जी-7 की बैठक के लिए इटली में एकजुट हुए दुनिया के नेता, मोदी भी हुए रवाना
जी-7 देशों के राष्ट्राध्यक्षों की बैठक में रूस-यूक्रेन युद्ध, ग़ज़ा-इसराइल युद्ध, जलवायु परिवर्तन, प्रवासी मुद्दे, तकनीक और अन्य मुद्दों पर चर्चा होनी है.
सारांश
नीट-यूजी में ग्रेस मार्क्स दिए गए 1,563 छात्रों के लिए दोबारा होगी परीक्षा. एनटीए ने नोटिफ़िकेशन जारी कर बताया 23 जून को होंगे एग्ज़ाम.
पीएम नरेंद्र मोदी जी7 शिखर सम्मेलन में शामिल होने इटली रवाना हुए. तीसरी बार पीएम पद की शपथ लेने के बाद मोदी का यह पहला विदेश दौरा है.
अजीत डोभाल को एक बार फिर राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार नियुक्त कर दिया गया है.
चीन और पाकिस्तान के संयुक्त बयान में जम्मू और कश्मीर पर की गई टिप्पणी पर भारत के विदेश मंत्रालय ने तीखी प्रतिक्रिया दी है.
पेमा खांडू ने लगातार तीसरी बार अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है. चोओना मीन ने उप मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली.
लाइव कवरेज
दीपक मंडल
पीएम मोदी ने आपातकाल का ज़िक्र करते हुए जेपी के बारे में ये कहा
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इमेज कैप्शन, पीएम मोदी (फ़ाइल फ़ोटो)
पीएम नरेंद्र मोदी ने जयप्रकाश नारायण की जयंती पर उनको याद करते हुए इमरजेंसी के दौर पर टिप्पणी की है.
उन्होंने एक्स पर लिखा, "लोकनायक जयप्रकाश नारायण को उनकी जयंती पर स्मरण कर रहा हूँ. उनका प्रभाव कई पीढ़ियों तक रहा. उन्होंने लोगों को यह विश्वास दिलाया कि सार्वजनिक जीवन राष्ट्र के नव-निर्माण का माध्यम बन सकता है. आपातकाल के दौरान उनकी निडर आवाज़ भी उल्लेखनीय थी."
जयप्रकाश नारायण जिन्हें जेपी या लोकनायक के नाम से जाना जाता है, उन्होने साल 1974 में भ्रष्टाचार, महंगाई और बेरोजगारी के ख़िलाफ़ 'संपूर्ण क्रांति' का नारा दिया था.
1975 में उन्होंने इंदिरा गांधी सरकार के ख़िलाफ़ व्यापक विपक्ष का नेतृत्व किया, जिसके चलते उन्हें आपातकाल के दौरान जेल जाना पड़ा. इसके बाद 1977 में देश में पहली बार गैर-कांग्रेसी सरकार बनी.
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े की मांग को लेकर फिर सड़क पर उतरीं नेहा बोरा, जानिए क्या हुआ
इमेज कैप्शन, नेहा बोरा ने आरके आश्रम में प्रदर्शन किया
एसआईआर के ख़िलाफ़ लगातार प्रदर्शन कर रहीं आइसा की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा रविवार को आरके आश्रम मार्ग पर प्रदर्शनकारियों के साथ पहुंचीं.
मौके पर मौजूद बीबीसी संवाददाता राघवेंद्र राव ने नेहा बोरा को पुलिस हिरासत में लिए जाने की पुष्टि की है.
हालांकि वह वहां रुककर प्रदर्शन नहीं कर सकीं. नेहा बोरा ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो जारी किया है. वीडियो में उन्हें दूसरे लोगों के साथ भागते हुए देखा जा सकता है.
बीते दो अक्तूबर से दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के ख़िलाफ जारी आंदोलनों में नेहा बोरा प्रमुख चेहरा बनकर उभरी हैं, जिन्हें लगभग हर प्रदर्शन के बाद पुलिस ने हिरासत में लिया.
शनिवार को दिल्ली में जंतर-मंतर पहुंचने के रास्तों के कड़े पहरे के बीच उन्होंने अचानक दिल्ली हाट पहुंचकर प्रदर्शन किया और हिरासत में ली गई थीं.
रविवार को उन्होंने अपनी रणनीति बदली और एक वीडियो जारी करके प्रदर्शन की जगह और समय बताकर समर्थकों को वहां पहुंचने का संदेश दिया, फिर वहां पहुंचकर प्रदर्शन किया. रविवार को भी पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया है.
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इमेज कैप्शन, पुलिस हिरासत में लिए जाने के दौरान नेहा बोरा जमीन पर लेट गईं जहां से महिला पुलिसकर्मियों ने उनके हाथ-पैर पकड़कर उन्हें पुलिस गाड़ी में डिटेन किया
जंतर-मंतर पहुंचने से पहले ही हिरासत, कॉकरोच जनता पार्टी की रणनीति पर क्या बोले विशेषज्ञ
दिल्ली में प्रदर्शन पर कार्रवाई को लेकर विशेष सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?
सीजेपी की प्रेस कॉन्फ़्रेंस में पीएम मोदी पर सीधा निशाना, हिरासत को लेकर ये आरोप लगाया
इमेज कैप्शन, दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी की प्रेस कॉन्फ़्रेंस के दौरान संगठन के प्रमुख लीडर
कॉकरोच जनता पार्टी के प्रमुख नेताओं की रिहाई के बाद सोमवार दोपहर इस संगठन ने प्रेस कॉन्फ़्रेंस करके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सीधा हमला किया.
आशुतोष रांका, सौरव दास और रत्ना सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया. इस दौरान सीजेपी प्रमुख अभिजीत दीपके मौजूद नहीं रहे क्योंकि वे अपनी दादी के देहांत के चलते अपने पैतृक गांव लौट गए हैं.
प्रेस कॉन्फ़्रेंस में आशुतोष रांका ने कहा, "नरेंद्र मोदी भारत के इतिहास के अब तक के सबसे कायर प्रधानमंत्री हैं."
सौरव दास ने आरोप लगाते हुए कहा, "ये वो सरकार है जिसने नीरव मोदी और विजय माल्या को फ़्लाइट में बैठाकर देश से बाहर भेज दिया है जबकि हमें फ़्लाइट के अंदर से उठवा लिया गया."
साथ ही, शनिवार को हिरासत में लिए जाने को लेकर उन्होंने केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा, "जब हमें अगवा किया गया तब कोई पेपरवर्क नहीं किया गया बल्कि माफ़िया डॉन की तरह पुलिस आई और उठाकर ले गई. हमारे फ़ोन को जबरन ज़ब्त कर लिया गया है. महिला पुलिस के ज़रिए फ़ोन लिया गया. लेकिन कोई क़ानूनी कार्रवाई करते हुए फ़ोन नहीं लिया गया."
सौरव दास ने कहा "मुझे आरकेपुरम में रखा, आशुतोष को बल्लभगढ़ लेकर गए थे और अभिजीत को भी कहीं लेकर गए थे. जब हमें लेकर गए तो हमने पूछा कि हमारा मूलभूत अधिकार है कि हम अपने वकील से बात करें. लेकिन हमसे कहा गया कि हिरासत में लेने के दौरान कोई अधिकार नहीं होता है. दिल्ली पुलिस प्रदर्शनकारियों के साथ क्या बर्बरता करती होगी."
उन्होंने आगे कहा, "अब हमें आशंका है कि हमारे फ़ोन के साथ न जाने क्या क्या किया होगा. हमें आशंका है कि हमारे फ़ोन को क्लोन किया गया है. कल हमारे फ़ोन को क्लोन करके उसे सबूत के तौर पर पेश किया जाएगा.
अभी तक बीबीसी संवाददाता रौनक भैड़ाआप तक ख़बरें पहुंचा रहे थे. अब बीबीसी संवाददाता शिवांगी जायसवाल रात दस बजे तक आप तक ख़बरें पहुंचाएंगे.
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अभिजीत दीपके बोले- 'दुख की घड़ी में गांव लौट रहा हूं'
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इमेज कैप्शन, सीजेपी फ़ाउंडर अभिजीत दीपके ने कहा कि जल्द ही सौरव दास और आशुतोष रांका प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे (फ़ाइल फ़ोटो)
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के फ़ाउंडर अभिजीत दीपके ने बताया है कि वो अपनी दादी का निधन होने के बाद गांव लौट रहे हैं.
अभिजीत दीपके ने कहा कि पार्टी के सह-संयोजक सौरव दास और आशुतोष रांका जल्द ही एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस करेंगे.
दीपके ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, "इस दुख की घड़ी में अपने परिवार के साथ रहने के लिए अपने गांव वापस जा रहा हूं. सौरव और आशुतोष जल्द ही दिल्ली में प्रेस कॉन्फ़्रेंस करेंगे."
उन्होंने लिखा, "सीजेपी न तो पीछे हटेगी और न ही डरेगी. 10 अक्तूबर को इस तानाशाही के अंत की शुरुआत के रूप में याद किया जाएगा."
अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और सौरव दास रविवार को ही मजिस्ट्रेट कोर्ट से रिहा हुए हैं, उन्हें शनिवार को पुलिस हिरासत में लिया गया था.
दिल्ली में हो रहे प्रदर्शनों के बीच बोले मल्लिकार्जुन खड़गे- कल सीजेआई से मिलेंगे
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इमेज कैप्शन, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि सरकार प्रदर्शनकारियों से डर गई है
दिल्ली में हो रहे प्रदर्शनों के बीच कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा है कि वो सोमवार को चीफ़ जस्टिस ऑफ़ इंडिया (सीजेआई) से मुलाक़ात करेंगे.
मल्लिकार्जुन खड़गे ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि लोगों को गिरफ़्तार करने के आदेश इसलिए दिए गए, क्योंकि सरकार उनसे डर गई है.
मल्लिकार्जुन खड़गे ने रविवार को कहा, "हमारे मौलिक अधिकारों को छीना जा रहा है. कल युवा प्रदर्शन कर रहे थे. आपातकाल में भी ऐसा नहीं हुआ कि ट्रेन और विमान रोके जाएं. तब बिना कारण के किसी को गिरफ़्तार नहीं किया गया."
"मोदी सरकार ने प्रदर्शन को रोकने के लिए लोगों को गिरफ़्तार करने के आदेश दिए, फिर चाहे वो फ़्लाइट में हों या ट्रेन में. ये दिखाता है कि वो युवाओं से डरे हुए हैं. हम अपने हक़ के लिए लड़ते रहेंगे. हम नागरिकों के अधिकार की लड़ाई लड़ते रहेंगे."
उन्होंने कहा, "कल हम सीजेआई से मिलेंगे. मैंने और राहुल जी ने पत्र लिखा है, मुलाक़ात के लिए वक़्त मांगा है."
गौरतलब है कि सोमवार को ही मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफ़े की मांग को लेकर विपक्ष का मार्च है.
दिल्ली के कनॉट प्लेस में हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारी, देखें तस्वीरें
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इमेज कैप्शन, कनॉट प्लेस से रविवार को प्रदर्शनकारियों को डिटेन किया गया है
दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित इनर सर्कल में मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के ख़िलाफ़ प्रदर्शन कर रहे कुछ प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने हिरासत में लिया.
कनॉट प्लेस से रविवार को जिन प्रदर्शनकारियों को डिटेन किया गया है, उनमें स्टूडेंट्स फ़ेडरेशन ऑफ़ इंडिया, ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फ़ेडरेशन और ऑल इंडिया यूथ फ़ेडरेशन से जुड़े छात्र-छात्राएं भी शामिल हैं.
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने रविवार के लिए प्रोटेस्ट कॉल दिया था. सीजेपी से जुड़े अजिंक्य शिंदे ने कहा था कि वो जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने जाएंगे.
दूसरी ओर, आइसा की अध्यक्ष नेहा बोरा ने भी रविवार को प्रदर्शन करने की बात कही है. हालांकि, उन्होंने यह नहीं बताया कि प्रदर्शन स्थल क्या होगा.
प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने की तस्वीरें भी सामने आई हैं-
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नेपाल में एक बार फिर बाढ़ की आशंका, प्रशासन ने लोगों को सतर्क किया
ध्रुव राठी और अभिजीत दीपके समेत सीजेपी के ये नेता हुए रिहा
ध्रुव राठी पासपोर्ट दिखाते हुए बोले, "मैं भारतीय नागरिक हूं, था और रहूंगा..."
अभिजीत दीपके ने रिहा होने के बाद दी पहली प्रतिक्रिया
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इमेज कैप्शन, अभिजीते दीपके ने रविवार को रिहा होने के बाद पीएम मोदी पर निशाना साधा (फ़ाइल फ़ोटो)
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के फ़ाउंडर अभिजीत दीपके ने पुलिस हिरासत से रिहा होने के बाद पहली प्रतिक्रिया दी है.
अभिजीते दीपके ने रविवार को पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए उन्हें 'डरपोक' बताया.
अभिजीत ने एक्स पर पोस्ट किया, "प्रधानमंत्री के तौर पर मोदी भारत के लिए शर्मिंदगी का कारण हैं. इस देश ने आज तक उनसे बड़ा डरपोक और दूसरों को डराने वाला व्यक्ति नहीं देखा है."
आशुतोष रांका ने एक्स पर लिखा, "ज्ञानेश कुमार गद्दार है. इस्तीफ़ा तो उसे देना होगा. ऐसे गद्दारों को हटवाने के लिए जीवनभर जेल रहना भी मंज़ूर है."
गौरतलब है कि अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को रविवार सुबह क़रीब 10 बजे 23 घंटे हिरासत में रखने के बाद रिहा कर दिया गया.
तीनों को दिल्ली कैंट स्थित एग्ज़ीक्यूटिव मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश किया गया था.
सीजेपी के प्रदर्शन पर पाकिस्तान और बाकी विदेशी मीडिया में कैसी कवरेज
ध्रुव राठी ने रिहा होने के बाद पासपोर्ट दिखाते हुए कहा- मुझे किडनैप किया गया था
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इमेज कैप्शन, यूट्यूबर ध्रुव राठी ने पासपोर्ट दिखाते हुए यह स्पष्ट किया कि वो भारतीय नागरिक हैं
मशहूर यूट्यूबर ध्रुव राठी ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने उनका 'किडनैप' कराया था और उन्हें चोट भी आई है.
ध्रुव राठी ने यह भी स्पष्ट किया कि वो भारतीय नागरिक हैं, इस दौरान उन्होंने अपना पासपोर्ट भी दिखाया.
ध्रुव राठी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर कहा, "मैं साफ़ करना चाहूंगा कि ये है मेरा पासपोर्ट है और मैं एक भारतीय नागरिक हूं और भारतीय ही रहूंगा. यह सरासर झूठ है कि मैं फ़ॉरेन पासपोर्ट होल्डर हूं और प्रोटेस्ट में शामिल नहीं हो सकता. मैं भारतीय नागरिक हूं और मेरे भी उतने ही अधिकार हैं, जितने किसी एक आम नागरिक के होने चाहिए."
"10 अक्तूबर की सुबह क़रीब 7 बजे मैं अपने बेडरूम में सो रहा था और मेरी मम्मी सुबह उठकर दरवाज़ा खोलती है क्योंकि बाहर काफ़ी सारे लोग घूम रहे थे. ये लोग पुलिसकर्मी नहीं बल्कि आम कपड़ों में थे और ये एकदम से उन्हें धक्का मारकर घर में घुस गए. ये लोग मेरे बेडरूम में आकर मुझे किडनैप कर ले जाते हैं. मैं यहां पर किडनैप शब्द का इस्तेमाल कर रहा हूं क्योंकि ये कोई अरेस्ट या डिटेंशन नहीं है. डिटेंशन तो तब होता अगर मैं प्रोटेस्ट में जाता. अरेस्ट तब होता अगर कोई पुलिस वाला आता, अपनी वर्दी दिखाता, नेम प्लेट दिखाता."
राठी ने कहा, "जब मैं घर से बाहर आया तो मुझे पता चला कि पचास से ज़्यादा लोग खड़े थे. इन्हें चाहे पुलिसकर्मी कह लो या कोई एजेंसी वाला कह दो. ये मुझे इस तरह घसीटकर ले गए जैसे किसी अपराधी को ले जाया जाता है. मुझे काफ़ी चोट भी लगी है. ये मुझे जीप में बैठाकर एक पुलिस स्टेशन ले गए, वहां से दूसरे स्टेशन ले गए. इसका कोई वीडियो भी मौजूद नहीं है क्योंकि इन्होंने मेरा फ़ोन छीन लिया था. इन्होंने मुझे वकील या फ़ोन एक्सेस भी नहीं दिया. लगभग 22-23 घंटों तक इन्होंने मुझे बिठा कर रखा."
"मैं आपसे एक सवाल पूछना चाहूँगा. क्या आपने किसी भी लोकतांत्रिक देश में ऐसा होते हुए सुना है कि एक आम नागरिक, जिसने कोई क़ानून नहीं तोड़ा, जिसने सिर्फ़ सच के लिए और देशहित में आवाज़ उठाई, जिसने एक बेहतर चुनाव आयोग की माँग की, उसे उसके घर में घुसकर बेडरूम से उठा लिया जाए, उसका अपहरण कर लिया जाए? उसके माता-पिता के साथ मारपीट की जाए, हाथापाई की जाए और फिर उसे इस तरह अपने साथ ले जाया जाए?"
"ये किसी डेमोक्रेटिक देश में ऐसा नहीं होता. नरेंद्र मोदी ने इस देश को डिक्टेटरशिप बना दिया है. ये सीधे तौर पर एक अनऑफ़िशियल इमरजेंसी है. सीजेपी लीडर्स समेत 7 हज़ार लोगों को डिटेन किया गया था. ये चीज़ें इमरजेंसी और नॉर्थ कोरिया में होती हैं, अब हमारे देश में हो रही हैं."
उन्होंने आरोप लगाया, "मेरे चारों तरफ़ इन लोगों ने कम से कम पंद्रह लोग छोड़ रखे हैं , जो मेरे ऊपर निगरानी रख रहे हैं. इन्होंने मुझे एक अघोषित हाउस अरेस्ट पर रख लिया है."
राठी ने कहा, "मैं नरेंद्र मोदी से कहना चाहूंगा कि इतना भी मत डराओ किसी को कि सारा डर ख़त्म हो जाए. सोनम वांगचुक जी का धन्यवाद, उन्होंने सरकार को भूख हड़ताल की चेतावनी थी."
गौरतलब है कि गुरुग्राम से हिरासत में लिए गए ध्रुव राठी को पुलिस ने कुछ घंटों बाद रिहा कर दिया था.
सीजेपी ने कहा- कॉकरोच कभी मरते नहीं, 2 बजे करेंगे प्रेस कॉन्फ़्रेंस
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इमेज कैप्शन, कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा है कि दोपहर 2 बजे प्रेस कॉन्फ़्रेंस होगी (फ़ाइल फ़ोटो)
कॉकरोच जनता पार्टी के फ़ाउंडर अभिजीत दीपके, सह-संयोजक सौरव दास और आशुतोष रांका को मजिस्ट्रेट कोर्ट ने रविवार को रिहा कर दिया.
इसके बाद सीजेपी के आधिकारिक अकाउंट से हुई पोस्ट में लिखा गया, "कॉकरोच कभी मरते नहीं."
वहीं, आशुतोष रांका ने रिहा होने के बाद बताया कि सीजेपी रविवार दोपहर 2 बजे प्रेस कॉन्फ़्रेंस करेगी.
सीजेपी की लीगल हेड रत्ना सिंह के मुताबिक़, तीनों लीडर को इस शर्त पर रिहा किया गया है कि वे एक साल तक शांति भंग नहीं करेंगे.
दीपके, रांका और दास को 10 अक्तूबर को दिल्ली एयरपोर्ट पर प्लेन से ही हिरासत में ले लिया गया था.
वहीं, सीजेपी से जुड़े अजिंक्य शिंदे ने कहा है कि उनकी पार्टी रविवार को भी प्ररदर्शन करेगी.
मणिपुर में फिर हिंसा, नौ लोगों की मौत, कई घरों में लगाई आग, दिलीप कुमार शर्मा,गुवाहाटी से बीबीसी हिन्दी के लिए
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इमेज कैप्शन, हमलावरों ने क़रीब एक दर्जन से ज़्यादा घरों में आग लगा दी है (प्रतीकात्मक फ़ोटो: सुरक्षा बलों की तैनाती)
मणिपुर के पहाड़ी ज़िलों में हिंसा की नई घटनाओं में कम से कम 9 लोगों की मौत हो गई है.
इस दौरान हमलावरों ने क़रीब एक दर्जन से ज़्यादा घरों में आग लगा दी. यह हिंसा शुक्रवार रात से शुरू हुई जब एक कुकी महिला की कथित तौर पर गोली मारकर हत्या कर दी गई.
दरअसल, शुक्रवार रात को कामजोंग ज़िले के चसाद गांव में हथियारबंद गुटों और सुरक्षा बलों के बीच कथित गोलीबारी हुई, जिसमें 42 वर्षीय कुकी महिला डोमखोनी टौथांग की मौत हो गई थी.
पुलिस के एक स्थानीय अधिकारी ने बताया, "मणिपुर पुलिस, इंडिया रिज़र्व बटालियन और बीएसएफ की एक संयुक्त टीम चस्साद गांव में कथित अवैध बंकरों को हटाने के लिए ऑपरेशन चला रही थी. इसी दौरान स्थानीय महिलाओं ने इस कार्रवाई में बाधा डालने की कोशिश की और अज्ञात हमलावरों ने सुरक्षा टीम पर गोलीबारी कर दी, जिसके जवाब में सुरक्षा बलों ने भी जवाबी कार्रवाई की."
इस घटना के बाद इलाके में तनाव बढ़ गया और कुछ अज्ञात उपद्रवियों ने गांव के कई घरों में आग लगा दी. इस घटना को लेकर कुकी नागरिक संगठन और कुकी महिला संघ के कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया.
इस बीच चसाद गांव में एक और कुकी व्यक्ति की कथित तौर पर हत्या कर दी गई. इस तरह शनिवार सुबह हिंसा फिर से शुरू हो गई. कुछ अज्ञात हमलावरों ने कथित तौर पर चसाद पुलिस स्टेशन में आग लगाने की भी कोशिश की. फ़िलहाल कामजोंग ज़िला मजिस्ट्रेट ने एक आदेश जारी कर पुलिस स्टेशन के 400 मीटर के दायरे में पाबंदियां लागू कर दी है.
कामजोंग ज़िले की एक अलग घटना में निंगचू गांव के दो नगा विलेज गार्ड की शनिवार सुबह कथित तौर पर हत्या कर दी गई. मारे गए लोगों की शिनाख़्त 36 साल के नगाचांसो निंगशेन और 48 साल के लेशिशान हंग्यो के तौर पर की गई है. इस घटना की जानकारी देते हुए तांगखुल नगा संगठन ने बताया कि यह हमला भारत-म्यांमार सीमा के 102 नंबर पिलर के पास हुआ.
इससे पहले शनिवार को सुबह क़रीब 5 बजे माकुई गांव में कथित तौर पर कुकी हथियारबंद समूह के हमले में तीन नगा विलेज गार्ड मारे गए. शनिवार की सुबह कांगपोकपी ज़िले के टपोन गांव में हुए एक और हमले में कथित तौर पर एक वॉलंटियर की मौत हो गई और दो अन्य घायल हो गए. मारे गए व्यक्ति की शिनाख़्त माचुंगवांगबो (35) के तौर पर की गई है जो थालोन गांव के रहने वाले थे. इस तरह कई इलाक़ो में गोलीबारी शनिवार देर शाम तक जारी रही.
एक और घटना में, सेनापति ज़िले के तापहोउ सेनापति नेपाली गांव के रहने वाले 30 साल के संदीप राय की शनिवार सुबह उखरुल ज़िले के कोंजांग गांव के पास अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी.
पिछली 7 फ़रवरी को उखरुल ज़िले में कुकी और नागा जनजाति के कुछ युवकों के बीच कथित तौर हुई हाथापाई के बाद लड़ाई ने व्यापक हिंसा का रूप ले लिया. बीते 8 महीनों से कुकी और तांगखुल नागाओं के बीच जारी इस हिंसा में 60 से अधिक लोगों की मौत हो गई है.
इस बीच मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने शनिवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर कई अहम विषयों पर बात की.
इस मुलाकात के बाद सीएम खेमचंद ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा,"माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी से मिलना मेरे लिए सौभाग्य की बात थी. उनका दूरदर्शी नेतृत्व विकसित भारत के हिस्से के तौर पर एक शांतिपूर्ण, समृद्ध और विकसित मणिपुर बनाने के हमारे संकल्प को प्रेरित करता रहता है."
सऊदी में इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुए अटैक को लेकर भारत ने क्या कहा
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इमेज कैप्शन, भारत ने इस घटना में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है (प्रतीकात्मक तस्वीर)
भारत ने सऊदी अरब की राजधानी रियाद स्थित किंग ख़ालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और अन्य नागरिक ठिकानों पर हो रहे हमलों की कड़ी निंदा की है.
भारत ने इस घटना में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है. साथ ही, घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की है.
भारत के विदेश मंत्रालय ने आधिकारिक बयान में कहा, "हम पिछले कुछ दिनों में रियाद के किंग ख़ालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर बार-बार हुए हमलों की कड़ी निंदा करते हैं. इनमें 10 अक्तूबर को किया गया कायरतापूर्ण हमला भी शामिल है."
"इन हमलों में लोगों की जान गई है, कई लोग घायल हुए हैं और संपत्ति को नुक़सान पहुंचा है. हम मारे गए लोगों के परिवारों के प्रति अपनी संवेदना जताते हैं और घायलों के जल्द ठीक होने की कामना करते हैं."
"आम नागरिकों और उनसे जुड़ी सुविधाओं पर बार-बार किए जा रहे हमले पूरी तरह अस्वीकार्य हैं और इन्हें तुरंत रोका जाना चाहिए."
भारत ने कहा, "हम सऊदी अरब की संप्रभुता की रक्षा के लिए वहां के लोगों और सरकार के साथ खड़े हैं. हमें उम्मीद है कि इस क्षेत्र में जल्द से जल्द शांति और सामान्य स्थिति बहाल होगी."
गौरतलब है कि रियाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुए हमले में 12 लोगों की मौत हो गई, जबकि 309 लोग घायल हुए हैं.
स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक़, घायलों में कुछ की हालत गंभीर है. हमले के बाद एयरपोर्ट पर परिचालन निलंबित कर दिया गया है.