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केजरीवाल के मार्च को संसद मार्ग पर रोका गया
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उपराज्यपाल अनिल बैजल के बीच का टकराव अब उनके दफ़्तर से निकलकर सड़क पर आ गया है.
उपराज्यपाल और आईएएस की हड़ताल के ख़िलाफ़ दिल्ली की सत्ताधारी आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास की ओर मार्च निकाला है. दिल्ली पुलिस का कहना है आप के इस मार्च को पीएम आवास तक नहीं जाने दिया जाएगा. पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को संसद मार्ग पर ही रोक लिया है.
हालांकि, रविवार को दिल्ली के आईएएस एसोसिएशन ने एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस कर हड़ताल की बात से इनकार किया है. आईएएस एसोसिएशन ने कहा कि कोई भी हड़ताल पर नहीं है. एसोसिएशन का कहना है कि दिल्ली में हालात सामान्य नहीं हैं.
इस बीच दिल्ली पुलिस ने विरोध-प्रदर्शन को देखते हुए पांच मेट्रो स्टेशन बंद करने की सूचना दी है. दिल्ली के मंडी हाउस पर आप के कार्यकर्ता और नेता जमा हुए हैं.
अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट कर प्रधानमंत्री मोदी को निशाने पर लिया है. केजरीवाल ने ट्वीट कर कहा, ''हम आ गए हैं आज सड़क पर लोकतंत्र की तलाश में, जब बैठी है तानाशाही, प्रधानमंत्री निवास में.''
आम आदमी पार्टी के इस विरोध-प्रदर्शन में सीपीएम प्रमुख सीताराम येचुरी भी पहुंचे हैं. येचुरी ने कहा कि केंद्र का दिल्ली सरकार के साथ व्यवहार संविधान के संघीय ढांचे के ख़िलाफ़ है.
येचुरी ने कहा, ''हमारे संविधान की एक धारा संघवाद है जिसका केंद्र सरकार घोर उल्लंघन कर रही है. दिल्ली के मुख्यमंत्री को जनादेश मिला है और उन्हें केंद्र सरकार काम नहीं करने दे रही है. चार राज्यों के मुख्यमंत्री उपराज्यपाल से मिलने आए तो वो मिले नहीं. चुने हुए प्रतिनिधियों के साथ ऐसा व्यवहार किया जा रहा है.''
दिल्ली पुलिस का कहना है कि आम आदमी पार्टी ने विरोध-प्रर्दशन की इजाज़त नहीं ली है, इसलिए कई रास्ते बंद रहेंगे. विरोध-प्रदर्शन को देखते हुए लोककल्याण मार्ग, केंद्रीय सचिवालय, पटेल चौक, उद्योग भवन और जनपथ मेट्रो स्टेशन को बंद किया गया है.
क़रीब एक हफ़्ते से अरविंद केजरीवाल अपने मंत्रियों के साथ उपराज्यपाल के घर में धरने पर बैठे हैं.
अरविंद केजरीवाल का कहना है कि उपराज्यपाल की तरफ़ से मसले को सुलझाने का कोई प्रस्ताव नहीं आया है.
दिल्ली पुलिस ने अपने ट्विटर हैंडल से ट्वीट किया है कि विरोध-प्रदर्शन को देखते हुए पटेल चौक और जंतर मंतर की ओर गाड़ियों की आवाजाही बंद कर दी गई है.
आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता मंडी हाउस से प्रधानमंत्री आवास की ओर मार्च करेंगे. अरविंद केजरीवाल को इस मामले में विपक्ष का भी साथ मिला है.
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, कर्नाटक के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी, केरल के मुख्यमंत्री पिनरई विजयन और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने केजरीवाल का समर्थन करते हुए कहा है कि केंद्र को राजनीति से ऊपर उठकर इस संवैधानिक संकट को सुलझाने की ज़रूरत है.
रविवार को ममता बनर्जी ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के सामने नीति आयोग की बैठक के दौरान दिल्ली का मुद्दा उठाया.
ममता ने कहा कि इस टकराव से दिल्ली की जनता को समस्या हो रही है.
हालांकि, ममता बनर्जी ने कहा कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री ने कोई जवाब नहीं दिया है.
दूसरी तरफ़ दिल्ली बीजेपी का कहना है कि केजरीवाल ने चुनाव में जो वादा किया था उसे पूरा करने में नाकाम रहे हैं, इसलिए राजनीति कर रहे हैं.
क्या है पूरा मामला?
दिल्ली सरकार का आरोप है कि अफ़सर काम नहीं कर रहे हैं. मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के मुताबिक आईएएस अफ़सर हड़ताल पर हैं जिसके चलते दिल्ली सरकार की कई योजनाएं रुकी हुई हैं.
उन्होंने उपराज्यपाल अनिल बैजल और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मांग की है कि वो अधिकारियों की हड़ताल ख़त्म कराएं और उन्हें काम पर लौटने के आदेश दें. उन्होंने इस संबंध में पीएम मोदी को दो चिट्ठियां भी लिखी हैं जिनमें वो काम गिनाए गए हैं जिन पर हड़ताल का असर पड़ा है.
इसके साथ ही अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा दिए जाने की मांग भी रखी है. उनकी ये भी शिकायत है कि दिल्ली सरकार की महत्वाकांक्षी योजना 'डोर स्टेप डिलीवरी' को भी अधिकारियों ने रोक रखा है.
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