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RSS के मुखपत्र में लेख, मोदी और शाह हमेशा मदद के लिए नहीं आएंगे: प्रेस रिव्यू
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अंग्रेज़ी मुखपत्र ऑर्गनाइज़र में दिल्ली विधानसभा चुनाव में बीजेपी की हार की समीक्षा की गई है.
नवभारत टाइम्स के मुताबिक़, इसमें छपे एक लेख में कहा गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह विधानसभा स्तर के चुनावों में हमेशा मदद नई कर सकते.
यह लेख ख़ुद संपादक प्रफुल्ल केतकर ने लिखा है और इसका शीर्षक है: Delhi's Divergent Mandate यानी दिल्ली का प्रतिकूल जनादेश.
लेख में कहा गया है कि दिल्ली में स्थानीय लोगों की अपेक्षाएं पर पर खरा उतरने के लिए बीजेपी को एक नए सिरे से तैयार करने की ज़रूरत है.
प्रफुल्ल केतकर ने लिखा है कि दिल्ली में शाहीन बाग़ नैरेटिव बीजेपी के लिए असफल रहा. केतकर ने बीजेपी को सलाह दी है कि वो केजरीवाल पर नज़र रखे.
दिल्ली विधानसभा चुनाव में बीजेपी को महज आठ सीतों पर जीत हासिल कर संतोष करना पड़ा था जबकि सत्ताधारी आम आदमी पार्टी को 62 सीटों पर जीत मिली थी.
MP: कम से कम एक नसंबदी करवाइए वरना...
मध्य प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने परिवार नियोजन कार्यक्रम को बढ़ावा देने के लिए एक अजीब फ़ैसला लिया है.
कमलनाथ सरकार ने राज्य के पुरुष स्वास्थ्यकर्मियों (मल्टी पर्पज़ हेल्थ वर्कर्स) को चेतावनी दी है कि वो कम से कम एक व्यक्ति की नसबंदी कराएं.
इंडियन एक्सप्रेस में छपी ख़बर के मुताबिक़ राज्य सरकार ने कहा है कि ऐसा न कर पाने पर स्वास्थ्यकर्मियों का वेतन रोक लिया जाएगा और उन्हें नौकरी से रिटायर होना पड़ेगा.
नेशनल फ़ैमिली हेल्थ सर्वे की रिपोर्ट में पता चला है कि मध्य प्रदेश में सिर्फ़ 0.5 फ़ीसदी पुरुष ही नसंबदी करा रहे हैं.
इसी रिपोर्ट का हवाला देते हुए राज्य के हेल्थ मिशन के अधिकारियों और चीफ़ मेडिकल ऑफ़िसर ने ये ताज़ा सर्कुलर जारी किया है.
ये सर्कुलर 11 फ़रवरी को जारी किया गया था और इसमें कहा गया है कि अगर राज्य में नसबंदी कराने वाले पुरुषों की संख्या नहीं बढ़ी तो स्वास्थ्यकर्मियों को उनकी नौकरी से हाथ धोना पड़ सकता है.
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'गृहमंत्री ने कभी मुझसे माफ़ी नहीं मांगी'
जाने-माने इतिहासकार और लेखक रामचंद्र गुहा ने कहा है कि नागरिक संशोधन क़ानून के ख़िलाफ़ प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने उन्हें जैसे हिरासत में लिया था, उसके लिए कर्नाटक के ग़हमंत्री एसआर बोम्मई ने उनसे कभी माफ़ी नहीं मांगी.
इससे पहले बोम्मई ने दावा किया था कि पुलिस के बुरे बर्ताव के लिए उन्होंने रामचंद्र गुहा से माफ़ी मांगी थी.
गुहा ने बोम्मई के दावे को ख़ारिज करते हुए ट्वीट किया, "कर्नाटक के गृहमंत्री ने विधानसभा में में दावा किया है कि उन्होंने पुलिस के बुरे बर्ताव के लिए मुझसे फ़ोन पर माफ़ी मांगी थी. ये झूठ है. मुझे कभी कोई ऐसा फ़ोन नहीं आया और न ही मुझसे माफ़ी मांगी गई."
उन्होंने ट्वीट में लिखा, ''अगर ऐसी कोई माफ़ी मांगी भी गई होती तो मैं उसे ठुकरा देता. कर्नाटक हाईकोर्ट ने ख़ुद कहा था कि शहर में धारा 144 लगाना ग़ैरक़ानूनी था.''
गुहा ने कहा कि उन्हें उन हज़ारों शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों में से एक होने पर गर्व है जिन्होंने राज्य के तानाशाही कदम का विरोध किया.
पिछले साल 19 दिसंबर को बेंगलुरु में पुलिस ने रामचंद्र गुहा को सीएए विरोधी प्रदर्शन के दौरान हिरासत में ले लिया था. यह ख़बरइकोनॉमिक टाइम्स में छपी है.
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कोरोना संक्रमण: एयर इंडिया की उड़ानें रद्द
टाइम्स ऑफ़ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, कोरोना वायरस के संक्रमण के मद्देनज़र एयर इंडिया ने जून के आख़िर तक चीन जाने वाली अपनी सभी उड़ानें रद्द कर दी हैं.
इससे पहले एयरलाइन में 28 मार्च तक ही उड़ाने रद्द करने की बात कही थी लेकिन अब इस अवधि को बढ़ा दिया गया है.
एयर इंडिया के प्रवक्ता ने गुरुवार को बताया, "शांघाई और हॉन्ग कॉन्ग के लिए सभी उड़ानें 30 जून तक रद्द रहेंगीं."
दिल्ली से हॉन्गकॉन्ग के लिए एयर इंडिया की रोज़ाना फ़्लाइट है. वहीं दिल्ली से शांघाई के लिए एक हफ़्ते में एयरलाइन की छह उड़ानें निर्धारित हैं.
इंडिगो, स्पाइसजेट और अन्य भारतीय एयरलाइंस ने भी फ़रवरी आख़िर तक के लिए चीन और हॉन्गकॉन्ग जाने वाली अपनी सभी फ़्लाइट्स रोक रखी हैं.
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