अमित शाह पर टिप्पणी से जुड़े मानहानि मामले में राहुल गांधी बरी, प्रेरणा, बीबीसी संवाददाता, लखनऊ
उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर की विशेष एमपी/एमएलए कोर्ट ने कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के ख़िलाफ़ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी से जुड़े मानहानि मामले में बरी कर दिया है.
कोर्ट के जज शुभम वर्मा ने सोमवार, 26 अक्टूबर को यह फैसला सुनाया. राहुल गांधी फैसले के वक़्त अदालत में ही मौजूद थे.
उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मीडिया विभाग के चेयरमैन कुंवर सिंह निषाद ने राहुल गांधी को बरी किए जाने की जानकारी दी है.
शिकायतकर्ता विजय मिश्रा के वक़ील संतोष कुमार पांडे ने बताया कि राहुल गांधी को कोर्ट ने बरी कर दिया है. लेकिन कोर्ट ने हमारे द्वारा दाखिल की गई सीडी को सही माना है और उनके स्टेटमेंट को भी माना है लेकिन उनके बयान को मानहानि नहीं माना है.
यह मामला साल 2018 का है, जब कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान राहुल गांधी ने बेंगलुरु में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में तत्कालीन बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह को लेकर टिप्पणी की थी.
शिकायतकर्ता का आरोप था कि राहुल गांधी की टिप्पणी से अमित शाह की छवि को नुकसान पहुंचा. इसी आधार पर उनके ख़िलाफ़ मानहानि की शिकायत दर्ज कराई गई.
2018 में दर्ज हुई थी शिकायत
इस मामले में स्थानीय बीजेपी नेता और सुल्तानपुर ज़िला सहकारी बैंक के पूर्व अध्यक्ष विजय मिश्रा ने 4 अगस्त 2018 को राहुल गांधी के ख़िलाफ़ मानहानि की शिकायत दर्ज कराई थी.
मामले में अदालत ने 27 नवंबर 2023 को राहुल गांधी को पेश होने के लिए समन जारी किया था. इसके बाद राहुल गांधी अदालत में पेश हुए और उन्हें ज़मानत मिल गई थी.
वॉयस सैंपल को लेकर भी हुई थी क़ानूनी लड़ाई
समाचार एजेंसी पीटीाई और द टाइम्स ऑफ़ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक़, शिकायतकर्ता विजय मिश्रा ने राहुल गांधी के वॉयस सैंपल का फ़ॉरेंसिक टेस्ट कराने की मांग भी की थी, ताकि उसका मिलान कर्नाटक चुनाव प्रचार के दौरान दिए गए भाषण की ऑडियो रिकॉर्डिंग से किया जा सके.
हालांकि, ट्रायल कोर्ट ने इस मांग को ख़ारिज कर दिया था. इसके बाद सेशन कोर्ट ने भी शिकायतकर्ता की याचिका ख़ारिज कर दी.
बाद में इलाहाबाद हाई कोर्ट ने भी निचली अदालतों के फैसलों को चुनौती देने वाली याचिका ख़ारिज कर दी.
मामले में दोनों पक्षों की दलीलें पूरी होने के बाद अदालत ने फैसले के लिए 26 अक्तूबर की तारीख तय की थी.