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जी-7 की बैठक के लिए इटली में एकजुट हुए दुनिया के नेता, मोदी भी हुए रवाना

जी-7 देशों के राष्ट्राध्यक्षों की बैठक में रूस-यूक्रेन युद्ध, ग़ज़ा-इसराइल युद्ध, जलवायु परिवर्तन, प्रवासी मुद्दे, तकनीक और अन्य मुद्दों पर चर्चा होनी है.

सारांश

  • नीट-यूजी में ग्रेस मार्क्स दिए गए 1,563 छात्रों के लिए दोबारा होगी परीक्षा. एनटीए ने नोटिफ़िकेशन जारी कर बताया 23 जून को होंगे एग्ज़ाम.
  • पीएम नरेंद्र मोदी जी7 शिखर सम्मेलन में शामिल होने इटली रवाना हुए. तीसरी बार पीएम पद की शपथ लेने के बाद मोदी का यह पहला विदेश दौरा है.
  • अजीत डोभाल को एक बार फिर राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार नियुक्त कर दिया गया है.
  • चीन और पाकिस्तान के संयुक्त बयान में जम्मू और कश्मीर पर की गई टिप्पणी पर भारत के विदेश मंत्रालय ने तीखी प्रतिक्रिया दी है.
  • पेमा खांडू ने लगातार तीसरी बार अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है. चोओना मीन ने उप मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली.

लाइव कवरेज

दीपक मंडल

  1. दिल्ली में हो रहे प्रदर्शनों के बीच बोले मल्लिकार्जुन खड़गे- कल सीजेआई से मिलेंगे

    दिल्ली में हो रहे प्रदर्शनों के बीच कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा है कि वो सोमवार को चीफ़ जस्टिस ऑफ़ इंडिया (सीजेआई) से मुलाक़ात करेंगे.

    मल्लिकार्जुन खड़गे ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि लोगों को गिरफ़्तार करने के आदेश इसलिए दिए गए, क्योंकि सरकार उनसे डर गई है.

    मल्लिकार्जुन खड़गे ने रविवार को कहा, "हमारे मौलिक अधिकारों को छीना जा रहा है. कल युवा प्रदर्शन कर रहे थे. आपातकाल में भी ऐसा नहीं हुआ कि ट्रेन और विमान रोके जाएं. तब बिना कारण के किसी को गिरफ़्तार नहीं किया गया."

    "मोदी सरकार ने प्रदर्शन को रोकने के लिए लोगों को गिरफ़्तार करने के आदेश दिए, फिर चाहे वो फ़्लाइट में हों या ट्रेन में. ये दिखाता है कि वो युवाओं से डरे हुए हैं. हम अपने हक़ के लिए लड़ते रहेंगे. हम नागरिकों के अधिकार की लड़ाई लड़ते रहेंगे."

    उन्होंने कहा, "कल हम सीजेआई से मिलेंगे. मैंने और राहुल जी ने पत्र लिखा है, मुलाक़ात के लिए वक़्त मांगा है."

    गौरतलब है कि सोमवार को ही मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफ़े की मांग को लेकर विपक्ष का मार्च है.

  2. दिल्ली के कनॉट प्लेस में हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारी, देखें तस्वीरें

    दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित इनर सर्कल में मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के ख़िलाफ़ प्रदर्शन कर रहे कुछ प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने हिरासत में लिया.

    कनॉट प्लेस से रविवार को जिन प्रदर्शनकारियों को डिटेन किया गया है, उनमें स्टूडेंट्स फ़ेडरेशन ऑफ़ इंडिया, ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फ़ेडरेशन और ऑल इंडिया यूथ फ़ेडरेशन से जुड़े छात्र-छात्राएं भी शामिल हैं.

    कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने रविवार के लिए प्रोटेस्ट कॉल दिया था. सीजेपी से जुड़े अजिंक्य शिंदे ने कहा था कि वो जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने जाएंगे.

    दूसरी ओर, आइसा की अध्यक्ष नेहा बोरा ने भी रविवार को प्रदर्शन करने की बात कही है. हालांकि, उन्होंने यह नहीं बताया कि प्रदर्शन स्थल क्या होगा.

    प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने की तस्वीरें भी सामने आई हैं-

  3. नेपाल में एक बार फिर बाढ़ की आशंका, प्रशासन ने लोगों को सतर्क किया

  4. ध्रुव राठी और अभिजीत दीपके समेत सीजेपी के ये नेता हुए रिहा

  5. ध्रुव राठी पासपोर्ट दिखाते हुए बोले, "मैं भारतीय नागरिक हूं, था और रहूंगा..."

  6. अभिजीत दीपके ने रिहा होने के बाद दी पहली प्रतिक्रिया

    कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के फ़ाउंडर अभिजीत दीपके ने पुलिस हिरासत से रिहा होने के बाद पहली प्रतिक्रिया दी है.

    अभिजीते दीपके ने रविवार को पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए उन्हें 'डरपोक' बताया.

    अभिजीत ने एक्स पर पोस्ट किया, "प्रधानमंत्री के तौर पर मोदी भारत के लिए शर्मिंदगी का कारण हैं. इस देश ने आज तक उनसे बड़ा डरपोक और दूसरों को डराने वाला व्यक्ति नहीं देखा है."

    आशुतोष रांका ने एक्स पर लिखा, "ज्ञानेश कुमार गद्दार है. इस्तीफ़ा तो उसे देना होगा. ऐसे गद्दारों को हटवाने के लिए जीवनभर जेल रहना भी मंज़ूर है."

    गौरतलब है कि अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को रविवार सुबह क़रीब 10 बजे 23 घंटे हिरासत में रखने के बाद रिहा कर दिया गया.

    तीनों को दिल्ली कैंट स्थित एग्ज़ीक्यूटिव मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश किया गया था.

  7. सीजेपी के प्रदर्शन पर पाकिस्तान और बाकी विदेशी मीडिया में कैसी कवरेज

  8. ध्रुव राठी ने रिहा होने के बाद पासपोर्ट दिखाते हुए कहा- मुझे किडनैप किया गया था

    मशहूर यूट्यूबर ध्रुव राठी ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने उनका 'किडनैप' कराया था और उन्हें चोट भी आई है.

    ध्रुव राठी ने यह भी स्पष्ट किया कि वो भारतीय नागरिक हैं, इस दौरान उन्होंने अपना पासपोर्ट भी दिखाया.

    ध्रुव राठी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर कहा, "मैं साफ़ करना चाहूंगा कि ये है मेरा पासपोर्ट है और मैं एक भारतीय नागरिक हूं और भारतीय ही रहूंगा. यह सरासर झूठ है कि मैं फ़ॉरेन पासपोर्ट होल्डर हूं और प्रोटेस्ट में शामिल नहीं हो सकता. मैं भारतीय नागरिक हूं और मेरे भी उतने ही अधिकार हैं, जितने किसी एक आम नागरिक के होने चाहिए."

    "10 अक्तूबर की सुबह क़रीब 7 बजे मैं अपने बेडरूम में सो रहा था और मेरी मम्मी सुबह उठकर दरवाज़ा खोलती है क्योंकि बाहर काफ़ी सारे लोग घूम रहे थे. ये लोग पुलिसकर्मी नहीं बल्कि आम कपड़ों में थे और ये एकदम से उन्हें धक्का मारकर घर में घुस गए. ये लोग मेरे बेडरूम में आकर मुझे किडनैप कर ले जाते हैं. मैं यहां पर किडनैप शब्द का इस्तेमाल कर रहा हूं क्योंकि ये कोई अरेस्ट या डिटेंशन नहीं है. डिटेंशन तो तब होता अगर मैं प्रोटेस्ट में जाता. अरेस्ट तब होता अगर कोई पुलिस वाला आता, अपनी वर्दी दिखाता, नेम प्लेट दिखाता."

    राठी ने कहा, "जब मैं घर से बाहर आया तो मुझे पता चला कि पचास से ज़्यादा लोग खड़े थे. इन्हें चाहे पुलिसकर्मी कह लो या कोई एजेंसी वाला कह दो. ये मुझे इस तरह घसीटकर ले गए जैसे किसी अपराधी को ले जाया जाता है. मुझे काफ़ी चोट भी लगी है. ये मुझे जीप में बैठाकर एक पुलिस स्टेशन ले गए, वहां से दूसरे स्टेशन ले गए. इसका कोई वीडियो भी मौजूद नहीं है क्योंकि इन्होंने मेरा फ़ोन छीन लिया था. इन्होंने मुझे वकील या फ़ोन एक्सेस भी नहीं दिया. लगभग 22-23 घंटों तक इन्होंने मुझे बिठा कर रखा."

    "मैं आपसे एक सवाल पूछना चाहूँगा. क्या आपने किसी भी लोकतांत्रिक देश में ऐसा होते हुए सुना है कि एक आम नागरिक, जिसने कोई क़ानून नहीं तोड़ा, जिसने सिर्फ़ सच के लिए और देशहित में आवाज़ उठाई, जिसने एक बेहतर चुनाव आयोग की माँग की, उसे उसके घर में घुसकर बेडरूम से उठा लिया जाए, उसका अपहरण कर लिया जाए? उसके माता-पिता के साथ मारपीट की जाए, हाथापाई की जाए और फिर उसे इस तरह अपने साथ ले जाया जाए?"

    "ये किसी डेमोक्रेटिक देश में ऐसा नहीं होता. नरेंद्र मोदी ने इस देश को डिक्टेटरशिप बना दिया है. ये सीधे तौर पर एक अनऑफ़िशियल इमरजेंसी है. सीजेपी लीडर्स समेत 7 हज़ार लोगों को डिटेन किया गया था. ये चीज़ें इमरजेंसी और नॉर्थ कोरिया में होती हैं, अब हमारे देश में हो रही हैं."

    उन्होंने आरोप लगाया, "मेरे चारों तरफ़ इन लोगों ने कम से कम पंद्रह लोग छोड़ रखे हैं , जो मेरे ऊपर निगरानी रख रहे हैं. इन्होंने मुझे एक अघोषित हाउस अरेस्ट पर रख लिया है."

    राठी ने कहा, "मैं नरेंद्र मोदी से कहना चाहूंगा कि इतना भी मत डराओ किसी को कि सारा डर ख़त्म हो जाए. सोनम वांगचुक जी का धन्यवाद, उन्होंने सरकार को भूख हड़ताल की चेतावनी थी."

    गौरतलब है कि गुरुग्राम से हिरासत में लिए गए ध्रुव राठी को पुलिस ने कुछ घंटों बाद रिहा कर दिया था.

  9. सीजेपी ने कहा- कॉकरोच कभी मरते नहीं, 2 बजे करेंगे प्रेस कॉन्फ़्रेंस

    कॉकरोच जनता पार्टी के फ़ाउंडर अभिजीत दीपके, सह-संयोजक सौरव दास और आशुतोष रांका को मजिस्ट्रेट कोर्ट ने रविवार को रिहा कर दिया.

    इसके बाद सीजेपी के आधिकारिक अकाउंट से हुई पोस्ट में लिखा गया, "कॉकरोच कभी मरते नहीं."

    वहीं, आशुतोष रांका ने रिहा होने के बाद बताया कि सीजेपी रविवार दोपहर 2 बजे प्रेस कॉन्फ़्रेंस करेगी.

    सीजेपी की लीगल हेड रत्ना सिंह के मुताबिक़, तीनों लीडर को इस शर्त पर रिहा किया गया है कि वे एक साल तक शांति भंग नहीं करेंगे.

    दीपके, रांका और दास को 10 अक्तूबर को दिल्ली एयरपोर्ट पर प्लेन से ही हिरासत में ले लिया गया था.

    वहीं, सीजेपी से जुड़े अजिंक्य शिंदे ने कहा है कि उनकी पार्टी रविवार को भी प्ररदर्शन करेगी.

  10. मणिपुर में फिर हिंसा, नौ लोगों की मौत, कई घरों में लगाई आग, दिलीप कुमार शर्मा,गुवाहाटी से बीबीसी हिन्दी के लिए

    मणिपुर के पहाड़ी ज़िलों में हिंसा की नई घटनाओं में कम से कम 9 लोगों की मौत हो गई है.

    इस दौरान हमलावरों ने क़रीब एक दर्जन से ज़्यादा घरों में आग लगा दी. यह हिंसा शुक्रवार रात से शुरू हुई जब एक कुकी महिला की कथित तौर पर गोली मारकर हत्या कर दी गई.

    दरअसल, शुक्रवार रात को कामजोंग ज़िले के चसाद गांव में हथियारबंद गुटों और सुरक्षा बलों के बीच कथित गोलीबारी हुई, जिसमें 42 वर्षीय कुकी महिला डोमखोनी टौथांग की मौत हो गई थी.

    पुलिस के एक स्थानीय अधिकारी ने बताया, "मणिपुर पुलिस, इंडिया रिज़र्व बटालियन और बीएसएफ की एक संयुक्त टीम चस्साद गांव में कथित अवैध बंकरों को हटाने के लिए ऑपरेशन चला रही थी. इसी दौरान स्थानीय महिलाओं ने इस कार्रवाई में बाधा डालने की कोशिश की और अज्ञात हमलावरों ने सुरक्षा टीम पर गोलीबारी कर दी, जिसके जवाब में सुरक्षा बलों ने भी जवाबी कार्रवाई की."

    इस घटना के बाद इलाके में तनाव बढ़ गया और कुछ अज्ञात उपद्रवियों ने गांव के कई घरों में आग लगा दी. इस घटना को लेकर कुकी नागरिक संगठन और कुकी महिला संघ के कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया.

    इस बीच चसाद गांव में एक और कुकी व्यक्ति की कथित तौर पर हत्या कर दी गई. इस तरह शनिवार सुबह हिंसा फिर से शुरू हो गई. कुछ अज्ञात हमलावरों ने कथित तौर पर चसाद पुलिस स्टेशन में आग लगाने की भी कोशिश की. फ़िलहाल कामजोंग ज़िला मजिस्ट्रेट ने एक आदेश जारी कर पुलिस स्टेशन के 400 मीटर के दायरे में पाबंदियां लागू कर दी है.

    कामजोंग ज़िले की एक अलग घटना में निंगचू गांव के दो नगा विलेज गार्ड की शनिवार सुबह कथित तौर पर हत्या कर दी गई. मारे गए लोगों की शिनाख़्त 36 साल के नगाचांसो निंगशेन और 48 साल के लेशिशान हंग्यो के तौर पर की गई है. इस घटना की जानकारी देते हुए तांगखुल नगा संगठन ने बताया कि यह हमला भारत-म्यांमार सीमा के 102 नंबर पिलर के पास हुआ.

    इससे पहले शनिवार को सुबह क़रीब 5 बजे माकुई गांव में कथित तौर पर कुकी हथियारबंद समूह के हमले में तीन नगा विलेज गार्ड मारे गए. शनिवार की सुबह कांगपोकपी ज़िले के टपोन गांव में हुए एक और हमले में कथित तौर पर एक वॉलंटियर की मौत हो गई और दो अन्य घायल हो गए. मारे गए व्यक्ति की शिनाख़्त माचुंगवांगबो (35) के तौर पर की गई है जो थालोन गांव के रहने वाले थे. इस तरह कई इलाक़ो में गोलीबारी शनिवार देर शाम तक जारी रही.

    एक और घटना में, सेनापति ज़िले के तापहोउ सेनापति नेपाली गांव के रहने वाले 30 साल के संदीप राय की शनिवार सुबह उखरुल ज़िले के कोंजांग गांव के पास अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी.

    पिछली 7 फ़रवरी को उखरुल ज़िले में कुकी और नागा जनजाति के कुछ युवकों के बीच कथित तौर हुई हाथापाई के बाद लड़ाई ने व्यापक हिंसा का रूप ले लिया. बीते 8 महीनों से कुकी और तांगखुल नागाओं के बीच जारी इस हिंसा में 60 से अधिक लोगों की मौत हो गई है.

    इस बीच मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने शनिवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर कई अहम विषयों पर बात की.

    इस मुलाकात के बाद सीएम खेमचंद ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा,"माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी से मिलना मेरे लिए सौभाग्य की बात थी. उनका दूरदर्शी नेतृत्व विकसित भारत के हिस्से के तौर पर एक शांतिपूर्ण, समृद्ध और विकसित मणिपुर बनाने के हमारे संकल्प को प्रेरित करता रहता है."

  11. सऊदी में इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुए अटैक को लेकर भारत ने क्या कहा

    भारत ने सऊदी अरब की राजधानी रियाद स्थित किंग ख़ालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और अन्य नागरिक ठिकानों पर हो रहे हमलों की कड़ी निंदा की है.

    भारत ने इस घटना में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है. साथ ही, घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की है.

    भारत के विदेश मंत्रालय ने आधिकारिक बयान में कहा, "हम पिछले कुछ दिनों में रियाद के किंग ख़ालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर बार-बार हुए हमलों की कड़ी निंदा करते हैं. इनमें 10 अक्तूबर को किया गया कायरतापूर्ण हमला भी शामिल है."

    "इन हमलों में लोगों की जान गई है, कई लोग घायल हुए हैं और संपत्ति को नुक़सान पहुंचा है. हम मारे गए लोगों के परिवारों के प्रति अपनी संवेदना जताते हैं और घायलों के जल्द ठीक होने की कामना करते हैं."

    "आम नागरिकों और उनसे जुड़ी सुविधाओं पर बार-बार किए जा रहे हमले पूरी तरह अस्वीकार्य हैं और इन्हें तुरंत रोका जाना चाहिए."

    भारत ने कहा, "हम सऊदी अरब की संप्रभुता की रक्षा के लिए वहां के लोगों और सरकार के साथ खड़े हैं. हमें उम्मीद है कि इस क्षेत्र में जल्द से जल्द शांति और सामान्य स्थिति बहाल होगी."

    गौरतलब है कि रियाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुए हमले में 12 लोगों की मौत हो गई, जबकि 309 लोग घायल हुए हैं.

    स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक़, घायलों में कुछ की हालत गंभीर है. हमले के बाद एयरपोर्ट पर परिचालन निलंबित कर दिया गया है.

  12. अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को मजिस्ट्रेट कोर्ट ने रिहा किया

    कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के फ़ाउंडर अभिजीत दीपके, सह-संयोजक सौरव दास और आशुतोष रांका को पुलिस हिरासत से रिहा कर दिया गया है.

    लाइव लॉ के मुताबिक सीजेपी के तीनों टॉप लीडर्स को एग्ज़ीक्यूटिव मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया, जहां इन्हें रिहा करने का आदेश दिया गया.

    तीनों के वकील सौतिक बनर्जी ने इस बात की पुष्टि करते हुए कहा कि वो अब यहां से बाहर जा सकते हैं.

    दरअसल, दिल्ली पुलिस ने दीपके सहित तीनों लीडर्स को 10 अक्तूबर को दिल्ली एयरपोर्ट पर प्लेन से हिरासत में लिया गया था.

    इसके बाद से ही सीजेपी लगातार इनकी रिहाई की मांग कर रही थी. वहीं, यूट्यूबर ध्रुव राठी को पुलिस ने पहले ही हिरासत से छोड़ दिया था.

  13. सऊदी अरब हूती विद्रोहियों से राजधानी रियाद की हिफ़ाज़त क्यों नहीं कर पा रहा है?

  14. ध्रुव राठी को पुलिस हिरासत से रिहा किया गया

    मशहूर यूट्यूबर और सोशल मीडिया इन्फ़्लुएंसर ध्रुव राठी को पुलिस ने हिरासत में लेने के कुछ घंटों बाद रिहा कर दिया है.

    गुरुग्राम पुलिस के प्रवक्ता ने बीबीसी संवाददाता दिलनवाज़ पाशा से इसकी पुष्टि की है.

    दरअसल, ध्रुव राठी को 10 अक्तूबर 2026 की सुबह गुरुग्राम के सेक्टर 56 स्थित केंद्रीय विहार हिरासत में लिया गया था.

    यह कार्रवाई दिल्ली के जंतर-मंतर पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' (सीजेपी) के प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन को देखते हुए की गई थी.

    वहीं, सीजेपी के फ़ाउंडर अभिजीत दीपके, सह-संयोजक सौरव दास और आशुतोष रांका को मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जाएगा.

  15. जंतर-मंतर के आसपास अब कैसी स्थिति, तस्वीरों में देखें हालात

    दिल्ली स्थित जंतर-मंतर के आसपास रविवार को पुलिस बल की भारी तैनाती की गई है.

    इससे पहले शनिवार को पुलिस ने सीजेपी के टॉप लीडर्स समेत कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया था.

    हालांकि, सीजेपी से जुड़े अजिंक्य शिंदे ने बताया है कि वो आज यानी रविवार को 10 बजे फिर से जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करेंगे.

    ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा ने रविवार को भी प्रोटेस्ट का कॉल दिया है.

    हा बोरा की ओर से ये नहीं बताया गया कि रविवार को प्रदर्शन किस जगह होगा.

  16. नेपाल में फिर बाढ़ की आशंका, सरकार ने दी ये चेतावनी

    नेपाल में बूढ़ी गंडकी नदी में अचानक भारी बाढ़ आने की आशंका जताई गई है.

    नेपाल के राष्ट्रीय आपदा जोख़िम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण ने लोगों को सतर्क रहने की अपील की है.

    प्राधिकरण ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर चेतावनी जारी करते हुए लिखा, "बूढ़ी गंडकी नदी में चुमानुवमी ग्रामीण नगरपालिका-6 की तरफ़ से भारी बाढ़ आ रही है."

    इसमें आगे लिखा, "जब तक बाढ़ गुज़र न जाए, त्रिशूली दोभान तक नदी के पास न जाएं. ऊंची जगहों पर रहें."

    राष्ट्रीय आपदा जोख़िम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण ने बूढ़ी गंडक नदी में बाढ़ से प्रभावित कुछ इलाक़ों की हेलीकॉप्टर से ली गई तस्वीरें भी जारी की हैं.

  17. 'मैं खुलकर ग़ुस्सा जताती हूँ, मुझे परवाह नहीं' महिलाएं अब अपना ग़ुस्सा क्यों नहीं दबा रहीं?

  18. अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका के बारे में सीजेपी ने दिया ये अपडेट

    कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने दावा किया है कि हिरासत में लिए गए उसके नेताओं को रविवार सुबह 9 बजे दिल्ली कैंट पुलिस स्टेशन में एग्ज़ीक्यूटिव मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जाएगा.

    दरअसल, शनिवार सुबह मुंबई से दिल्ली आए सीजेपी के फ़ाउंडर अभिजीत दीपके, सह-संयोजक सौरव दास और आशुतोष रांका को पुलिस ने फ़्लाइट से ही हिरासत में ले लिया था.

    सीजेपी की लीगल हेड रत्ना सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, "अभिजीत, आशुतोष और सौरव को आज सुबह 9 बजे दिल्ली कैंट पुलिस स्टेशन में एग्ज़ीक्यूटिव मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जाएगा."

    उन्होंने बताया, "दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी ने मुझे सुबह इस बारे में जानकारी दी. सीजेपी के लीगल हेड के तौर पर, मैं हमारी तरफ़ से पेश होने वाले दूसरे वकीलों के साथ पुलिस स्टेशन में मौजूद रहूँगी."

    ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा ने भी तीनों की हिरासत का मामला उठाते हुए सरकार पर निशाना साधा.

    उन्होंने शनिवार को एक्स पर लिखा, "मोदी शाह इतने डरे हुए हैं कि आज वे बच्चों का अपहरण कर रहे हैं. आपको परिणाम भुगतना पड़ेगा."

  19. दिल्ली में प्रदर्शन रोकने के लिए इतनी सख़्ती क्यों, क्या कह रहे हैं विश्लेषक?

  20. दिल्ली में हुए प्रदर्शन पर संयुक्त राष्ट्र के चिंता जताने पर भारत ने क्या जवाब दिया

    कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शन के दौरान बड़े पैमाने पर हुई पुलिस की कार्रवाई पर संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार संगठन ने चिंता जताई, जिसके बाद भारत का जवाब आया है.

    जिनेवा में भारतीय मिशन ने यूएन मानवाधिकार आयोग की तरफ़ से जारी बयान का जवाब देते हुए कहा कि यह चिंताएं बेबुनियाद हैं.

    जिनेवा में भारतीय मिशन ने आधिकारिक बयान में कहा, “भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है, जहां शांति से इकट्ठा होने का अधिकार हमारे संविधान से मिलता है और मज़बूत संस्थाओं, एक स्वतंत्र न्यायपालिका और एक स्वतंत्र मीडिया से सुरक्षित है."

    "हर लोकतंत्र की तरह, भारतीय नागरिक पब्लिक ऑर्डर के हित में उचित पाबंदियों के तहत इस अधिकार का इस्तेमाल करते हैं. अधिकारी क़ानून के अनुसार काम करते हैं और हमारी अदालतें किसी भी शिकायत के समाधान के लिए सभी के लिए उपलब्ध रहती हैं."

    बयान में कहा गया, "इसलिए मानवाधिकार आयोग की चिंताएं ग़लत हैं और भारत के अंदरूनी मामलों में बेवजह दख़ल देती हैं. इस संदर्भ में, मानवाधिकार आयोग को अपने निष्पक्षता और बिना किसी भेदभाव के काम करने के अपने अधिकार के अनुसार, दूसरी जगहों पर भी बड़े पैमाने पर हो रहे विरोध प्रदर्शनों पर उतना ही ध्यान देना चाहिए.”

    इससे पहले संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार ने कहा था कि दिल्ली में प्रदर्शनकारियों, प्रदर्शन के नेताओं, नागरिक समाज संगठनों के सदस्यों, वकीलों और पत्रकारों को हिरासत में लिए जाने की ख़बरों से वे चिंतित हैं.

    साथ ही, उन्होंने अधिकारियों से मनमाने ढंग से हिरासत में लिए गए सभी लोगों को तुरंत और बिना शर्त रिहा करने की मांग की थी.