जी-7 की बैठक के लिए इटली में एकजुट हुए दुनिया के नेता, मोदी भी हुए रवाना
जी-7 देशों के राष्ट्राध्यक्षों की बैठक में रूस-यूक्रेन युद्ध, ग़ज़ा-इसराइल युद्ध, जलवायु परिवर्तन, प्रवासी मुद्दे, तकनीक और अन्य मुद्दों पर चर्चा होनी है.
सारांश
- नीट-यूजी में ग्रेस मार्क्स दिए गए 1,563 छात्रों के लिए दोबारा होगी परीक्षा. एनटीए ने नोटिफ़िकेशन जारी कर बताया 23 जून को होंगे एग्ज़ाम.
- पीएम नरेंद्र मोदी जी7 शिखर सम्मेलन में शामिल होने इटली रवाना हुए. तीसरी बार पीएम पद की शपथ लेने के बाद मोदी का यह पहला विदेश दौरा है.
- अजीत डोभाल को एक बार फिर राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार नियुक्त कर दिया गया है.
- चीन और पाकिस्तान के संयुक्त बयान में जम्मू और कश्मीर पर की गई टिप्पणी पर भारत के विदेश मंत्रालय ने तीखी प्रतिक्रिया दी है.
- पेमा खांडू ने लगातार तीसरी बार अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है. चोओना मीन ने उप मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली.
लाइव कवरेज
दीपक मंडल
पाकिस्तान के गृह मंत्री ने ख़ैबर पख़्तूनख़्वा में इमरजेंसी लगाने की बताई ये वजह

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इमेज कैप्शन, ख़ैबर पख़्तूनख़्वा प्रांत में 11 अक्तूबर 2026 को राष्ट्रपति आसिफ अली ज़रदारी ने इमरजेंसी और गवर्नर शासन की घोषणा कर दी थी (तस्वीर: प्रांत में बढ़ी पुलिस बल की तैनाती) पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नक़वी ने कहा है कि ख़ैबर पख़्तूनख़्वा में आपातकाल और गवर्नर शासन लागू करना 'कोई राजनीतिक फ़ैसला नहीं, बल्कि एक कठिन संवैधानिक क़दम' था.
दरअसल, पाकिस्तान के ख़ैबर पख़्तूनख़्वा प्रांत में 11 अक्तूबर 2026 को राष्ट्रपति आसिफ अली ज़रदारी ने इमरजेंसी और गवर्नर शासन की घोषणा कर दी थी.
पूर्व प्रधानमंत्री इमरान ख़ान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ़ (पीटीआई) पार्टी की प्रांतीय सरकार को भी निलंबित कर दिया गया है.
सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर जारी बयान में गृह मंत्री मोहसिन नक़वी ने कहा, "सरकार ने संसदीय संपर्कों, प्रत्यक्ष बातचीत और पर्दे के पीछे कूटनीतिक प्रयासों सहित सभी माध्यमों से सहयोग स्थापित करने की कोशिश की. हालांकि, इन प्रयासों का कोई सकारात्मक नतीजा नहीं निकला."
उन्होंने कहा, "ख़ैबर पख़्तूनख़्वा उन प्रांतों में शामिल है, जो आतंकवाद का भारी बोझ झेल रहे हैं. यहां शांति स्थापित करने के लिए सुरक्षा बलों और आम नागरिकों ने बड़ी क़ुर्बानियां दी हैं. ऐसे हालात में टकराव के बजाय सहयोग को प्राथमिकता दी जानी चाहिए थी."
मोहसिन नक़वी ने कहा कि प्रांत में आपातकाल और गवर्नर शासन लागू करना न तो कोई राजनीतिक फ़ैसला था और न ही आसान क़दम. उन्होंने इसे ज़मीनी परिस्थितियों को देखते हुए उठाया गया एक कठिन संवैधानिक क़दम बताया.
गृह मंत्री के मुताबिक़, जब सहयोग के सभी रास्ते बंद हो जाते हैं, तो संविधान और पाकिस्तान के व्यापक हितों को प्राथमिकता देना ज़रूरी हो जाता है.
मोहसिन नक़वी ने अपने बयान में पाकिस्तान में शांति और स्थिरता के लिए दुआ की.
दूसरी ओर, पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति आरिफ़ अलवी ने ख़ैबर पख़्तूनख़्वा में आपातकाल लागू करने और प्रांतीय सरकार को निलंबित किए जाने पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने इस क़दम को ‘लोकतंत्र के ताबूत में आख़िरी कील’ क़रार दिया.
दिल्ली मेट्रो में सीट को लेकर विवाद: 48 वर्षीय शख़्स की मौत, पूर्व आईएएस अधिकारी और बेटा गिरफ़्तार

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इमेज कैप्शन, मामले में पुलिस ने पूर्व आईएएस अधिकारी संजय प्रताप सिंह और उनके बेटे सिद्धार्थ सिंह को गिरफ़्तार किया है (प्रतीकात्मक फ़ोटो: दिल्ली मेट्रो) दिल्ली मेट्रो में वरिष्ठ नागरिकों के लिए आरक्षित सीट पर बैठने को लेकर हुए विवाद में 48 वर्षीय एक शख़्स की मौत हो गई.
पुलिस के मुताबिक़, विवाद के दौरान पवन शर्मा को कथित तौर पर थप्पड़ मारा गया और धक्का दिया, जिससे वह गिर पड़े और उनके सिर में गंभीर चोटें आईं. मामले में पुलिस ने पूर्व आईएएस अधिकारी संजय प्रताप सिंह और उनके बेटे सिद्धार्थ सिंह को गिरफ़्तार किया है.
पुलिस के अनुसार, घटना 8 अक्तूबर को सुप्रीम कोर्ट मेट्रो स्टेशन पर हुई थी.
न्यूज़ एजेंसी पीटीआई के अनुसार, घटना के बाद मेट्रो कर्मचारियों ने पवन शर्मा को एंबुलेंस से लोक नायक जय प्रकाश अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.
पुलिस ने पवन शर्मा की मां दुर्गा शर्मा की शिकायत पर 9 अक्तूबर को मामला दर्ज किया था. पुलिस सूत्रों के मुताबिक़, एफ़आईआर दर्ज होने के बाद दोनों अभियुक्तों को गिरफ़्तार कर लिया गया.
पुलिस सूत्रों ने बताया कि संजय प्रताप सिंह पूर्व आईएएस अधिकारी हैं और उन्हें इससे पहले केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने कथित रिश्वतखोरी के एक मामले में गिरफ़्तार किया था. वहीं, उनके बेटे सिद्धार्थ सिंह सुप्रीम कोर्ट में वकालत करते हैं.
पुलिस मामले में आगे की जांच कर रही है.
शिवराज सिंह चौहान ने अपनी ही सरकार के अधिकारियों से जताई नाराज़गी, बोले- ज़िम्मेदारों को बख्शा नहीं जाएगा

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इमेज कैप्शन, कांग्रेस ने आरोप लगाया कि पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान और वर्तमान सीएम मोहन यादव की खींचतान के बीच आदिवासी परिवारों को उनके घरों से उजाड़ा जा रहा है (फ़ाइल फ़ोटो) केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को मध्य प्रदेश के वन विभाग और अन्य अधिकारियों पर अपने विदिशा लोकसभा क्षेत्र में आदिवासी परिवारों के घर गिराने, फ़सलों को नष्ट करने और एक कुएं को मिट्टी से भरने की बात कही है.
दरअसल, शिवराज रविवार को बुधनी विधानसभा क्षेत्र के कोसमी गांव पहुंचे, जहां यह कार्रवाई की गई थी.
उन्होंने न्यूज़ एजेंसी पीटीआई से बातचीत में कहा, "वन विभाग के अधिकारियों ने यहां जो किया है, वह ज़ुल्म की हद है. मैं उनसे पूछता हूं कि अगर उनके अपने बच्चों को इस तरह दुख में रोता-बिलखता छोड़ दिया जाए, तो क्या उन्हें अच्छा लगेगा? अगर उनकी अपनी मां और पत्नी को इस तरह रोना पड़े, तो क्या उन्हें अच्छा लगेगा? हम ये सभी बातें मुख्यमंत्री के सामने रखेंगे. मुझे तो लगता है कि मुख्यमंत्री की छवि ख़राब करने के लिए यह साज़िश है.”
शिवराज सिंह चौहान के कार्यालय की ओर से जारी एक बयान के मुताबिक़, प्रभावित परिवारों से मिलने के बाद उन्होंने इस कार्रवाई पर कड़ी नाराज़गी जताई.
बयान के मुताबिक़, वन विभाग और ज़िला प्रशासन ने कुछ महीने पहले भी इसी तरह की कार्रवाई करने की कोशिश की थी, लेकिन शिवराज ने उन्हें आदिवासी परिवारों के घर नहीं गिराने का निर्देश दिया था.
बयान में कहा गया कि ज़मीन पर क़ब्ज़े को लेकर रविवार को फिर से घर गिराने की कार्रवाई की गई, जबकि केंद्रीय कृषि मंत्री ने ऐसा न करने के निर्देश दिए थे.
बयान में के मुताबिक़, "शिवराज ने मौके से ही मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल से बात की, उन्हें घटना की जानकारी दी और इस कार्रवाई पर अपनी आपत्ति जताई. उन्होंने प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल से भी बात की और कहा कि वह जल्द ही इस मामले को मुख्यमंत्री मोहन यादव के सामने उठाएंगे."
उन्होंने कहा कि ग़रीब परिवारों को बेघर करने के लिए ज़िम्मेदार लोगों को बख्शा नहीं जाएगा.
उन्होंने कहा, “जिन परिवारों के घर गिराए गए हैं, उनके लिए नए घर बनाए जाएंगे. जब तक उनके रहने के लिए स्थायी इंतज़ाम नहीं हो जाते, तब तक उनके रहने और खाने की अस्थायी व्यवस्था की जाएगी.”
इस बीच, मध्य प्रदेश विधानसभा में विपक्ष के नेता उमंग सिंघार ने घर गिराने का एक वीडियो एक्स पर साझा किया. उन्होंने लिखा, “मोहन-मामा की आपसी खींचतान में उजड़ रहे आदिवासी परिवार!”
उन्होंने आरोप लगाया, “बीजेपी सरकार के भीतर चल रही खींचतान के कारण ग़रीब आदिवासी परिवारों के बेघर होने का ख़तरा पैदा हो गया है.”
विरोध-प्रदर्शनों में नाराज़गी केवल चुनाव आयोग से है या मोदी सरकार के रवैये से?
विपक्ष के मार्च से पहले दिल्ली मेट्रो का एलान- 10 घंटे के लिए बंद रहेंगे ये छह मेट्रो स्ट्रेशन

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इमेज कैप्शन, डीएमआरसी ने कहा कि बंद किए गए मेट्रो स्टेशनों पर इंटरचेंज की सुविधा उपलब्ध रहेगी (फ़ाइल फ़ोटो) दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए सोमवार को क़रीब 10 घंटे के लिए 6 मेट्रो स्टेशन बंद किए हैं.
डीएमआरसी ने कहा है कि इन स्टेशनों पर सुबह 6 बजे से शाम 4 बजे तक यात्रियों की एंट्री और एग्ज़िट प्रतिबंधित रहेगी.
डीएमआरसी ने आधिकारिक बयान में कहा, "सुरक्षा कारणों से 12 अक्तूबर, 2026 को सुबह 06:00 बजे से शाम 04:00 बजे तक इन मेट्रो स्टेशनों पर प्रवेश और बाहर निकलने के रास्ते बंद रहेंगे."
"इसके बाद सुरक्षा एजेंसियां स्थिति की समीक्षा करेंगी और ज़रूरत के अनुसार नई जानकारी साझा की जाएगी. हालांकि, सभी संबंधित मेट्रो स्टेशनों पर मेट्रो बदलने की सुविधा उपलब्ध रहेगी."
ये छह मेट्रो स्टेशन बंद: पटेल चौक, जनपथ, राजीव चौक, मंडी हाउस, सेंट्रल सेक्रेटेरिएट और बाराखंबा रोड.
गौरतलब है कि सोमवार को विपक्षी दलों के सांसद मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े की मांग को लेकर मार्च निकालने वाले हैं.
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राष्ट्रपति ट्रंप का दावा- 'रूस और यूक्रेन एनर्जी सीज़फ़ायर के लिए सहमत'

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इमेज कैप्शन, ट्रंप का एलान ऐसे समय में आया है जबकि उन्होंने हाल में रूस के साथ डीजल आपूर्ति को लेकर एक बड़ा समझौता किया है अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि रूस और यूक्रेन के बीच एक "ऊर्जा युद्धविराम" पर सहमति बन गई है और यह तत्काल प्रभाव से लागू होगा.
ट्रंप ने कहा कि दोनों पक्ष इस समझौते पर राज़ी हो गए हैं. ट्रंप का एलान ऐसे समय में आया है जबकि उन्होंने हाल में रूस के साथ डीजल आपूर्ति को लेकर एक बड़ा समझौता किया है.
हालांकि, इस घोषणा को लेकर रूस की ओर से अभी तक इस पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं आई है.
वहीं, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की ने अमेरिकी समाचार वेबसाइट एक्योस से कहा कि ट्रंप का यह ऐलान "मेरे लिए भी ख़बर है".
ज़ेलेंस्की ने कहा, "अगर रूस ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े युद्धविराम पर सहमत होता है, तो यूक्रेन भी इसके लिए सहमत होगा."
हालांकि बाद में उन्हें एक्स पर पोस्ट करके ऊर्जा युद्धविराम का समर्थन भी कर दिया.
ट्रंप की यह घोषणा इसलिए भी अहम है क्योंकि इससे पहले यूक्रेन को चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा था कि उसे रूस की तेल रिफ़ाइनरियों पर हमले "हर हाल में बंद कर देने चाहिए."
उन्होंने यह भी कहा था कि अब यूक्रेन को "एक नया राष्ट्रपति" मिलना चाहिए. इस बीच, दोनों नेताओं के बीच हाल के दिनों में तनाव बढ़ गया है.
ज़ेलेंस्की ने कहा था कि अगर रूस यूक्रेन के ऊर्जा ढांचे पर हमले बंद करता है, तो यूक्रेन भी रूसी तेल रिफ़ाइनरियों को निशाना बनाना बंद करने के लिए तैयार है.
रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध रूस के पूर्ण सैन्य आक्रमण के बाद अब पांचवें वर्ष में पहुंच चुका है. हाल के महीनों में दोनों देशों ने एक-दूसरे के ऊर्जा और बुनियादी ढांचे से जुड़े ठिकानों पर हमले तेज़ कर दिए हैं.
जेंलेस्की ने एक्स पर लिखा, "यूक्रेन युद्धविराम का समर्थन करता है और यह ज़रूरी है कि रूस भी इसका समर्थन करे. हम अमेरिकी पक्ष से इस बारे में विस्तृत जानकारी का इंतज़ार कर रहे हैं."
सऊदी अरब के रियाद एयरपोर्ट हमले में एक भारतीय की मौत, दूतावास ने ये बताया

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इमेज कैप्शन, किंग खालिद एयरपोर्ट पर हमला के बाद उठता धुआं सऊदी अरब स्थित भारतीय दूतावास ने 10 अक्तूबर को रियाद एयरपोर्ट पर हुए हमले को लेकर अपडेट जारी किया है.
दूतावास ने कहा है कि जानकारी मिली है कि रियाद में हुए हमले में घायल एक भारतीय नागरिक की रविवार को मौत हो गई है.
एक्स पर एक पोस्ट में दूतावास ने लिखा, "हम मृतक के परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं. हम परिवार के संपर्क में हैं और पार्थिव शरीर को जल्द से जल्द भारत लाने के लिए हर संभव सहायता उपलब्ध कराएंगे."
सऊदी अरब की राजधानी रियाद के एक हवाई अड्डे पर हुए हमले में कम से कम 12 लोगों की मौत हो गई थी और 309 लोग घायल हुए थे.
भारत ने भी किंग ख़ालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और अन्य नागरिक ठिकानों पर हो रहे हमलों की कड़ी निंदा की.
विदेश मंत्रालय ने कहा था, "हम पिछले कुछ दिनों में रियाद के किंग ख़ालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर बार-बार हुए हमलों की कड़ी निंदा करते हैं. इनमें 10 अक्तूबर को किया गया कायरतापूर्ण हमला भी शामिल है."
मुंबई में दूसरे दिन भी हुआ प्रदर्शन, पुलिस वैन पर चढ़ गए आदित्य ठाकरे

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इमेज कैप्शन, ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े की मांग कर रहे लोगों को हिरासत में ले जा रही पुलिस वाहन पर आदित्य ठाकरे दिल्ली की तरह मुंबई में भी लगातार दूसरे दिन प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के ख़िलाफ़ प्रदर्शन किया.
प्रदर्शनकारी शिवाजी पार्क इलाक़े में प्रदर्शन के लिए जुटने लगे जिन्हें पुलिस ने हिरासत में ले लिया.
दूसरी ओर, दादर स्थित शिवसेना भवन के बाहर लोग भी जमा हो गए और उनमें से कुछ को पुलिस ने हिरासत में ले लिया गया.
तब आदित्य ठाकरे आक्रामक रुख़ दिखाते हुए उस पुलिस वाहन को आगे से रोका जिसमें पुलिस कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर जा रही थी. फिर आदित्य ठाकरे उस वाहन पर चढ़ गए और वहीं से अपना विरोध दर्ज कराया.
आदित्य ठाकरे ने इस मामले में प्रेस कॉन्फ़्रेंस करके भी राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन के ख़िलाफ़ सवाल उठाए.
उन्होंने कहा, "सीजेपी के युवा समर्थकों और सेना और मनसे के कार्यकर्ताओं को पार्क पुलिस स्टेशन ले जाया गया. आप यह ज़ुल्म किसके ख़िलाफ़ कर रहे हैं? यह अघोषित आपातकाल है. हम मुंबई में ऐसा नहीं होने देंगे."
इसके साथ ही उन्होंने कहा कि "सोमवार को प्रदर्शन ज़रूर होगा. यह देशभक्तों का प्रदर्शन है. यह ज्ञानेश कुमार के ख़िलाफ़ प्रदर्शन है. बीजेपी का इससे कोई लेना-देना नहीं है."
ठाकरे ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर इसे दबाने की कोशिश की गई तो हम उग्र प्रदर्शन करेंगे.
सीजेपी प्रदर्शन के दौरान पत्रकारों के साथ क्या क्या हुआ?
दिल्ली में प्रदर्शनकारियों से मारपीट के आरोप, हिंदुत्ववादी संगठन क्यों चर्चा में?
राहुल गांधी ने कहा, सोमवार को विपक्षी पार्टियां सुप्रीम कोर्ट तक निकालेंगी मार्च

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इमेज कैप्शन, राहुल गांधी ने एक संदेश जारी कर सोमवार को दिल्ली में मार्च निकालने की जानकारी दी लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकालने का ऐलान किया है.
उन्होंने कहा, "विपक्षी दल, नागरिक समाज के संगठन और आम नागरिक 'वोट चोरी' को रोकने, मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) को तत्काल बंद करने और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट तक मार्च करेंगे."
उन्होंने कहा कि मार्च के दौरान भारत के मुख्य न्यायाधीश को एक ज्ञापन सौंपा जाएगा, जिसमें 'वोट चोरी' को रोकने, एसआईआर प्रक्रिया को बंद करने और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े की मांग की जाएगी.
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर किए गए एक पोस्ट में राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि शनिवार को दिल्ली में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने पहुंचे युवाओं पर पुलिस और बीजेपी कार्यकर्ताओं ने हमला किया.
उन्होंने कहा, "प्रदर्शनकारी नफ़रत या ग़ुस्से के साथ नहीं, बल्कि प्रेम और लोकतांत्रिक मूल्यों की भावना के साथ आए थे."
राहुल गांधी ने लोगों से पार्टी, जाति, धर्म, समुदाय, राज्य और लैंगिक पहचान से ऊपर उठकर इस मार्च में शामिल होने की अपील की.
ग़ौरतलब है कि शनिवार को हुए प्रदर्शन के दौरान दिल्ली में राहुल गांधी की मौजूदगी न होने को लेकर उनकी रणनीति के ऊपर सवाल खड़े किए गए थे.
हालांकि कांग्रेस की ओर से कहा गया था कि वे चेन्नई में विद्यार्थियों को संबोधित करने के लिए पहले से तय एक कार्यक्रम के लिए वहां गए थे. राहुल गांधी ने शनिवार को हुई पुलिस कार्रवाइयों के बारे में एक वीडियो जारी करके आलोचना की थी.
दिल्ली में दूसरे दिन भी अलग-अलग जगहों पर हुए प्रदर्शन, तस्वीरें देखिए

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इमेज कैप्शन, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के ख़िलाफ़ रविवार शाम को भी दिल्ली में प्रदर्शन हुए. कुछ प्रदर्शनकारियों ने सुप्रीम कोर्ट के बाहर प्रदर्शन किया 
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इमेज कैप्शन, आरके आश्रम मार्ग मेट्रो स्टेशन पर एक प्रदर्शनकारी को डिटेन करती दिल्ली पुलिस. इसी के पास प्रदर्शन करते हुए नेहा बोरा हिरासत में ली गईं 
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इमेज कैप्शन, कनॉट प्लेस के बीच में स्थित पालिका बाज़ार के पास छात्र संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किया 
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इमेज कैप्शन, आरके आश्रम मार्ग पर नेहा बोरा के प्रदर्शन करने की सूचना के बाद वहां बड़ी संख्या में पुलिस और आरएएफ़ तैनात कर दी गई थी 
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इमेज कैप्शन, कनॉट प्लेस के बीच में स्थित पालिका बाज़ार के पास प्रदर्शनकारियों को हटाते सुरक्षाकर्मी 
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इमेज कैप्शन, प्रदर्शनकारियों के एक समूह को पुलिस और अर्द्धसैनिक बल के जवान घेरा लगाकर खड़े थे अभिजीत दीपके का दिल्ली पुलिस को जवाब- 'मुझे अपने पिता को फ़ोन करके यह बताने के लिए बोला गया..'

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इमेज कैप्शन, अभिजीत दीपके (फ़ाइल फ़ोटो) अभिजीत दीपके ने दिल्ली पुलिस के उस आरोप का जवाब दिया है जिसमें दावा किया गया कि दीपके ने अपने माता-पिता से बात करने से इनकार कर दिया था.
अभिजीत दीपके रविवार सुबह रिहा किए जाने के बाद अपनी दादी के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए अपने गांव रवाना हो गए थे.
रविवार शाम को हुई पुलिस प्रेस कॉन्फ़्रेंस में लगाए गए आरोपों पर दीपके ने एक्स पोस्ट के जरिए प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने लिखा, "मैंने अनुरोध किया था कि मुझे अपने उस चचेरे भाई से बात करने दी जाए जो मेरी दादी के साथ रहता है. मैंने सिर्फ़ कुछ मिनट के लिए अपना फ़ोन मांगा था ताकि कम से कम अपने चचेरे भाई का नंबर निकाल सकूं.
दिल्ली पुलिस ने मुझे अपना फ़ोन इस्तेमाल करने की अनुमति क्यों नहीं दी? मैंने अपने वकील से बात कराने का भी अनुरोध किया था, लेकिन उसे भी ठुकरा दिया गया.
दीपके ने यह भी दावा किया कि पुलिस ने रविवार की सुबह साढ़े तीन बजे उनके पिता से फ़ोन करने का ऑफ़र दिया.
उन्होंने लिखा है, "दिल्ली पुलिस मुझसे कहती है कि मैं अपने पिता को फ़ोन करके बता दूं कि अगले दिन मुझे लंबे समय के लिए जेल भेजा जाएगा."
वे आगे लिखते हैं, "..वही पिता जिन्होंने अभी-अभी अपनी मां को खोया है. मेरी दादी के निधन के बाद आप मेरे परिवार को और कितना मानसिक आघात पहुंचाना चाहते थे?"
"आख़िर रात साढ़े तीन बजे मेरे माता-पिता को फ़ोन कराने की कोशिश करने का मक़सद क्या था? क्या आप उन्हें और परेशान करना चाहते थे?"
CJP 2.0: विरोध के हक़ पर पाबंदी की लिमिट कितनी | दिनभर
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दिल्ली पुलिस की प्रेस कॉन्फ़्रेंस- 'दीपके को उनकी दादी की मौत की सूचना दी, एयर टिकट का प्रस्ताव भी दिया था'

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इमेज कैप्शन, दिल्ली पुलिस की डीसीपी नेहा यादव ने प्रेस कॉन्फ़्रेंस की दस अक्तूबर को अभिजीत दीपके को विमान से हिरासत में लिए जाने के मामले में आलोचना का सामना कर रही दिल्ली पुलिस ने रविवार शाम प्रेस कॉन्फ़्रेंस करके अपना पक्ष रखा है.
दिल्ली पुलिस शाहदरा ज़ोन की डीसीपी नेहा यादव ने यह प्रेस कॉन्फ़्रेंस की. इस दौरान उन्होंने सीजेपी की कुछ घंटों पहले हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में लगाए गए आरोपों पर अपना जवाब दिया.
उन्होंने दीपके और उनके दोनों साथियों के प्रिएम्पिटिव अरेस्ट को लेकर कहा कि उन्हें यहां प्रदर्शन की अनुमति नहीं थी इसलिए उन्हें हिरासत में लिया.
डीसीपी ने एक रिकॉर्डेड वीडियो प्ले करके दावा किया कि पुलिस अधिकारियों को जैसे ही दीपके की दादी के देहांत की जानकारी मिली, उन्होंने दीपके के पास जाकर इसकी सूचना उन्हें दी. जिसके बाद उन्हें यह भी प्रस्ताव दिया गया कि पुलिस उन्हें हवाई यात्रा के ज़रिए उनके गांव पहुंचाने का इंतज़ाम कर सकती है.
मगर डीसीपी नेहा यादव का दावा है कि दीपके ने जाने से इनकार कर दिया. उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस ने दीपके को दोबारा विचार करने का समय भी दिया मगर उन्होंने अपना फ़ैसला नहीं बदला.
साथ ही यह भी दावा किया गया है कि दिल्ली पुलिस ने दीपके को अपने माता-पिता से बात करने का प्रस्ताव दिया गया था जो उन्होंने नहीं स्वीकारा.
दिल्ली पुलिस ने कहा कि सीजेपी ने पुलिस की गलत छवि पेश की. साथ ही आरोप लगाया कि दीपके ने पिछले प्रोटेस्ट में भी कानून का पालन नहीं किया. इस बार भी सीजेपी ने कानून का पालन नहीं किया. इस बार दीपके को प्रदर्शन की इजाज़त नहीं दी गई थी, दिल्ली के लोगों की सुरक्षा के लिए पाबंदियां लगाई गई थीं.
दिल्ली पुलिस के दिखाए वीडियो में क्या है
इस वीडियो में अभिजीत दीपके की शक्ल का एक व्यक्ति कुर्सी पर बैठा है और दो महिला पुलिस कर्मी उन्हें दादी की मौत की सूचना देते देखी जा सकती हैं. फिर वीडियो में एक सादी वर्दी पहले पुरुष उन्हें हवाई उड़ान से जुड़ा प्रस्ताव देता है, जिस पर जवाब आता है- 'आई विल स्टे हियर'
गौरतलब है कि इस वीडियो की सत्यता की पुष्टि नहीं की जा सकती है. साथ ही इस मामले में अभी तक कॉकरोच जनता पार्टी की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.
