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आपकी दुनिया बदल रही हैं ये 101 चीज़ें
कामकाजी दुनिया बड़े बदलाव से गुज़र रही है. कुछ बड़े बदलाव साफ़-साफ़ दिखते हैं- जिनमें मशीनी अक़्ल या कहीं से भी कुछ भी काम करने की तकनीक जैसे मुद्दे शामिल हैं.
कुछ विचार अभी उभरने शुरू हुए हैं- जैसे लैंगिक संतुलन सुनिश्चित करने के लिए निगरानी सामग्री या दफ़्तरों में शुद्ध हवा के लिए डिज़ाइन में बदलाव करना.
इन सबके पीछे वे लोग हैं जो अपने विचारों और नज़रिये से हमारे कल को आकार देने की क्षमता रखते हैं.
यहां पेश हैं वे 101 चीज़ें जो हमारी कामकाजी ज़िंदगी का भविष्य संवार रहे हैं.
1. 100 साल की ज़िंदगी
सौ साल जीने की संभावना आज जितनी पहले कभी नहीं थी. समाज और व्यवसाय के लिए यह वरदान है या अभिशाप, यह इसके लिए हमारी तैयारियों पर निर्भर करेगा.
2. 5जी
बिना ड्राइवर वाली कारें, रोबोट और स्मार्ट शहर, ये सब 5जी वायरलेस नेटवर्क से चलेंगे. मोबाइल इंटरनेट कनेक्टिविटी का अगला चरण क़रीब-क़रीब यहां आ चुका है.
3. अनुकूलन क्षमता
हमेशा बदलाव के दौर से गुज़रते कामकाजी माहौल में कामयाबी के लिए बुद्धि (IQ) से ज़्यादा अनुकूलन (AQ) की अहमियत बढ़ रही है.
4. एल्गोरिद्म न्याय
मशीनें आज हमें पहले से ज़्यादा पहचानती हैं, लेकिन वे अनजाने में ही नस्ल, लिंग और कई आधार पर भेदभाव करती हैं. जॉय बुओलैम्विनी जैसे लोग इसे दुरुस्त करने की कोशिश कर रहे हैं.
5. ध्यान भटकने से बचाने वाला ऐप
इंटरनेट ध्यान भटकाने वाला मंच है. एक ऐप इसे ब्लॉक करके आपको ध्यान केंद्रित करने में मदद कर सकता है.
6. मशीनी अक़्ल
ईमेल लिखने के लिए हम मशीनी अक़्ल पर भरोसा करना शुरू कर चुके हैं. क्या वक़्त बचाने वाला यह तरीक़ा हमारे संचार के तरीक़े को भी बदल देगा?
7. नौकरी पर रखने और निकालने का स्वचालन
मशीन नौकरी के आवेदनों को छांट सकते हैं. सवाल है कि क्या इसे आपके सोशल मीडिया को देखने, चेहरे के भावों को पढ़ने और नौकरी से निकालने की भी इज़ाज़त दी जानी चाहिए?
8. बायोहैकिंग
उत्पादकता बढ़ाने के लिए उपवास, अल्प आहार, पूरक आहार जैसी कई चीज़ों पर काम हो रहा है- भले ही इनकी वैधता प्रमाणित न हो.
9. बायोमेट्रिक सीवी
शारीरिक क्षमता पर नज़र रखने वाली पहनने योग्य तकनीक तेज़ी से फैली है. क्या नौकरी देते समय या एप्रेज़ल के समय भी उनका इस्तेमाल होगा?
10. हवादार दफ़्तर
दफ़्तर की बिल्डिंग की डिज़ाइन और उसकी सजावट पर पुनर्विचार हो रहा है, क्योंकि ये हमारी सेहत और उत्पादकता दोनों सुधार सकते हैं.
11. बर्नआउट
ज़्यादा मेहनत करने और हर चीज़ में बेहतर होने की अपेक्षा पर खरे न उतरने से थकावट और चिंता की भावना पैदा होती है.
12. कार से मुक्त शहर
ओस्लो शहर का मुख्य केंद्र कार से मुक्त क्षेत्र बना दिया गया है. कुछ कार प्रेमियों और व्यवसायियों को इसकी कामयाबी में संदेह है, लेकिन इसके फ़ायदे ज़बरदस्त हैं.
13. चीन का 9-9-6
चीन में हफ्ते के 6 दिन सुबह 9 बजे से लेकर रात के 9 बजे तक काम करने की संस्कृति के ख़िलाफ मज़दूरों ने आवाज़ उठानी शुरू कर दी है.
14. सह-आवास
कुछ नौजवान परंपरागत घरों को छोड़कर एकसाथ घरों में रहना पसंद कर रहे हैं, जो उनके लिए किफ़ायती भी है. क्या शहरों में भविष्य में साझे-घर ही होंगे?
15. दंपति की ग़ैर-बराबरी
बच्चे हो जाने पर पत्नी का ज़्यादा समय घर में गुज़रता है और पति का दफ़्तर में. इसमें संतुलन लाने के लिए कई स्तरों पर प्रयास की ज़रूरत होती है.
16. क्राउडफ़ंडिंग
क्राउडफ़ंडिंग की शुरुआत किसी नये विचार का समर्थन करने और ज़रूरतमंद की मदद करने के लिए हुई थी. अब यह सोशल मीडिया पर रसूखदार लोगों के लिए अहम, मगर विवादित आमदनी का स्रोत बन गया है.
17. गहन ध्यान
संचार के साधनों से हमेशा जुड़े रहने का मतलब है कि हम गहराई से नहीं सोच पाते. जो कंपनियां अपने कर्मचारियों से अधिक से अधिक काम लेना चाहती हैं, उनके लिए यह समस्या है.
18. डीग्रोथ आंदोलन
आर्थिक विकास से खपत और जलवायु परिवर्तन को बढ़ावा मिल रहा है. डीग्रोथ का तर्क है कि हमारी अर्थव्यवस्थाओं के सिकुड़ने के फ़ायदे हो सकते हैं.
19. डिजिटल डिटॉक्सिंग
यदि आप स्मार्टफ़ोन की लत से चिंतिंत हैं तो डरने की ज़रूरत नहीं. इंटरनेट से दूर रहने में आपकी मदद के लिए पूरी इंडस्ट्री तैयार हो गई है.
20. डिजिटल घुमक्कड़
जैसे-जैसे दूर रहकर काम करने का चलन बढ़ा है, लग्ज़री और वाई-फ़ाई सेवा के साथ यात्राओं का कारोबार भी बढ़ा है. वे नये लोकप्रिय पर्यटन केंद्रों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं.
21. विविधता की ट्रैकिंग
कुछ संगठन लैंगिक संतुलन और विविधता के अन्य पैमानों की निगरानी करते हैं. समस्याओं की समझ होना उसे सुलझाने की दिशा में पहला क़दम है.
22. ई-रेजिडेंसी
एस्टोनिया में आप थोड़ी सी फ़ीस देकर डिजिटल निवासी बन सकते हैं. तकनीक लचीलेपन के साथ काम करने की आज़ादी देती है. हो सकता है कि आगे चलकर और देश ई-रेजिडेंसी देने की होड़ करें.
23. इलेक्ट्रिक स्कूटर
बे-आवाज़ दोपहिया हर जगह दिखने लगे हैं. लाखों शहरी श्रमिकों के लिए इससे घर तक पहुंच की समस्या का समाधान हो सकता है.
24. कम में काम चलाना
मैरी कोंडो ने हमें फिर से व्यवस्थित होना सिखाया है. लेकिन क्या कम से कम चीज़ों से काम चलाने का उनका दर्शन हमारे व्यावसायिक जीवन पर भी लागू हो सकता है?
25. चेहरे से पहचान
हमारा चेहरा अब दूसरे देशों में हमें प्रवेश दिला रहा है. फ़ोन भी चेहरा पहचानता है और बैंक खाते भी इससे जुड़ गए हैं. आगे दफ़्तरों की बारी है.
26. आराम का ख़याल
दफ़्तरों में बेतकलुफ्फी का माहौल बढ़ रहा है. यहां तक कि कुछ संस्थानों में आराम के नाम पर सूट-टाई की जगह कैजुअल टी-शर्ट, जींस और जैकेट ने ले ली है.
27. FIRE आंदोलन
बहुत कम ख़र्च और ज़्यादा बचत करके वित्तीय आज़ादी हासिल करने और जल्दी रिटायर होने (FIRE) की जीवनशैली को अपनाने वाले बढ़ रहे हैं.
28. उड़ान को ना
स्वीडन में घरेलू हवाई सेवा का इस्तेमाल कम हो गया है, क्योंकि जलवायु के प्रति सचेत लोग रेलगाड़ियों को तरजीह दे रहे हैं. यदि यह चलन चल पड़ा तो व्यावसायिक उड़ानों के लिए इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं.
29. सप्ताह में 4 दिन काम
कर्मचारी कामकाजी सप्ताह छोटा चाहते हैं. नियोक्ता ख़ुश, सेहतमंद और उत्पादक कर्मचारी चाहते हैं. क्या 4 दिन के सप्ताह में दोनों ख़ुश रह सकते हैं?
30. फ्रेड स्वानिकर
घाना के उद्यमी और लीडरशिप एक्सपर्ट शिक्षा प्रणाली को बदलकर नया मॉडल लाना चाहते हैं जिससे 2035 तक अफ्रीका में लाखों लीडर और नौकरियां तैयार हो सकें.
31. फ्रेडी वेगा
लैटिन अमरीका के सिर्फ़ आधे लोग यूनिवर्सिटी जाते हैं, लेकिन एक ऑनलाइन शैक्षणिक संस्थापक अच्छे करियर के लिए उनकी मदद को तैयार हैं.
32. छिपा हुआ काम
काम के भविष्य को वाकई समझने के लिए कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि आपको गिग इकॉनमी के छिपे हुए पक्ष को पहचानना होगा.
33. काम में घोस्टिंग
बिना किसी कारण या संवाद के रिश्ता ख़त्म कर लेने की जो ख़ूबी ऑनलाइन डेटिंग में है, वही अब नौकरी बाज़ार में भी जगह बनाने लगी है.
34. गिग की हक़ीक़त
स्वरोज़गार अब सामान्य बात है, लेकिन अपना बॉस ख़ुद होने की आज़ादी एक कीमत भी मांगती है.
35. ग्लोबोटिक्स
मशीन से शिक्षण और दूर बैठकर काम करने के चलन को साथ मिला दें तो आप पाएंगे कि सफ़ेद पोश नौकरियां और सेवाएं तेज़ी से घट रही हैं.
36. दृढ़ता
एक सिद्धांत बताता है कि सफलता का राज़ स्वाभाविक क्षमता या कौशल में नहीं है. यह बहुत अभ्यास से भी हासिल नहीं होता. यह कभी हार न मानने वाली ज़िद है.
37. ख़ुश रहने की कला
भारत में दूसरे देशों के मुक़ाबले काम से जुड़े तनाव, चिंता और अवसाद अधिक हैं. कुछ कंपनियां खुशी का अहसास कराने वाले गुरुओं की मदद ले रही हैं.
38. छिपी हुई बीमारी
क़रीब 70 करोड़ लोगों को डिस्लेक्सिया है. लेकिन वेबसाइट डिज़ाइन जैसी नई ईजाद और स्मार्ट पेन जैसे उपकरण उनके लिए दफ़्तरों में काम करना आसान बना रहे हैं.
39. छिपी हुई पसंद
सोशल मीडिया और वहां के प्रभावशाली लोगों की इकॉनमी, लाइक और फैन्स पर चलती है. क्या हो अगर वह दिखाई न दे?
40. हिरून
जापान में अपने थके कर्मचारियों को वहां की कंपनियां अपने कर्मचारियों को हिरून के लिए जाने को प्रेरित कर रही हैं. इसका शाब्दिक अर्थ है- लंच के समय की नींद.
41. ह्यूमैनिक्स
मशीनी अक़्ल जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, नौकरियां स्वचालित हो रही हैं. इसलिए लगातार कुछ नया सीखने का दर्शन अपनाने से नौकरी में बने रहने में मदद मिल सकती है.
42. विनम्र बॉस
बॉस नेतृत्व करना पसंद करते हैं- लेकिन जब आप लगातार बोलते रहते हैं तो आप बहुत कुछ खो देते हैं. कई नज़रिये सामने आने से बहुत फ़ायदा हो सकता है.
43. कर्मचारियों की निगरानी
कुछ कंपनियां अपने कर्मचारियों की निगरानी के लिए हाई-टेक तकनीक अपना रही हैं. यह उनके जीवन में घुसपैठ है और इससे उनकी खुशहाली घटती है.
44. ऑफ़िस में काम
दूर से काम करना अच्छा है, लेकिन हो सकता है कि दफ़्तर में बैठकर काम करना उससे भी अच्छा हो.
45. समावेशी कार्यशालाएं
भेदभाव की कुछ हाई-प्रोफ़ाइल शिकायतें मिलने के बाद कुछ कंपनियों ने पूर्वाग्रह विरोधी प्रशिक्षण को बंद कर दिया.
46. प्रभावशाली एजेंसियां
इंटरनेट के ये 'सेलिब्रिटीज़' इंसान नहीं हैं, लेकिन प्रतिभा की तलाश करने वाले उनके पीछे लगे रहते हैं.
47. जोमो (JOMO)
'जॉय ऑफ़ मिसिंग आउट' उस ज़रूरत से राहत का प्रतीक है, जो नेटवर्क से लगातार जुड़े रहने और हमेशा उत्पादक बने रहने की मांग करता है.
48. करोशी
जापान में काम के प्रति प्रतिबद्धता का प्रदर्शन बहुत मूल्यवान है- लेकिन किस कीमत पर?
49. ककोंडे
यह कोरियाई शब्द उस तनाव का प्रतीक है जो आधुनिक दफ़्तरों में अलग-अलग पीढ़ियों के बीच पैदा हो रहा है.
50. #KuToo
यूमी इशिकावा ने दफ़्तर में ज़रूरी ऊंची एड़ी के जूते से दर्द के बारे में ट्वीट किया तो अप्रत्याशित एक्टिविस्ट बन गईं.
51. छुट्टी में काम
काम के बोझ तले दबे कर्मचारी एक और तरीक़ा निकाल रहे हैं- वे उन कामों को पूरा करने के लिए छुट्टी लेते हैं जिन्हें वे दफ़्तर में पूरा नहीं कर पाते.
52. लिब्रा
कुछ क्रिप्टोकरेंसी ढीली पड़ गई हैं. ऐसे में क्या फेसबुक वॉलेट पहली वास्तविक वैश्विक मुद्रा हो सकती है?
53. दो शख़्स, एक नौकरी
अपने जैसी ही कुशल साथी के साथ मिलकर कोई एक नौकरी करना महिलाओं, ख़ासकर मांओं के लिए फायदेमंद हो सकता है.
54. लिज़ जॉनसन
पैरा ओलंपिक में स्वर्ण पदक विजेता कार्यस्थलों पर विविधिता की खाई को पाटने के लिए काम कर रहे हैं.
55. दीर्घायु अर्थव्यवस्था
"पुरानेपन" का विचार कारोबार की सोच का गला घोंट सकता है. युवा पीढ़ी के साथ बुज़ुर्ग श्रमिकों को नियुक्त करने से "जनसांख्यिकीय टाइम बम" से निपटा जा सकता है.
56. मैरीमे जम्मे
सेनेगल में जन्मी ब्रिटिश कारोबारी 2030 तक दस लाख महिलाओं को कोड सिखाना चाहती हैं.
57. मासायोशी सोन
जापान की दूसरी सबसे बड़ी कंपनी सॉफ्टबैंक के सीईओ सिलिकॉन वैली के सबसे महत्वाकांक्षी और सबसे बड़े निवेशक बन गए हैं.
58. #MeToo आंदोलन
एक विश्वव्यापी आंदोलन ने दफ़्तरों को बदल दिया और अब भी बदल रहा है.
59. मिया पेर्डोमो और आंद्री डे ला पिएड्रा
लैटिन अमरीकी कंपनियों को लैंगिक समानता के आधार पर रैंकिंग देने वाली एजेंसी एक्वालेस की संस्थापक यह कंपनियां समानता की राह बदल रही हैं.
60. माइक्रोब्रेक
तल्लीनता से काम के दौरान छोटे-छोटे ब्रेक के बड़े फ़ायदे हो सकते हैं.
61. माइक्रोडोजिंग
टेक्नोलॉजी सेक्टर के कुछ कर्मचारियों का कहना है कि साइकेडेलिक्स (ड्रग्स) की बहुत थोड़ी मात्रा उनकी उत्पादकता और रचनात्मकता बढ़ाती है. इन दावों के परीक्षण से कुछ वैज्ञानिक प्रमाण मिल रहे हैं.
62. माइक्रोग्रिड्स
छोटे और आसानी से स्थापित होने वाले ग्रिड विकासशील देशों में बिजली की कमी का जवाब हो सकते हैं. ये बिजली की कटौती से प्रभावित अर्थव्यवस्था को आगे ले जा सकते हैं.
63. नैनो एन्फ्लूएंसर
बड़े नाम वाले प्रभावशाली लोग एक ही पोस्ट के ज़रिये लाखों लोगों से जुड़ सकते हैं, लेकिन बहुत कम फॉलोअर्स मगर प्रामाणिक बात कहने वाले लोगों के लिए नई जगह बन रही है.
64. न्यूरो डायवर्सिटी
हमारे दिमाग़ बिल्कुल एक तरह से काम नहीं करते, फिर भी नौकरी के लिए भर्ती या ऑफिस की ज़िंदगी को एक ढर्रे की तरफ बढ़ाया जाता है. यह बदल सकता है.
65. तीसरे लिंग की स्वीकृति
स्त्री या पुरुष से भिन्न लिंग वाले लोगों की दृश्यता और उनकी स्वीकार्यता बढ़ने से दफ़्तरों में चीज़ें थोड़ी अधिक न्यायसंगत हो रही हैं.
66. ध्वनि प्रदूषण
खुले दफ़्तर अब चलन में हैं, लेकिन लगातार शोरगुल से भी काम करने में दिक्कत हो सकती है.
67. ऑफ़िस में खेती
दफ़्तर की छत या बाहरी दीवारों पर खेती करना एक टिकाऊ अनुभव हो सकता है.
68. नौकरी नहीं, जुनून
बिना वेतन के जुनून पूरा करने के लिए काम करना पहले से कहीं अधिक आम बात है. यदि आप किसी विशेष उद्योग में काम करते हैं तो इसकी संभावना ज़्यादा है.
69. भुगतान में पारदर्शिता
सहयोगियों का वेतन जानना वर्जित रहा है, लेकिन लैंगिक और नस्लीय समानता और वेतन की ग़ैर-बराबरी को दूर करने के लिए यह सोच बदल सकती है.
70. पीपल एनालिटिक्स
भर्ती प्रक्रिया में अभिजात्यवाद से लेकर पूर्वाग्रह तक कई ख़तरे हो सकते हैं. क्या एल्गोरिद्म की स्क्रीनिंग करने से बेहतर विकल्प मिल सकते हैं?
71. परमेलांसिंग
कई बार फ्रीलांस के काम पूर्णकालिक बन जाते हैं. इससे नियमित आमदनी होती रहती है, लेकिन काम या नौकरी कभी स्थायी नहीं हो पाती.
72. प्लेटफॉर्म को-ऑपरेटिव्स
उबर और डिलीवरू जैसी दिग्गज टेक कंपनियां भाड़े के कर्मचारियों पर निर्भर हैं, लेकिन स्वतंत्र ठेकेदारों की सेना पर जोखिम डालने के लिए उनकी आलोचना भी होती है. इसका विकल्प तैयार करने के लिए वैश्विक आंदोलन चल रहा है, जिसमें प्लेटफॉर्म मॉडल को श्रमिक स्वामित्व के स्थापित सिद्धांतों के साथ जोड़ा जा रहा है.
73. पॉप-अप ऑफिस
दुनियाभर में खुदरा दुकानों के बंद होने से लोग हर तरफ़ से काम के लिए आ रहे हैं.
74. पोर्टफोलियो करियर
भविष्य स्वचालन का है जहां नौकरियों की शक्ल बदल सकती है, तब करियर की सीढ़ी वैसी नहीं होगी जैसी अब तक रही है.
75. पोस्ट-वर्क
स्वचालन हमारी ज़िंदगियों को आसान और अधिक सुविधजनक बना सकता है. लेकिन एक बार जब मशीनें सारा काम करने लगेंगी, तब हमारे पास करने को क्या रहेगा? भविष्यवादी और दार्शनिक यही जानने की कोशिश कर रहे हैं.
76. मौजूद दिखना
सेहत के मुद्दों- शारीरिक या मानसिक- से जूझ रहे लोग भी किसी तरह काम पर दिखना चाहते हैं.
77. प्रोक्रैस्टिनेशन नैनीज़
आपको काम पर ध्यान लगाने की ज़रूरत है और फ़ोन लगातार बजता ही जा रहा है. ऐसे में एक कोच बहुत ही कम फ़ीस पर आपको 'गहन कार्य' करने में मदद कर सकता है.
78. प्रोडक्टिविटी प्लेलिस्ट
काम करते हए संगीत सुनने से काम करने की लय मिल सकती है. सबसे प्रभावी प्लेलिस्ट विकर्षण और आदत के बीच चलते हैं.
79. पूर्ण स्पष्टवादिता
फ़ीडबैक देने का तरीक़ा 1980 के दशक के कठोर प्रबंधन और 21वीं सदी की मार्मिक करुणा के बीच की चीज़ है.
80. बाहरी श्रमिक
कुछ शहर पैसे देकर लोगों को अपने यहां बुला रहे हैं, इस उम्मीद में कि नये बाहरी श्रमिकों के आने से स्थानीय अर्थव्यवस्था और आबादी बढ़ेगी.
81. रिवर्स मेंटरिंग
पिछली पीढ़ी के लोग भी नई पीढ़ी से बहुत कुछ सीख सकते हैं, लेकिन कुछ संस्कृतियों में नये विचार को जल्दी नहीं अपनाया जाता.
82. मरम्मत का अधिकार
कुछ कंपनियां अपने उत्पादों की मरम्मत को मुश्किल बना देती हैं. कुछ लोग इसे बदलना चाहते हैं.
83. रोज़ उठो रोज़ काम
कई युवा हर रोज़ काम को लक्ष्य बना लेते हैं और हफ्ते के सातों दिन काम करते हैं.
84. सैटेलाइट इंटरनेट
दूर बैठे श्रमिकों को जोड़ देने का मतलब वैश्विक श्रमिक विकल्पों और परिणामों में कुल बदलाव हो सकता है.
85. ई-कॉमर्स
खुदरा दुकानों के दिन लद रहे हैं, लेकिन ई-कॉमर्स स्टोर खोलना पहले से कहीं आसान हो गया है.
86. स्लैक
इस रियल टाइम वर्क चैट ने कुछ लोगों की उत्पादकता सुधारने और कुछ अन्य के लिए ईमेल का बोझ कम करने में मदद की है. लेकिन कुछ अन्य लोगों के लिए यह भी ध्यान भटकाने का एक माध्यम बन गया है.
87. स्मार्ट ऑफ़िस
भविष्य में जल्द ही आपके कार्यस्थल स्वचालित, व्यक्तिगत और केंद्रीय रूप से नियंत्रित हो जाएंगे.
88. सॉफ्ट स्किल
श्रमिकों को वह योग्यता और कौशल हासिल करना है जो कंप्यूटर और स्वचालित प्रणालियों में नहीं है, जैसे- रचनात्मकता, अनुकूलनशीलता और लगन. नौकरी देने वाले मैनेजरों को ऐसे उम्मीदवार कम मिलते हैं.
89. स्क्वाड
संगीत की दिग्गज कंपनी स्पोटिफाई ने इसकी शुरुआत की थी. एक नई संगठन विधि दफ़्तरों के भीतर विशेष टीमों के हाथों में नियंत्रण रखती है.
90. सुपर ऐप्स
ये एशिया में बहुत लोकप्रिय हैं. ऐसे ऐप्स जो सब कुछ कर सकते हैं गाड़ी का ऑर्डर करने से लेकर किसी भी चीज़ का भुगतान करने तक. ये ऐप्स लोगों के जीने और कारोबार करने के तरीके को बदल रहे हैं.
91. सुपरजॉब
यदि आपको लगता है कि आप एक साथ तीन तरह के काम कर रहे हैं तो भविष्य के सुपरजॉब निश्चित रूप से ऐसे ही होने वाले हैं.
92. टेलीप्रेजेंस
किसी स्मार्ट रोबोट को ख़ुद काम करने देने से अच्छा है कि किसी सामान्य रोबोट को दूर से निर्देशित करके काम कराया जाए.
93. थर्मोस्टैट
वैज्ञानिक यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि किस तापमान पर काम करना इंसान की उत्पादकता बढ़ाने के लिए सबसे अच्छा है.
94. टिकटॉक
वीडियो का अगला सबसे तेज़ विकास यूट्यूब या इंस्टाग्राम पर नहीं हो रहा. टिकटॉक से ढेर सारा पैसा बनाया जा सकता है.
95. अवचेतन पूर्वाग्रह
हमारा अवचेतन निर्णय लेने के तरीकों को प्रभावित करता है और हमें पता भी नहीं चलता. इससे दफ़्तरों की विविधता घटती है और भेदभाव का ख़तरा बढ़ता है.
96. यूनिवर्सल बेसिक इनकम
यह विचार थॉमस मोर और अन्य लोगों का है. नौकरियों के स्वचालन के बीच इस विचार ने नई लोकप्रियता हासिल की है, लेकिन इसे अभी बड़े पैमाने पर लागू नहीं किया गया है.
97. असीमित छुट्टियां
श्रमिक छुट्टियों के लिए लालायित रहते हैं, लेकिन भुगतान वाली असीमित छुट्टियां आपको थका भी सकती हैं.
98. रिटायरमेंट के बाद काम
पेंशनभोगी फिर से काम कर रहे हैं- कुछ पसंद से और कछ ज़रूरत से. लेकिन क्या नौकरियों की उनकी ज़रूरत को समायोजित किया जा सकता है?
99. यूएस वूमेन नेशनल टीम (USWNT)
फुटबॉल में अमरीकी महिला टीम ने कामयाबी के रिकॉर्ड बनाए हैं, फिर भी उनको कम भुगतान किया जाता है और पुरुष टीम के मुक़ाबले उनके काम की स्थितियां ख़राब हैं. इसलिए वे मुकदमा कर रही हैं.
100. वी कंपनी
इस वैश्विक कंपनी को लगता है कि आप काम और ज़िंदगी के बीच की रेखा को धुंधली करने के लिए पहले से कहीं ज़्यादा तैयार हैं. उनका भविष्य इसी पर टिका है.
101. केवल महिलाओं के लिए
केवल महिलाओं के लिए कार्यस्थल का विचार तेज़ी से फल-फूल रहा है.
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