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जी-7 की बैठक के लिए इटली में एकजुट हुए दुनिया के नेता, मोदी भी हुए रवाना

जी-7 देशों के राष्ट्राध्यक्षों की बैठक में रूस-यूक्रेन युद्ध, ग़ज़ा-इसराइल युद्ध, जलवायु परिवर्तन, प्रवासी मुद्दे, तकनीक और अन्य मुद्दों पर चर्चा होनी है.

सारांश

  • नीट-यूजी में ग्रेस मार्क्स दिए गए 1,563 छात्रों के लिए दोबारा होगी परीक्षा. एनटीए ने नोटिफ़िकेशन जारी कर बताया 23 जून को होंगे एग्ज़ाम.
  • पीएम नरेंद्र मोदी जी7 शिखर सम्मेलन में शामिल होने इटली रवाना हुए. तीसरी बार पीएम पद की शपथ लेने के बाद मोदी का यह पहला विदेश दौरा है.
  • अजीत डोभाल को एक बार फिर राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार नियुक्त कर दिया गया है.
  • चीन और पाकिस्तान के संयुक्त बयान में जम्मू और कश्मीर पर की गई टिप्पणी पर भारत के विदेश मंत्रालय ने तीखी प्रतिक्रिया दी है.
  • पेमा खांडू ने लगातार तीसरी बार अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है. चोओना मीन ने उप मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली.

लाइव कवरेज

दीपक मंडल

  1. एसीपी पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने वाली महिला पत्रकार की गिरफ़्तारी पर रोक

    गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली पुलिस अधिकारी के ख़िलाफ़ यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने वाली महिला पत्रकार को गिरफ़्तारी से राहत दी है.

    दरअसल, एसीपी ने उस महिला पत्रकार के ख़िलाफ़ एससी/एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कराया था.

    लाइव लॉ के अनुसार, भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की पीठ ने विरोध प्रदर्शनों को कवर करने वाली महिला पत्रकारों के ख़िलाफ़ यौन हिंसा के आरोपों की जांच की मांग करने वाले पत्रकार संगठनों की याचिकाओं पर यह आदेश दिया.

    कोर्ट ने कहा कि महिला पत्रकार के ख़िलाफ़ कोई 'दंडात्मक कार्रवाई' नहीं की जाएगी.

    महिला पत्रकार पर दायर एफ़आईआर में कहा गया है कि उन्होंने विरोध प्रदर्शन के दौरान अपनी ड्यूटी निभा रहे एसीपी भगत को अपने सहकर्मियों के साथ मिलकर सार्वजनिक रूप से अपमानित किया और जातिसूचक गालियां दीं.

    एफ़आईआर में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 221 (लोक सेवक के काम में बाधा डालना), धारा 356(2) (मानहानि) और धारा 3(5) (सामूहिक दायित्व) के साथ एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम के प्रावधान भी शामिल हैं.

    सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता इंदिरा जयसिंह ने विरोध प्रदर्शनों को कवर करने वाली महिला पत्रकारों के ख़िलाफ़ यौन हिंसा के आरोपों की जांच के लिए एक अलग समिति गठित करने की मांग की.

    उन्होंने कहा कि इस समिति में एक सेवानिवृत्त महिला न्यायाधीश और एक सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी को शामिल किया जाए.

    तीन अक्तूबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस के एसीपी पर महिला पत्रकार पर यौन हमले का आरोप लगा था.

    इसके बाद से अधिकारी के ख़िलाफ़ एफ़आईआर की मांग को लेकर थाने के बाहर धरना प्रदर्शन हुआ.

  2. अभी तक बीबीसी संवाददाता रौनक भैड़ा आप तक ख़बरें पहुंचा रहे थे. अब बीबीसी संवाददाता संदीप राय रात दस बजे तक आप तक ख़बरें पहुंचाएंगे.

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  3. राहुल गांधी की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने निर्वाचन आयोग और ज्ञानेश कुमार को जारी किया नोटिस

    सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को निर्वाचन आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को नोटिस जारी किया.

    एसआईआर के दौरान बड़े पैमाने पर वोटर्स के नाम हटाए जाने और कथित अनियमितताओं को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए अदालत ने नोटिस जारी किया है.

    बार एंड बेंच के अनुसार, ये याचिकाएं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी समेत विपक्ष के अन्य नेताओं ने दाख़िल की हैं.

    भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ ने निर्वाचन आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त से जवाब मांगा.

    साथ ही, अदालत ने इन याचिकाओं को विभिन्न राज्यों में एसआईआर की वैधता को चुनौती देने वाली पहले से लंबित याचिकाओं के साथ संबद्ध कर दिया.

    सुनवाई के दौरान पीठ ने कहा कि याचिकाओं पर नोटिस जारी किया जा रहा है और इन्हें पहले से लंबित मामलों के साथ जोड़ा जाएगा.

    अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि निर्वाचन आयोग की ओर से कोई नोटिस स्वीकार करे, अन्यथा आयोग को नोटिस की तामील कराई जाए.

    सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने एक याचिकाकर्ता के आचरण पर भी सवाल उठाया. हालांकि, पीठ ने यह स्पष्ट नहीं किया कि वह किस याचिकाकर्ता की बात कर रही है.

    अदालत ने कहा, "अगली सुनवाई पर संबंधित याचिकाकर्ता से उसके आचरण के बारे में स्पष्टीकरण मांगा जाएगा."

    पीठ ने स्पष्ट किया कि नोटिस जारी करने का अर्थ यह नहीं है कि अदालत किसी निष्कर्ष पर पहुंच गई है या किसी की निंदा कर रही है.

    पीठ ने कहा कि संबंधित याचिकाकर्ता के मामले में नोटिस को फ़िलहाल अस्थायी आधार पर स्वीकार किया जाएगा और यह उसके आचरण के स्पष्टीकरण पर निर्भर करेगा.

    इस मामले में याचिका दायर करने वाले अन्य नेताओं में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, तृणमूल कांग्रेस के नेता सौगत रॉय, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव, राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी प्रसाद यादव और शिवसेना (यूबीटी) के नेता संजय राउत शामिल हैं.

  4. धर्म परिवर्तन के बाद पुराने सामाजिक दर्जे पर आरक्षण नहीं: सुप्रीम कोर्ट

    सुप्रीम कोर्ट ने आज मद्रास हाईकोर्ट के उस फ़ैसले को बरकरार रखा, जिसमें कहा गया था कि इस्लाम धर्म अपनाने वाला व्यक्ति धर्म परिवर्तन से पहले की सामाजिक स्थिति के आधार पर पिछड़ा वर्ग आरक्षण का लाभ पाने का हक़दार नहीं है.

    बार एंड बेंच के अनुसार, अदालत ने गुरुवार को कहा कि हिंदू धर्म छोड़कर किसी गैर-हिंदू धर्म को अपनाने वाला व्यक्ति अपने पहले धर्म में सामाजिक पिछड़ेपन के आधार पर आरक्षण का लाभ पाने का दावा नहीं कर सकता.

    जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा और जस्टिस श्री चंद्रशेखर की पीठ ने स्पष्ट किया कि धर्म परिवर्तन के बाद व्यक्ति को उसके पहले के धर्म में प्राप्त सामाजिक पिछड़ेपन के आधार पर किसी अन्य धर्म के अधिसूचित पिछड़े वर्ग में शामिल नहीं किया जा सकता.

    पीठ ने कहा, "संविधान के अनुच्छेद 16(4) के तहत आरक्षण का लाभ पाने के लिए संबंधित पिछड़े वर्ग की सदस्यता आवश्यक है. केवल धर्म परिवर्तन से पहले की सामाजिक स्थिति के आधार पर किसी व्यक्ति को नए धर्म में पिछड़े वर्ग का सदस्य नहीं माना जा सकता."

    सुप्रीम कोर्ट ने संविधान (अनुसूचित जाति) आदेश, 1950 का उल्लेख करते हुए कहा, "इसके पैराग्राफ 3 के तहत हिंदू, सिख या बौद्ध धर्म के अलावा किसी अन्य धर्म को मानने वाले व्यक्ति को अनुसूचित जाति का सदस्य नहीं माना जा सकता."

    पीठ ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि कोई व्यक्ति धर्म परिवर्तन के बाद दोबारा हिंदू धर्म अपना लेता है, तो उसे अपने पुराने पिछड़े वर्ग के दर्जे और आरक्षण के लाभ स्वतः नहीं मिल जाएंगे.

  5. अंकिता भंडारी केस फिर चर्चा में क्यों? जानिए 8 बड़े सवाल और उनके जवाब

  6. हिरासत से रिहा होने के बाद अंकिता भंडारी के माता-पिता क्या बोले?

  7. पाकिस्तान: पेशावर में स्कूल की छत गिरने से 18 बच्चों की मौत

    पाकिस्तान के पेशावर में एक निजी स्कूल की छत गिरने से 18 बच्चों और एक महिला टीचर समेत 19 लोगों की मौत हो गई, जबकि 40 अन्य बच्चे घायल हो गए.

    बीबीसी उर्दू के मुताबिक़, हादसा पेशावर के दिर कॉलोनी इलाके में हुआ.

    लेडी रीडिंग हॉस्पिटल (एलआरएच) के प्रवक्ता मोहम्मद आसिम के मुताबिक़, हादसे के बाद 18 बच्चों को मृत अवस्था में अस्पताल लाया गया. वहीं, एक महिला शिक्षिका का शव भी अस्पताल पहुंचाया गया है.

    प्रवक्ता ने बताया कि हादसे में घायल 40 बच्चों को इलाज के लिए एलआरएच में भर्ती कराया गया है. इनमें से कुछ बच्चों की हालत गंभीर बताई जा रही है.

    अस्पताल प्रशासन ट्रॉमा सेंटर में मौजूद है और घायलों को तत्काल चिकित्सा सहायता मुहैया कराई जा रही है.

  8. 30 की उम्र में अपनाएं ये आदतें, 70 तक रहेंगे हेल्दी

  9. अभिनेता इमरान ख़ान को मिला भारत छोड़ने का नोटिस, ज्ञानेश कुमार के ख़िलाफ़ प्रदर्शन में हुए थे शामिल, बीबीसी मराठी

    अभिनेता आमिर ख़ान के भांजे और एक्टर इमरान ख़ान को फ़ॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस ने नोटिस जारी कर 28 अक्तूबर तक भारत छोड़ने का निर्देश दिया है.

    इमरान ख़ान पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन में शामिल होकर फॉरेनर्स एक्ट का उल्लंघन करने का आरोप है.

    यह मामला 10 अक्तूबर को सामने आया था, जब इमरान ख़ान अगस्त क्रांति मैदान में विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए थे. इस दौरान उन्हें हिरासत में लिया गया था.

    इसके बाद बीजेपी नेता किरीट सोमैया ने आरोप लगाया कि इमरान ख़ान अमेरिकी नागरिक हैं और उन्होंने फ़ॉरेनर्स एक्ट का उल्लंघन किया है. सोमैया ने इस संबंध में शिकायत भी दर्ज कराई थी.

    पुलिस ने बताया, "गामदेवी पुलिस स्टेशन में एक शिकायत दर्ज कराई गई, जिसमें आरोप लगाया गया कि ख़ान ने फ़ॉरेनर्स एक्ट का उल्लंघन किया है. इसके बाद इस शिकायत को फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस के पास भेज दिया गया."

    एक पुलिस अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि नोटिस में उन्हें अमेरिकी नागरिक बताते हुए इमिग्रेशन एंड फ़ॉरेनर्स एक्ट की धारा 7 और 29 के उल्लंघन का आरोप लगाया गया है. इसी आधार पर उन्हें निर्धारित समयसीमा के भीतर देश छोड़ने का निर्देश दिया गया है.

  10. अंकिता भंडारी के माता-पिता को हिरासत में लेने पर बोले राहुल गांधी- न्याय की लड़ाई न दबेगी, न रुकेगी

    लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अंकिता भंडारी के माता-पिता को हिरासत में लिए जाने की घटना की निंदा की है.

    उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार पीड़ितों की आवाज़ दबाती है और सवाल करने वालों को हटा देती है.

    राहुल गांधी ने एक्स पर लिखा, "सुबह के 4 बजे. जब दुनिया सो रही थी, तब अंकिता भंडारी के माता-पिता को हिरासत में ले लिया गया. उनका गुनाह? वे इंडिया गेट पर चुपचाप बैठे थे - बोझिल कंधों के साथ, बिना किसी हंगामे के और सिर्फ़ इतना मांग रहे थे कि सीबीआई जांच पूरी होने तक दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल न बनाया जाए."

    "कल मैं और प्रियंका इन माता-पिता से मिले थे. जिस जांच का नतीजा आया नहीं, उसके पहले ही नियुक्ति की जल्दी और सवाल पूछने वाले मां-बाप को रात के अंधेरे में उठा लिया गया. इस सरकार की पहचान यही है: पीड़ितों की आवाज़ दबा दो, सवाल करने वालों को हटा दो."

    राहुल गांधी ने लिखा, "न्याय की लड़ाई न दबेगी, न रुकेगी. कांग्रेस अंकिता भंडारी के परिवार के साथ खड़ी है, और खड़ी रहेगी - जब तक उन्हें न्याय नहीं मिलता."

    गौरतलब है कि रातभर चले प्रदर्शन के बाद दिल्ली पुलिस ने अंकिता भंडारी के माता-पिता समेत कई लोगों को इंडिया गेट पर हिरासत में ले लिया था.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ कुछ देर हिरासत में रखे जाने के बाद उन्हें सुबह पांच बजे छोड़ दिया गया.

  11. अमेरिका: हिंदू मंदिर पर गोलीबारी की आशंका में युवक गिरफ़्तार, भारत ने क्या कहा

    अमेरिका के इलिनॉय राज्य के पैलेटाइन में मास शूटिंग की धमकी के मामले में पुलिस ने 19 वर्षीय युवक को गिरफ़्तार किया है. जांच के दौरान आशंका जताई गई कि इस हमले का संभावित निशाना एक हिंदू मंदिर हो सकता था.

    इस मामले में गुरुवार को शिकागो स्थित भारतीय कंसुलेट जनरल ने भी बयान जारी किया है.

    इंडियन कंसुलेट जनरल ने आधिकारिक बयान में कहा, "कंसुलेट को इलिनॉय के ऑरोरा में एक धार्मिक स्थल को निशाना बनाने की नाकाम कोशिश से जुड़ी खबरों की जानकारी है."

    "हम समय रहते कार्रवाई करने के लिए कानूनी एजेंसियों की सराहना करते हैं. हम भारतीय समुदाय के लोगों के संपर्क में हैं और पूरे मामले पर क़रीब से नज़र रख रहे हैं."

    बीबीसी के अमेरिकी पार्टनर सीबीएस न्यूज़ की रिपोर्ट में बताया गया, "माउंट प्रॉस्पेक्ट पुलिस को एक व्यक्ति से संदिग्ध मैसेज मिलने के बाद संभावित मास शूटिंग की सूचना मिली थी."

    इसके बाद अभियुक्त को उसके घर के बाहर से गिरफ़्तार कर लिया. पुलिस ने अभियुक्त के घर की तलाशी के दौरान एक राइफल, राइफल के कई भरे हुए मैगज़ीन, और सैकड़ों कारतूस बरामद किए.

  12. इमरान ख़ान के गढ़ को सेना ने घेरा, पाकिस्तान क्या इस मामले में 'आग से खेल रहा है'?

  13. अंकिता भंडारी के माता-पिता को इंडिया गेट से हटाने पर कॉकरोच जनता पार्टी ने क्या कहा

    अंकिता भंडारी के माता-पिता समेत कई लोगों को गुरुवार अलसुबह इंडिया गेट पर हिरासत में लिया था, जिन्हें कुछ देर बाद छोड़ दिया गया. इस मामले पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के फ़ाउंडर अभिजीत दीपके ने प्रतिक्रिया दी है.

    अभिजीत दीपके ने कहा है कि अंकिता भंडारी के माता-पिता इस तरह के अमानवीय बर्ताव के हक़दार नहीं हैं.

    अंकिता भंडारी के माता-पिता को इंडिया गेट से हटाने के बाद दीपके ने एक्स पर लिखा, "यह हम सभी के लिए शर्म की बात होनी चाहिए! अंकिता भंडारी के माता-पिता इस तरह के अमानवीय बर्ताव के हक़दार नहीं हैं."

    उन्होंने लिखा, "सरकार अपने ही नागरिकों के साथ इतनी क्रूरता क्यों कर रही है?"

    इस मामले पर कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि अंकिता के माता-पिता को न्याय देने के बजाय जो मुख्य अभियुक्त है उसको राज्यपाल बना रहे हैं और उसके बाद मां-बाप के साथ बेरहमी कर रहे हैं.

  14. 'ट्रंप जो अमेरिका में कर रहे, भारत में वही कोशिश हो रही', एसआईआर पर बोलीं अमेरिकी सांसद

    भारतीय मूल की अमेरिकी सांसद प्रमिला जयपाल ने स्पेशल इंटेंसिव रिवीज़न (एसआईआर) प्रक्रिया से वोटर लिस्ट से क़रीब 13 करोड़ लोगों के नाम काटे जाने पर चिंता व्यक्त की है.

    डेमोक्रेटिक सांसद प्रमिला जयपाल ने भारत में बड़े पैमाने पर वोट काटने के कदमों को लोकतंत्र-विरोधी प्रयास बताया है.

    प्रमिला जयपाल ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, "मैं भारत सरकार की ओर से 13 करोड़ लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाने की कार्रवाई को लेकर बहुत चिंतित हूं. यह उसी तरीके जैसा लगता है, जिसे ट्रंप प्रशासन यहां अमेरिका में लोगों के मतदान के अधिकार को कमज़ोर करने के लिए अपना रहा है."

    उन्होंने लिखा, "हर जगह लोकतंत्र की रक्षा करना बहुत ज़रूरी काम है. भारत के लोगों को भी, अमेरिका के लोगों की तरह, स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव का अधिकार है. ऐसे समय में बिना हिंसा वाले विरोध प्रदर्शन करना बहुत ज़रूरी है."

    प्रमिला जयपाल ने आगे लिखा, "मैं भारत के उन लोगों के साथ खड़ी हूं, जो लोकतंत्र के ख़िलाफ़ उठाए जा रहे कदमों का विरोध करने के लिए शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे हैं."

    गौरतलब है कि दिल्ली समेत देश के कुछ हिस्सों में एसआईआर के विरोध और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े की मांग को लेकर प्रदर्शन हो रहे हैं.

  15. इंडिया ब्लॉक मोदी सरकार पर प्रेशर बनाए रखने में कितना सफल होगा?

  16. वेस्टइंडीज ने भारत को 24 रन से हराया, कप्तान श्रेयस अय्यर ने बताई हार की वजह

    वेस्टइंडीज ने चौथे टी-20 मुक़ाबले में भारत को 24 रन से हरा दिया. इस जीत के साथ ही 5 मैचों की टी-20 सिरीज़ 2-2 से बराबर हो गई है. सिरीज़ का पांचवां और आख़िरी मुकाबला 17 अक्तूबर को बेंगलुरु में खेला जाएगा.

    भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने हार के बाद गेंदबाज़ों के प्रदर्शन पर निराशा जताई. उन्होंने स्वीकार किया कि टीम गेंदबाज़ी में अपनी रणनीति को सही तरीके से लागू नहीं कर सकी और सही लाइन-लेंथ पर गेंदबाज़ी करने में नाकाम रही.

    दरअसल, टॉस हारकर पहले बल्लेबाज़ी करने उतरी वेस्टइंडीज की टीम ने 20 ओवर में 3 विकेट के नुक़सान पर 247 रन बनाए. कप्तान शाई होप ने शानदार बल्लेबाज़ी करते हुए 50 गेंदों पर नाबाद 102 रन की पारी खेली.

    248 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम 19.3 ओवर में 223 रन पर ऑलआउट हो गई. भारत की ओर से संजू सैमसन ने सबसे तेज़ बल्लेबाज़ी करते हुए 23 गेंदों पर 56 रन बनाए. वहीं, तिलक वर्मा ने 43 और नीतिश रेड्डी ने 41 रन का योगदान दिया.

    श्रेयस अय्यर ने रन चेज़ के दौरान टीम के बल्लेबाज़ों के की सराहना की, लेकिन कहा कि गेंदबाज़ी की योजनाओं के विफल रहने से मैच का रुख़ बदल गया.

    भारतीय कप्तान ने वेस्टइंडीज के गेंदबाज़ों की तारीफ़ करते हुए कहा, "उन्होंने फ़ील्डिंग का समझदारी से इस्तेमाल किया और अपनी योजनाओं को बेहतरीन तरीके से लागू दिया. मैच आगे बढ़ने के साथ पिच पर गेंद रुककर आने लगी थी और एक्स्ट्रा उछाल भी मिल रहा था. वेस्टइंडीज के गेंदबाज़ों ने परिस्थितियों को अच्छी तरह समझा और ख़ासकर मध्य ओवरों में इसका फ़ायदा उठाया."

  17. जेपी नड्डा ने किस बात पर कहा- खड़गे जी, झूठ बोलना बंद कीजिए

    केंद्रीय मंत्री और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) नेता जेपी नड्डा ने कहा है कि गृह मंत्री अमित शाह ने उन 13.39 करोड़ भारतीयों को “घुसपैठिया” नहीं कहा, जिनका नाम ड्राफ्ट रोल में नहीं था.

    दरअसल, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन ख़ड़गे ने कहा था कि गृह मंत्री की ओर से एसआईआर में बाहर 13.3 करोड़ भारतीयों को 'घुसपैठिया' घोषित करना भारतीयता का अपमान है.

    दूसरी ओर, जेपी नड्डा ने यह भी दावा किया है कि 13.39 करोड़ नाम अंतिम कटौती नहीं, बल्कि ड्राफ्ट रोल में 'अनुपस्थित/पलायन/मृत/डुप्लीकेट' श्रेणी में चिह्नित हैं.

    जेपी नड्डा ने बुधवार रात को सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, "खड़गे जी, झूठ बोलना बंद कीजिए! गृह मंत्री अमित शाह जी ने कभी 13.39 करोड़ भारतीयों को “घुसपैठिया” नहीं कहा है.

    "चुनाव आयोग ने साफ़ बताया है- ये 13.39 करोड़ नाम अंतिम कटौती नहीं, बल्कि ड्राफ्ट रोल में अनुपस्थित/पलायन/मृत/डुप्लीकेट श्रेणी में चिह्नित हैं. इसमें 2.80 करोड़ मृत, 6.30 करोड़ स्थायी रूप से शिफ़्ट, 3.01 करोड़ अनुपस्थित और 1.02 करोड़ डुप्लीकेट हैं."

    उन्होंने लिखा, "भारतीय जनता पार्टी और प्रधानमंत्री की लोकप्रियता को एसआईआर का परिणाम बताकर ख़ारिज करना कांग्रेस की हताशा को दर्शाता है. एसआईआर तो 2024 के बाद शुरू हुआ, जबकि गुजरात में कांग्रेस पिछले 31 वर्षों से एक भी चुनाव नहीं जीत पाई है. त्रिपुरा में 33 वर्षों से कांग्रेस का मुख्यमंत्री नहीं बन पाया है और बंगाल में 54 वर्षों से कांग्रेस को कोई जीत हासिल नहीं हुई है."

    "जनता का विश्वास मोदी जी, भाजपा और एनडीए के साथ है. 2029 में एनडीए फिर प्रचंड बहुमत से सरकार बनाएगा और कांग्रेस को लगातार चौथी हार मिलेगी."

    जेपी नड्डा ने कहा कि जनादेश की सच्चाई को आरोपों से नहीं बदला जा सकता.

  18. दिल्ली प्रदर्शन: संयुक्त राष्ट्र की टिप्पणी पर फिर बोला भारत- यह हमारा अंदरूनी मामला

    भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने दिल्ली में हज़ारों प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने पर संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय की चिंता को 'अस्वीकार्य' बताया है.

    रणधीर जायसवाल ने बुधवार को प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि यह भारत के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप के बराबर है.

    रणधीर जायसवाल ने कहा, "हमने अपनी प्रेस विज्ञप्ति में साफ़ किया है कि संयुक्त राष्ट्र की ओर से जताई गई चिंताएं बेवजह हैं और साथ ही इन्हें स्वीकार नहीं किया जा सकता, क्योंकि यह भारत के अंदरूनी मामलों में दखल देने जैसा है."

    "ऐसा लगता है कि उनका रवैया बहुत ज़्यादा सिलेक्टिव है, क्योंकि उन्होंने दुनिया के दूसरे हिस्सों में हो रहे प्रदर्शनों या कानूनी एजेंसियों की कार्रवाई पर न तो कोई प्रतिक्रिया दी है और न ही सार्वजनिक रूप से कुछ कहा है."

    उन्होंने कहा, "अगर वे इसी रास्ते पर चलते रहे, तो जाहिर है कि इससे कई देशों के मिलकर काम करने की व्यवस्था पर लोगों का भरोसा कम होगा. साथ ही, इससे एक संगठन के तौर पर उनकी विश्वसनीयता भी कमज़ोर होती है."

    गौरतलब है कि कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शन के दौरान बड़े पैमाने पर हुई पुलिस की कार्रवाई पर संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार संगठन ने चिंता जताई थी.

    यूएन ह्यूमन राइट्स ने हिरासत में लिए गए लोगों को तत्काल और बिना शर्त रिहा किए जाने की मांग की है.

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