मुख्य वर्शन देखें.
गुजरात: शादी के कार्ड पर नाम में 'सिंह' जोड़ने पर दलित परिवार को धमकी
- Author, भार्गव पारिख
- पदनाम, बीबीसी गुजराती के लिए
- प्रकाशित
गुजरात के डीसा ज़िले में एक दलित परिवार को शादी के निमंत्रण कार्ड पर नाम के आगे 'सिंह' लिखवाने को लेकर धमकियां मिल रही हैं.
शादी के दिन कार्यक्रम में खलल डालने की परिवार को धमकी दी जा रही है.
गुजरात में नाम के साथ सिंह उपनाम जोड़ने को सम्मान के प्रतीक के तौर पर देखा जाता है. राजपूत समुदाय में पुरुष आमतौर पर अपने नाम के साथ सिंह लगाते हैं.
शिकायत मिलने के बाद फ़ोन नंबर के आधार पर पुलिस धमकी देने वालों की पहचान करने में जुटी है. पुलिस का कहना है कि ज़रूरत पड़ने पर शादी के दिन दलित परिवार को सुरक्षा मुहैया कराई जाएगी.
डीसा के पास गोल गांव में रहने वाले सेंधाभाई भदरू का कहना है कि उनके छोटे बेटे हितेश की शादी के निमंत्रण कार्ड पर उन्होंने बाबा साहेब आंबेडकर की तस्वीर भी छपवाई है.
शादी के कार्यक्रम के दौरान बुद्ध की मूर्ति स्थापित करने की बात भी कार्ड में लिखी गई है. कार्ड पर जय भीम और नमो बुद्धाय भी लिखा गया है.
उन्होंने कहा, "हमने अपने परिवार के बच्चों के नाम के साथ सिंह लगाया है इसलिए हमको धमकी मिल रही है."
सिंह कार्ड में नाम के साथ उस जगह पर लिखा गया है, जहां बच्चों के नाम के साथ मेहमानों से 'ज़रूर-ज़रूर' आने की बात लिखी जाती है.
सेंधाभाई के दूसरे पुत्र कांजीभाई पुलिस अधिकारी हैं और उनके छोटेभाई हितेश की 12 मई को शादी तय हुई है.
सेंधाभाई ने बीबीसी से कहा, "हमने अपने नाम के साथ सिंह उपनाम लगाया है इसलिए हमारा जीना हराम कर दिया गया है. हमको रोज़ धमकियां मिल रही हैं. हमें शादी की ख़रीददारी करने जाते हुए भी डर लग रहा है. हमारी बहन-बेटियों को घर से उठा लेने की धमकियां दी जा रही हैं."
सेंधाभाई के बड़े बेटे केसरभाई कहते हैं, ''हमें मिली धमकी की बात समाज में चारों तरफ़ फैल चुकी है. अब हमारे घर शादी में कौन आएगा ये भी एक सवाल है. हमें डर है कि शादी के दिन कुछ हंगामा होगा तो बहन-बेटियां सलामत रहेंगी या नहीं.''
पुलिस अधिकारी जेएन खांटे ने बीबीसी को बताया, "हमने शिकायत को गंभीरता से लिया है. हमने कॉल डिटेल निकाल ली हैं और धमकी देने वालों को पकड़ने की कोशिश की जा रही है."
गुजरात सरकार के सामाजिक और न्याय विभाग के मंत्री ईश्वर परमार ने बताया, "सभी को अपने नाम के साथ कोई भी उपनाम लगाने की छूट है. इस तरह से दलितों को धमकी नहीं दी जा सकती है. हम दलित परिवार को पूरी सुरक्षा देंगे."
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)