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जी-7 की बैठक के लिए इटली में एकजुट हुए दुनिया के नेता, मोदी भी हुए रवाना

जी-7 देशों के राष्ट्राध्यक्षों की बैठक में रूस-यूक्रेन युद्ध, ग़ज़ा-इसराइल युद्ध, जलवायु परिवर्तन, प्रवासी मुद्दे, तकनीक और अन्य मुद्दों पर चर्चा होनी है.

सारांश

  • नीट-यूजी में ग्रेस मार्क्स दिए गए 1,563 छात्रों के लिए दोबारा होगी परीक्षा. एनटीए ने नोटिफ़िकेशन जारी कर बताया 23 जून को होंगे एग्ज़ाम.
  • पीएम नरेंद्र मोदी जी7 शिखर सम्मेलन में शामिल होने इटली रवाना हुए. तीसरी बार पीएम पद की शपथ लेने के बाद मोदी का यह पहला विदेश दौरा है.
  • अजीत डोभाल को एक बार फिर राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार नियुक्त कर दिया गया है.
  • चीन और पाकिस्तान के संयुक्त बयान में जम्मू और कश्मीर पर की गई टिप्पणी पर भारत के विदेश मंत्रालय ने तीखी प्रतिक्रिया दी है.
  • पेमा खांडू ने लगातार तीसरी बार अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है. चोओना मीन ने उप मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली.

लाइव कवरेज

दीपक मंडल

  1. दिन भरः सीजेपी प्रोटेस्ट, दिल्ली पुलिस और सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई Live

  2. वाराणसी के सारनाथ में एक घर में भीषण विस्फोट, मलबे से तीन लोगों को बचाया गया, प्रेरणा, बीबीसी संवाददाता, लखनऊ

    उत्तर प्रदेश के वाराणसी में भीषण विस्फोट के बाद एक मकान का पूरा हिस्सा ढह गया.

    गुरुवार शाम पांच बजे के क़रीब सारनाथ थाना क्षेत्र के सारंग तालाब की ये घटना है, जिसके बाद पुलिस और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं.

    राहत और बचाव कार्य के लिए एनडीआरएफ़ और एसडीआरएफ़ की टीमों को भी लगाया गया है.

    अब तक दो लोगों को मलबे से बाहर निकाले जाने की जानकारी मिली है. बचाव दल मलबा हटाकर अंदर फंसे लोगों की तलाश कर रहे हैं.

    वाराणसी के डीसीपी वरुणा ज़ोन, राजेश पांडेय ने बताया कि शाम करीब पांच बजे पुलिस को मकान गिरने की सूचना मिली थी.

    उन्होंने कहा कि शुरुआती जानकारी में स्थानीय स्तर पर पटाखे बनाने की बात सामने आ रही है. हालांकि, विस्फोट किस वजह से हुआ, यह अभी स्पष्ट नहीं है और इसकी जांच की जा रही है.

    डीसीपी के मुताबिक़, जब पुलिस की टीम मौके पर पहुंची, तब तक किसी के मलबे में दबे होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई थी.

    हालांकि, स्थानीय लोगों ने एक महिला के दबे होने की आशंका जताई थी. इसके बाद बचाव दलों ने मलबा हटाने का काम शुरू किया और अब तक तीन लोगों को मलबे से निकाला जा चुका है.

    तीनों को अस्पताल रेफ़र कर दिया गया है. इसमें महिला और बच्चा शामिल है.

  3. सुप्रीम कोर्ट में बिना शर्त माफ़ी मांगने की ख़बरों पर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने दी सफ़ाई

    केंद्रीय गृह मंत्रालय ने मीडिया की उन रिपोर्ट्स पर सफ़ाई दी है, जिनमें कहा गया था कि गृह सचिव ने अवमानना नोटिस के जवाब में सुप्रीम कोर्ट से बिना शर्त माफ़ी मांगी है.

    मंत्रालय ने एक बयान जारी कर कहा, अवमानना के मामलों में जवाब दाखिल करते समय हलफ़नामे के पहले पैराग्राफ़ में बिना शर्त माफ़ी का उल्लेख करना एक निर्धारित प्रक्रिया है.

    बयान के अनुसार, "गृह सचिव, पुलिस आयुक्त और दूसरे संबंधित अधिकारियों की ओर से दाख़िल हलफनामों के पहले पैराग्राफ़ में इसी प्रक्रिया का पालन किया गया है. इसके बाद हलफ़नामों में विस्तार से तथ्य पेश किए गए हैं."

    "हलफ़नामों में यह स्पष्ट किया गया है कि सरकार और पुलिस ने क़ानून के मुताबिक़ कार्रवाई की है और उनके ख़िलाफ़ अदालत की अवमानना का मामला नहीं बनता."

    यह मामला कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के विरोध प्रदर्शनों के दौरान मध्य दिल्ली में इंटरनेट बंद किए जाने से जुड़ा है.

    इस मामले की सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई को लेकर अधिवक्ता नरेंद्र कुमार गोस्वामी ने कहा कि अदालत परिसर पहुंचने पर उन्हें समाचार चैनलों और अखबारों से पता चला कि सरकार पहले ही हलफ़नामा दाख़िल कर बिना शर्त माफ़ी मांग चुकी है और कोर्ट से कुछ निर्देश देने की मांग की है.

    उन्होंने बताया कि सुनवाई के दौरान आइटम नंबर 22 पर सुनवाई शुरू होने पर अदालत में काफ़ी हलचल हुई. इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने आइटम नंबर 23 और उससे जुड़े मामलों में नोटिस जारी किए.

  4. सीजेपी की प्रेस कॉन्फ्रेंस में हंगामा, नेहा बोरा का भाषण रुका, दीपके बोले- 'मोदी तानाशाह बन चुके हैं'

  5. अखबार डिलीवरी का ऐसा तरीका कि वायरल हो गया ये शख़्स

  6. यहां की महिलाओं ने हाथों में तलवार लेकर किया डांस

  7. 'महिला पुलिसकर्मियों ने मेरे कपड़े खींचे'

  8. प्रशांत भूषण ने कहा- 'हां हम चाहते हैं सत्ता परिवर्तन हो'

    गुरुवार को दिल्ली के प्रेस क्लब में हुए कॉकरोच जनता पार्टी की प्रेस कॉन्फ़्रेंस में सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने कहा, "यह सत्ता परिवर्तन की लड़ाई है और हम इसे अंजाम तक पहुंचाएंगे."

    उन्होंने कहा, "यह सत्ता परिवर्तन की लड़ाई है. हम ऐसे तानाशाही शासन को स्वीकार नहीं करेंगे, जो हमारी चुनावी व्यवस्था को कुचल रहा है."

    प्रशांत भूषण ने नेहा बोरा, अभिजीत दीपके और प्रकाश राज के साथ प्रेस कॉन्फ़्रेंस में हिस्सा लिया था.

    चुनाव आयोग की कामकाज को लेकर शुरू हुए विरोध प्रदर्शनों पर सरकार के रवैये को लेकर प्रशांत भूषण ने कहा, "अब सरकार कह रही है कि यह तो विपक्ष का रिजीम चेंज (सत्ता परिवर्तन) का ऑपरेशन है."

    उन्होंने कहा अभी तो हम चुनावी लोकतंत्र ठीक करने की गुहार लगा रहे थे लेकिन सरकार की इस तरह की बर्बरता चलेगी तो ज़रूर रिजीम चेंज होगा.

    रिजीम चेंज के आरोपों पर उन्होंने कहा, "हां हम चाहते हैं रिजीम चेंज हो, हम सब चाहते हैं रिजीम चेंज हो. क्या इसमें ग़लती है? बीजेपी रिजीम चेंज के लिए बार-बार आंदोलन करे और कहते हैं कि ये लोग रिजीम चेंज की साज़िश कर रहे हैं."

    उन्होंने कहा, "रिजीम चेंज कराना हर नागरिक का लोकतांत्रिक अधिकार है. हमारे संविधान में सरकार के ख़िलाफ़ विरोध पैदा करना कोई अपराध नहीं है. और इसलिए अब ये सचमुच रिजीम चेंज की लड़ाई है. इस तरह की तानाशाह की सरकार इस देश में नहीं चल सकती जोकि हमारे देश में सारे लोकतांत्रिक अधिकारों को कुचल रही हो और जो हमारे चुनावी लोकतंत्र को कुचल रही हो."

  9. गुजरात: दिवाली से पहले लाखों मज़दूर सूरत क्यों छोड़ रहे हैं?

  10. राहुल गांधी की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग को नोटिस, और क्या कहा

  11. एक ऐसा किसान जो दोनों हाथ गंवाने के बावजूद ट्रैक्टर चलाकर करता है खेती

  12. कार्टून: दुस्साहस तो देखो

  13. जिन तीन साइट्स को सरकार ने प्रोटेस्ट के लिए निर्धारित किया है, वहां के लोग क्या बोले?

  14. सीजेपी के प्रदर्शन के एलान के बाद दिल्ली पुलिस ने अपनी तैयारियों पर क्या बताया

    दिल्ली पुलिस ने गुरुवार को दिल्ली हाई कोर्ट में कहा कि वह 16 अक्तूबर को कनॉट प्लेस में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शन को नियंत्रित करने के लिए 'हर संभव कदम' उठाएगी.

    बार एंड बेंच के अनुसार, दिल्ली हाई कोर्ट के एक्टिंग चीफ़ जस्टिस नितिन वासुदेव सांबरे और जस्टिस संजय शर्मा की पीठ के सामने अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल चेतन शर्मा ने पुलिस की ओर से ये बात कही.

    कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि याचिकाकर्ता की आशंकाओं पर ध्यान दिया जाएगा. संबंधित पक्षों ने सीजेपी और उसके फ़ाउंडर अभिजीत दीपके की गतिविधियों को नियंत्रित करने के लिए पहले ही पर्याप्त कदम उठाए हैं. ज़रूरत पड़ने पर क़ानून के मुताबिक़ सभी संभव कदम उठाए जाएंगे.

    चेतन शर्मा ने कोर्ट से यह स्पष्ट करने को कहा कि क्या आदेश में दीपके के साथ उनके सहयोगी भी शामिल होंगे. उन्होंने कहा कि ऐसा न होने पर दीपके पर रोक लगने के बावजूद उनके सहयोगी गतिविधियां जारी रख सकते हैं.

    कोर्ट ने स्पष्ट किया कि आदेश में सीजेपी के पदाधिकारी और अन्य सभी लोग शामिल होंगे.

    अनिल कुमार गुप्ता ने सीजेपी के विरोध प्रदर्शन को लेकर हाई कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की थी.

    अभिजीत दीपके ने नागरिकों से 16 अक्तूबर को शाम 5 बजे कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में तिरंगे के साथ जुटने की अपील की है.

    यह प्रदर्शन पार्टी नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका को हिरासत में लिए जाने के विरोध में बुलाया गया है.

  15. अंकिता भंडारी मर्डर केस: पिता ने कहा- 'इंसाफ़ नहीं मिला तो पूरा उत्तराखंड सड़कों पर होगा'

  16. चीफ़ जस्टिस ने क्यों कहा, 'कोई भी न्यायपालिका को डरा-धमका नहीं सकता'

    सुप्रीम कोर्ट ने 12 अक्तूबर को कोर्ट परिसर में मार्च निकालने और रजिस्ट्री में जाने के मामले में कांग्रेस, राहुल गांधी और इंडिया गठबंधन के अन्य नेताओं को नोटिस जारी किया है.

    बार एंड बेंच के अनुसार, गुरुवार को कोर्ट ने कोर्ट परिसर में राजनीतिक प्रदर्शनों पर रोक लगाने की मांग वाली याचिका पर जवाब मांगा है.

    सीजेआई जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की पीठ ने चार वकीलों की याचिका पर यह आदेश दिया.

    याचिकाकर्ताओं ने सीजेआई सूर्यकांत के ख़िलाफ़ कांग्रेस की केरल इकाई की सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर अवमानना की कार्रवाई की मांग भी की है.

    सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश वरिष्ठ वकील गौरव भाटिया ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट परिसर में इस तरह के प्रदर्शन नहीं होने चाहिए.

    इस पर सीजेआई सूर्यकांत ने कहा, "कोई भी न्यायपालिका को डरा-धमका नहीं सकता."

    हालांकि, कोर्ट ने फ़िलहाल अवमानना की कार्रवाई की मांग पर नोटिस जारी नहीं किया.

    पीठ ने कहा कि अभी अन्य मांगों पर जवाब मांगा जा रहा है और जवाब मिलने के बाद आगे विचार किया जाएगा.

  17. वो वादा, जिसकी वजह से ईरान से आए पारसी भी गुजराती बोलने लगे

  18. दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी की प्रेस कॉन्फ़्रेंस में हंगामा

    16 अक्तूबर शुक्रवार को दिल्ली में प्रदर्शन के आह्वान से एक दिन पहले कॉकरोच जनता पार्टी ने गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस आयोजित की.

    इस प्रेस कॉन्फ़्रेंस में सीजेपी के फ़ाउंडर अभिजीत दीपके, आइसा की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा, अभिनेता प्रकाश राज और सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण और वामपंथी छात्र संगठनों के नेताओं समेत कई लोग मौजूद थे.

    दिल्ली के प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस कॉन्फ़्रेंस में जैसे ही नेहा बोरा ने बोलना शुरू हुआ वहां हंगामे की स्थिति पैदा हो गई और कुछ देर के लिए प्रेस कॉन्फ़्रेंस बाधित रहा.

    इससे पहले नेहा बोरा ने कहा कि वोट का अधिकार एक बुनियादी अधिकार है और जब आशुतोष रांका और सौरव दास को जेल भेजा जाता है और लोगों को सड़कों पर घसीटा जाता है तो यह उन 13 करोड़ लोगों के साथ किया जाता है जिन्हें मतदाता सूची से हटा दिया गया.

    लेकिन तभी एक पत्रकार ने सवाल पूछना शुरू कर दिया, जिस पर नेहा बोरा ने कहा कि प्रेस कॉन्फ़्रेंस का नियम है कि अंत में सवाल जवाब होता है.

    हालांकि शोर बढ़ने के बाद सभी लोग उठकर खड़े हो गए.

    अभिजीत दीपके को बीच में उठकर लोगों को शांत कराना पड़ा. इसके तुरंत बाद उन्होंने प्रेस को संबोधित करना शुरू किया और सरकार पर 'तानाशाही' अपनाने का आरोप लगाया.

  19. अभिजीत दीपके ने पूछा- 'नरेंद्र मोदी के लिए ज्ञानेश कुमार तिरंगे से ज़्यादा अहम क्यों हो गए हैं'

    कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के फ़ाउंडर अभिजीत दीपके ने गुरुवार को केंद्र की मोदी सरकार पर तीख़ा हमला बोलते हुए सरकार को 'तानाशाह' बताया है.

    उन्होंने कहा, "नरेंद्र मोदी एक तानाशाह बन चुके हैं लेकिन उनमें इमरजेंसी लगाने की हिम्मत नहीं है."

    बीते कुछ दिनों में सीजेपी कार्यकर्ताओं, वामपंथी छात्र संगठनों, पत्रकारों और सिविल सोसायटी के लोगों पर पुलिस की कार्रवाई और हिरासत में लिए जाने पर सवाल खड़ा किया.

    उन्होंने कहा, "अगर ऐसे ही लोगों को डिटेन करना है तो इमरजेंसी डिक्लेयर करिए. कबतक लोगों को बेवकूफ़ बनाते रहेंगे."

    दो दिन पहले ही सीजेपी के सह संयोजक आशुतोष रांका और सौरव दास को जंतर मंतर पर तिरंगा झंडा लेकर पहुंचने पर गिरफ़्तार किया गया और उन्हें पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया.

    इसके हवाला देते हुए दीपके ने कहा, "तिरंगा लहराना कब से अपराध हो गया. अंग्रेज़ों के जमाने में ऐसा होता है, आज मोदी और शाह की पुलिस भी यही कर रही है. आज ये दिन आ गए कि हमारे देश में ही तिरंगा नहीं लहराने दिया जा रहा."

    उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा, "नरेंद्र मोदी के लिए ज्ञानेश कुमार तिरंगे से ज़्यादा क्यों अहम हो गए हैं."

    उन्होंने आरोप लगाया कि आज केंद्र में जो सरकार बैठी है उनके जुड़े लोगों की स्वतंत्रता संघर्ष में कोई भागीदारी नहीं थी.

    "इन्होंने अपनी शाखा पर तिरंगा लहराया ही नहीं. जब आशुतोष और सौरव ने तिरंगा लहराया तो आपको दिक्कत होनी ही थी."

    अभिजीत दीपके ने कहा, "यह देश गांधी के विचार और बाबा साहब के संविधान पर चलेगा."

    दीपके ने 16 अक्तूबर शुक्रवार को दिल्ली के कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में लोगों से इकट्ठा होने का आह्वान किया है. यह आह्वान जंतर-मंतर को धरना प्रदर्शन स्थल से हटाए जाने और सीजेपी नेताओं को गिरफ़्तार किए जाने के ख़िलाफ़ किया है.

    सीजेपी ने पिछले महीने के अंत में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े की मांग रखी थी और 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया था, जिसके बाद धरना प्रदर्शन की शुरुआत हुई.

  20. जंतर-मंतर पर पुलिस की सख़्ती पर सरकार की चुप्पी क्यों?