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न कामुक तस्वीरें और न छतों पर लगे शीशे: ब्राज़ील के सेक्स मोटेल क्यों बदल रहे हैं?
- Author, वीतोर तावारिस
- पदनाम, बीबीसी न्यूज़ ब्राज़ील, मारीतुबा
- प्रकाशित
- पढ़ने का समय: 7 मिनट
सो प्राज़ेर (सिर्फ़ आनंद) मोटेल से अब राउंड बेड्स और कामुक पेंटिंग्स जा चुकी हैं. अब मोटेल की बाहरी दीवारों पर रंग-बिरंगे मकाओ, जैगुआर और टूकन पक्षियों की ताज़ा पेंटिंग्स बनी हुई हैं.
जल्द ही एक मिनीवैन यूरोप और अफ़्रीका से आने वाले मेहमानों को इस मोटेल से लगभग 20 किलोमीटर दूर बेलेम शहर जाएगी.
जहां ब्राज़ील 10 नवंबर से संयुक्त राष्ट्र के जलवायु परिवर्तन सम्मेलन (कोप30) की मेज़बानी करेगा.
मोटेल के मालिक क्रिस्टियानो रिबेरो ने साल 2003 में जब से सो प्राज़ेर खोला है उसके बाद से अब यह सम्मेलन उनके व्यवसाय का सबसे बड़ा मौक़ा है. अब तब उनके ज़्यादातर ग्राहक ट्रक ड्राइवर होते थे, जो रास्ते में रुककर सेक्स के लिए जगह ढूंढते थे.
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'यह जैसे रबर बूम की तरह है'
कोप30 सम्मेलन के दौरान अमेज़न वर्षावन के किनारे बसे शहर बेलेम में रहने की जगह की क़ीमतें आसमान छू रही हैं. इससे यह आशंकाएं बढ़ गई हैं कि ग़रीब देशों के प्रतिनिधि इतने महंगे इंतज़ामों का ख़र्च नहीं उठा पाएंगे.
कुछ महीने पहले ब्राज़ील के मीडिया ने बताया था कि बेलेम के कुछ होटलों में एक रात का किराया क़रीब 1200 डॉलर तक पहुंच गया है, जबकि कुछ अपार्टमेंट्स 11 रातों के लिए लगभग 1.85 लाख डॉलर में उपलब्ध हैं.
कई देशों के प्रतिनिधियों ने मांग की थी कि अगर क़ीमतें नहीं घटीं, तो सम्मेलन को किसी दूसरे शहर में कराया जाना चाहिए.
लेकिन ब्राज़ील कोप30 बेलेम में कराने को लेकर अडिग रहा ताकि अमेज़न वर्षावन के महत्व पर दुनिया का ध्यान आकर्षित किया जा सके. ब्राज़ील ने यह भी तय किया कि ग़रीब देशों के प्रतिनिधियों को कुछ कम दरों पर कमरे उपलब्ध कराए जाएंगे.
मोटेल मालिक क्रिस्टियानो रिबेरो कहते हैं, "यह तो जैसे रबर बूम की तरह है." दरअसल वह उस दौर का ज़िक्र कर रहे थे जब 19वीं और 20वीं सदी की शुरुआत में अमेज़न के रबर की अंतरराष्ट्रीय मांग ने बेलेम की अर्थव्यवस्था को नई पहचान दी थी.
हालांकि, कोप30 के आर्थिक फ़ायदे उतने नहीं दिखे, जितनी उम्मीद कई होटल और मोटेल मालिकों ने की थी.
ब्राज़ील में 'मोटेल' शब्द का अर्थ अलग
बेलेम में ठहरने के विकल्प बढ़ाने के प्रयासों के तहत स्थानीय सरकार ने साल 2023 में उन होटल और मोटेल व्यवसायों को टैक्स में छूट दी जिन्होंने नया फ़र्नीचर ख़रीदा था.
इस मौक़े का फ़ायदा उठाते हुए ग्रेटर बेलेम के कई मोटेलों ने अपने कमरों की मरम्मत कराई और पहले से मौजूद यौन संकेतों वालीं कामुक सजावटी चीज़ों को हटा दिया.
ब्राज़ील में 'मोटेल' शब्द का अर्थ अलग है, वहां यह शब्द उन जगहों के लिए इस्तेमाल होता है जो ख़ासतौर पर सेक्स करने के लिए बनाए गए होते हैं और जिनके कमरे अक्सर घंटों के हिसाब से किराए पर दिए जाते हैं.
ऐसे मोटेलों को सामाजिक रूप से स्वीकार किया जाता है. यह आमतौर पर उन जोड़ों के बीच लोकप्रिय हैं जो नई डेटिंग कर रहे होते हैं, विवाहेतर संबंध रखते हैं, या बस आराम के लिए अपने रोज़ाना के रुटीन से ब्रेक लेना चाहते हैं.
क्रिस्टियानो रिबेरो का मोटेल बेलेम के बाहरी इलाक़े मारीतुबा में है, जो कि शहर में आने वाले मुख्य राजमार्ग पर स्थित एक क़स्बा है.
वो कहते हैं, "मैंने दीवारें रंगवाईं, शॉवर और टॉयलेट बदले, नए गद्दे ख़रीदे और राउंड बेड्स हटाए, क्योंकि वे रातभर ठहरने के लिए सुविधाजनक नहीं थे."
रिबेरो ने उन ख़ास सोफ़ों को भी हटा दिया, जिन्हें अलग-अलग यौन मुद्राओं के लिए डिज़ाइन किया गया था, और उनकी जगह नए तौलिए, चादरें और हॉट टब्स ख़रीदे.
वह मज़ाक में कहते हैं, "अब मेहमान यहां आराम से बैठकर अपनी रिपोर्टें लिख पाएंगे."
उन्होंने अपने सफ़ाई कर्मचारियों और रसोइयों को ट्रेनिंग दी है और अंग्रेज़ी में नया मेन्यू भी तैयार करवाया है, जिसमें नए डिश भी शामिल किए हैं.
मरम्मत के बाद भी कमरे ख़ाली
सेंट्रल बेलेम के इलाक़े में एक और मोटेल पोज़ादा अक्रोपोली ने अपनी लाल रंग की बाहरी दीवार और उस पर लिखे चटख स्लोगन "अपने प्रेमी-प्रेमिका को लाएं" को अब मिटा दिया है.
अब इमारत सादे ग्रे रंग में रंगी है और कमरों की छतों पर लगे शीशों को भी हटा दिया गया है. दोनों मोटेलों के लिए बुकिंग की रफ़्तार धीमी है, लेकिन फिर भी कमाई अच्छी हो रही है.
अक्तूबर में 'सो प्राज़ेर' के 33 सुइट्स में से छह की बुकिंग कनाडा, फ़िनलैंड और तंज़ानिया से आए मेहमानों ने कराई.
उन्होंने क़रीब 240 डॉलर प्रति रात का किराया दिया. इनमें से एक कमरा 15 दिनों के लिए बुक हुआ, जिससे रिबेरो को क़रीब 20 हज़ार डॉलर की आमदनी होगी.
रिबेरो बताते हैं कि इससे पहले उनके मोटेल के कमरे लगभग 18.50 डॉलर प्रति घंटे के हिसाब से बुक होते थे, जबकि हॉट टब वाले सबसे लग्ज़री सुइट्स 93 डॉलर प्रति रात के लिए बुक होते थे.
वह कहते हैं, "हमने क़ीमतें इसलिए बढ़ाईं क्योंकि अब हमें मेहमानों को ख़ास सेवा देनी होगी. हम होटल नहीं हैं, लेकिन वैसे ही ऑपरेट करेंगे और उन्हें बेहतरीन सेवा मिलेगी."
वहीं पोज़ादा अक्रोपोली में भी नीदरलैंड्स से आए चार मेहमानों ने कोप सम्मेलन के लिए बुकिंग कराई है.
लेकिन उसके मालिक अल्बर्टो ब्रागा बताते हैं कि अब भी 22 कमरे ख़ाली पड़े हैं.
होटल के लगभग सभी कमरे बुक
पारा राज्य में ब्राज़ीलियन मोटेल एसोसिएशन के क्षेत्रीय निदेशक रिकार्डो टेक्सीरा ने बीबीसी को बताया कि ग्रेटर बेलेम के क़रीब एक चौथाई मोटेल कमरों को कोप30 सम्मेलन के लिए बदला गया है, लेकिन उनमें से आधे से भी कम की बुकिंग हुई है.
वहीं होटलों की स्थिति बिल्कुल अलग है, जहां कुछ ही कमरे बचे हुए हैं.
पारा होटल एसोसिएशन के मुताबिक़, नवंबर में हो रहे इस सम्मेलन के दौरान बेलेम में होटल के कमरे लगभग 97 फ़ीसदी तक भर चुके हैं.
शहर में आमतौर पर सिर्फ 18 हज़ार होटल बेड हैं, लेकिन कोप30 के आयोजकों का कहना है कि सम्मेलन के दौरान कुल 53 हज़ार बेड की व्यवस्था की गई है, जो कि प्रतिनिधियों की अनुमानित संख्या से थोड़ा ज़्यादा है.
उनका कहना है कि इनमें से 14,500 बेड होटल और मोटेलों में, 22,500 एयरबीएनबी आवासों में, 10 हज़ार रियल एस्टेट एजेंटों के ज़रिए किराए पर लिए घरों में और 6 हज़ार बेड क्रूज़ शिप्स पर हैं.
कोप30 के मुताबिक़, 3 नवंबर तक यानी सम्मेलन शुरू होने से एक हफ्ते पहले, 159 देशों ने अपने ठहरने की व्यवस्था पूरी कर ली थी, जबकि 28 देश अभी बातचीत में हैं.
अल्बर्टो ब्रागा और क्रिस्टियानो रिबेरो, दोनों ही मोटेल मालिकों को उम्मीद है कि आख़िरी समय में बुकिंग बढ़ेगी.
भविष्य में उनकी अब भी घंटे के हिसाब से कमरे किराए पर देने की योजना है.
हालांकि ब्रागा कहते हैं, "हम अब होटल जैसा माहौल बनाने की ओर बढ़ रहे हैं लेकिन यह थोड़ा अलग, और ज़्यादा सधा हुआ होगा."
रिबेरो का कहना है कि वह "नई मोटेल इंडस्ट्री के ट्रेंड का पालन करना चाहते हैं जहां कामुक थीम वाले कमरे न हों, बल्कि ज़्यादा आराम और सुविधा हो."
"अब हमारा लक्ष्य उन कपल्स को ध्यान में रखना है जो अपने रिश्ते में कुछ अलग चाहते हैं, कुछ उससे बेहतर जो उनके पास घर पर है."
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.