आप इस वेबसाइट का टेक्स्ट-ओनली वर्शन देख रहे हैं जो कम डेटा खर्च करता है. सभी तस्वीरों और वीडियो के साथ वेबसाइट का मुख्य वर्शन देखें.
अर्दोआन की स्थानीय चुनावों में ऐतिहासिक हार, तुर्की की सियासत पर कितना असर?
- Author, पॉल किर्बी और चगिल कासापोगलू
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता, लंदन और इस्तानबुल से
- प्रकाशित
तुर्की की प्रमुख विपक्षी पार्टी ने दावा किया है कि उन्होंने इस्तानबुल और अंकारा में हुए स्थानीय चुनावों में जीत हासिल की है.
ये नतीजे देश के राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप अर्दोआन के लिए तगड़ा झटका हैं.
पिछले साल तीसरी बार राष्ट्रपति चुनाव जीतने वाले अर्दोआन को उम्मीद थी कि वे इन चुनावों में अच्छा प्रदर्शन करेंगे.
इस्तानबुल के मेयर के चुनाव में अर्दोआन ने स्वयं प्रचार की बागडोर संभाली थी. इसी शहर में वे पले-बढ़े हैं और यहीं वे मेयर भी रहे हैं.
लेकिन 2019 में पहली बार इस शहर का मेयर बनने वाले एकरम इमामोग्लू ने सेकुलर विपक्ष दल सीएचपी के उम्मीदवार के तौर पर बड़ी जीत हासिल की है.
अर्दोआन ने चुनाव अभियान के दौरान वादा किया था कि डेढ़ करोड़ लोगों के इस शहर का कायापलट किया जाएगा. लेकिन अर्दोआन की एके पार्टी के उम्मीदवार को लगभग दस लाख वोटों से हार का सामना करना पड़ा है.
21 वर्ष पहले सत्ता में आए अर्दोआन की ये पूरे देश में पहली हार है.
तुर्की की राजधानी अंकारा में मेयर पद के लिए विपक्षी पार्टी के उम्मीदवार आधे वोटों की गिनती के बाद ही अपनी जीत का एलान कर दिया था.
उनके समर्थक शहर की सड़कों पर झंडों को लहराते और कार का हॉर्न बजाते देखे जा सकते थे.
विपक्षी दल सीएचपी ( रिपब्लिकन पीपल्स पार्टी) ने तुर्की के चौथे बड़े शहर बुर्सा और बालिकेसिर में जीत हासिल की है. इसके अलावा पार्टी ने इज़्मीर, अदाना और अंताल्या पर अपनी सत्ता बरकरार रखी है.
राष्ट्रपति अर्दोआन ने कहा है कि चुनावों के नतीजे उम्मीद के मुताबिक नहीं हैं लेकिन उम्मीद जताई कि ये उनकी पार्टी के लिए एक टर्निंग पॉइंट साबित होगा.
उन्होंने अपने समर्थकों को बताया कि वे हमेशा जनमत का समर्थन करते हैं और इस बार भी वे मतदाता के निर्णय को सम्मान के साथ स्वीकार करते हैं.
ताक़तवर अर्दोआन
रेचेप तैय्यप अर्दोआन एक ताक़तवर राष्ट्रपति हैं. उन्होंने सत्ता की सारी ताक़त अपने पद में समाहित कर ली है.
प्रधानमंत्री के पास कोई विशेष अधिकार नहीं हैं. लेकिन शहरों में चुने हुए मेयरों के पास ख़ासे अधिकार हैं.
चुनाव अभियान के दौरान अर्दोआन ने कहा था कि ये उनका आख़िरी प्रचार है. वर्ष 2028 उनका राष्ट्रपति का अंतिम कार्यकाल ख़त्म हो रहा है.
लेकिन अर्दोआन के आलोचकों का दावा है कि अगर वे इन चुनावों में जीत जाते तो वे संविधान में संशोधन कर एक बार फिर राष्ट्रपति पद का चुनाव लड़ लेते. इस नाटकीय हार के बाद वे शायद संशोधन न कर पाएं.
तुर्की के राजनीतिक टीकाकार बर्क एसेन कहते हैं कि सीएचपी ने अर्दोआन को उनके राजनीतिक करियर की सबसे बड़ी शिकस्त दी है. ये 1977 के बाद पार्टी की सबसे बड़ी जीत है.
चुनावों के नतीजे सीएचपी के चेयरमैन अज़गुर ओज़ेल की एक बड़ी जीत है. उन्होंने मतदाताओं का धन्यवाद करते हुए कहा, “मतदाता देश में अलग राजनीतिक मौसम के लिए दरवाज़े खोल रहे हैं.”
पार्टी समर्थक इस्तानबुल के टाउन हॉल में इकट्ठा हुए और जश्न मनाया.
तुर्की के झंडे हाथों में लिए समर्थकों ने अपनी ख़ुशी जताई. इस भीड़ में लोग नए चुने गए मेयर एकरम इमामोग्लू और तुर्की के संस्थापक कमाल अतातुर्क के तस्वीरें लिए हुए थे.
इमामग्लू ने जीते के बाद कहा, "मैं कह सकता हूँ लोगों के प्रति हमारी वफ़ादारी का हमें इनाम मिला है.”
ख़स्ताहाल अर्थव्यवस्था
इमामग्लू और मंसूर यावस को 2028 के राष्ट्रपति चुनाव का संभावित प्रत्याशी माना जाता है.
इमामग्लू के समर्थक नारे लगा रहे थे कि ‘सब ठीक हो जाएगा.’ पांच साल पहले अर्दोआन की पार्टी को हराने के बाद इमामग्लू ने ही ये नारा अपने समर्थकों को दिया था. कुछ बैनर्स पर लिखा था - फ़ुल स्पीड से आगे बढ़ो.
इमामग्लू के समर्थक यासिम अल्बारेक ने बीबीसी को बताया, "हांलाकि ये स्थानीय चुनाव हैं लेकिन बड़े शहरों में विपक्ष की जीत, सत्तारूढ़ पार्टी के लिए एक बड़ी चुनौती है.”
एक अन्य समर्थक मेहनत बंकाची ने बीबीसी को बताया, “अगर पिछले राष्ट्रपति चुनाव में इमामग्लू या मंसूर यवास प्रत्याशी होते तो वे अर्दोआन को हरा देते.”
तुर्की की साढ़े आठ करोड़ आबादी का पांचवा हिस्सा इस्तानबुल में रहता है. अगर आप इस्तानुबल पर राज करते हैं तो तुर्की की अर्थव्यवस्था भी आपके अधीन है.
पांच वर्ष पूर्व इमामग्लू ने इस्तानबुल में एके पार्टी को हराकर मेयर का चुनाव जीता था. लेकिन पिछले साल के राष्ट्रपति चुनाव में विपक्षा बिखर गया और पार्टी की हार हो गई.
रविवार के चुनाव में दोनों दलों में नज़दीकी मुकाबले के आसार थे क्योंकि अर्दोआन की एके पार्टी के उम्मीदवार मुरात कुरुम को भी काफ़ी मज़बूत बताया जा रहा था.
लेकिन तुर्की की सत्तारुढ़ एके पार्टी देश की ख़राब अर्थव्यवस्था से जूझ रही है. तुर्की में इस वक्त मुद्रास्फीती की दर 67 फ़ीसदी है और ब्याज़ की दर 50 फ़ीसदी.
अब तुर्की के पश्चिमी, दक्षिणी और उत्तरी हिस्से पर विपक्षी पदल सीएचपी का कब्जा़ है. देश के दक्षिणी पूर्वी हिस्से पर कुर्दों की डेम पार्टी का दबदबा है.
लेकिन केंद्रीय तुर्की में अर्दोआन की एके पार्टी की तूती बोल रही है. 2023 में जो क्षेत्र भयानक भूकंप की चपेट में आए थे वहां भी अर्दोआन ठीक हालत में हैं.
अर्दोआन ने अंकारा में पार्टी मुख्यालय की बालकनी से अपने समर्थकों को संबोधित किया. उन्होंने कहा कि अपनी गलतियों से सीखेंगे और वापसी करेंगे.
उनके समर्थकों ने नारा लगाया - डटे रहो, देश आपके साथ है.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)