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कश्मीर में पुलिस हिरासत में टीचर की मौत के बाद तनाव
- Author, माजिद जहांगीर
- पदनाम, श्रीनगर से, बीबीसी हिंदी के लिए
- प्रकाशित
पुलवामा ज़िले के अवंतिपुरा इलाके में पुलिस हिरासत में एक टीचर की मौत के बाद घाटी में एक बार फिर तनाव पैदा हो गया है.
मृत शिक्षक के परिजनों का कहना है कि पुलिस ने रिज़वान पंडित को उनके घर से हिरासत में लिया था.
26 वर्षीय रिज़वान पंडित की मौत की ख़बर आने के बाद घाटी में कई जगह सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव हुआ है जिसमें कई लोग घायल हो गए हैं.
पुलिस ने इस घटना पर एक बयान जारी किया है, जिसमें कहा गया है कि "मिलिटेंसी एक मामले की पड़ताल के क्रम में एक संदिग्ध व्यक्ति रिज़वान पंडित को अंवतिपुरा में हिरासत में लिया गया, इस व्यक्ति की पुलिस हिरासत में मौत हो गई है. इस मामले में नियमों के अनुरुप मजिस्ट्रेट से जांच कराई जा रही है."
रिज़वान की मौत 17 मार्च की रात को हुई थी.
रिज़वान के भाई ज़ुल्करनैन ने एक स्थानीय अख़बार को बताया है कि उनके भाई एक निजी स्कूल के प्रिसिंपल थे.
उन पर छह महीने पहले पब्लिक सेफ़्टी ऐक्ट (पीएसए) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था. ज़ुल्करनैन का कहना है कि अदालत उस मामले को खारिज कर दिया था.
उनके भाई ने अख़बार को यह भी बताया कि "मेरे भाई जमात-ए-इस्लामी के कार्यकर्ता थे लेकिन यह कोई गुनाह तो नहीं है."
ग़ौरतलब है कि पुलवामा में हुए हमले के बाद सरकार ने जमात-ए-इस्लामी पर प्रतिबंध लगा दिया है.
रिज़वान की मौत के बाद कई अलगाववादी संगठनों ने बुधवार को घाटी में बंद का आह्वान किया है. कश्मीर की सभी राजनीतिक पार्टियों ने इस घटना की निंदा की है और समयबद्ध तरीके से मामले की जांच कराने की मांग की है.
हुर्रियत कॉन्फ़्रेंस के चेयरमैन मीर वाइज़ मौलवी उमर फ़ारुक़ ने ट्वीट करके इसे 'बर्बर हत्या' करार दिया है.
राज्य के मानवाधिकार आयोग ने मामले को उठाते हुए कहा है कि रिज़वान की मौत की पूरी रिपोर्ट पेश की जाए.
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