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पुलवामा हमले का मुख्य साजिशकर्ता मारा गया: भारतीय सेना
भारत प्रशासित कश्मीर में त्राल इलाके के पिंगलिना गांव में सुरक्षाबलों और चरमपंथियों के बीच मुठभेड़ में तीन चरमपंथी मारे गए हैं.
इनमें पुलवामा हमले के मुख्य साजिशकर्ता मुदस्सिर अहमद ख़ान भी शामिल हैं. भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ ने आज एक प्रेस कांफ्रेंस करके इसकी जानकारी दी.
सेना ने बताया कि सुरक्षाबलों को पिंगलिना गांव में चरमपंथियों के होने की सूचना मिली थी. इसके बाद वहां तलाशी अभियान शुरू किया गया.
प्रेस कांफ्रेंस में मौजूद लेफ्टिनेंट जनरल केजेएस ढिल्लों, 15 कॉर्प्स कमांडर ने कहा, ''मुदस्सिर अहमद ख़ान पुलवामा हमले का मुख्य साजिशकर्ता था. वह एक साल से सक्रिय था और कई मामलों में उसकी तलाश थी.''
मुदस्सिर अहमद ख़ान के बारे में बताया गया कि वह पेशे से इलेक्ट्रिशियन थे और पुलवामा में आत्मघाती हमला करने वाले आदिल अहमद डार के संपर्क में थे. साथ ही सेना ने बताया कि 21 दिन में 18 आतंकियों को मारा गया है.
सेना की ओर से कहा गया है कि कश्मीर घाटी में आने वाले चरमपंथियों को ज़िंदा नहीं छोड़ा जाएगा. जो भी बंदूक उठाएगा, वो मारा जाएगा. इलाके़ में चरमपंथियों के ख़िलाफ़ अभियान जारी रहेगा.
पुलवामा हमले में चूक पर जवाब
पुलवामा हमले की जांच और सुरक्षा में चूक के सवाल को लेकर लेफ्टिनेंट जनरल केजेएस ढिल्लों ने कहा, ''इस तरह के कई इनपुट्स हमें मिल रहे हैं जिन पर मैं यहां बात नहीं करूंगा. हम उस पर कार्रवाई कर रहे हैं.''
इस संबंध में आईजी, सीआरपीएफ ज़ुल्फ़िकार हसन ने बताया, ''जिस रास्ते से सीआरपीएफ का काफ़िला गुजरा था उसकी जांच की जा रही है. नेशनल हाईवे को सुरक्षित कर दिया गया है लेकिन हम सिविलियन ट्रैफिक को लेकर थोड़े बदलाव कर रहे हैं ताकि ऐसी किसी आवाजाही से पहले इलाक़ा खाली रहे.''
चरमपंथियों की भर्ती में कमी
जम्मू-कश्मीर पुलिस के आईजी एसपी पाणी ने बताया, ''चरमपंथियों की भर्ती की संख्या में भी कमी आई है और युवाओं को चरमपंथ की ओर जाने से रोकने में कश्मीर के लोगों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है.''
उन्होंने कहा कि चरमपंथी संगठनों के शीर्ष कमांडरों को मारा जा रहा है. साजिशकर्ता ख़त्म किए जा रहे हैं. मुझे पूरा भरोसा है कि भर्ती धीरे-धीरे और कम होगी.''
इस दौरान कश्मीर में आम लोगों के साथ उत्पीड़न को लेकर भी सवाल पूछा गया. इस पर लेफ्टिनेंट जनरल ढिल्लों ने कहा, ''पहले किसी की जांच नहीं होती थी, लेकिन अब कुछ प्रतिबंध लगाए गए हैं. हम प्रक्रिया को व्यवस्थित कर रहे हैं.''
14 फरवरी को भारत प्रशासित कश्मीर के पुलवामा जिले में सीआरपीएफ के काफ़िले पर चरमपंथी हमला हुआ था. इस हमले में 40 जवान मारे गए थे. अब इस हमले की जांच चल रही है.
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