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जी-7 की बैठक के लिए इटली में एकजुट हुए दुनिया के नेता, मोदी भी हुए रवाना

जी-7 देशों के राष्ट्राध्यक्षों की बैठक में रूस-यूक्रेन युद्ध, ग़ज़ा-इसराइल युद्ध, जलवायु परिवर्तन, प्रवासी मुद्दे, तकनीक और अन्य मुद्दों पर चर्चा होनी है.

सारांश

  • नीट-यूजी में ग्रेस मार्क्स दिए गए 1,563 छात्रों के लिए दोबारा होगी परीक्षा. एनटीए ने नोटिफ़िकेशन जारी कर बताया 23 जून को होंगे एग्ज़ाम.
  • पीएम नरेंद्र मोदी जी7 शिखर सम्मेलन में शामिल होने इटली रवाना हुए. तीसरी बार पीएम पद की शपथ लेने के बाद मोदी का यह पहला विदेश दौरा है.
  • अजीत डोभाल को एक बार फिर राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार नियुक्त कर दिया गया है.
  • चीन और पाकिस्तान के संयुक्त बयान में जम्मू और कश्मीर पर की गई टिप्पणी पर भारत के विदेश मंत्रालय ने तीखी प्रतिक्रिया दी है.
  • पेमा खांडू ने लगातार तीसरी बार अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है. चोओना मीन ने उप मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली.

लाइव कवरेज

दीपक मंडल

  1. स्टूडेंट्स प्रोटेस्ट के बाद जामिया में 15 दिन बाद छात्रसंघ चुनाव कराने का आदेश

    दिल्ली के जामिया मिल्लिया इस्लामिया में छात्रों के कई दिनों के प्रदर्शन के बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन ने छात्रों की मांगें मान ली हैं.

    यूनिवर्सिटी ने छात्रसंघ चुनाव कराने और विरोध प्रदर्शन के दौरान छात्रों को जारी निलंबन और कारण बताओ नोटिस वापस लेने का आदेश दिया है.

    26 अक्टूबर 2026 को जारी आदेश के मुताबिक़, विश्वविद्यालय के छात्रसंघ के संविधान को मंजूरी मिलने के 15 दिन बाद चुनाव कराए जाएंगे.

    विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा कर्मचारियों की कार्रवाई की जांच के लिए एक समिति बनाई जाएगी.

    आदेश के मुताबिक़, प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के ख़िलाफ़ दिए गए बयानों और सोशल मीडिया पोस्ट के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगने पर सहमति जताई है. संबंधित पोस्ट हटाने के लिए भी कहा गया है.

    आदेश जारी होने के साथ ही छात्रों से विरोध प्रदर्शन तत्काल समाप्त करने को कहा गया है.

  2. इस देश में छात्र आंदोलन से निकली पार्टी ने जीते आम चुनाव

    सर्बिया के लंबे समय से सत्ता में रहे नेता अलेक्जेंडर वुचिच ने समय से पहले हुए संसदीय चुनावों में छात्र आंदोलन के हाथों अपनी हार स्वीकार कर ली है.

    रविवार देर रात उन्होंने कहा, "हमारे पास अभी अंतिम नतीजे नहीं हैं, लेकिन यह साफ है कि हम ये चुनाव हार गए हैं."

    दक्षिणपंथी लोकलुभावन नेता वुचिच के हार स्वीकार करने के बाद देश में जश्न मनाया गया.

    चुनाव जीतने वाली पार्टी 'स्टूडेंट लिस्ट' के नेता इलिजा स्रदानोविच ने बीबीसी सर्बियन से कहा, "सर्बिया अब फ्री स्टेट बनेगा."

    सर्बिया के चुनाव आयोग के शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक, इस बार रिकॉर्ड संख्या में लोगों ने मतदान किया. टिप्पणीकारों का मानना था कि अधिक मतदान से छात्र आंदोलन को फ़ायदा हो सकता है.

    भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ दो साल से चल रहे थे प्रदर्शन

    वुचिच ने दो साल से जारी विरोध प्रदर्शनों के बाद समय से पहले चुनाव कराने का फैसला किया था.

    ये प्रदर्शन नोवी साद शहर में एक रेलवे स्टेशन की छतरी गिरने की घटना के बाद शुरू हुए थे. इस हादसे में 16 लोगों की मौत हुई थी. इसे भ्रष्टाचार और लापरवाही का प्रतीक माना गया.

    वुचिच दो बार राष्ट्रपति रह चुके हैं. तीसरी बार राष्ट्रपति पद का चुनाव लड़ने की अनुमति नहीं होने के कारण वह अपनी पार्टी सर्बियन प्रोग्रेसिव पार्टी (एसएनएस) का नेतृत्व कर रहे थे. उनका लक्ष्य फिर से प्रधानमंत्री बनना था. उन्होंने 2017 में यह पद छोड़ दिया था.

    छात्र आंदोलन की पार्टी की ओर से प्रमुख उम्मीदवार इलिया स्रदानोविच ने बीबीसी सर्बियन से कहा, "यह एक आज़ाद देश होगा."

    उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार विरोधी इस आंदोलन को सर्बिया भर में सरकार के विरोध में मतदान करने वाले लोगों का समर्थन मिला है. आंदोलन का लक्ष्य "देश को तानाशाही से मुक्त कराना" है.

  3. ब्राज़ीलः बोल्सोनारो ने लूला की जीत मानने से किया इनकार, चुनाव नतीजे रद्द करने की मांग की

    ब्राज़ील आम चुनावों में हार के बाद पूर्व राष्ट्रपति जाएर बोल्सोनारो के बेटे फ्लावियो बोल्सोनारो ने नतीजों को मानने से मना कर दिया है.

    फ्लावियो बोल्सोनारो नतीजों से साफ तौर पर नाराज़ दिखे, उन्होंने कहा कि जो हुआ, वह 'असंभव' और 'समझ से परे' है.

    उनके पिता पूर्व राष्ट्रपति जाएर बोल्सोनारो फ़िलहाल हाउस अरेस्ट में हैं. फ्लावियो ने लूला की जीत को स्वीकार करने से इनकार किया और चुनाव नतीजे रद्द करने की मांग की.

    अपनी ताज़ा टिप्पणियों के साथ फ्लावियो ने अपने पिता जाएर बोल्सोनारो का रास्ता अपनाया है. जाएर बोल्सोनारो ने भी 2022 में चुनाव में अपनी हार स्वीकार करने से इनकार कर दिया था.

  4. नेतन्याहू और पीएम मोदी की दोस्ती पर क्या बोले ओवैसी

    एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इसराइली पीएम बिन्यामिन नेतन्याहू की दोस्ती पर टिप्पणी की है.

    रविवार को उत्तर प्रदेश के कैराना में एक सभा के दौरान ओवैसी ने कहा, "प्रधानमंत्री मोदी आपको बिन्यामिन नेतन्याहू के साथ अपनी करीबी दोस्ती को कम करना चाहिए, क्योंकि अंत में यह आपके लिए नुकसानदेह साबित हो सकती है."

    उन्होंने कहा, "अगर यह जंग छिड़ती है, तो भारत को नुकसान होगा. हमें खुलकर बोलना चाहिए और ट्रंप से कहना चाहिए कि वे जंग न करें, क्योंकि इससे भारत को नुकसान पहुंचेगा. पेट्रोल और गैस की कीमतें बढ़ेंगी. भगवान न करे, अगर यह संघर्ष और बढ़ता है, तो बीच में फंसे भारतीयों का क्या होगा?"

    "हम पहले से ही उमरा करने गए अपने 4,000 जायरीन को वापस लाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं. मोदी जी, आपको कदम उठाना चाहिए. खुलकर अपनी बात कहिए और ट्रंप से कहिए कि हम युद्ध नहीं चाहते, हम शांति चाहते हैं. भारत का असली हित इसी में है."

    उन्होंने कहा कि अगर उमरा करने गए लोगों को अगर वापस नहीं लाया गया तो तीन चार दिन में उनके 'भीख मांगने की नौबत' आ सकती है. उन्होंने विशेष विमान भेजकर फंसे हुए लोगों को वापस लाने का इंतज़ाम करने की मांग की.

  5. अरुणाचल प्रदेश में बांध विरोधी प्रदर्शन हिंसक होने के बाद आरएएफ़ की टुकड़ियां भेजी गईं

    अरुणाचल प्रदेश में सियांग नदी पर प्रस्तावित 11,200 मेगावाट की बहुउद्देश्यीय परियोजना के ख़िलाफ़ प्रदर्शन हिंसक होने के बाद सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है.

    समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक़, केंद्र सरकार ने हालात संभालने के लिए रैपिड एक्शन फ़ोर्स (आरएएफ़) की दो कंपनियां पासीघाट भेजी हैं.

    समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक़, पूर्वी सियांग ज़िले के पासीघाट में आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आने के बाद ये ख़बर आई है.

    गृह मंत्रालय के निर्देश पर नवी मुंबई से आरएएफ़ के करीब 250 जवानों को भारतीय वायुसेना के परिवहन विमान से अरुणाचल प्रदेश भेजा गया है.

    परियोजना को लेकर लोगों में आशंकाएं

    सियांग नदी पर प्रस्तावित इस बड़ी बांध परियोजना का स्थानीय स्तर पर विरोध हो रहा है. अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने कहा है कि परियोजना को लेकर ग़लत जानकारी और भ्रांतियों की वजह से लोगों में आशंकाएं पैदा हो रही हैं.

    खांडू ने एक्स पर लिखा कि उन्होंने अरुणाचल इंडिजिनस ट्राइब्स फोरम (एआईटीएफ़) और सामुदायिक संगठनों के साथ बैठक की. इस बैठक में परियोजना को लेकर लोगों के बीच जागरूकता बढ़ाने और सही जानकारी पहुंचाने पर चर्चा हुई.

    पेमा खांडू के मुताबिक़, लोगों को परियोजना, उसके रणनीतिक महत्व और उससे जुड़ी चिंताओं को समझने के लिए सही जानकारी मिलना ज़रूरी है.

    उन्होंने तथ्यों, पारदर्शिता और खुली बातचीत के ज़रिए लोगों की आशंकाएं दूर करने पर ज़ोर दिया.

    समाचार एजेंसी पीटीआई से दो दिन पहले उन्होंने कहा था, "मैं लोगों को सियांग अपर मल्टीपर्पज प्रोजेक्ट पर चर्चा के लिए ईटानगर आने या मुझे पासीघाट बुलाने का न्योता देता हूं. बंद या हिंसा से समस्याओं का समाधान नहीं होता. यह परियोजना जनता की सहमति से आगे बढ़ेगी."

  6. नेतन्याहू के समर्थन में ट्रंप क्यों बोले- जिसे शुरू किया था, वो काम ख़त्म करना है

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसराइल में आम चुनावों से ठीक पहले प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू को वोट देने की अपील की है.

    उन्होंने कहा, “नेतन्याहू को वोट दें. हमें उस काम को पूरा करना है, जिसकी शुरुआत हमने की थी.”

    ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक लंबी पोस्ट करते हुए लिखा, “हर कोई जानता है, यहां तक कि दुश्मन भी, बीबी (नेतन्याहू) और मेरे बीच मिलकर जीत हासिल करने का शानदार रिश्ता रहा है. मैंने वेनेज़ुएला पर हमला किया, जो इतिहास के सबसे सफल सैन्य अभियानों में से एक था. लेकिन इससे पहले हमने 'ऑपरेशन मिडनाइट हैमर' चलाया था, जिसके जरिए दुनिया में आतंकवाद को समर्थन देने वाले नंबर एक देश को परमाणु हथियार हासिल करने से रोका गया.”

    “इसके बाद हमने 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' चलाया. अब ईरान के पास न तो नौसेना है और न ही वायुसेना. उसकी सेना और अर्थव्यवस्था, दोनों बुरी तरह बिखर चुकी हैं. ईरान में महंगाई दर 301 प्रतिशत तक पहुंच गई है. नौसैनिक नाकेबंदी के कारण ईरान तेल हासिल नहीं कर पा रहा है. उसके नेतृत्व के दो स्तर, जिनमें सैन्य और अन्य नेतृत्व शामिल हैं, खत्म हो चुके हैं.”

    एक दिन पहले ही ट्रंप ने ईरान पर हमले को लेकर कहा था कि उन्होंने अभी तय नहीं किया है कि वो समझौता करेंगे या जंग छेड़ेंगे.

    ट्रंप ने नेतन्याहू को वोट देने की अपील करते हुए कहा, “जब आप मतदान करने जाएं, तो कृपया याद रखें कि बीबी एक असाधारण लड़ाकू प्रधानमंत्री रहे हैं.”

    “कुछ बेहद बुरे लोगों ने इसराइल को 'छोटा शैतान' और अमेरिका को 'बड़ा शैतान' कहा था. अब दुनिया भर में 'अमेरिका की मौत हो, इसराइल की मौत हो' जैसे नारे नहीं सुनाई देने चाहिए और न ही ऐसे नारे फिर सुनाई देंगे.”

  7. खड़गे के बोल पर बवाल, मर्यादा क्या हो?

  8. अब इस लाइव ब्लॉग को विराम देने का वक़्त आ गया है. मुझे यानी बीबीसी संवाददाता अरशद मिसाल को दीजिए इजाज़त.

    कल एक नए लाइव ब्लॉग के साथ हम फिर हाज़िर होंगे.

    बीबीसी न्यूज़ हिन्दी की अहम ख़बरें पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें.-

  9. ईरानी सेना का अमेरिकी ड्रोन को गिराने का दावा

    ईरान की सेना ने दावा किया है कि उसने दक्षिणी बंदरगाह शहर बंदर अब्बास के ऊपर एक अमेरिकी लुकास ड्रोन को गिराया है.

    ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए के मुताबिक, ईरान के एक एयर डिफेंस सिस्टम के तहत काम करने वाली एक एयर डिफेंस यूनिट ने ड्रोन को निशाना बनाकर नष्ट कर दिया.

    हालांकि, रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया कि यह घटना कब हुई या ड्रोन किस मिशन पर था.

    ईरानी सेना से जुड़ी दीफ़ा न्यूज़ एजेंसी ने भी दावा किया कि ड्रोन को बंदर अब्बास के ऊपर निशाना बनाया गया.

    वहीं, मेहर न्यूज़ एजेंसी ने सेना के जनसंपर्क विभाग के हवाले से बताया कि 25 अक्तूबर की सुबह जास्क इलाक़े में एक लुकास ड्रोन को गिराया गया. दोनों शहर ईरान के होर्मुज़गान प्रांत में स्थित हैं.

    अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने दिसंबर 2025 में घोषणा की थी कि उसने मध्य पूर्व में अमेरिकी सेना का पहला एकतरफ़ा हमला करने वाले ड्रोन का स्क्वाड्रन बनाया है. यह स्क्वाड्रन लुकास ड्रोन से लैस है.

    समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक़, लुकास ड्रोन को ईरान के शाहेद ड्रोन की तर्ज़ पर तैयार किया गया है. इसकी एक यूनिट की कीमत लगभग 35 हज़ार डॉलर है.

  10. दिल्ली के हर्ष विहार में निर्माणाधीन इमारत ढही, कई लोगों के फंसे होने की आशंका

    दिल्ली के हर्ष विहार के मिलन गार्डन में रविवार शाम एक निर्माणाधीन इमारत ढह गई.

    एएनआई के मुताबिक, दिल्ली अग्निशमन सेवा को शाम 6:46 बजे एक मकान ढहने की सूचना मिली. मौके पर दमकल की पांच गाड़ियां भेजी गई हैं और बचाव अभियान जारी है.

    मौके पर मौजूद एडिशनल डीसीपी संदीप लांबा ने बताया, "हमें एक इमारत ढहने की सूचना मिली थी. यह मूल रूप से एक पुरानी, एक मंज़िला इमारत थी. इसके ऊपर एक और मंज़िल बनाई जा रही थी. यह इलाका पूरी तरह से घिरा हुआ है, जिससे यह पता लगाना भी मुश्किल हो रहा है कि आखिर कौन-सी इमारत ढही है."

    उन्होंने बताया कि स्थानीय पुलिस, दमकल विभाग और सिविल डिफेंस के कर्मचारी मौके पर मौजूद हैं. स्थानीय लोग भी बचाव कार्य में मदद कर रहे हैं.

    संदीप लांबा ने बताया, "इमारत के किनारों से बड़ी मात्रा में मलबा हटाया जा रहा है. एनडीआरएफ़ अपने डॉग स्क्वॉड और अन्य ज़रूरी संसाधनों के साथ पहुंची है. अभी तक किसी को भी मलबे से बाहर नहीं निकाला गया है."

    हादसे के बाद कुछ लोगों के मलबे के नीचे फंसे होने की आशंका है. फिलहाल इसकी पुष्टि नहीं हुई है.

  11. अरुणाचल प्रदेश: चीन के मेगा डैम का 'मुक़ाबला' करने वाले भारत के इस प्रोजेक्ट के ख़िलाफ़ सड़कों पर क्यों उतरे लोग

  12. मध्य प्रदेश में नर्मदा नदी के किनारे मिले सैकड़ों वोटर आईडी कार्ड, विष्णुकांत तिवारी, बीबीसी संवाददाता

    मध्य प्रदेश के खरगोन ज़िले में नर्मदा नदी के किनारे सैकड़ों वोटर आईडी कार्ड मिलने का मामला सामने आया है.

    ये कार्ड इंदौर ज़िले की राऊ विधानसभा सीट के बताए जा रहे हैं.

    मंडलेश्वर में नदी किनारे लावारिस हालत में मिले इन कार्डों का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला चर्चा में आया.

    कांग्रेस के खरगोन ज़िला अध्यक्ष रवि नाईक पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ मंडलेश्वर पुलिस थाने पहुंचे.

    उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज करने की मांग करते हुए शिकायत दी.

    खरगोन ज़िले के मंडलेश्वर इलाक़े की एसडीओपी श्वेता शुक्ला ने पत्रकारों से कहा कि यह मामला संज्ञान में आया है और इसकी जांच की जा रही है.

  13. ब्राज़ील में दूसरे दौर का मतदान जारी, राष्ट्रपति लूला और पूर्व राष्ट्रपति बोल्सोनारो के बेटे के बीच मुक़ाबला, देखें तस्वीरें

    ब्राज़ील में राष्ट्रपति चुनाव के दूसरे चरण के लिए मतदान शुरू हो गया है और लोग अपने नए राष्ट्रपति को चुनने के लिए वोट डाल रहे हैं. पहले चरण का मतदान 4 अक्तूबर को हुआ था.

    इस चुनाव में 80 साल के मौजूदा राष्ट्रपति और वामपंथी नेता लुइज़ इनासियो लूला दा सिल्वा और 45 साल के दक्षिणपंथी सीनेटर फ्लावियो बोल्सोनारो आमने-सामने हैं. लूला चौथी बार राष्ट्रपति बनना चाहते हैं.

    फ्लावियो बोल्सोनारो दक्षिणपंथी नेता और पूर्व राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो के बेटे हैं. जायर बोल्सोनारो 2022 के चुनाव में हारने के बाद तख्तापलट की साज़िश रचने के मामले में 27 साल की जेल की सज़ा काट रहे हैं.

    4 अक्तूबर को हुए पहले दौर के मतदान में फ्लावियो बोल्सोनारो सबसे आगे रहे थे. इसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उनकी जीत को ‘बहुत बड़ी’ जीत बताया था. अब दूसरे दौर में उनके पास अपनी बढ़त बनाए रखने का मौका है.

    ब्राज़ील के चुनावी इतिहास में अब तक ऐसा नहीं हुआ है कि पहले दौर में पीछे रहने वाला उम्मीदवार दूसरे दौर में अपनी कमी पूरी करके जीत गया हो.

    रविवार सुबह फ्लावियो बोल्सोनारो रियो डी जेनेरियो के एक मतदान केंद्र पर पहुंचे. वहां पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि “अब असली बदलाव का समय आ गया है.”यो डी जेनेरियो के एक मतदान केंद्र पर पहुंचे. वहां पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि ‘अब असली बदलाव का समय आ गया है.’

    देखें तस्वीरें-

  14. पटना में कांग्रेस की सभा में हंगामा, खड़गे की पीएम मोदी पर टिप्पणी को लेकर बीजेपी ने माफ़ी की मांग की

  15. कर्नाटक के सीएम डीके शिवकुमार ने किस बात पर दी आईटी कंपनियों को चेतावनी

    कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने रविवार को कहा कि बेंगलुरु की आईटी कंपनियों में कन्नड़ लोगों को नौकरी नहीं दिए जाने की शिकायतें सुनना दुखद है.

    उन्होंने कहा कि कन्नड़ मातृभाषा वाले लोगों की अनदेखी किए जाने की शिकायतों को सरकार गंभीरता से ले रही है.

    डीके शिवकुमार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "कर्नाटक में कन्नड़ लोगों का ही सबसे ज़्यादा अधिकार है. सरकार किसी भी हाल में उनके अधिकारों, सम्मान और अवसरों की अनदेखी नहीं होने देगी."

    उन्होंने कहा, "दुनिया बेंगलुरु को भारत की टेक्नोलॉजी कैपिटल के रूप में देखती है और हमें अपने कन्नड़ लोगों की प्रतिभा, कौशल और क्षमता पर बेहद गर्व है."

    उन्होंने आगे कहा कि अगर किसी निजी कंपनी की ओर से जानबूझकर कन्नड़ लोगों की अनदेखी किए जाने की बात सामने आती है, तो सरकार उचित कार्रवाई करेगी.

    शिवकुमार ने कहा कि सरकार कन्नड़ लोगों के हितों की रक्षा करने और उनकी समस्याओं को दूर करने के लिए हमेशा प्रतिबद्ध है.

  16. केसी वेणुगोपाल दावा- एक नवंबर को रामलीला मैदान में 10 लाख लोग शामिल होंगे

    कांग्रेस के महासचिव केसी वेणुगोपाल ने रविवार को एक बार फिर मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े की मांग की.

    वेणुगोपाल ने दिल्ली के रामलीला मैदान में एक नवंबर को होने वाली इंडिया गठबंधन की रैली से पहले राजस्थान कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की.

    पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने दावा किया कि इस बड़ी रैली में 10 लाख लोग शामिल होंगे.

    उन्होंने कहा, “एसआईआर का इस्तेमाल करके लोकतंत्र को प्रभावी रूप से खत्म कर दिया गया है. इस व्यवस्था को लेकर जनता में गहरा गुस्सा है. यह रैली किसी एक व्यक्ति या किसी खास राजनीतिक दल के लिए नहीं है, बल्कि आम नागरिकों के वोटों की रक्षा के लिए है. 10 लाख लोग दिल्ली कूच करेंगे.”

    कांग्रेस नेता ने आगे कहा, “सभी वरिष्ठ नेताओं की यह ज़िम्मेदारी है. हम सब मिलकर काम करेंगे और सभी नेता एकजुट होकर आगे बढ़ेंगे."

    इससे पहले शुक्रवार को कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा और एआईसीसी महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल ने नई दिल्ली स्थित एआईसीसी मुख्यालय में उत्तर प्रदेश और हरियाणा के पार्टी नेताओं के साथ बैठक की थी.

  17. इसराइल के अंदर सैनिकों को 'नाज़ी' बताकर प्रदर्शन क्यों, क्या बंट रहा है इसराइली समाज?

  18. ग़ुलाम नबी आज़ाद बोले- 'फ़ारूक़ साहब का बयान पूरी तरह ग़लत'

    फ़ारूक़ अब्दुल्लाह के बयान पर जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री ग़ुलाम नबी आज़ाद ने प्रतिक्रिया दी है.

    उन्होंने कहा, "मैं फ़ारूक़ साहब का सम्मान करता हूं, लेकिन उनका यह बयान पूरी तरह ग़लत है. अगर भारत और जम्मू-कश्मीर के लोगों का कोई दुश्मन है, तो वह पाकिस्तान है."

    फ़ारूक़ अब्दुल्लाह ने उत्तरी कश्मीर के बारामूला ज़िले में नेशनल कॉन्फ़्रेंस के एक कार्यक्रम के दौरान पाकिस्तान का बिना नाम लिए बिना कहा, "वो हमें बचा रहे हैं."

    इस पर आज़ाद ने कहा, "आज पाकिस्तान के कब्ज़े वाले कश्मीर (पीओके) में क्या हालात हैं? वहां कितने लोग मारे गए हैं? वहां के लोग वापस लौटकर भारत का हिस्सा बनकर रहना चाहते हैं."

    ग़ुलाम नबी आज़ाद ने कहा कि 1947 से जम्मू-कश्मीर में जो भी विकास हुआ है, वह केंद्र सरकार की कोशिशों का नतीजा है.

    फ़ारूक़ अब्दुल्लाह के इस बयान पर बीजेपी ने जहां कड़ी प्रतिक्रिया दी है वहीं, कांग्रेस के नेताओं ने कहा है कि फ़ारूक़ अब्दुल्लाह को ऐसा बयान नहीं देना चाहिए था.

  19. राहुल गांधी की रामलीला मैदान रैली: बीजेपी ने कांग्रेस को सिख विरोधी दंगों पर क्यों घेरा