जामिया के बाहर धारा 163 लगाने पर सीजेपी के आशुतोष रांका ने कहा, 'शर्मनाक दौर चल रहा है'
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के सह संयोजक आशुतोष रांका ने एक्स पर पोस्ट कर जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी के बाहर बीएनएसएस की धारा 163 लागू करने की आलोचना की.
उन्होंने एक्स पर लिखा, "पहले नई दिल्ली और अब जामिया. केंद्र सरकार ने हर समस्या का एक ही समाधान ढूंढ लिया है, बीएनएस की धारा 163. शर्मनाक दौर चल रहा है"
जामिया में पिछले 16 दिनों से छात्र संघ की मांग को लेकर प्रदर्शन चल रहा है. अभी भी दो छात्र कैंपस के अंदर भूख हड़ताल पर बैठे हुए हैं. जामिया प्रशासन ने क्लासेज़ ऑनलाइन कर दी है. और कैंपस में स्टूडेंट्स के एंट्री पर रोक लगा दी है.
मौके पर मौजूद बीबीसी संवाददाता शुभ राणा ने बताया कि जामिया में बीएनएसएस की धारा 163 लागू कर दी गई है. कल के मुकाबले आज सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी है."
शुभ के मुताबिक, गेट नंबर 12 समेत कुछ गेटों को वेल्डिंग करके बंद किया जा रहा है. वहीं कैंपस के पास, 10-15 से ज़्यादा डिटेंशन बसें तैनात की गई हैं.
शिक्षा मंत्री ने जामिया प्रदर्शन पर क्या कहा
वहीं प्रदर्शन के 16वें दिन केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने भी प्रतिक्रिया दी.
उन्होंने कहा कि जामिया मिल्लिया इस्लामिया में प्रदर्शन कर रहे स्टूडेंट्स के साथ बातचीत चल रही है और किसी को भी कैंपस में क़ानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश नहीं करनी चाहिए.
जोशी ने यहां सीबीएसई एक्सपीरियंस सेंटर के उद्घाटन के मौके पर पत्रकारों से कहा, "कई कोशिशें की गई हैं और एक दशक से भी ज़्यादा समय से ये चुनाव नहीं हुए हैं."
"बातचीत चल रही है. मैं सिर्फ़ यही अपील कर सकता हूं कि कोई भी क़ानून-व्यवस्था की समस्या पैदा करने की कोशिश न करे. स्टूडेंट्स जो भी मुद्दे या चिंताएं उठा रहे हैं, उन पर विचार करने के लिए एक समिति है, जो इन मामलों को देख रही है."
विश्वविद्यालय की ओर से छात्र संघ के संविधान को मंज़ूरी मिलने के 15 दिनों के भीतर चुनाव कराने के फ़ैसले के बावजूद स्टूडेंट्स ने प्रदर्शन ख़त्म करने से इनकार कर दिया है.
स्टूडेंट्स छात्र संघ चुनाव की तरीख तय करने की मांग कर रहे हैं. साथ ही यूनिवर्सिटी के चीफ़ प्रॉक्टर और सिक्योरिटी एडवाइज़र का इस्तीफ़ा भी चाहते हैं.