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MRI मशीन में घुसी मंत्री के गनर की पिस्टल
- Author, समीरात्मज मिश्र
- पदनाम, बीबीसी हिंदी डॉट कॉम के लिए
- प्रकाशित
उत्तर प्रदेश में राजधानी लखनऊ के लोहिया संस्थान हॉस्पिटल में करोड़ों रुपये की एमआरआई मशीन मंत्री के गनर की कथित ज़िद के चलते ख़राब हो गई.
इस मशीन को ठीक होने में लाखों रुपये का ख़र्च आएगा.
इस मशीन को ठीक होने में क़रीब एक हफ़्ते का समय लगेगा और तब तक ये मरीजों के लिए उपलब्ध नहीं रहेगी.
बिना जाँच कराए भागे मंत्री
शुक्रवार को लोहिया संस्थान में इलाज कराने गए राज्य के खादी ग्रामोद्योग मंत्री सत्यदेव पचौरी पहुंचे थे.
उनके साथ आए सरकारी गनर भी डॉक्टरों के मना करने के बावजूद एमआरआई रूम में घुस गए.
यहां मैग्नेटिक फ़ील्ड के चलते उनकी कमर में लगी पिस्टल एमआरआई मशीन में जा चिपकी.
ये नज़ारा देखकर ख़ुद मंत्री भी एमआरआई रूम से बिना जांच कराए निकल भागे.
वहीं, मशीन में चिपकी पिस्टल को निकालने और इसे फिर से काम लायक बनाने में न सिर्फ़ लाखों रुपये का ख़र्च आएगा बल्कि एक हफ़्ते के क़रीब इसे ठीक होने में भी लगेंगे.
लोहिया संस्थान के निदेशक दीपक मालवीय ने बताया, "मंत्री का गनर एमआरआई रूम के गेट पर था. वह अंदर चला गया, जिससे यह हादसा हो गया. मशीन को ठीक करवाने के लिए इंजीनियरों को बुलाया गया है."
नियमों को तोड़ भीतर पहुँचा गार्ड
उन्होंने बताया कि एमआरआई जांच के दौरान मरीजों के तीमारदार को अंदर नहीं आने दिया जाता है और मरीज के पास भी कोई मेटल का सामान नहीं होना चाहिए.
यही नहीं, मरीज़ को अंदर ले जाने से पहले कर्मचारी जांच करते हैं कि उसके पास बेल्ट, मोबाइल जैसी धातु से बनी चीजें न हों.
लखनऊ के राम मनोहर लोहिया संस्थान में रोज़ाना 30 मरीज एमआरआई के लिए आते हैं क्योंकि इस अस्पताल के अलावा लखनऊ में सिर्फ़ मेडिकल विश्वविद्यालय में ही ये सुविधा है.
बताया जा रहा है कि जिस वक़्त मंत्री सत्यदेव पचौरी एमआरआई कराने आए थे उस वक़्त भी क़रीब दो दर्जन मरीज़ अपनी बारी का इंतज़ार कर रहे थे.
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