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राहुल गांधी कोई ख़ुदा तो नहीं: बरखा सिंह
- Author, पंकज प्रियदर्शी
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता
- प्रकाशित
कांग्रेस पार्टी में आजकल सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है. दिल्ली कांग्रेस में ही पार्टी कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के ख़िलाफ़ बग़ावती सुर उठने लगे हैं.
दिल्ली महिला कांग्रेस की अध्यक्ष बरखा शुक्ला सिंह ने अपना पद छोड़ दिया है और कहा है कि राहुल गांधी पार्टी का नेतृत्व करने के लिए फ़िट नहीं हैं.
हाल ही में पार्टी के वरिष्ठ नेता रहे अरविंदर सिंह लवली ने पार्टी नेतृत्व पर सवाल उठाए थे. बाद में उन्होंने कांग्रेस छोड़कर बीजेपी का दामन थाम लिया.
बीबीसी के साथ बातचीत में बरखा सिंह ने कहा कि पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी का फर्ज बनता है कि वे अपने पार्टी कार्यकर्ताओं की शिकायतों को सुनें, लेकिन वे इसे नज़रअंदाज़ कर देते हैं.
दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष रह चुकीं बरखा सिंह ने कहा- हम पार्टी कार्यकर्ताओं से काम करवाते हैं, उनसे झंड़ा उठवाते हैं, उनसे नारे लगवाते हैं और फिर उन्हें साइडलाइन कर देते हैं.
लेकिन अरविंदर सिंह लवली की तरह पार्टी छोड़ने के सवाल पर उन्होंने कहा कि वे पार्टी नहीं छोड़ेंगी और पार्टी में रहकर ही उसे ठीक करेंगी.
दिल्ली में रविवार को एमसीडी के चुनाव होने हैं और बरखा सिंह दिल्ली प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष अजय माकन से काफ़ी नाराज़ हैं.
पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाक़ात के बारे में पूछे जाने पर बरखा सिंह कहती हैं, "एक साल हो गए उनसे समय मांगते हुए. उन्होंने एक बार भी ये नहीं सोचा कि एक महिला उनसे एक साल से मिलने का समय मांग रही है. आप ख़ुदा तो नहीं हो गए ना."
हाल ही में हुए कुछ राज्यों के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने पंजाब में तो जीत हासिल की, लेकिन यूपी में उन्हें बुरी हार का सामना करना पड़ा. उत्तराखंड, मणिपुर और गोवा में भी कांग्रेस की सरकार नहीं बन पाई.
इन राज्यों में भी चुनाव से पहले कई नेताओं ने पार्टी छोड़कर भाजपा का दामन थामा था. दिल्ली में एमसीडी चुनाव से पहले पार्टी के वरिष्ठ नेता एके वालिया ने भी पार्टी पर अपनी नाराज़गी खुलकर ज़ाहिर की थी.
पार्टी नेताओं के कामकाज से नाराज़ बरखा सिंह ने कहा कि पार्टी में अपनी बात रखने का सबको हक है और पार्टी किसी एक के नाम रजिस्टर्ड नहीं है.
बरखा सिंह ने कहा कि सोनिया गांधी अब बीमार रहती हैं और उनकी सक्रियता कम होने के बाद पार्टी तिनका-तिनका बिखर गई है और आगे भी बिखरेगी. अगर इसे आज नहीं संभाला गया, तो पार्टी का नाम लेने वाला कोई नहीं होगा.