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अजनाला थाने में घुसे अमृतपाल समर्थकों पर क्यों नहीं की पुलिस ने कार्रवाई?
पंजाब पुलिस ने 'वारिस पंजाब दे' संगठन के प्रमुख अमृतपाल सिंह के साथी लवप्रीत सिंह तूफान को रिहा कर दिया है.
रिहा होने के बाद लवप्रीत सिंह ने अमृतपाल का शुक्रिया अदा किया और कहा कि उनके साथ जेल में अच्छा व्यवहार किया गया.
लेकिन लवप्रीत सिंह की रिहाई काफी नाटकीय रही. गुरुवार को अमृतसर के अजनाला थाने में स्थिति काफी तनावपूर्ण हो गई थी.
अमृतपाल के नेतृत्व में सैकड़ों समर्थकों ने अजनाला थाने का घेराव कर लिया था और वे लवप्रीत सिंह को रिहा करने और अन्य पांच साथियों के खिलाफ मामलों को रद्द करने की मांग कर रहे थे.
थाने पर जमा हुए समर्थकों के पास बंदूक, लाठियां दिखाई दे रही थीं. समर्थक पुलिसबलों से भिड़ गए. इस झड़प में एक पुलिस अफ़सर समेत छह पुलिसकर्मी घायल हो गए.
पंजाब पुलिस के डीजीपी गौरव यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा, "प्रदर्शन में गुरु ग्रंथ साहिब को पालिका में लाया गया. उसकी आड़ में पुलिस पर हमला किया गया. हथियार इस्तेमाल किए गए और पत्थरबाजी हुई, जिसमें छह पुलिसकर्मी घायल हुए हैं."
उन्होंने बताया, "वहां इंटरनेशनल हॉकी स्टार जुगराज सिंह पुलिस अधीक्षक के रूप में तैनात थे. उनको 11 टांके लगे हैं. पुलिस जवानों पर हमला किया गया है. हमने बहुत संयम से काम लिया है, कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब की मर्यादा को बनी रहे."
हज़ारों समर्थकों ने थाने में इतना हंगामा किया कि पुलिस को लवप्रीत सिंह को रिहा करने का आश्वासन देना पड़ा. अमृतपाल सिंह और उनके समर्थकों के सामने पुलिस बेबस दिखी.
एक दिन बाद हुई इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में डीजीपी ने कहा घायल पुलिस अफसर और पुलिसकर्मियों के बयान दर्ज किए जाएंगे और उनके आधार पर इसमें शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
थाने में गुरु ग्रंथ साहिब को ले जाने पर उठे सवाल
गुरुवार को हुए प्रदर्शन में अमृतपाल सिंह और उनके साथी गुरु ग्रंथ साहिब को थाने में ले गए थे, जिस पर पंजाब में विपक्षी पार्टियां सवाल उठा रही हैं.
अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने कहा, "हम निंदा करते हैं कि कुछ लोगों ने गुरु ग्रंथ साहिब को ढाल के रूप में इस्तेमाल किया."
उन्होंने कहा, "गुरु ग्रंथ साहिब को थाने ले जाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है, यह अपमानजनक है. पुलिस छापेमारी में बरामद शराब, नशीला पदार्थ और कई दूसरी चीजें थाने में रखती है जो गुरु ग्रंथ साहिब के सम्मान के लिए ठीक नहीं है."
इसके साथ ही सुखबीर सिंह बादल ने पंजाब और केंद्र सरकार के रुख पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि इस मामले में दोनों सरकारें पूरी तरह से जिम्मेदार हैं.
पंजाब सरकार के कैबिनेट मंत्री कुलदीप सिंह ने कहा, "मैं पुलिस के जवानों को सलाम करता हूं. पुलिस के जवानों ने हमारे गुरु की शान में थोड़ी भी आंच नहीं आने दी. पुलिस ने कोई लाठीचार्ज नहीं किया. जो पुलिसकर्मी जख्मी हुए हैं सरकार उनके साथ है."
बीजेपी नेता मनप्रीत सिंह बादल ने इस मामले में राज्य की आम आदमी पार्टी सरकार पर हमला बोला है. उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा, "पंजाब ने 1947, 1966 और 1984 में कीमत चुकाई है और इसलिए हम मुश्किल से हासिल की हुई शांति को खराब नहीं होने दे सकते."
उन्होंने कहा कि अजनाला थाने में हुए हमले को लेकर आम आदमी पार्टी की सरकार को कुछ नहीं पता है. इस मामले में केंद्रीय गृह मंत्रालय को कार्रवाई करनी चाहिए.
स्थिति नियंत्रण में है- एसएसपी
एसएसपी अमृतसर सतिंदर सिंह ने कहा कि लवप्रीत सिंह तूफान को छोड़ा जा रहा है, क्योंकि प्रस्तुत साक्ष्यों से पता चलता है कि वे 15 फरवरी को घटना स्थल पर मौजूद ही नहीं थे.
उन्होंने कहा, "हम इस सबूत को जज के सामने पेश करेंगे. इस पर कार्रवाई की जाएगी.
सतिंदर सिंह के मुताबिक अजनाला और अमृतसर में सुरक्षा के जरूरी इंतजाम किए गए हैं और स्थिति नियंत्रण में है.
अमृतपाल सिंह कौन हैं?
29 साल के अमृतपाल सिंह खालिस्तान समर्थक माने जाते हैं. पिछले साल वो एक्टर-एक्टिविस्ट दीप सिंह सिद्धू की मौत के बाद 'वारिस पंजाब दे' संगठन की कमान संभालने दुबई से लौटे थे.
पिछले साल ही अमृतपाल सिंह को दीप सिंह सिद्धू की ओर से गठित संगठन 'वारिस पंजाब दे' का प्रमुख चुना गया था.
मशहूर पंजाबी एक्टर दीप सिंह सिद्धू किसान आंदोलन के दौरान चर्चा में आए थे. बाद में एक सड़क हादसे में उनकी मौत हो गई थी.
मीडिया को दिए एक इंटरव्यू में अमृतपाल सिंह कहते हैं कि उनका जन्म और पालन-पोषण अमृतसर के जादूखेड़ा गांव में हुआ है. उनकी शादी 10 फरवरी 2023 को बाबा बकाला में हुई थी.
निजता का हवाला देते हुए उन्होंने अपनी पत्नी और परिवार के बारे में नहीं बताया और कहा कि मीडिया को भी उनकी निजी जिंदगी में दखल देने से बचना चाहिए.
अमृतपाल सिंह के मुताबिक़ स्कूली शिक्षा के बाद वे रोज़गार की तलाश में अरब चले गए थे.
उनका कहना है कि वे आसानी से लोगों से घुलते-मिलते नहीं हैं और न ही उनके ज़्यादा दोस्त हैं.
हालांकि, एक दूसरे इंटरव्यू में उन्होंने कहा था कि उन्होंने इंजीनियरिंग कॉलेज में भी तीन साल बिताए लेकिन कभी इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल नहीं की.
कौन हैं लवप्रीत सिंह?
लवप्रीत सिंह का पूरा नाम लवप्रीत सिंह तूफान है.
बीबीसी संवाददाता गुरप्रीत सिंह चावला ने जो जानकारी मुहैया कराई है उसके मुताबिक लवप्रीत किसान परिवार से संबंध रखते हैं.
लवप्रीत सिंह तूफान का परिवार गुरसिख है. वह लंबे समय से सिख संगठनों से जुड़े रहे हैं.
लवप्रीत सिंह की अमृतपाल सिंह से मुलाकात 'वारिस पंजाब दे' संगठन के जरिये ही हुई थी. पहले वो संगठन के साथ समर्थक के तौर पर जुड़े और फिर इसके गुरदास इकाई के प्रभारी हो गए.
अजनाला और गुरदासपुर पुलिस ने 18 फरवरी को एक संयुक्त कार्रवाई में लवप्रीत को तिबारी गांव में उनके घर से गिरफ्तार किया था.
गिरफ्तारी से छह दिन ही पहले वह एक बेटे के पिता बने थे. लवप्रीत किसान लहर से भी जुड़े हुए हैं.
कॉपी - अभिनव गोयल
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