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भारत में पहला बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट लॉन्च, 7 ख़ास बातें
- Author, सौतिक बिस्वास
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता
- प्रकाशित
जापान के प्रधानमंत्री शिंज़ो अबे ने भारत में पहले बुलेट ट्रेन नेटवर्क के निर्माण कार्य का शिलान्यास किया है. यह बुलेट ट्रेन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गृह राज्य गुजरात के अहमदाबाद से मुंबई के बीच दौड़ेगी.
इस बुलेट ट्रेन की ज्यादातर फंडिंग जापान से लिए जाने वाले 17 बिलियन डॉलर्स (करीब 1088 अरब रुपये) के कर्ज़ से होगी.
उम्मीद जताई जा रही है कि इससे 500 किलोमीटर की यात्रा करने में अभी लगने वाला 8 घंटे का समय घटकर तीन घंटे का रह जाएगा.
750 सीटों वाली इस ट्रेन के अगस्त 2022 तक चलने की उम्मीद है.
भारत की पहली बुलेट ट्रेन की 7 ख़ास बातें:
- ट्रेन गुजरात के मुख्य शहर अहमदाबाद को भारत की आर्थिक राजधानी मुंबई से जोड़ेगी.
- इससे 500 किलोमीटर दूरी तय करने में लगने वाला 8 घंटों का वक्त घटककर 3 घंटे रह जाएगा.
- रास्ते में 12 स्टेशन पड़ेंगे.
- ज़्यादातर रास्ता ज़मीन से ऊपर यानी एलिवेटेड होगा.
- इसका यात्रा में 7 किलोमीटर हिस्सा समंदर के नीचे बनी सुरंग से होकर जाएगा.
- ट्रेन में 750 यात्रियों के बैठने की सुविधा होगी.
- इसकी अधिकतम गति 350 किलोमीटर प्रति घंटा होगी, जो अभी भारत की सबसे तेज़ चलने वाली ट्रेनों की स्पीड से दोगुनी से भी ज्यादा होगी.
भारत में बुलेट ट्रेन मोदी का चुनावी वादा
भारत सरकार चाहती है कि देश के प्रमुख शहरों को हाई स्पीड ट्रेनों से जोड़ा जाए, मगर आलोचकों का कहना है कि यात्रियों के लिए बेहतर यही होगा कि मौजूदा रेल नेटवर्क को सुरक्षित बनाने में निवेश हो.
भारती रेल हर रोज़ करीब सवा दो करोड़ यात्रियों को उनकी मंज़िल तक पहुंचाती है. मगर इसके अधिकांश उपकरण पुराने हो चुके हैं, जिसका नतीजा अक्सर होने वाली दुर्घटनाओं और ट्रेनों के लेट होने के रूप में नज़र आता है.
हालांकि हाई-स्पीड ट्रेन के प्रोजेक्ट का समर्थन करने वाले कहते हैं कि इन ट्रेनों से यात्रा करना सुविधाजनक होगा, बड़े शहरों से भीड़ कम होगी, बिज़नेस बढ़ेगा और इन्फ्रास्ट्रक्चर का विकास होगा.
प्रधानमंत्री मोदी ने रेल नेटवर्क को बेहतर बनाने का वादा किया था. 2014 लोकसभा चुनाव में जब उनकी पार्टी ने भारी जीत हासिल की थी, तब बुलेट ट्रेन चलाना उनके वादों में शामिल था.
ट्रेन हादसे भारत के लिए चिंता का सबब
जापान तेज़ गति वाला रेल ट्रांसपोर्ट बनाने में महारत रखता है और उसकी कई ट्रेनें दुनिया की सबसे तेज़ ट्रेनें मानी जाती हैं.
समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने भारत के रेल मंत्री पीयूष गोयल के हवाले से लिखा है, "यह तकनीक ट्रांसपोर्ट सेक्टर में क्रांति और परिवर्तन लाएगी."
लगातार हुए रेल हादसों के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने पिछले दिनों ही अपना रेल मंत्री बदल दिया था.
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