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9/11 हमले के दिन क्या-क्या हुआ और फिर क्या बदला
- Author, पैट्रिक जैक्सन
- पदनाम, बीबीसी न्यूज़
- प्रकाशित
(ये रिपोर्ट पहली बार 11 सितंबर 2021 को प्रकाशित हुई थी. 11 सितंबर हमले की बरसी पर हम इस रिपोर्ट को दोबारा प्रकाशित कर रहे हैं.)
11 सितंबर, 2001 को मंगलवार का दिन था. दुनिया का सबसे ख़तरनाक चरमपंथी हमला इसी दिन हुआ था.
चरमपंथियों ने दो अमेरिकी यात्री विमानों को न्यूयॉर्क स्थित वर्ल्ड ट्रेड टॉवर की दो गगनचुंबी इमारतों से टकराया था.
इस हादसे में हज़ारों लोगों की मौत हुई थी.
इस हादसे से न केवल अमेरिका बल्कि पूरी दुनिया दहल गई थी.
तब से इसे दुनिया के सबसे ख़ौफ़नाक हादसों में गिना जाता है.
किन चीज़ों को बनाया गया था निशाना
पूर्वी अमेरिका में उस दिन चार यात्री विमानों को आत्मघाती हमलावरों ने हाइजैक किया था.
इसके बाद उन्होंने इसका इस्तेमाल न्यूयॉर्क और वॉशिंगटन की बेहद मशहूर इमारतों पर हमले के तौर पर किया.
दो विमान न्यूयॉर्क के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर की दो इमारतों से टकराए.
पहला विमान स्थानीय समय के मुताबिक आठ बजकर 46 मिनट में उत्तरी टॉवर से टकराया जबकि दूसरा विमान नौ बजकर तीन मिनट पर दक्षिणी टॉवर से टकराया.
इस हादसे से दोनों इमारतों में आग लग गई. ऊपर की मंज़िलों में लोग फंस गए थे और पूरा शहर धुएं से भर गया था.
दो घंटों के अंदर 110 मंज़िली इमारत पूरी तरह से ढह गई और मलबे में तब्दील हो गई.
थोड़ी देर बाद नौ बज कर 37 मिनट में तीसरा विमान वॉशिंगटन डीसी से थोड़ी दूर स्थित अमेरिकी रक्षा विभाग के मुख्यालय पेंटागन से टकराया.
जबकि चौथा विमान दस बज कर तीन मिनट में पेन्सेल्विनिया के मैदानों में क्रैश कर गया.
माना जाता है कि इस विमान से चरमपंथी वॉशिंगटन डीसी की कैपिटल बिल्डिंग पर हमला करने वाले थे.
कितने लोगों की मौत हुई थी
इस हादसे में कुल 2,977 लोगों (19 चरमपंथी को छोड़कर) की मौत हुई थी, इनमें से अधिकांश लोगों की मौत न्यूयॉर्क में हुई थी.
- इन चार विमानों में कुल 246 यात्री और चालक दल के सदस्य सवार थे, सबकी मौत हुई.
- वर्ल्ड ट्रेड टॉवर की दोनों इमारतों के गिरने से 2,606 लोगों की मौत हुई.
- पेंटागन में हुए हमले में 125 लोगों की मौत हुई थी.
इन हादसों में मरने वाले सबसे कम उम्र क्रिस्टिन ली हैंसन की थी, दो साल के हैंसन की मौत विमान पर सवार अपने माता-पिता के साथ हुई थी.
जबकि सबसे अधिक उम्र के सदस्य 82 साल के रॉबर्ट नोर्टन थे, जो अपनी पत्नी जैकलीन के साथ एक शादी में शामिल होने के लिए जा रहे थे.
वर्ल्ड ट्रेड टॉवर से जब पहला विमान टकराया था तब मोटे अनुमान के मुताबिक इमारत में करीब 17,400 लोग मौजूद थे.
उत्तरी टॉवर में जहां विमान टकराया था, उससे ऊपर मौजूद कोई शख़्स जीवित नहीं बचा. जबकि दक्षिणी टॉवर में जहां विमान टकराया, उससे ऊपर की मंज़िलों में केवल 18 लोग जीवित बचे.
मारे गए लोगों में 77 देशों के नागरिक शामिल थे. इसके अलावा न्यूयॉर्क सिटी में मलबे की चपेट में आने से भी 441 लोगों की मौत हुई थी.
इस हमले में हज़ारों लोग घायल हुए थे या बाद में बीमार हो गए. इनमें दमकलकर्मी भी शामिल थे.
कौन थे हमलावर?
इस्लामी चरमपंथी समूह अल क़ायदा ने अफ़ग़ानिस्तान से इन हमलों को अंजाम दिया था.
अल क़ायदा प्रमुख ओसामा बिन लादेन ने मुस्लिम देशों में छिड़े संघर्ष के लिए अमेरिका और मित्र देशों को ज़िम्मेदार ठहराया था.
अल क़ायदा के 19 हमलावरों ने इस हादसे को अंजाम दिया था. तीन समूह में पांच-पांच हमलावर थे जबकि चौथी टीम (पेन्सेल्विनिया में क्रैश विमान) में चार हमलावर शामिल थे.
इन 19 में 15 चरमपंथी सऊदी अरब से थे, जबकि दो संयुक्त अरब अमीरात के सदस्य थे. एक-एक चरमपंथी मिस्र और लेबनान से आत्मघाती दस्ते में शामिल था.
हादसे के बाद अमेरिका ने क्या जवाब दिया?
11 सितंबर के हमले के एक महीने के भीतर तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश ने अल क़ायदा और ओसामा बिन लादेन को ख़त्म करने के लिए अफ़ग़ानिस्तान पर हमला कर दिया.
अमेरिका को इस मुहिम में दूसरे देशों से मदद भी मिली.
क़रीब दस साल बाद 2011 में ओसामा बिन लादेन को अमेरिकी सैनिकों ने पाकिस्तान के एबटाबाद में मारा.
11 सितंबर के हमले के कथित रणनीतिकार ख़ालिद शेख़ मोहम्मद को पाकिस्तान में 2002 में हिरासत में लिया गया था.तब से उन्हें अमेरिका की ग्वांतानामो बे जेल में रखा गया है. अभी तक उनकी सुनवाई शुरू नहीं हुई है.
अल क़ायदा आज भी सक्रिय है. अब यह अफ़्रीका के सब-सहारा क्षेत्र में कहीं ज़्यादा मज़बूत है लेकिन इसके सदस्य अफ़ग़ानिस्तान में भी मौजूद हैं.
20 साल बाद अमेरिकी सैनिक पिछले महीने अफ़ग़ानिस्तान से लौटे हैं. इसके बाद दुनिया को आशंका है कि इस्लामी चरमपंथी फिर से सक्रिय हो सकते हैं.
11 सितंबर के हमले के बाद चीज़ें जो बदल गईं
11 सितंबर के हमले के बाद विमानों की सुरक्षा व्यवस्था काफ़ी बढ़ गई.
अमेरिका में एयरपोर्ट और विमानों में जांच करने के लिए स्पेशल दस्ते ट्रांसपोर्टेशन सिक्यॉरिटी एडमिनिस्ट्रेशन का गठन किया गया.
न्यूयॉर्क में वर्ल्ड ट्रेड टॉवर के मलबों को हटाने में कुल आठ महीने से ज़्यादा का वक्त लगा. उस जगह मेमोरियल और म्यूज़ियम बनाया गया है और अलग डिज़ाइन में वहां इमारत फिर से खड़ी की गई.
वर्ल्ड ट्रेड सेंटर की इमारत को अब फ्रीडम टॉवर कहा जाता है. यह पहले की इमारत उत्तरी टॉवर की 1368 फ़ीट की ऊंचाई से क़रीब 400 फ़ीट ऊंची यानी 1776 फ़ीट ऊंची इमारत है.
जबकि पेंटागन में नष्ट हुए हिस्से को एक साल के अंदर बना लिया गया और वहां अगस्त, 2002 से विभाग के कर्मचारी बैठने लगे थे.