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प्रेस रिव्यू: पाकिस्तान की वो इमारत जिसकी नींव गांधी ने रखी थी
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) में पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना की तस्वीर को लेकर काफी विवाद के बाद अब कराची के चैंबर ऑफ़ कॉमर्स ने कहा है कि उनके कार्यालय की इमारत की नींव महात्मा गांधी ने रखी थी और वे इस बात से गौरवान्वित महसूस करते हैं.
इस बिल्डिंग का निर्माण जोधपुर के ख़ास बलुआ पत्थरों से हुआ है.
साल 1934 में महात्मा गांधी ने इसकी नींव रखी थी. पिछले हफ़्ते अपने कराची दौरे के दौरान भारतीय उच्चायुक्त अजय बिसारिया ने बिल्डिंग के सामने फ़ाउंडेशन स्टोन के सामने सेल्फ़ी ली थी.
इसके अलावा कराची के मुख्य संग्रहालय मोहट्टा पैलेस का नाम भी मारवाड़ी हिंदू व्यापारी शिवरतन चंद्ररतन मोहट्टा के नाम पर है.
इसका निर्माण उन्होंने अपने लिए ग्रीष्म-प्रवास के लिए कराया था. हिंदुस्तान टाइम्स ने इस ख़बर को प्रमुखता से प्रकाशित किया है.
इंडियन एक्सप्रेस ने अकबर रोड के बोर्ड पर महाराणा प्रताप रोड का पोस्टर चिपकाने की ख़बर को अपने पन्ने पर जगह दी है.
अख़बार ने पुलिस के हवाले से लिखा है कि केस तो दर्ज कर लिया गया है लेकिन इस बात की सही-सही जानकारी नहीं है कि आख़िर किसने साइनबोर्ड पर महाराणा प्रताप रोड लिखकर चिपका दिया.
मामला उस समय सामने आया जब पुलिस की एक पेट्रोलिंग टीम उधर से गुज़री और उसने देखा कि साइन बोर्ड के पास लोगों की भीड़ लगी हुई है और लोग फोटो खींच रहे हैं. इसके बाद पोस्टर को हटा दिया गया.
दैनिक हिंदुस्तान ने फोर्ब्स द्वारा जारी की गई दुनिया के सबसे ताक़तवर लोगों की सूची को अपने पहले पन्ने पर जगह दी है.
अख़बार लिखता है कि फोर्ब्स की सूची में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नौंवे स्थान पर है.
पहले स्थान पर चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग हैं, दूसरे पर रूस के व्लादिमिर पुतिन और तीसरे स्थान पर अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप हैं.
द हिंदू ने ख़बर प्रकाशित की है कि दुनिया का दूसरी सबसे पुरानी चट्टान ओडिशा की है.
अख़बार लिखता है कि क़रीब आठ साल पहले ओडिशा के केंदुझर ज़िले के चंपुआ से बरामद एक चट्टान के नमूने ने भारत को भू-विज्ञान अध्ययनों के लिहाज़ से महत्वपूर्ण बना दिया है.
ऐसा अनुमान है कि यह पत्थर करीब 4240 मिलियन साल पुराना है.
द टाइम्स ऑफ़ इंडिया ने केरल हाई कोर्ट से जुड़ी एक ख़बर को पहले पन्ने पर जगह दी है.
बीते दिनों केरल हाई कोर्ट के पास एक अजीबोगरीब मामला आया जिसमें पांच साल के बच्चे के माता-पिता इस बात पर लड़ रहे थे कि बच्चे का नाम किस धर्म के आधार पर रखा जाए.
दरअसल, मां और पिता अलग-अलग धर्म से ताल्लुक रखते हैं.
हिंदू पिता चाहते थे कि बच्चे का नाम अभिनव सचिन रखा जाए जबकि ईसाई मां चाहती थी कि बच्चे का नाम जॉन मणि सचिन रखा जाए.
मामले को सुनते हुए जस्टिस एके जयशंकरन नांबियार ने बच्चे का नाम जॉन सचिन रख दिया.
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