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जी-7 की बैठक के लिए इटली में एकजुट हुए दुनिया के नेता, मोदी भी हुए रवाना

जी-7 देशों के राष्ट्राध्यक्षों की बैठक में रूस-यूक्रेन युद्ध, ग़ज़ा-इसराइल युद्ध, जलवायु परिवर्तन, प्रवासी मुद्दे, तकनीक और अन्य मुद्दों पर चर्चा होनी है.

सारांश

  • नीट-यूजी में ग्रेस मार्क्स दिए गए 1,563 छात्रों के लिए दोबारा होगी परीक्षा. एनटीए ने नोटिफ़िकेशन जारी कर बताया 23 जून को होंगे एग्ज़ाम.
  • पीएम नरेंद्र मोदी जी7 शिखर सम्मेलन में शामिल होने इटली रवाना हुए. तीसरी बार पीएम पद की शपथ लेने के बाद मोदी का यह पहला विदेश दौरा है.
  • अजीत डोभाल को एक बार फिर राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार नियुक्त कर दिया गया है.
  • चीन और पाकिस्तान के संयुक्त बयान में जम्मू और कश्मीर पर की गई टिप्पणी पर भारत के विदेश मंत्रालय ने तीखी प्रतिक्रिया दी है.
  • पेमा खांडू ने लगातार तीसरी बार अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है. चोओना मीन ने उप मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली.

लाइव कवरेज

दीपक मंडल

  1. विपक्षी सांसदों से नहीं मिलेंगे सीजेआई सूर्यकांत, मीडिया से बातचीत में क्या बताया

    भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत ने विपक्षी दलों के सांसदों से मुलाकात करने से इनकार कर दिया है.

    सीजेआई ने मुलाकात न कर पाने के पीछे कुछ कारण भी दिए हैं, लेकिन पत्र की गोपनीयता का हवाला देते हुए उन्होंने इन्हें सार्वजनिक करने से इनकार कर दिया.

    मीडिया से बातचीत के दौरान सीजेआई सूर्यकांत ने सोमवार को कहा, "मुझे कल उनका (विपक्ष) पत्र मिला था. मैंने उसका कल रात में ही जवाब दे दिया है. मैंने कुछ कारण दिए हैं, जिनके आधार पर अपनी असमर्थता व्यक्त की है कि मैं मिल नहीं पाऊंगा."

    सीजेआई सूर्यकांत से वन नेशन-वन इलेक्शन पर गठित संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के सुप्रीम कोर्ट दौरे को रद्द किए जाने के बारे में भी सवाल किया गया.

    इस पर उन्होंने कहा, "उस मामले (वन नेशन-वन इलेक्शन जेपीसी की बैठक) में अदालत में हितों के टकराव की स्थिति पैदा होने की संभावना थी. इसी वजह से हमने प्रशासनिक स्तर पर इस पर चर्चा की. मेरे वरिष्ठ न्यायिक साथियों और मेरी एक राय थी कि हमें हितों के किसी भी टकराव से बचना चाहिए."

    इससे पहले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने रविवार को बताया था कि उन्होंने और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सीजेआई सूर्यकांत से मुलाकात के लिए पत्र लिखकर समय मांगा था.

    हालांकि, सीजेआई ने अब विपक्षी सांसदों से मिलने में असमर्थता जताई है.

  2. नेहा बोरा और अभिजीत दीपके की रणनीति में क्या दिख रहा है फ़र्क़?

  3. दिल्ली हाईकोर्ट बार एसोसिएशन की अपील- काली पट्टी बांधकर अदालत में पेश हों वकील

    दिल्ली हाईकोर्ट के बार एसोसिएशन ने अपने सदस्यों से अपील की है कि वो सोमवार को काली पट्टी बांधकर अदालतों में पेश हों.

    दरअसल, 10 अक्तूबर को हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान कई वकीलों के साथ कथित मारपीट के मामले सामने आए, जिसके बाद बार एसोसिएशन ने यह फ़ैसला लिया है.

    बार एसोसिएशन ने आधिकारिक बयान में कहा, "कार्यकारिणी समिति अपने सदस्यों से अनुरोध करती है कि वे 12 अक्तूबर को अदालत में उपस्थित होते समय काली रिबन पहनें."

    इसमें कहा गया है, "यह 10 अक्तूबर के प्रदर्शन के दौरान दुर्व्यवहार का शिकार हुए वकीलों के साथ एकजुटता का प्रतीक होगा. साथ ही, वकीलों पर ज़रूरत से ज़्यादा और अनुचित पुलिस बल के प्रयोग का कड़ा विरोध भी किया जाएगा."

    गौरतलब है कि पुलिस ने शनिवार को कुछ वकीलों को हिरासत में लिया था. इसके बाद वकीलों ने चीफ़ जस्टिस ऑफ़ इंडिया (सीजेआई) से हस्तक्षेप की मांग भी की थी.

  4. ध्रुव राठी ने सीजेपी से जुड़े होने और पॉलिटिक्स जॉइन करने के सवाल पर दिया जवाब

    मशहूर यूट्यूबर ध्रुव राठी ने कहा है कि वो कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) से जुड़े हुए नहीं हैं, वो व्यक्तिगत तौर पर प्रोटेस्ट में हिस्सा लेने आए थे.

    ध्रुव राठी ने रविवार को मीडिया से बातचीत में कहा कि जैसे देश में बाकी लोग प्रदर्शन करने आए थे, ठीक उसी तरह से वो भी इसमें शामिल होने आए.

    ध्रुव राठी ने कहा, "वोट चोरी एक बहुत संवेदनशील मुद्दा है, मैं इसी का विरोध जताने यहां आया था. यहां व्यक्तिगत तौर पर आया हूं, मैं सीजेपी से जुड़ा हुआ नहीं हूं."

    ध्रुव राठी से पूछा गया कि क्या वो किसी राजनीतिक दल में शामिल होंगे?

    इसके जवाब में उन्होंने कहा, "मैं मुद्दों के साथ हूं, लेकिन पॉलिटिक्स जॉइन नहीं करूंगा. लेकिन अगर कोई मुद्दा किसी पार्टी ने उठाया है, तो मुझे उस मुद्दे का समर्थन करने में कोई दिक्कत नज़र नहीं आती."

    गौरतलब है कि ध्रुव राठी को शनिवार को गुरुग्राम स्थित उनके घर से हिरासत में लिया गया था, हालांकि रिहा होने के बाद उन्होंने इसे 'किडनैपिंग' कहा था.

  5. सीजेपी नेताओं से बॉन्ड भरवाने का मतलब क्या है, ये प्रदर्शन कर पाएंगे?

  6. कॉकरोच जनता पार्टी का अल्टीमेटम- 24 घंटे में प्रदर्शन की इजाज़त दो, वरना...

    कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने एलान किया है कि यदि पुलिस उन्हें 24 घंटे के भीतर प्रदर्शन करने की इजाज़त नहीं देती है, तो वे एक और प्रोटेस्ट का कॉल देंगे.

    सीजेपी के आधिकारिक एक्स हैंडल से बताया गया है कि आज यानी सोमवार को पार्टी के सह-संयोजक आशुतोष रांका, सौरव दास और लीगल हेड रत्ना सिंह 10 बजे पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने जाएंगे.

    सीजेपी ने बताया, "हम जंतर-मंतर पर अपने शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन के लिए तारीख़ तय करने की मांग को लेकर थाने जाएंगे. दिल्ली पुलिस हमें 24 घंटे के भीतर तारीख़ दे सकती है, वरना हम खुद अपने विरोध-प्रदर्शन का एलान करेंगे."

    इससे एक दिन पहले यानी रविवार को ही सीजेपी के फ़ाउंडर अभिजीत दीपके और उनके बाकी दो साथी पुलिस हिरासत से रिहा हुए हैं.

    इसके बाद सीजेपी की ओर से कहा गया था कि सारे 'कॉकरोच' पीछे हट जाएं, जल्द ही अगला आह्वान किया जाएगा.

  7. सऊदी अरब: हूती के हमले में मारे गए भारतीय नागरिक को जानिए, उमरा करने आए लोगों पर हमले का वीडियो सामने आया

  8. पाकिस्तान के गृह मंत्री ने ख़ैबर पख़्तूनख़्वा में इमरजेंसी लगाने की बताई ये वजह

    पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नक़वी ने कहा है कि ख़ैबर पख़्तूनख़्वा में आपातकाल और गवर्नर शासन लागू करना 'कोई राजनीतिक फ़ैसला नहीं, बल्कि एक कठिन संवैधानिक क़दम' था.

    दरअसल, पाकिस्तान के ख़ैबर पख़्तूनख़्वा प्रांत में 11 अक्तूबर 2026 को राष्ट्रपति आसिफ अली ज़रदारी ने इमरजेंसी और गवर्नर शासन की घोषणा कर दी थी.

    पूर्व प्रधानमंत्री इमरान ख़ान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ़ (पीटीआई) पार्टी की प्रांतीय सरकार को भी निलंबित कर दिया गया है.

    सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर जारी बयान में गृह मंत्री मोहसिन नक़वी ने कहा, "सरकार ने संसदीय संपर्कों, प्रत्यक्ष बातचीत और पर्दे के पीछे कूटनीतिक प्रयासों सहित सभी माध्यमों से सहयोग स्थापित करने की कोशिश की. हालांकि, इन प्रयासों का कोई सकारात्मक नतीजा नहीं निकला."

    उन्होंने कहा, "ख़ैबर पख़्तूनख़्वा उन प्रांतों में शामिल है, जो आतंकवाद का भारी बोझ झेल रहे हैं. यहां शांति स्थापित करने के लिए सुरक्षा बलों और आम नागरिकों ने बड़ी क़ुर्बानियां दी हैं. ऐसे हालात में टकराव के बजाय सहयोग को प्राथमिकता दी जानी चाहिए थी."

    मोहसिन नक़वी ने कहा कि प्रांत में आपातकाल और गवर्नर शासन लागू करना न तो कोई राजनीतिक फ़ैसला था और न ही आसान क़दम. उन्होंने इसे ज़मीनी परिस्थितियों को देखते हुए उठाया गया एक कठिन संवैधानिक क़दम बताया.

    गृह मंत्री के मुताबिक़, जब सहयोग के सभी रास्ते बंद हो जाते हैं, तो संविधान और पाकिस्तान के व्यापक हितों को प्राथमिकता देना ज़रूरी हो जाता है.

    मोहसिन नक़वी ने अपने बयान में पाकिस्तान में शांति और स्थिरता के लिए दुआ की.

    दूसरी ओर, पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति आरिफ़ अलवी ने ख़ैबर पख़्तूनख़्वा में आपातकाल लागू करने और प्रांतीय सरकार को निलंबित किए जाने पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने इस क़दम को ‘लोकतंत्र के ताबूत में आख़िरी कील’ क़रार दिया.

  9. दिल्ली मेट्रो में सीट को लेकर विवाद: 48 वर्षीय शख़्स की मौत, पूर्व आईएएस अधिकारी और बेटा गिरफ़्तार

    दिल्ली मेट्रो में वरिष्ठ नागरिकों के लिए आरक्षित सीट पर बैठने को लेकर हुए विवाद में 48 वर्षीय एक शख़्स की मौत हो गई.

    पुलिस के मुताबिक़, विवाद के दौरान पवन शर्मा को कथित तौर पर थप्पड़ मारा गया और धक्का दिया, जिससे वह गिर पड़े और उनके सिर में गंभीर चोटें आईं. मामले में पुलिस ने पूर्व आईएएस अधिकारी संजय प्रताप सिंह और उनके बेटे सिद्धार्थ सिंह को गिरफ़्तार किया है.

    पुलिस के अनुसार, घटना 8 अक्तूबर को सुप्रीम कोर्ट मेट्रो स्टेशन पर हुई थी.

    न्यूज़ एजेंसी पीटीआई के अनुसार, घटना के बाद मेट्रो कर्मचारियों ने पवन शर्मा को एंबुलेंस से लोक नायक जय प्रकाश अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.

    पुलिस ने पवन शर्मा की मां दुर्गा शर्मा की शिकायत पर 9 अक्तूबर को मामला दर्ज किया था. पुलिस सूत्रों के मुताबिक़, एफ़आईआर दर्ज होने के बाद दोनों अभियुक्तों को गिरफ़्तार कर लिया गया.

    पुलिस सूत्रों ने बताया कि संजय प्रताप सिंह पूर्व आईएएस अधिकारी हैं और उन्हें इससे पहले केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने कथित रिश्वतखोरी के एक मामले में गिरफ़्तार किया था. वहीं, उनके बेटे सिद्धार्थ सिंह सुप्रीम कोर्ट में वकालत करते हैं.

    पुलिस मामले में आगे की जांच कर रही है.

  10. शिवराज सिंह चौहान ने अपनी ही सरकार के अधिकारियों से जताई नाराज़गी, बोले- ज़िम्मेदारों को बख्शा नहीं जाएगा

    केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को मध्य प्रदेश के वन विभाग और अन्य अधिकारियों पर अपने विदिशा लोकसभा क्षेत्र में आदिवासी परिवारों के घर गिराने, फ़सलों को नष्ट करने और एक कुएं को मिट्टी से भरने की बात कही है.

    दरअसल, शिवराज रविवार को बुधनी विधानसभा क्षेत्र के कोसमी गांव पहुंचे, जहां यह कार्रवाई की गई थी.

    उन्होंने न्यूज़ एजेंसी पीटीआई से बातचीत में कहा, "वन विभाग के अधिकारियों ने यहां जो किया है, वह ज़ुल्म की हद है. मैं उनसे पूछता हूं कि अगर उनके अपने बच्चों को इस तरह दुख में रोता-बिलखता छोड़ दिया जाए, तो क्या उन्हें अच्छा लगेगा? अगर उनकी अपनी मां और पत्नी को इस तरह रोना पड़े, तो क्या उन्हें अच्छा लगेगा? हम ये सभी बातें मुख्यमंत्री के सामने रखेंगे. मुझे तो लगता है कि मुख्यमंत्री की छवि ख़राब करने के लिए यह साज़िश है.”

    शिवराज सिंह चौहान के कार्यालय की ओर से जारी एक बयान के मुताबिक़, प्रभावित परिवारों से मिलने के बाद उन्होंने इस कार्रवाई पर कड़ी नाराज़गी जताई.

    बयान के मुताबिक़, वन विभाग और ज़िला प्रशासन ने कुछ महीने पहले भी इसी तरह की कार्रवाई करने की कोशिश की थी, लेकिन शिवराज ने उन्हें आदिवासी परिवारों के घर नहीं गिराने का निर्देश दिया था.

    बयान में कहा गया कि ज़मीन पर क़ब्ज़े को लेकर रविवार को फिर से घर गिराने की कार्रवाई की गई, जबकि केंद्रीय कृषि मंत्री ने ऐसा न करने के निर्देश दिए थे.

    बयान में के मुताबिक़, "शिवराज ने मौके से ही मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल से बात की, उन्हें घटना की जानकारी दी और इस कार्रवाई पर अपनी आपत्ति जताई. उन्होंने प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल से भी बात की और कहा कि वह जल्द ही इस मामले को मुख्यमंत्री मोहन यादव के सामने उठाएंगे."

    उन्होंने कहा कि ग़रीब परिवारों को बेघर करने के लिए ज़िम्मेदार लोगों को बख्शा नहीं जाएगा.

    उन्होंने कहा, “जिन परिवारों के घर गिराए गए हैं, उनके लिए नए घर बनाए जाएंगे. जब तक उनके रहने के लिए स्थायी इंतज़ाम नहीं हो जाते, तब तक उनके रहने और खाने की अस्थायी व्यवस्था की जाएगी.”

    इस बीच, मध्य प्रदेश विधानसभा में विपक्ष के नेता उमंग सिंघार ने घर गिराने का एक वीडियो एक्स पर साझा किया. उन्होंने लिखा, “मोहन-मामा की आपसी खींचतान में उजड़ रहे आदिवासी परिवार!”

    उन्होंने आरोप लगाया, “बीजेपी सरकार के भीतर चल रही खींचतान के कारण ग़रीब आदिवासी परिवारों के बेघर होने का ख़तरा पैदा हो गया है.”

  11. विरोध-प्रदर्शनों में नाराज़गी केवल चुनाव आयोग से है या मोदी सरकार के रवैये से?

  12. विपक्ष के मार्च से पहले दिल्ली मेट्रो का एलान- 10 घंटे के लिए बंद रहेंगे ये छह मेट्रो स्ट्रेशन

    दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए सोमवार को क़रीब 10 घंटे के लिए 6 मेट्रो स्टेशन बंद किए हैं.

    डीएमआरसी ने कहा है कि इन स्टेशनों पर सुबह 6 बजे से शाम 4 बजे तक यात्रियों की एंट्री और एग्ज़िट प्रतिबंधित रहेगी.

    डीएमआरसी ने आधिकारिक बयान में कहा, "सुरक्षा कारणों से 12 अक्तूबर, 2026 को सुबह 06:00 बजे से शाम 04:00 बजे तक इन मेट्रो स्टेशनों पर प्रवेश और बाहर निकलने के रास्ते बंद रहेंगे."

    "इसके बाद सुरक्षा एजेंसियां स्थिति की समीक्षा करेंगी और ज़रूरत के अनुसार नई जानकारी साझा की जाएगी. हालांकि, सभी संबंधित मेट्रो स्टेशनों पर मेट्रो बदलने की सुविधा उपलब्ध रहेगी."

    ये छह मेट्रो स्टेशन बंद: पटेल चौक, जनपथ, राजीव चौक, मंडी हाउस, सेंट्रल सेक्रेटेरिएट और बाराखंबा रोड.

    गौरतलब है कि सोमवार को विपक्षी दलों के सांसद मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े की मांग को लेकर मार्च निकालने वाले हैं.

  13. Police के दमन चक्र से नहीं बच पाए Journalists भी

  14. अब इस लाइव पेज को विराम देने का वक़्त आ गया है. मुझे यानी बीबीसी संवाददाता शिवांगी जायसवाल को दीजिए इजाज़त.

    कल सुबह एक नए लाइव पेज के साथ हम फिर हाज़िर होंगे.

    बीबीसी न्यूज़ हिन्दी की वेबसाइट पर मौजूद कुछ अहम ख़बरों को पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक्स पर क्लिक करें.

  15. राष्ट्रपति ट्रंप का दावा- 'रूस और यूक्रेन एनर्जी सीज़फ़ायर के लिए सहमत'

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि रूस और यूक्रेन के बीच एक "ऊर्जा युद्धविराम" पर सहमति बन गई है और यह तत्काल प्रभाव से लागू होगा.

    ट्रंप ने कहा कि दोनों पक्ष इस समझौते पर राज़ी हो गए हैं. ट्रंप का एलान ऐसे समय में आया है जबकि उन्होंने हाल में रूस के साथ डीजल आपूर्ति को लेकर एक बड़ा समझौता किया है.

    हालांकि, इस घोषणा को लेकर रूस की ओर से अभी तक इस पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं आई है.

    वहीं, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की ने अमेरिकी समाचार वेबसाइट एक्योस से कहा कि ट्रंप का यह ऐलान "मेरे लिए भी ख़बर है".

    ज़ेलेंस्की ने कहा, "अगर रूस ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े युद्धविराम पर सहमत होता है, तो यूक्रेन भी इसके लिए सहमत होगा."

    हालांकि बाद में उन्हें एक्स पर पोस्ट करके ऊर्जा युद्धविराम का समर्थन भी कर दिया.

    ट्रंप की यह घोषणा इसलिए भी अहम है क्योंकि इससे पहले यूक्रेन को चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा था कि उसे रूस की तेल रिफ़ाइनरियों पर हमले "हर हाल में बंद कर देने चाहिए."

    उन्होंने यह भी कहा था कि अब यूक्रेन को "एक नया राष्ट्रपति" मिलना चाहिए. इस बीच, दोनों नेताओं के बीच हाल के दिनों में तनाव बढ़ गया है.

    ज़ेलेंस्की ने कहा था कि अगर रूस यूक्रेन के ऊर्जा ढांचे पर हमले बंद करता है, तो यूक्रेन भी रूसी तेल रिफ़ाइनरियों को निशाना बनाना बंद करने के लिए तैयार है.

    रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध रूस के पूर्ण सैन्य आक्रमण के बाद अब पांचवें वर्ष में पहुंच चुका है. हाल के महीनों में दोनों देशों ने एक-दूसरे के ऊर्जा और बुनियादी ढांचे से जुड़े ठिकानों पर हमले तेज़ कर दिए हैं.

    जेंलेस्की ने एक्स पर लिखा, "यूक्रेन युद्धविराम का समर्थन करता है और यह ज़रूरी है कि रूस भी इसका समर्थन करे. हम अमेरिकी पक्ष से इस बारे में विस्तृत जानकारी का इंतज़ार कर रहे हैं."

  16. सऊदी अरब के रियाद एयरपोर्ट हमले में एक भारतीय की मौत, दूतावास ने ये बताया

    सऊदी अरब स्थित भारतीय दूतावास ने 10 अक्तूबर को रियाद एयरपोर्ट पर हुए हमले को लेकर अपडेट जारी किया है.

    दूतावास ने कहा है कि जानकारी मिली है कि रियाद में हुए हमले में घायल एक भारतीय नागरिक की रविवार को मौत हो गई है.

    एक्स पर एक पोस्ट में दूतावास ने लिखा, "हम मृतक के परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं. हम परिवार के संपर्क में हैं और पार्थिव शरीर को जल्द से जल्द भारत लाने के लिए हर संभव सहायता उपलब्ध कराएंगे."

    सऊदी अरब की राजधानी रियाद के एक हवाई अड्डे पर हुए हमले में कम से कम 12 लोगों की मौत हो गई थी और 309 लोग घायल हुए थे.

    भारत ने भी किंग ख़ालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और अन्य नागरिक ठिकानों पर हो रहे हमलों की कड़ी निंदा की.

    विदेश मंत्रालय ने कहा था, "हम पिछले कुछ दिनों में रियाद के किंग ख़ालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर बार-बार हुए हमलों की कड़ी निंदा करते हैं. इनमें 10 अक्तूबर को किया गया कायरतापूर्ण हमला भी शामिल है."

  17. मुंबई में दूसरे दिन भी हुआ प्रदर्शन, पुलिस वैन पर चढ़ गए आदित्य ठाकरे

    दिल्ली की तरह मुंबई में भी लगातार दूसरे दिन प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के ख़िलाफ़ प्रदर्शन किया.

    प्रदर्शनकारी शिवाजी पार्क इलाक़े में प्रदर्शन के लिए जुटने लगे जिन्हें पुलिस ने हिरासत में ले लिया.

    दूसरी ओर, दादर स्थित शिवसेना भवन के बाहर लोग भी जमा हो गए और उनमें से कुछ को पुलिस ने हिरासत में ले लिया गया.

    तब आदित्य ठाकरे आक्रामक रुख़ दिखाते हुए उस पुलिस वाहन को आगे से रोका जिसमें पुलिस कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर जा रही थी. फिर आदित्य ठाकरे उस वाहन पर चढ़ गए और वहीं से अपना विरोध दर्ज कराया.

    आदित्य ठाकरे ने इस मामले में प्रेस कॉन्फ़्रेंस करके भी राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन के ख़िलाफ़ सवाल उठाए.

    उन्होंने कहा, "सीजेपी के युवा समर्थकों और सेना और मनसे के कार्यकर्ताओं को पार्क पुलिस स्टेशन ले जाया गया. आप यह ज़ुल्म किसके ख़िलाफ़ कर रहे हैं? यह अघोषित आपातकाल है. हम मुंबई में ऐसा नहीं होने देंगे."

    इसके साथ ही उन्होंने कहा कि "सोमवार को प्रदर्शन ज़रूर होगा. यह देशभक्तों का प्रदर्शन है. यह ज्ञानेश कुमार के ख़िलाफ़ प्रदर्शन है. बीजेपी का इससे कोई लेना-देना नहीं है."

    ठाकरे ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर इसे दबाने की कोशिश की गई तो हम उग्र प्रदर्शन करेंगे.

  18. सीजेपी प्रदर्शन के दौरान पत्रकारों के साथ क्या क्या हुआ?