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'एसएसपी के मकान पर हमला, पुलिस के मनोबल का क्या'
- Author, वात्सल्य राय
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता
- प्रकाशित
मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर और भाजपा सांसद सत्यपाल सिंह ने कहा है कि सहारनपुर जैसी घटनाओं का पुलिस के मनोबल पर नकारात्मक असर पड़ता है.
आरोप है कि गुरुवार को अंबेडकर शोभा यात्रा रोके जाने के कारण सांसद राघव लखनपाल के नेतृत्व में सैकड़ों लोग एसएसपी के घर पहुंचे और वहां तोड़फोड़ की.
गुरुवार को निकाली जा रही शोभायात्रा पर पत्थरबाज़ी हुई थी जिसके बाद हिंसा भड़क गई और दुकानों में तोड़-फोड़ हुई थी. पुलिस ने बिना अनुमति निकाली जा रही शोभायात्रा को रोक दिया था.
उन्होंने कहा, "अगर एसएसपी के मकान पर जाकर भीड़ हमला करती है तो इसका पुलिस प्रशासन के मनोबल पर नकारात्मक असर पड़ता है. जो पार्टी सत्ता में है यदि उसके कार्यकर्ता ही ऐसा व्यवहार करते हैं तो पुलिस की हिम्मत कम होती है."
सत्यपाल सिंह ने कहा कि चाहे भाजपा कार्यकर्ता हों या कोई और संगठन, किसी को भी क़ानून हाथ में लेने की इजाज़त नहीं दी जा सकती.
उन्होंने कहा, "कोई भी संगठन हो, हिंदुवादी हो या कोई जातिवादी या बिरादरी का संगठन हो. किसी को भी क़ानून अपने हाथ में लेने का अधिकार नहीं है."
उन्होंने कहा कि मीडिया में सहारनपुर और आगरा की जो घटनाएं सामने आई हैं, वो दुखदायक हैं. उन्होंने ये भी कहा कि यदि इन घटनाओं में कुछ भाजपा कार्यकर्ताओं का हाथ है तो वो गलत है और उन्हें पूरा यकीन है कि क़ानून अपना काम करेगा.
सत्यपाल ने कहा कि उत्तर प्रदेश के नवनियुक्त पुलिस महानिदेशक ने साफ़ तौर पर कहा है कि कोई भी संगठन क़ानून से ऊपर नहीं है और पुलिस उसके ख़िलाफ़ कार्रवाई करेगी.
सांसद ने भाजपा कार्यकर्ताओं को क़ानून हाथ में न लेने की अपील भी की.
मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर ने कहा, "उत्तर प्रदेश में 15 साल बाद भाजपा की सरकार बनी है. खराब कानून व्यवस्था को मुद्दा बनाकर ही पार्टी यहाँ सत्ता में आई है. ऐसे में पार्टी के हर कार्यकर्ता का कर्तव्य है कि वो कोई ऐसा काम न करे, जिससे पार्टी और सरकार बदनाम हो."
उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं को यदि प्रशासन के किसी अधिकारी से शिकायत है तो मुख्यमंत्री या सरकार के किसी मंत्री तक अपनी बात पहुँचा सकते हैं."
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