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क्या घोंघे इस डूबते अमरीकी शहर को बचा पाएंगे?
- Author, अमांडा रुगेरी
- पदनाम, सीनियर एडिटर, बीबीसी फ़्यूचर
- प्रकाशित
अमरीका का लुइसियाना राज्य क़ुदरती ख़ूबसूरती से लबरेज है. मगर समंदर किनारे बसा इसका एक बड़ा हिस्सा कटान के चलते पानी में समाता जा रहा है.
असल में सदियों से लुइसियाना की हिफ़ाज़त के नेचुरल बैरियर कम होते जाने की वजह से इसके दलदल में समा जाने का ख़तरा हमेशा से रहा.
समंदर किनारे की घास कटान को रोका करती थी. इसके अलावा नमक से भरा पानी भी इसकी रक्षा करता था.
पर आज से सौ साल पहले हालात कुछ ऐसे थे कि हर घंटे एक फुटबॉल मैदान के बराबर ज़मीन पानी में समाती जा रही थी.
हालांकि पिछली क़रीब एक सदी से लगातार जारी कोशिशों से इस रफ़्तार में कमी आई है. मगर लुइसियाना के डूबने का ख़तरा पूरी तरह से टला नहीं है.
ये इलाक़ा अमरीका के लिए बहुत अहम है. यहां के वेटलैंड्स यानी दलदली इलाक़े से पाइपलाइनें गुज़रती हैं जो बहुत अहम तेल की सप्लाई करती हैं.
इसी तरह इसके समुद्र तट पर कच्चे तेल से लदे जहाज़ आते हैं जो पास स्थित रिफ़ाइनरियों को कच्चा तेल पहुंचाते हैं.
लुइसियाना से बहने वाली मिसीसिपी नदी भी इसके लिए ख़तरा बनी हुई है. तेज़ बहाव से ये नदी भी भारी कटान करती है.
यही वजह है कि यहां लगातार कटान होता रहता है. ज़मीन पानी में समाती रहती है.
ज़्यादा नुक़सान जंगली जानवरों को
वर्ष 1930 में जब मिसीसिपी नदी पर बांध बनाए गए तो शहर की ज़मीन का एक तिहाई हिस्सा यानी 51 हज़ार वर्ग किलोमीटर ज़मीन तबाह हुई थी.
कहा तो ये भी जा रहा है जिस तरह मिट्टी का कटाव हो रहा है, साल 2050 तक लुइसियाना का दो हज़ार 600 वर्ग किलोमीटर इलाक़ा पानी में समा जाएगा.
कोएलिशन टू रेस्टोर लुइसियाना के डायरेक्टर डेब अबीबो का कहना है कि मिट्टी के कटाव का सबसे ज़्यादा नुक़सान जंगली जानवरों को हो रहा है.
साथ ही ऐसे बहुत से प्राकृतिक संसाधन ख़त्म होते जा रहे हैं जिनके बूते लुइसियाना की बहुत-सी इंडस्ट्री चलती है.
सीआरसीएल की दो रिसर्चर क्रिस्टा रसल और जेनी वॉल्फ़ एक प्रोजेक्ट पर काम कर रही हैं जिसके तहत कटाव की गति और उसे रोकने के उपाय पर ग़ौर किया जा रहा है.
कई महीनों की मेहनत के बाद जो डेटा जमा किया उसकी बुनियाद पर कहा जा रहा है कि चार सुरक्षित साइट पर औसतन 0.81 मीटर ज़मीन पानी में समा रही है.
वहीं समुद्र तट वाली नियंत्रित साइट पर 1.54 मीटर ज़मीन को नुक़सान पहुंच रहा है.
हालांकि कटाव रोकने के लिए कंक्रीट की दीवार बनाई गई है. लेकिन इस दीवार से कुछ ही दूर एक और सुरक्षा दीवार बनाई गई है जो सीप के गोलों से बनी है.
लाखों किलो सीप
सीपियों की चट्टान खड़ी करने का ये काम साल 2016 में पूरा हुआ.
इसे सीआरसीएल और दी नेचर कंज़रवेंसी लुइसियाना ने साझा प्रोजेक्ट के तहत तैयार किया है जिसमें सात लाख 71 हज़ार किलो सीप इस्तेमाल हुए.
ये सीप इलाक़े के 26 स्थानीय रेस्टोरेंट के मालिकों ने दान दिए थे.
ऐसा नहीं है कि सीप का ये तटबंध सिर्फ़ लुइसियाना में ही बना है. बल्कि सीप रिसाइक्लिंग के ऐसे ही प्रोजेक्ट पर टेक्सस, न्यूयॉर्क, सैन फ़्रांसिस्को और ऑस्ट्रेलिया में भी किया जा चुका है.
लेकिन जिस तादाद में सीप के छिलके दुनिया भर में बेकार पड़े हैं उन्हें देखते हुए इस तरह के प्रोजेक्ट काफ़ी कम हैं.
मशहूर सी-फूड
सीआरसीएल के डायरेक्टर डेब अबीबो का कहना है कि पुराने वक़्त में मछुआरों और ख़रीदारों के बीच बेहतर रिश्ता होता था.
रेस्त्रां के मालिक सीपियों के छिलके मछुआरों को दे दिया करते थे. चंद रेस्टोरेंट आज भी इस परंपरा पर क़ायम हैं.
दरअसल सीप एक मशहूर सी-फूड है. सीप काट कर उसमें से गूदा निकाल लेते हैं और खोल फेंक दिया जाता है.
मछुआरे इन छिलकों को या तो अपने मुर्गों को खिलाते थे या फिर इनसे फुटपाथ बनाते थे. लेकिन न्यू ऑरलियंस के रेस्टोरेंट मालिक इन छिलकों को कूड़े के ढेर पर डाल देते थे.
जिस तादाद में सीप समुद्र से निकाले जा रहे हैं उतने खोल वापस नहीं डाले जा रहे.
अब लुइसियाना में इससे डूबती ज़मीन बचाई जा रही है.
सीप की दीवार
सीप के खोल को साफ़ करके छह महीने तक धूप में सुखाया जाता है ताकि वो पूरी तरह कीटाणु मुक्त हो जाए.
सीप में स्पेट नाम का लार्वा रहता है. धूप में सुखा कर लार्वा को पूरी तरह ख़त्म किया जाता है. इसके लिए क़रीब तीन सौ लोग काम कर रहे हैं.
कंक्रीट की फुटपाथ के बरअक्स सीप का तटबंध बनाना मुश्किल है. फिर भी इसकी कोशिश की जा रही है.
दरअसल ये तरीका लुइसियाना के इको सिस्टम के लिए मुफ़ीद है.
सीप के खोल के कोने, उसके छेद और दरारें मज़बूत सतह बनाते हैं और इनमें लहरों की तरंगों की ऊर्जा सहन करने की क्षमता ज़्यादा होती है.
इसके अलावा सीप में समुद्री काई और बैक्टीरिया आसानी से पनपते हैं. ये भी सीप की दीवार को मज़बूत बनाते है.
यही नहीं सीप की सतह छोटे समुद्री जीवों को सुरक्षा भी प्रदान करती हैं. सीप का तटबंध अन्य सीप पनपने का मौक़ा भी देता है.
खुशनसीबी
ज़िंदा सीप तटबंध की मोटाई बढ़ाते हैं क्योंकि उनकी पैदावार एक के ऊपर की शक्ल में होती है.
इसका सबसे बड़ा फ़ायदा है कि इससे समुद्री लहरों की ऊंचाई प्रभावित होती है. सीप की इस चट्टान को वॉटर फ़िल्टर भी कहा जाता है.
कहा जाता है कि समुद्र का एक छोटा-सा जीव भी एक दिन में क़रीब 50 गैलन पानी साफ़ करता है.
इसके अलावा सीपी तटबंधीय नाइट्रोजन और फास्फ़ोरस को स्टोर करती है.
मिसिसिपी नदी करीब सात हज़ार साल से बह रही है. इतने वर्षों में वो यहां अपने साथ बहुत सी तलछट बहाकर लाई.
इससे नदी की एक तरह से हदबंदी हो गई. लेकिन जैसे ही नदी ने अपना रास्ता बदला उसकी हद टूट गई और लुइसियाना के लोगों के लिए आफ़त शुरू हो गई.
लेकिन अबीबो इसे भी खुशनसीबी मानते हैं. उनका कहना है कि नदी और आबादी वाले इलाकों के दरमियान बहुत से द्वीप और जंगल हैं जो नदी का पानी आबादी वाले इलाकों तक पहुंचने नहीं देते.
अगर ये सब भी ख़त्म हो जाएं तो लुइसियाना को समंदर के प्रकोप से कोई नहीं बचा सकता.
एक रिसर्च
एक रिसर्च से पता चलता है कि एक हेक्टेयर में सीप तटबंध बनाने में करीब 99 हज़ार डॉलर का सालाना ख़र्च आता है.
जबकि इस से समुद्र के जीवों को होने वाले फ़ायदे कहीं ज़्यादा हैं.
अप्रैल 2018 में वैज्ञानिकों की एक टीम कंक्रीट बांध के मुक़ाबले सीप तटबंध से होने वाले फायदों पर एक रिसर्च रिपोर्ट छापी.
कंक्रीट के बांध बनाने के ख़र्च और उससे होने वाले फ़ायदे में 0.26 का अनुपात है, जबकि सीप के तंटबंधन बनाने के ख़र्च और फ़ायदे में 7.34 का अनुपात है जो कि 28 गुना ज़्यादा है.
यही नहीं इसकी मदद से दलदली ज़मीन को भी तीस गुना तक बचाया जा सकता है.
मिट्टी का कटाव जारी रहा तो...
लुइसियाना में मछली पकड़ने का कारोबार बड़े पैमाने पर होता है.
अमरीका में मछली के कुल कारोबार का 75 फ़ीसद मछली सॉल्ट मार्श में ही पनपती है.
लुइसियाना में हर साल लगभग 544 लाख किलो मछली का कारोबार होता है.
अमरीका की ओएस्टर इंडस्ट्री का एक तिहाई सीप और एक तिहाई केकड़े लुइसियाना में ही होते हैं.
यही नहीं फ्लोरिडा, अलाबामा और टेक्सस में जितने झींगे होते हैं उतने अकेल लुइसियाना के समुद्र में मिलते हैं.
अगर लुइसियाना में मिट्टी का कटाव जारी रहा तो यहां की लाखों करोड़ की इंडस्ट्री ठप हो जाएगी.
लुइसियाना का वेटलैंड ना सिर्फ़ इंडस्ट्री के लिए संरक्षित किया जाना चाहिए, बल्कि यहां के इको-सिस्टम को सुचारू रूप से चलाने और उसे बनाए रखने के लिए भी इसे संजोना ज़रूरी है.
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