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जी-7 की बैठक के लिए इटली में एकजुट हुए दुनिया के नेता, मोदी भी हुए रवाना

जी-7 देशों के राष्ट्राध्यक्षों की बैठक में रूस-यूक्रेन युद्ध, ग़ज़ा-इसराइल युद्ध, जलवायु परिवर्तन, प्रवासी मुद्दे, तकनीक और अन्य मुद्दों पर चर्चा होनी है.

सारांश

  • नीट-यूजी में ग्रेस मार्क्स दिए गए 1,563 छात्रों के लिए दोबारा होगी परीक्षा. एनटीए ने नोटिफ़िकेशन जारी कर बताया 23 जून को होंगे एग्ज़ाम.
  • पीएम नरेंद्र मोदी जी7 शिखर सम्मेलन में शामिल होने इटली रवाना हुए. तीसरी बार पीएम पद की शपथ लेने के बाद मोदी का यह पहला विदेश दौरा है.
  • अजीत डोभाल को एक बार फिर राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार नियुक्त कर दिया गया है.
  • चीन और पाकिस्तान के संयुक्त बयान में जम्मू और कश्मीर पर की गई टिप्पणी पर भारत के विदेश मंत्रालय ने तीखी प्रतिक्रिया दी है.
  • पेमा खांडू ने लगातार तीसरी बार अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है. चोओना मीन ने उप मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली.

लाइव कवरेज

दीपक मंडल

  1. अमित शाह पर टिप्पणी से जुड़े मानहानि मामले में राहुल गांधी बरी, प्रेरणा, बीबीसी संवाददाता, लखनऊ

    उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर की विशेष एमपी/एमएलए कोर्ट ने कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के ख़िलाफ़ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी से जुड़े मानहानि मामले में बरी कर दिया है.

    कोर्ट के जज शुभम वर्मा ने सोमवार, 26 अक्टूबर को यह फैसला सुनाया. राहुल गांधी फैसले के वक़्त अदालत में ही मौजूद थे.

    उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मीडिया विभाग के चेयरमैन कुंवर सिंह निषाद ने राहुल गांधी को बरी किए जाने की जानकारी दी है.

    शिकायतकर्ता विजय मिश्रा के वक़ील संतोष कुमार पांडे ने बताया कि राहुल गांधी को कोर्ट ने बरी कर दिया है. लेकिन कोर्ट ने हमारे द्वारा दाखिल की गई सीडी को सही माना है और उनके स्टेटमेंट को भी माना है लेकिन उनके बयान को मानहानि नहीं माना है.

    यह मामला साल 2018 का है, जब कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान राहुल गांधी ने बेंगलुरु में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में तत्कालीन बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह को लेकर टिप्पणी की थी.

    शिकायतकर्ता का आरोप था कि राहुल गांधी की टिप्पणी से अमित शाह की छवि को नुकसान पहुंचा. इसी आधार पर उनके ख़िलाफ़ मानहानि की शिकायत दर्ज कराई गई.

    2018 में दर्ज हुई थी शिकायत

    इस मामले में स्थानीय बीजेपी नेता और सुल्तानपुर ज़िला सहकारी बैंक के पूर्व अध्यक्ष विजय मिश्रा ने 4 अगस्त 2018 को राहुल गांधी के ख़िलाफ़ मानहानि की शिकायत दर्ज कराई थी.

    मामले में अदालत ने 27 नवंबर 2023 को राहुल गांधी को पेश होने के लिए समन जारी किया था. इसके बाद राहुल गांधी अदालत में पेश हुए और उन्हें ज़मानत मिल गई थी.

    वॉयस सैंपल को लेकर भी हुई थी क़ानूनी लड़ाई

    समाचार एजेंसी पीटीाई और द टाइम्स ऑफ़ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक़, शिकायतकर्ता विजय मिश्रा ने राहुल गांधी के वॉयस सैंपल का फ़ॉरेंसिक टेस्ट कराने की मांग भी की थी, ताकि उसका मिलान कर्नाटक चुनाव प्रचार के दौरान दिए गए भाषण की ऑडियो रिकॉर्डिंग से किया जा सके.

    हालांकि, ट्रायल कोर्ट ने इस मांग को ख़ारिज कर दिया था. इसके बाद सेशन कोर्ट ने भी शिकायतकर्ता की याचिका ख़ारिज कर दी.

    बाद में इलाहाबाद हाई कोर्ट ने भी निचली अदालतों के फैसलों को चुनौती देने वाली याचिका ख़ारिज कर दी.

    मामले में दोनों पक्षों की दलीलें पूरी होने के बाद अदालत ने फैसले के लिए 26 अक्तूबर की तारीख तय की थी.

  2. स्वामी चिन्मयानंद के निधन के 33 साल बाद मोदी की होलोग्राफिक वार्ता को लेकर क्यों उठ रहे हैं सवाल

  3. राहुल गांधी के काफ़िले की गाड़ियां पूर्वांचल एक्सप्रेस पर टकराईं, साथ चल रहे कांग्रेस नेता ने क्या बताया, प्रेरणा, बीबीसी संवाददाता, लखनऊ

    लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के काफ़िले की कुछ गाड़ियां उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर आपस में टकरा गईं.

    पवन खेड़ा ने बीबीसी न्यूज़ हिन्दी को बताया कि 'सभी सुरक्षित' हैं.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, हादसा मामूली था और कोई भी गंभीर रूप से घायल नहीं हुआ है.

    काफ़िले में शामिल कांग्रेस नेता ने क्या बताया

    अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के सेक्रेटरी और उत्तर प्रदेश के सह-प्रभारी अब्दुल हनन ने बीबीसी हिन्दी न्यूज़ को बताया कि वह भी उस काफ़िले का हिस्सा थे और कई गाड़ियां थीं.

    हनन ने बताया, "एक गाड़ी रुक गई थी, जिससे पीछे की कुछ गाड़ियां आकर टकरा गईं. एक एंबुलेंस भी इसकी चपेट में आ गई थी. लेकिन यह हादसा बहुत मामूली था. किसी को कोई चोट नहीं आई है. सब सुरक्षित हैं."

    हादसा सुलतानपुर ज़िले के हलियापुर थाना क्षेत्र में एक्सप्रेसवे पर किलोमीटर 90 के पास हुआ.

    दुर्घटना में चार कारें और एक एंबुलेंस शामिल थीं.

    हलियापुर के थाना अध्यक्ष अतुल कुमार श्रीवास्तव के मुताबिक़, राहुल गांधी के वाहन के पीछे चल रही चार कारें और एक एंबुलेंस आपस में टकरा गईं.

    प्रारंभिक जानकारी में अचानक ब्रेक लगने को वाहनों की टक्कर की संभावित वजह बताया जा रहा है. हालांकि, हादसे के वास्तविक कारणों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.

    समाचार एजेंसी आईएएनएस के मुताबिक़, इस हादसे में एक कार का बोनट क्षतिग्रस्त हो गया. राहुल गांधी सुरक्षित हैं और सुल्तानपुर के लिए रवाना हो गए.

    राहुल गांधी सोमवार को सुल्तानपुर की विशेष एमपी-एमएलए अदालत में पेश हो रहे हैं. अदालत 2018 के एक आपराधिक मानहानि मामले में फैसला सुनाने वाली है.

    इससे पहले राहुल गांधी लखनऊ के चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पहुंचे थे. वहां से वे सड़क मार्ग से सुल्तानपुर के लिए रवाना हुए थे.

    एयरपोर्ट के बाहर कांग्रेस के कार्यकर्ता भारी संख्या में इकट्ठा हुए थे.

  4. जम्मू में भीषण आग से 40 दुकानें जलकर ख़ाक, रेलवे स्टेशन के पास हुआ हादसा

    जम्मू रेलवे स्टेशन के पास शिव मार्केट में रविवार रात भीषण आग लगने से करीब 40 दुकानें जलकर राख हो गईं.

    अधिकारियों के मुताबिक़, रविवार रात करीब 10.30 बजे लगी आग लगभग पांच घंटे तक जलती रही. इस घटना में किसी के हताहत होने की ख़बर नहीं है.

    अधिकारियों ने बताया कि आग से प्रभावित ज़्यादातर दुकानों में खाने-पीने का सामान, सूखे मेवे और कंबल बेचे जाते थे.

    शुरुआती जांच में आग लगने की वजह एक दुकान में शॉर्ट सर्किट होना बताया जा रहा है. तेज़ हवाओं के कारण आग तेज़ी से पूरे बाज़ार में फैल गई.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, स्थानीय लोगों ने बताया, "नुक़सान बहुत ज़्यादा हुआ है. दमकल की गाड़ियां एक या डेढ़ घंटे बाद पहुंचीं, तबतक सबकुछ जल चुका था."

    एक दुकानदार ने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा, "पूरा बाजार जलकर राख हो गया है. कम से कम 25 से 30 दुकानों को पूरी तरह नुकसान पहुंचा है. यह पूरी तरह से बर्बादी है. हम भगवान से प्रार्थना करते हैं कि सभी को इस मुश्किल घड़ी से उबरने की ताकत मिले."

    "नुक़सान बहुत बड़ा है. मैं प्रशासन से भी अपील करता हूं कि वह जल्द से जल्द हस्तक्षेप करे और बिना देरी के मुआवज़ा सुनिश्चित करे."

  5. न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ तीसरे टी20 मैच में भी नहीं खेलेंगे ईशान किशन

    भारतीय क्रिकेटर ईशान किशन न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ 27 अक्तूबर को वेलिंगटन में होने वाले तीसरे टी20 मैच में नहीं खेलेंगे.

    बीसीसीआई के मुताबिक़, ईशान दाएं पैर की मांसपेशियों में खिंचाव से उबर रहे हैं, लेकिन अभी मैच खेलने के लिए पूरी तरह फिट नहीं हैं.

    ईशान को यह चोट सीरीज़ के पहले टी20 मैच के दौरान लगी थी. बीसीसीआई की मेडिकल टीम उनकी स्थिति पर नजर रख रही है.

    विकेटकीपर-बल्लेबाज कुमार कुशाग्र तीसरे टी20 मैच के लिए टीम के साथ बने रहेंगे.

    पहले मैच में ईशान किशन का प्रदर्शन कुछ ख़ास नहीं रहा था, पांचवें नंबर पर बल्लेबाज़ी करते हुए उन्होंने सिर्फ़ एक रन ही बनाया था.

    पाँच टी20 मैचों की सिरीज़ में भारत 2-0 से आगे है.

  6. 'तुम सिफ़ारिश के कारण टीम में हो'...जब 21 साल के इंज़माम को 'सीनियर' ने दी गालियां

  7. ब्राज़ील में दक्षिणपंथी राजनीति को झटका, लूला चौथी बार बनेंगे राष्ट्रपति

  8. 1977 में रिलायंस ने कैसे बदली थी भारतीय शेयर बाज़ार की तस्वीर?

  9. स्टूडेंट्स प्रोटेस्ट के बाद जामिया में 15 दिन बाद छात्रसंघ चुनाव कराने का आदेश

    दिल्ली के जामिया मिल्लिया इस्लामिया में छात्रों के कई दिनों के प्रदर्शन के बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन ने छात्रों की मांगें मान ली हैं.

    यूनिवर्सिटी ने छात्रसंघ चुनाव कराने और विरोध प्रदर्शन के दौरान छात्रों को जारी निलंबन और कारण बताओ नोटिस वापस लेने का आदेश दिया है.

    26 अक्टूबर 2026 को जारी आदेश के मुताबिक़, विश्वविद्यालय के छात्रसंघ के संविधान को मंजूरी मिलने के 15 दिन बाद चुनाव कराए जाएंगे.

    विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा कर्मचारियों की कार्रवाई की जांच के लिए एक समिति बनाई जाएगी.

    आदेश के मुताबिक़, प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के ख़िलाफ़ दिए गए बयानों और सोशल मीडिया पोस्ट के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगने पर सहमति जताई है. संबंधित पोस्ट हटाने के लिए भी कहा गया है.

    आदेश जारी होने के साथ ही छात्रों से विरोध प्रदर्शन तत्काल समाप्त करने को कहा गया है.

  10. इस देश में छात्र आंदोलन से निकली पार्टी ने जीते आम चुनाव

    सर्बिया के लंबे समय से सत्ता में रहे नेता अलेक्जेंडर वुचिच ने समय से पहले हुए संसदीय चुनावों में छात्र आंदोलन के हाथों अपनी हार स्वीकार कर ली है.

    रविवार देर रात उन्होंने कहा, "हमारे पास अभी अंतिम नतीजे नहीं हैं, लेकिन यह साफ है कि हम ये चुनाव हार गए हैं."

    दक्षिणपंथी लोकलुभावन नेता वुचिच के हार स्वीकार करने के बाद देश में जश्न मनाया गया.

    चुनाव जीतने वाली पार्टी 'स्टूडेंट लिस्ट' के नेता इलिजा स्रदानोविच ने बीबीसी सर्बियन से कहा, "सर्बिया अब फ्री स्टेट बनेगा."

    सर्बिया के चुनाव आयोग के शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक, इस बार रिकॉर्ड संख्या में लोगों ने मतदान किया. टिप्पणीकारों का मानना था कि अधिक मतदान से छात्र आंदोलन को फ़ायदा हो सकता है.

    भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ दो साल से चल रहे थे प्रदर्शन

    वुचिच ने दो साल से जारी विरोध प्रदर्शनों के बाद समय से पहले चुनाव कराने का फैसला किया था.

    ये प्रदर्शन नोवी साद शहर में एक रेलवे स्टेशन की छतरी गिरने की घटना के बाद शुरू हुए थे. इस हादसे में 16 लोगों की मौत हुई थी. इसे भ्रष्टाचार और लापरवाही का प्रतीक माना गया.

    वुचिच दो बार राष्ट्रपति रह चुके हैं. तीसरी बार राष्ट्रपति पद का चुनाव लड़ने की अनुमति नहीं होने के कारण वह अपनी पार्टी सर्बियन प्रोग्रेसिव पार्टी (एसएनएस) का नेतृत्व कर रहे थे. उनका लक्ष्य फिर से प्रधानमंत्री बनना था. उन्होंने 2017 में यह पद छोड़ दिया था.

    छात्र आंदोलन की पार्टी की ओर से प्रमुख उम्मीदवार इलिया स्रदानोविच ने बीबीसी सर्बियन से कहा, "यह एक आज़ाद देश होगा."

    उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार विरोधी इस आंदोलन को सर्बिया भर में सरकार के विरोध में मतदान करने वाले लोगों का समर्थन मिला है. आंदोलन का लक्ष्य "देश को तानाशाही से मुक्त कराना" है.

  11. ब्राज़ीलः बोल्सोनारो ने लूला की जीत मानने से किया इनकार, चुनाव नतीजे रद्द करने की मांग की

    ब्राज़ील आम चुनावों में हार के बाद पूर्व राष्ट्रपति जाएर बोल्सोनारो के बेटे फ्लावियो बोल्सोनारो ने नतीजों को मानने से मना कर दिया है.

    फ्लावियो बोल्सोनारो नतीजों से साफ तौर पर नाराज़ दिखे, उन्होंने कहा कि जो हुआ, वह 'असंभव' और 'समझ से परे' है.

    उनके पिता पूर्व राष्ट्रपति जाएर बोल्सोनारो फ़िलहाल हाउस अरेस्ट में हैं. फ्लावियो ने लूला की जीत को स्वीकार करने से इनकार किया और चुनाव नतीजे रद्द करने की मांग की.

    अपनी ताज़ा टिप्पणियों के साथ फ्लावियो ने अपने पिता जाएर बोल्सोनारो का रास्ता अपनाया है. जाएर बोल्सोनारो ने भी 2022 में चुनाव में अपनी हार स्वीकार करने से इनकार कर दिया था.

  12. नेतन्याहू और पीएम मोदी की दोस्ती पर क्या बोले ओवैसी

    एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इसराइली पीएम बिन्यामिन नेतन्याहू की दोस्ती पर टिप्पणी की है.

    रविवार को उत्तर प्रदेश के कैराना में एक सभा के दौरान ओवैसी ने कहा, "प्रधानमंत्री मोदी आपको बिन्यामिन नेतन्याहू के साथ अपनी करीबी दोस्ती को कम करना चाहिए, क्योंकि अंत में यह आपके लिए नुकसानदेह साबित हो सकती है."

    उन्होंने कहा, "अगर यह जंग छिड़ती है, तो भारत को नुकसान होगा. हमें खुलकर बोलना चाहिए और ट्रंप से कहना चाहिए कि वे जंग न करें, क्योंकि इससे भारत को नुकसान पहुंचेगा. पेट्रोल और गैस की कीमतें बढ़ेंगी. भगवान न करे, अगर यह संघर्ष और बढ़ता है, तो बीच में फंसे भारतीयों का क्या होगा?"

    "हम पहले से ही उमरा करने गए अपने 4,000 जायरीन को वापस लाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं. मोदी जी, आपको कदम उठाना चाहिए. खुलकर अपनी बात कहिए और ट्रंप से कहिए कि हम युद्ध नहीं चाहते, हम शांति चाहते हैं. भारत का असली हित इसी में है."

    उन्होंने कहा कि अगर उमरा करने गए लोगों को अगर वापस नहीं लाया गया तो तीन चार दिन में उनके 'भीख मांगने की नौबत' आ सकती है. उन्होंने विशेष विमान भेजकर फंसे हुए लोगों को वापस लाने का इंतज़ाम करने की मांग की.

  13. अरुणाचल प्रदेश में बांध विरोधी प्रदर्शन हिंसक होने के बाद आरएएफ़ की टुकड़ियां भेजी गईं

    अरुणाचल प्रदेश में सियांग नदी पर प्रस्तावित 11,200 मेगावाट की बहुउद्देश्यीय परियोजना के ख़िलाफ़ प्रदर्शन हिंसक होने के बाद सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है.

    समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक़, केंद्र सरकार ने हालात संभालने के लिए रैपिड एक्शन फ़ोर्स (आरएएफ़) की दो कंपनियां पासीघाट भेजी हैं.

    समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक़, पूर्वी सियांग ज़िले के पासीघाट में आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आने के बाद ये ख़बर आई है.

    गृह मंत्रालय के निर्देश पर नवी मुंबई से आरएएफ़ के करीब 250 जवानों को भारतीय वायुसेना के परिवहन विमान से अरुणाचल प्रदेश भेजा गया है.

    परियोजना को लेकर लोगों में आशंकाएं

    सियांग नदी पर प्रस्तावित इस बड़ी बांध परियोजना का स्थानीय स्तर पर विरोध हो रहा है. अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने कहा है कि परियोजना को लेकर ग़लत जानकारी और भ्रांतियों की वजह से लोगों में आशंकाएं पैदा हो रही हैं.

    खांडू ने एक्स पर लिखा कि उन्होंने अरुणाचल इंडिजिनस ट्राइब्स फोरम (एआईटीएफ़) और सामुदायिक संगठनों के साथ बैठक की. इस बैठक में परियोजना को लेकर लोगों के बीच जागरूकता बढ़ाने और सही जानकारी पहुंचाने पर चर्चा हुई.

    पेमा खांडू के मुताबिक़, लोगों को परियोजना, उसके रणनीतिक महत्व और उससे जुड़ी चिंताओं को समझने के लिए सही जानकारी मिलना ज़रूरी है.

    उन्होंने तथ्यों, पारदर्शिता और खुली बातचीत के ज़रिए लोगों की आशंकाएं दूर करने पर ज़ोर दिया.

    समाचार एजेंसी पीटीआई से दो दिन पहले उन्होंने कहा था, "मैं लोगों को सियांग अपर मल्टीपर्पज प्रोजेक्ट पर चर्चा के लिए ईटानगर आने या मुझे पासीघाट बुलाने का न्योता देता हूं. बंद या हिंसा से समस्याओं का समाधान नहीं होता. यह परियोजना जनता की सहमति से आगे बढ़ेगी."

  14. नेतन्याहू के समर्थन में ट्रंप क्यों बोले- जिसे शुरू किया था, वो काम ख़त्म करना है

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसराइल में आम चुनावों से ठीक पहले प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू को वोट देने की अपील की है.

    उन्होंने कहा, “नेतन्याहू को वोट दें. हमें उस काम को पूरा करना है, जिसकी शुरुआत हमने की थी.”

    ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक लंबी पोस्ट करते हुए लिखा, “हर कोई जानता है, यहां तक कि दुश्मन भी, बीबी (नेतन्याहू) और मेरे बीच मिलकर जीत हासिल करने का शानदार रिश्ता रहा है. मैंने वेनेज़ुएला पर हमला किया, जो इतिहास के सबसे सफल सैन्य अभियानों में से एक था. लेकिन इससे पहले हमने 'ऑपरेशन मिडनाइट हैमर' चलाया था, जिसके जरिए दुनिया में आतंकवाद को समर्थन देने वाले नंबर एक देश को परमाणु हथियार हासिल करने से रोका गया.”

    “इसके बाद हमने 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' चलाया. अब ईरान के पास न तो नौसेना है और न ही वायुसेना. उसकी सेना और अर्थव्यवस्था, दोनों बुरी तरह बिखर चुकी हैं. ईरान में महंगाई दर 301 प्रतिशत तक पहुंच गई है. नौसैनिक नाकेबंदी के कारण ईरान तेल हासिल नहीं कर पा रहा है. उसके नेतृत्व के दो स्तर, जिनमें सैन्य और अन्य नेतृत्व शामिल हैं, खत्म हो चुके हैं.”

    एक दिन पहले ही ट्रंप ने ईरान पर हमले को लेकर कहा था कि उन्होंने अभी तय नहीं किया है कि वो समझौता करेंगे या जंग छेड़ेंगे.

    ट्रंप ने नेतन्याहू को वोट देने की अपील करते हुए कहा, “जब आप मतदान करने जाएं, तो कृपया याद रखें कि बीबी एक असाधारण लड़ाकू प्रधानमंत्री रहे हैं.”

    “कुछ बेहद बुरे लोगों ने इसराइल को 'छोटा शैतान' और अमेरिका को 'बड़ा शैतान' कहा था. अब दुनिया भर में 'अमेरिका की मौत हो, इसराइल की मौत हो' जैसे नारे नहीं सुनाई देने चाहिए और न ही ऐसे नारे फिर सुनाई देंगे.”

  15. खड़गे के बोल पर बवाल, मर्यादा क्या हो?

  16. अब इस लाइव ब्लॉग को विराम देने का वक़्त आ गया है. मुझे यानी बीबीसी संवाददाता अरशद मिसाल को दीजिए इजाज़त.

    कल एक नए लाइव ब्लॉग के साथ हम फिर हाज़िर होंगे.

    बीबीसी न्यूज़ हिन्दी की अहम ख़बरें पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें.-

  17. ईरानी सेना का अमेरिकी ड्रोन को गिराने का दावा

    ईरान की सेना ने दावा किया है कि उसने दक्षिणी बंदरगाह शहर बंदर अब्बास के ऊपर एक अमेरिकी लुकास ड्रोन को गिराया है.

    ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए के मुताबिक, ईरान के एक एयर डिफेंस सिस्टम के तहत काम करने वाली एक एयर डिफेंस यूनिट ने ड्रोन को निशाना बनाकर नष्ट कर दिया.

    हालांकि, रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया कि यह घटना कब हुई या ड्रोन किस मिशन पर था.

    ईरानी सेना से जुड़ी दीफ़ा न्यूज़ एजेंसी ने भी दावा किया कि ड्रोन को बंदर अब्बास के ऊपर निशाना बनाया गया.

    वहीं, मेहर न्यूज़ एजेंसी ने सेना के जनसंपर्क विभाग के हवाले से बताया कि 25 अक्तूबर की सुबह जास्क इलाक़े में एक लुकास ड्रोन को गिराया गया. दोनों शहर ईरान के होर्मुज़गान प्रांत में स्थित हैं.

    अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने दिसंबर 2025 में घोषणा की थी कि उसने मध्य पूर्व में अमेरिकी सेना का पहला एकतरफ़ा हमला करने वाले ड्रोन का स्क्वाड्रन बनाया है. यह स्क्वाड्रन लुकास ड्रोन से लैस है.

    समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक़, लुकास ड्रोन को ईरान के शाहेद ड्रोन की तर्ज़ पर तैयार किया गया है. इसकी एक यूनिट की कीमत लगभग 35 हज़ार डॉलर है.

  18. दिल्ली के हर्ष विहार में निर्माणाधीन इमारत ढही, कई लोगों के फंसे होने की आशंका

    दिल्ली के हर्ष विहार के मिलन गार्डन में रविवार शाम एक निर्माणाधीन इमारत ढह गई.

    एएनआई के मुताबिक, दिल्ली अग्निशमन सेवा को शाम 6:46 बजे एक मकान ढहने की सूचना मिली. मौके पर दमकल की पांच गाड़ियां भेजी गई हैं और बचाव अभियान जारी है.

    मौके पर मौजूद एडिशनल डीसीपी संदीप लांबा ने बताया, "हमें एक इमारत ढहने की सूचना मिली थी. यह मूल रूप से एक पुरानी, एक मंज़िला इमारत थी. इसके ऊपर एक और मंज़िल बनाई जा रही थी. यह इलाका पूरी तरह से घिरा हुआ है, जिससे यह पता लगाना भी मुश्किल हो रहा है कि आखिर कौन-सी इमारत ढही है."

    उन्होंने बताया कि स्थानीय पुलिस, दमकल विभाग और सिविल डिफेंस के कर्मचारी मौके पर मौजूद हैं. स्थानीय लोग भी बचाव कार्य में मदद कर रहे हैं.

    संदीप लांबा ने बताया, "इमारत के किनारों से बड़ी मात्रा में मलबा हटाया जा रहा है. एनडीआरएफ़ अपने डॉग स्क्वॉड और अन्य ज़रूरी संसाधनों के साथ पहुंची है. अभी तक किसी को भी मलबे से बाहर नहीं निकाला गया है."

    हादसे के बाद कुछ लोगों के मलबे के नीचे फंसे होने की आशंका है. फिलहाल इसकी पुष्टि नहीं हुई है.

  19. अरुणाचल प्रदेश: चीन के मेगा डैम का 'मुक़ाबला' करने वाले भारत के इस प्रोजेक्ट के ख़िलाफ़ सड़कों पर क्यों उतरे लोग