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गुजरात दंगे की जांच करने वाले मोदी बने एनआईए चीफ़, जानें ज़रूरी बातें
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने आईपीएस अधिकारी वाई सी मोदी को राष्ट्रीय जांच एजेंसी का नया मुखिया बनाने का फ़ैसला किया है.
असम-मेघालय काडर के पुलिस अधिकारी वाईसी मोदी अपने लंबे करियर में गुजरात दंगों जैसे अहम मामले की जांच कर चुके हैं.
जानिए, वाईसी मोदी के बारे में 5 अहम बातें-
1 - गोधरा जांच में शामिल
सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात दंगों की जांच के लिए एक विशेष जांच दल का गठन किया था.
आईपीएस वाई सी मोदी ने इस जांच दल के सदस्य के रूप में गुजरात दंगों की जांच की थी.
2 - 2021 तक एनआईए चीफ़ रहेंगे मोदी
आईपीएस वाईसी मोदी को इस पद पर साल 2021 तक के लिए नियुक्त किया गया है.
कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग ने अपने आदेश में कहा है कि मोदी इस पद उनकी सेवा-निवृत्ति तक रहेंगे जो 2021 में होगी.
3 - मोदी को बनाया गया है ओएसडी
अपॉइंटमेंट कमेटी ऑफ़ कैबिनेट ने मोदी को तत्काल प्रभाव से ऑफ़िसर ऑन स्पेशल ड्यूटी के पद पर नियुक्त कर दिया है जिससे उन्हें कार्यभार संभालने में मदद मिल सके.
वाईसी मोदी वर्तमान एनआईए चीफ़ शरद कुमार से आगामी 30 अक्टूबर को कार्यभार लेंगे.
4 - सीबीआई निदेशक पद पर तैनात हैं मोदी
आईपीएस वाईसी मोदी फ़िलहाल सीबीआई में अतिरिक्त निदेशक के पद पर तैनात हैं.
एनआईए चीफ़ बनने के बाद मोदी शरद कुमार की जगह लेंगे जिनका कार्यकाल इससे पहले भी दो बार बढ़ाया जा चुका है.
शरद कुमार अब तक सबसे ज्यादा समय तक एनआईए चीफ़ रहने वाले अधिकारी हैं जिन्होंने कश्मीर में टैरर फाइनेंसिंग से जुड़े मामले की जांच शुरू की.
5 - मोदी की टीम ने दी थी मोदी को क्लीन चिट
आईपीएस वाईसी मोदी उस विशेष जांच दल का हिस्सा थे जिसने गुलबर्ग सोसाइटी जनसंहार की जांच करते हुए तत्कालीन गुजरात मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को क्लीन चिट दी थी.
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