जी-7 की बैठक के लिए इटली में एकजुट हुए दुनिया के नेता, मोदी भी हुए रवाना

जी-7 देशों के राष्ट्राध्यक्षों की बैठक में रूस-यूक्रेन युद्ध, ग़ज़ा-इसराइल युद्ध, जलवायु परिवर्तन, प्रवासी मुद्दे, तकनीक और अन्य मुद्दों पर चर्चा होनी है.

सारांश

  • नीट-यूजी में ग्रेस मार्क्स दिए गए 1,563 छात्रों के लिए दोबारा होगी परीक्षा. एनटीए ने नोटिफ़िकेशन जारी कर बताया 23 जून को होंगे एग्ज़ाम.
  • पीएम नरेंद्र मोदी जी7 शिखर सम्मेलन में शामिल होने इटली रवाना हुए. तीसरी बार पीएम पद की शपथ लेने के बाद मोदी का यह पहला विदेश दौरा है.
  • अजीत डोभाल को एक बार फिर राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार नियुक्त कर दिया गया है.
  • चीन और पाकिस्तान के संयुक्त बयान में जम्मू और कश्मीर पर की गई टिप्पणी पर भारत के विदेश मंत्रालय ने तीखी प्रतिक्रिया दी है.
  • पेमा खांडू ने लगातार तीसरी बार अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है. चोओना मीन ने उप मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली.

लाइव कवरेज

दीपक मंडल

  1. उत्तर प्रदेश: वाराणसी में एमएलसी सीट समाजवादी पार्टी को, आगरा में हंगामा

    अखिलेश यादव
    इमेज कैप्शन, अखिलेश यादव (फ़ाइल फ़ोटो)

    समाजवादी पार्टी ने उत्तर प्रदेश में हुए एमएलसी चुनावों की मतगणना में कई जगहों पर धांधली के आरोप लगाए हैं.

    इन चुनावों में बीजेपी को चार सीटें मिली हैं जबकि बनारस में समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार लाल बिहारी यादव ने जीत दर्ज की है.

    उन्होंने इस जीत के लिए पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव की नीतियों को श्रेय दिया.

    आगरा में समाजवादी पार्टी ने अपने उम्मीदवार के साथ मारपीट के आरोप लगाए हैं.

    अखिलेश यादव ने एक्स पर लिखा, “अब भाजपा ख़ुद ही बताए कि आगरा से जीतते हुए सपा के एमएलसी प्रत्याशी डॉ. आकाश अग्रवाल जी के साथ उसके लोगों द्वारा किया गया यह व्यवहार कितना जायज़ है. प्रशासन डॉ. आकाश अग्रवाल जी को जीत का प्रमाणपत्र तुरंत दे.”

    गोरखपुर में समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार संजययन त्रिपाठी ने धांधली का आरोप लगाते हुए मतगणना का बहिष्कार किया है.

    उन्होंने पत्रकारों से कहा, "तीन चक्र की मतगणना तक सब कुछ ठीक चल रहा था. निर्दलीय प्रत्याशी राजीव यादव लगभग 450 मतों से आगे थे...अचानक से यह देखा गया कि जो मतगणना हो रही थी, उसमें एकदम से एकतरफा भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में वोट निकलने लगे...अचानक से पूरा ट्रेंड बदला हुआ था...हमने मतगणना का बहिष्कार किया. पुलिस दुर्व्यवहार कर रही थी और सीधे-सीधे लोकतंत्र की हत्या करके सत्ताधारी दल के प्रत्याशी को चुनाव जिताने के लिए मन बना करके बैठे थे."

    बरेली मुरादाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में भी समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार दानिश अख़्तर ने बीजेपी की जीत के लिए चुनाव आयोग को ज़िम्मेदार ठहराया.

    उन्होंने कहा, “यहां मतगणना निष्पक्ष रूप से हुई है लेकिन मतदाता सूची में 30% फर्जी लोग हैं. मैंने इसके प्रमाण दिए और कई बार इसके संबंध में चुनाव आयोग को लिखा लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई..."

    उत्तर प्रदेश, बिहार, कर्नाटक और महाराष्ट्र की 28 विधान परिषद (एमएलसी) सीटों पर चुनावों के नतीजे आ रहे हैं.

    उत्तर प्रदेश में 11 लेजिस्लेटिव काउंसिल सीटों के लिए वोटों की गिनती जारी है. पांच ग्रेजुएट और छह टीचर सीटों पर कुल 152 उम्मीदवार मैदान में हैं. यूपी एमएलसी चुनाव में 1,481,310 वोटरों में से 55.24% वोटिंग हुई.

  2. यूएन में अमेरिका और क्यूबा के बीच तीखी नोक-झोंक, ये थी वजह

    संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका के राजदूत माइक वॉल्ट्ज
    इमेज कैप्शन, अमेरिकी राजदूत वॉल्ट्ज ने क्यूबा पर गंभीर आरोप लगाए

    संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका के राजदूत माइक वॉल्ट्ज और क्यूबा के विदेश मंत्री ब्रूनो रोड्रिगेज पैरिला के बीच बहस हो गई.

    संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका के राजदूत माइकल वॉल्ट्ज ने आरोप लगाया, "कास्त्रो ने हजारों समलैंगिक लोगों, ईसाइयों, अफ्रीकी मूल के क्यूबाई लोगों और अन्य लोगों को यातना शिविरों में भेजा था."

    "यह सरकार ही थी, जिसने उनकी संपत्ति छीन ली और उनसे जबरन मजदूरी कराकर मुनाफा कमाया.

    "तब से हवाना दुनिया को यह विश्वास दिलाने की कोशिश करता रहा है कि क्यूबा में सब कुछ ग़ायब हो गया है. लेकिन हम जानते हैं कि वह सब कहां गया और आज हम यहां यह बात दुनिया के सामने रखने आए हैं."

    मंच से बोल रहे अमेरिकी राजदूत के इस बयान के बीच में ही क्यूबा के प्रतिनिधि मंडल ने खड़े होकर इस पर आपत्ति दर्ज कराई और इसे वापस लिए जाने की मांग की.

    यह हंगामा कुछ देर तक चला और अमेरिकी राजदूत को अपना भाषण रोकना पड़ा.

    इसके बाद उन्होंने कहा, "मुझे उम्मीद है कि अध्यक्ष महोदय, हर कोई इस समय प्रतिनिधिमंडल की बात सुन रहा है. कल्पना कीजिए कि जब कोई ये सवाल हवाना में पूछता है, न कि राजदूतों और कैमरों से भरे किसी कमरे में, तो क्या होता होगा. सोचिए, उन लोगों के साथ क्या होता होगा, जब हम यहां भी इस तरह की धमकी और व्यवधान देखते हैं."

  3. ब्राज़ील आम चुनाव में हार के बाद बोल्सोनारो अमेरिका पहुंचे, लूला ने ‘शर्मनाक’ बताया

    फ़्लावियो बोल्सोनारो
    इमेज कैप्शन, ब्राज़ील के राष्ट्रपति चुनावों में फ़्लावियो बोल्सोनारो को हार का सामना करना पड़ा है

    रविवार को ब्राज़ील के राष्ट्रपति चुनाव में हार के बाद फ़्लावियो बोल्सोनारो ब्राज़ील छोड़कर अमेरिका के फ़्लोरिडा पहुंच गए हैं.

    अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने बीबीसी को बताया है कि वह बोल्सोनारो और उनके परिवार को वीज़ा जारी करेगा.

    ब्राज़ील के राष्ट्रपति लुइज़ इनासियो लूला डा सिल्वा ने बोल्सोनारो के देश छोड़ने को 'शर्मनाक' बताया है.

    ब्राज़ील की पुलिस का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद दस्तावेज़ जमा नहीं करने पर बोल्सोनारो के पासपोर्ट रद्द कर दिए गए थे.

    लूला ने कहा कि जब उनसे अपना पासपोर्ट जमा करने के लिए कहा गया था, तो उन्होंने ऐसा किया था. भ्रष्टाचार के आरोपों के ख़िलाफ़ उनकी अपील ख़ारिज होने के बाद अदालत ने उनसे पासपोर्ट जमा करने को कहा था.

    साल 2018 में रिश्वतखोरी से जुड़े मामले को लेकर भी उन्हें क़ानूनी लड़ाई का सामना करना पड़ा था.

    लूला ने कहा कि बोल्सोनारो को भी ऐसा ही करना चाहिए था. उन्होंने कहा, "ब्राज़ील उनका दूसरा वतन है, उनका पहला वतन अमेरिका की चापलूसी करना है."

    इसी भाषण में लूला ने यह भी कहा, "जिनके पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है, उन्हें डरने की भी कोई ज़रूरत नहीं है."

    बोल्सोनारो कथित भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग के मामलों में जांच का सामना कर रहे हैं. हालांकि, उन्होंने इन आरोपों से इनकार किया है.

    दक्षिणपंथी उम्मीदवार बोल्सोनारो को वामपंथी नेता लूला के हाथों चुनाव में हार का सामना करना पड़ा.

  4. बीबीसी न्यूज़ हिन्दी के लाइव पेज पर आपका स्वागत है. मैं बीबीसी संवाददाता संदीप राय अब से दोपहर दो बजे तक आप तक अहम ख़बरें पहुंचाऊंगा.

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  5. इसराइल में रिकॉर्ड मतदान के बीच एग्ज़िट पोल में क्या है नेतन्याहू की पार्टी का हाल

    नेतन्याहू
    इमेज कैप्शन, इसराइली पीएम बिन्यामिन नेतन्याहू की पार्टी कुछ एग्ज़िट पोल्स में पिछड़ती दिख रही है

    इसराइल के आम चुनावों के लिए मंगलवार को मतदान समाप्त होने तक 77.7% मतदान हुआ है.

    केंद्रीय चुनाव आयोग के अनुसार, 1999 के बाद से इस समय तक दर्ज किया गया यह सबसे अधिक मतदान प्रतिशत है.

    दो एग्ज़िट पोल में गादी आइज़ेनकोट का गठबंधन बिन्यामिन नेतन्याहू के खेमे को कड़ी टक्कर देता दिख रहा है.

    तीसरे एग्ज़िट पोल में प्रधानमंत्री नेतन्याहू का खेमा मामूली बढ़त बनाए हुए है. हालांकि, दोनों में से कोई भी बहुमत के आंकड़े तक पहुंचता नहीं दिख रहा है.

    आइज़ेनकोट नई नवेली याशर पार्टी का नेतृत्व करते हैं और उन्हें 'बदलाव गठबंधन' का प्रमुख चेहरा माना जाता है.

    यह विपक्षी दलों का समूह है, जिसका साझा लक्ष्य नेतन्याहू को सत्ता से हटाना है.

    एग्ज़िट पोल के मुताबिक़, नेतन्याहू की लिकुड पार्टी इसराइली संसद में सबसे बड़ी एकल पार्टी बन सकती है.

    इसराइल की संसद नेसेट की सभी 120 सीटों पर चुनाव हो रहा है. हालांकि, देश में किसी भी पार्टी ने कभी अपने दम पर बहुमत हासिल नहीं किया है. अतीत में सरकारें गठबंधन बनाकर ही सत्ता में आई हैं.

    इसराइल के एक प्रमुख राजनीतिक टिप्पणीकार ने कहा है कि एग्जिट पोल में नेतन्याहू की पार्टी का सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरना उनके लिए 'बेमानी सांत्वना पुरस्कार' जैसा है.

    इसकी तुलना में गादी आइज़ेनकोट के गठबंधन के सबसे बड़े समूह के रूप में उभरने का अनुमान अधिक अहम है.

    'द इकोनॉमिस्ट' के इसराइल संवाददाता एंशेल फ़ेफ़र ने बीबीसी न्यूज़ से कहा, "वह पहले भी अविश्वसनीय वापसी कर चुके हैं, लेकिन नेतन्याहू के गठबंधन के लिए यह बेहद, बेहद ख़राब रात है."

  6. इसराइल चुनाव: जब किसी पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलता, तो सरकार कैसे बनती है?

  7. Bolsonaro को US में आने देने की वजह क्या?

  8. अब इस लाइव ब्लॉग को विराम देने का वक़्त आ गया है. मुझे यानी बीबीसी संवाददाता अरशद मिसाल को दीजिए इजाज़त.

    कल एक नए लाइव ब्लॉग के साथ हम फिर हाज़िर होंगे.

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  9. शख़्स ने पानी पर चलाई बाइक, बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड

  10. हूती विद्रोहियों का सऊदी अरब की रास तनूरा तेल रिफ़ाइनरी पर बैलिस्टिक मिसाइल से हमला करने का दावा

    रास तनूरा तेल रिफ़ाइनरी
    इमेज कैप्शन, रास तनूरा तेल रिफ़ाइनरी (सांकेतिक तस्वीर)

    न्यूज़ एजेंसी अनादोलु और रॉयटर्स के मुताबिक, यमन के हूती विद्रोहियों ने मंगलवार को दावा किया कि उन्होंने सऊदी अरब के पूर्वी क्षेत्र में स्थित रास तनूरा तेल रिफ़ाइनरी को बैलिस्टिक मिसाइल से निशाना बनाया है.

    हूती प्रवक्ता याह्या सरी ने एक्स पर जारी बयान में कहा कि उनकी सेना ने सऊदी अरब के पूर्वी प्रांत में स्थित तेल रिफ़ाइनरी की ओर बैलिस्टिक मिसाइल दागी.

    याह्या सरी ने दावा किया कि मिसाइल अपने लक्ष्य पर लगी और वहां बड़े पैमाने पर आग लग गई.

    सऊदी अधिकारियों की ओर से इस दावे पर तुरंत कोई टिप्पणी नहीं आई.

    इससे पहले मंगलवार को सऊदी अरब के नागरिक सुरक्षा विभाग ने नज़रान, अबहा और ख़मीस मुशैत में संभावित ख़तरे को देखते हुए शुरुआती चेतावनी जारी की थी. बाद में अधिकारियों ने कहा कि ख़तरा टल गया है, हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि ख़तरा किस तरह का था.

    यह घटनाक्रम हूती लड़ाकों और यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार का समर्थन करने वाले सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के बीच जारी सैन्य तनाव के दौरान सामने आया है.

    इससे पहले सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने कहा था कि उसने सऊदी अरब की ओर दागे गए हूती विद्रोहियों के चार ड्रोन और तीन बैलिस्टिक मिसाइलों को रोक दिया.

    जुलाई से हूती लड़ाकों ने सऊदी अरब पर हमले तेज़ किए हैं. अक्तूबर के दौरान देश के नागरिक हवाई अड्डों, तेल ठिकानों और सैन्य ठिकानों को मिसाइलों और ड्रोन से निशाना बनाए जाने की घटनाओं में बढ़ोतरी हुई है.

    सऊदी अरब मार्च 2015 से यमन की सरकार के समर्थन में हूती लड़ाकों के ख़िलाफ़ सैन्य गठबंधन का नेतृत्व कर रहा है. हूती विद्रोहियों पर ईरान का समर्थन हासिल होने का आरोप है. यह समूह सितंबर 2014 से राजधानी सना समेत यमन के कई इलाक़ों पर नियंत्रण रखता है.

  11. 'बिग बॉस' में काज़ी तौक़ीर: आम कश्मीरियों के लिए कितना अहम?

  12. जामिया के बाहर धारा 163 लगाने पर सीजेपी के आशुतोष रांका ने कहा, 'शर्मनाक दौर चल रहा है'

    आशुतोष रांका
    इमेज कैप्शन, सीजेपी के सह संयोजक आशुतोष रांका (फ़ाइल फ़ोटो)

    कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के सह संयोजक आशुतोष रांका ने एक्स पर पोस्ट कर जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी के बाहर बीएनएसएस की धारा 163 लागू करने की आलोचना की.

    उन्होंने एक्स पर लिखा, "पहले नई दिल्ली और अब जामिया. केंद्र सरकार ने हर समस्या का एक ही समाधान ढूंढ लिया है, बीएनएस की धारा 163. शर्मनाक दौर चल रहा है"

    जामिया में पिछले 16 दिनों से छात्र संघ की मांग को लेकर प्रदर्शन चल रहा है. अभी भी दो छात्र कैंपस के अंदर भूख हड़ताल पर बैठे हुए हैं. जामिया प्रशासन ने क्लासेज़ ऑनलाइन कर दी है. और कैंपस में स्टूडेंट्स के एंट्री पर रोक लगा दी है.

    मौके पर मौजूद बीबीसी संवाददाता शुभ राणा ने बताया कि जामिया में बीएनएसएस की धारा 163 लागू कर दी गई है. कल के मुकाबले आज सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी है."

    शुभ के मुताबिक, गेट नंबर 12 समेत कुछ गेटों को वेल्डिंग करके बंद किया जा रहा है. वहीं कैंपस के पास, 10-15 से ज़्यादा डिटेंशन बसें तैनात की गई हैं.

    शिक्षा मंत्री ने जामिया प्रदर्शन पर क्या कहा

    प्रल्हाद जोशी
    इमेज कैप्शन, केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी(फ़ाइल फ़ोटो)

    वहीं प्रदर्शन के 16वें दिन केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने भी प्रतिक्रिया दी.

    उन्होंने कहा कि जामिया मिल्लिया इस्लामिया में प्रदर्शन कर रहे स्टूडेंट्स के साथ बातचीत चल रही है और किसी को भी कैंपस में क़ानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश नहीं करनी चाहिए.

    जोशी ने यहां सीबीएसई एक्सपीरियंस सेंटर के उद्घाटन के मौके पर पत्रकारों से कहा, "कई कोशिशें की गई हैं और एक दशक से भी ज़्यादा समय से ये चुनाव नहीं हुए हैं."

    "बातचीत चल रही है. मैं सिर्फ़ यही अपील कर सकता हूं कि कोई भी क़ानून-व्यवस्था की समस्या पैदा करने की कोशिश न करे. स्टूडेंट्स जो भी मुद्दे या चिंताएं उठा रहे हैं, उन पर विचार करने के लिए एक समिति है, जो इन मामलों को देख रही है."

    विश्वविद्यालय की ओर से छात्र संघ के संविधान को मंज़ूरी मिलने के 15 दिनों के भीतर चुनाव कराने के फ़ैसले के बावजूद स्टूडेंट्स ने प्रदर्शन ख़त्म करने से इनकार कर दिया है.

    स्टूडेंट्स छात्र संघ चुनाव की तरीख तय करने की मांग कर रहे हैं. साथ ही यूनिवर्सिटी के चीफ़ प्रॉक्टर और सिक्योरिटी एडवाइज़र का इस्तीफ़ा भी चाहते हैं.

  13. इसराइल चुनाव में रिकॉर्ड वोटिंग, नेतन्याहू के लिए जीत की राह क्यों है मुश्किल?

  14. कर्नाटक में एसआईआर के बाद 72 लाख मतदाता घटे, एक 'पाकिस्तानी नागरिक' भी मिला, इमरान क़ुरैशी, बेंगलुरु से बीबीसी हिन्दी के लिए

    वोटिंग के लिए लाइन में लगे लोग
    इमेज कैप्शन, एसआईआर के बाद राज्य में मतदाताओं की कुल संख्या 5 करोड़ 54 लाख 32 हज़ार 314 से घटकर 4 करोड़ 55 लाख 11 रह गई है (सांकेतिक तस्वीर)

    कर्नाटक में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया पूरी होने के बाद 72 लाख मतदाता घट गए हैं. इस प्रक्रिया को लेकर विवाद भी हुआ था.

    एसआईआर के बाद राज्य में मतदाताओं की कुल संख्या 5 करोड़ 54 लाख 32 हज़ार 314 से घटकर 4 करोड़ 55 लाख 11 रह गई है.

    महिला मतदाताओं की संख्या 2 करोड़ 29 लाख 12 हज़ार 355 रही, जो पुरुष मतदाताओं से 3 लाख 30 हज़ार 956 अधिक है. पुरुष मतदाताओं की संख्या 2 करोड़ 25 लाख 83 हज़ार 107 रही, जबकि अन्य श्रेणी के मतदाताओं की संख्या 2 हज़ार 841 है.

    कर्नाटक के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) वी. अंबुकुमार ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "मतदाता सूची को अपडेट करना एक लगातार चलने वाली प्रक्रिया है. 18 साल की उम्र पूरी कर चुका कोई भी व्यक्ति मतदाता के तौर पर अपना नाम दर्ज कराने के लिए फॉर्म 6 भरकर आवेदन कर सकता है. अगर कोई व्यक्ति दूसरी जगह मतदाता के तौर पर दर्ज है या नए पते पर चला गया है, तो नाम हटाने के लिए फॉर्म 7 भरा जा सकता है. नाम में सुधार आदि के लिए फॉर्म 8 भरा जा सकता है."

    मतदाता सूची के इस बड़े पुनरीक्षण की प्रक्रिया 16 जून को शुरू हुई थी. इसके तहत 5.54 करोड़ फॉर्म बांटे गए थे.

    जिन मतदाताओं को अनुपस्थित, स्थायी रूप से दूसरी जगह जा चुके, मृत, दो जगह नाम वाले और अन्य श्रेणियों में रखा गया था और जिनके नाम सूची में शामिल नहीं थे, उनकी कुल संख्या 1 करोड़ 7 लाख 96 हज़ार 339 थी.

    इन 1.07 करोड़ लोगों में से 65 लाख 45 हज़ार 679 को दूसरी जगह जा चुका बताया गया था. वहीं, 19 लाख 926 मतदाता अनुपस्थित थे, 16 लाख 39 हज़ार 864 को मृत बताया गया था और 7 लाख 9 हज़ार 870 के नाम मतदाता सूची में दो बार दर्ज थे.

    हालांकि, 24 अगस्त के बाद शुरू हुई दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की प्रक्रिया के दौरान निर्वाचन अधिकारियों ने 10 लाख 8 हज़ार 38 नए मतदाताओं के नाम जोड़ने की पुष्टि की. इससे इन श्रेणियों में रखे गए 1.07 करोड़ लोगों की संख्या घटकर करीब 98 लाख रह गई.

    वेरिफिकेशन प्रोसेस में करीब 16 लाख लोगों को मृत, सात लाख को दो जगह वोटर लिस्ट में नाम वाला पाया गया, जबकि अन्य श्रेणी में करीब तीन लाख लोग थे.

    अंबुकुमार ने कहा, "कुल मिलाकर, मतदाता सूची से हटाए गए लोगों की संख्या घटकर करीब 72 लाख रह गई है."

    सामान्य मतदाताओं में 18 से 19 साल की उम्र के मतदाताओं की संख्या 6 लाख 83 हज़ार 364 रही. इनमें 3 लाख 64 हज़ार 551 पुरुष और 3 लाख 18 हज़ार 795 महिलाएं थीं.

    20 से 29 साल की उम्र के मतदाताओं की संख्या 86 लाख 56 हज़ार 836 रही. इस आयु वर्ग में भी पुरुष मतदाताओं की संख्या महिलाओं से अधिक थी. पुरुष मतदाताओं की संख्या 45 लाख 8 हज़ार 240 और महिला मतदाताओं की संख्या 41 लाख 47 हज़ार 863 थी.

    राज्य में सबसे ज़्यादा मतदाता 30 से 39 साल के आयु वर्ग में हैं. इस वर्ग में कुल एक करोड़ 2 लाख 57 हज़ार 680 मतदाता हैं. यहां पुरुष मतदाताओं की संख्या महिलाओं से करीब 35 लाख अधिक रही.

    40 से 49 साल के आयु वर्ग में कुल 94 लाख 17 हज़ार 853 मतदाता थे. इस वर्ग में महिलाओं की संख्या पुरुषों से अधिक रही. इसके बाद 50 से 59 साल के आयु वर्ग का नंबर आता है, जिसमें कुल 76 लाख 15 हज़ार 826 मतदाता हैं. इस आयु वर्ग में भी महिलाओं की संख्या पुरुषों से करीब दो लाख अधिक रही.

    85 साल या उससे अधिक उम्र के मतदाताओं की संख्या 3 लाख 92 हज़ार 134 थी. इनमें 2 लाख 29 हज़ार 609 महिलाएं और 1 लाख 62 हज़ार 522 पुरुष थे.

    एक अधिकारी के मुताबिक, मतदाताओं की गणना के दौरान यूरोप, कनाडा और अमेरिका समेत कई देशों से संबंध रखने वाले करीब एक हज़ार मतदाताओं की पहचान हुई. इनमें एक पाकिस्तानी नागरिक भी था.

    हालांकि, इनमें से ज़्यादातर भारतीय मूल के लोग थे, जिन्होंने इन देशों की नागरिकता ले ली थी, लेकिन अपने परिवारों के साथ कर्नाटक में बस गए थे.

  15. साइक्लोन 'अर्नब' की गंभीरता बढ़ी, इन राज्यों में बहुत तेज़ बारिश और ओले गिरने की चेतावनी

  16. पीएम मोदी बोले- हमारा लक्ष्य दुनिया की चुनौतियों का समाधान देने की क्षमता हासिल करना

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
    इमेज कैप्शन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (फ़ाइल फ़ोटो)

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित इमर्जिंग साइंस, टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन कॉन्क्लेव 2026 का उद्घाटन किया.

    कॉन्क्लेव को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "दशकों पहले भारत के लिए विज्ञान और तकनीक का मतलब मुख्य रूप से दुनिया के साथ कदम मिलाकर चलना था."

    उन्होंने कहा कि दुनिया में कहीं कोई नया आविष्कार होता था, तो उसे भारत पहुंचने में कई साल लग जाते थे. फिर हम या तो उसे अपना लेते थे या उसमें कुछ छोटे-मोटे सुधार कर लेते थे.

    प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "आज 21वीं सदी का भारत नई सोच और नए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है. अब हमारा लक्ष्य नई तकनीकें विकसित करना, उनकी दिशा तय करना और दुनिया की चुनौतियों का समाधान देने की क्षमता हासिल करना है."

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत को भविष्य की तकनीकों को अपनाना होगा, नए प्रयोग करने होंगे और इन तकनीकों को विकसित करने में दुनिया का नेतृत्व करना होगा.

    उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण के लिए बड़ी मात्रा में परमाणु ऊर्जा की ज़रूरत होगी.

    इसके अलावा प्रधानमंत्री ने स्पेस सेक्टर में हासिल की गई नई उपलब्धियों के बारे में भी बात की.

    प्रधानमंत्री ने कहा, "भारत के स्पेस स्टार्टअप ने मेड इन इंडिया रॉकेट से पहली ही कोशिश में सैटेलाइट को ऑर्बिट में स्थापित किया."

    प्रधानमंत्री ने कोविड-19 महामारी का ज़िक्र करते हुए कहा कि दुनिया के कई देशों को वैक्सीन की उपलब्धता को लेकर बड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ा, जबकि भारत ने अपनी वैक्सीन विकसित की, बड़े पैमाने पर टीकाकरण अभियान चलाया और दूसरे देशों को भी वैक्सीन की आपूर्ति की.

    उन्होंने कहा कि यही 21वीं सदी के भारत का आत्मविश्वास है.

  17. समंदर से भटकी ये शार्क नहर में अटकी, लाखों लोग हुए दीवाने, लेकिन अब कहां गई?

  18. दिल्ली में जनसुनवाई कार्यक्रम के बीच राहुल गांधी ने ज्ञानेश कुमार पर साधा निशाना

    दिल्ली के त्रिलोकपुरी में जनसुनवाई कार्यक्रम के दौरान लोगों से बात करते राहुल गांधी
    इमेज कैप्शन, राहुल ने कहा कि जबतक ज्ञानेश कुमार इस्तीफ़ा नहीं देंगे तब तक विपक्ष नहीं रुकेगा.

    दिल्ली के त्रिलोकपुरी में मंगलवार को राहुल गांधी जनसुनवाई कार्यक्रम में शामिल हुए.

    उनके साथ सामाजिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव के साथ सीपीआई (एमएल) के नेता भी मौजूद रहे.

    इस कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी ने चुनाव आयोग पर लोगों का वोट छीनने का आरोप लगाते हुए कहा कि मतदाता सूची से लोगों के नाम काटे जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार फ़र्जी तरीके से वोटर लिस्ट से लोगों के नाम काटकर 'वोट चोरी' को अंजाम दे रहे हैं और ये देशद्रोह है.

    चुनाव आयोग पर आरोप लगाते हुए राहुल गांधी ने कहा कि 4 बूथों में 416 मतदाताओं के नाम अवैध तरीके से काट दिए गए हैं. मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर आरोप लगाते हुए राहुल गांधी ने कहा कि वो जवाब नहीं देते.

    राहुल ने कहा कि जब तक ज्ञानेश कुमार इस्तीफ़ा नहीं देंगे तब तक विपक्ष नहीं रुकेगा. राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि हिंदुस्तान में करोड़ों लोगों से उनका अधिकार और वोट छीनने की कोशिश की जा रही है.

    उन्होंने कहा कि विपक्ष लंबे समय से इस मुद्दे को उठा रहा है और अब देश के लोगों को भी 'वोट चोरी' के मामले की गंभीरता समझ में आने लगी है.

    उन्होंने आरोप लगाया कि यह समस्या शीर्ष स्तर से जुड़ी हुई है और गरीबों के अधिकारों पर इसका असर पड़ रहा है.

  19. फ़ुटबॉलर एम्बाप्पे ने चीनी नेता माओ पर की गई अपनी टिप्पणी के लिए माफी मांगी

    किलियन एम्बाप्पे
    इमेज कैप्शन, फ़्रांसीसी फ़ुटबॉलर किलियन एम्बाप्पे (फ़ाइल फ़ोटो)

    फ़्रांस और रियाल मैड्रिड फ़ुटबॉल स्टार किलियन एम्बाप्पे ने चीन के दिवंगत नेता माओ ज़ेडोंग (माओ त्से-तुंग) को लेकर की गई अपनी टिप्पणी के लिए माफ़ी मांगी है.

    उनकी इस टिप्पणी को लेकर विवाद हुआ, जिसके बाद चीन के कई ब्रांड्स ने उनके साथ अपना कॉन्ट्रैक्ट ख़त्म कर दिया.

    एम्बाप्पे ने फ्रेंच टॉक शो ‘द ब्रिज’ में कहा था, "जो मीम मुझे सबसे ज़्यादा हंसाता है, वह एक ऐसा वीडियो है जिसमें एक शख़्स है. मुझे लगता है कि वह चीन का तानाशाह है."

    इसके बाद वह हंसने लगते हैं और वीडियो में एक मीम दिखाया जाता है, जिसमें माओ ज़ेडोंग जैसी दिखने वाली तस्वीर पर एम्बाप्पे का चेहरा लगा हुआ है.

    यह मीम रियाल मैड्रिड के फ़ॉरवर्ड एम्बाप्पे को ‘तानाशाह’ कहे जाने वाले मज़ाक का हिस्सा है. दरअसल, फुटबॉल में उनके बड़े प्रभाव को लेकर यह मज़ाक किया जाता है.

    एम्बाप्पे ने एक बयान में कहा, "मेरी टिप्पणी अनुचित थी. अब मैं समझता हूं कि इससे चीन और दुनिया भर में रहने वाले चीनी समुदाय के कई लोगों को ठेस पहुंची है."

    उन्होंने कहा, "मेरी बातों से जिन लोगों को दुख पहुंचा है, मैं उन सभी से माफ़ी मांगता हूं."

    स्पेन की ला लीगा ने भी माफ़ी मांगी है. उसने कहा कि किलियन एम्बाप्पे की हालिया टिप्पणियों से चीनी प्रशंसकों को जो ठेस पहुंची है, उसका उसे "गहरा अफ़सोस" है.

  20. सोनिया गांधी ने कहा, 'मेरी किताब आएगी तो तमाशा तो होगा ही'

    पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के साथ सोनिया गांधी की तस्वीर (फ़ाइल फ़ोटो)

    कांग्रेस संसदीय दल की चेयरपर्सन और पूर्व पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी ने अपनी आगामी आत्मकथा ‘बिलॉन्गिंग – ए जर्नी ऑफ लव’ को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो साझा किया.

    इस वीडियो में उन्होंने कहा कि जब राजीव गांधी को देश का प्रधानमंत्री बनाया जा रहा था, तब वह इस फैसले के बिल्कुल खिलाफ थीं और कभी नहीं चाहती थीं कि राजीव गांधी प्रधानमंत्री बनें.

    इस वीडियो में उन्होंने अगले महीने 10 नवंबर को लॉन्च होने जा रही अपनी किताब और अपने जीवन से जुड़े कई महत्वपूर्ण पलों पर खुलकर बात की है. सोनिया गांधी ने अपने वीडियो पोस्ट के कैप्शन में लिखा, "जब यह किताब आएगी, तो कुछ तमाशा होना तो तय है."

    "आखिरकार, दूसरों ने दशकों तक मेरी कहानी सुनाई है, अब मेरी बारी है." आगे वो कहती हैं,''मुझे नहीं पता कि मुझे पूरी कहानी बतानी चाहिए या नहीं, लेकिन मुझे लगा कि मेरे बारे में बहुत कुछ लिखा गया है और उसमें से काफी कुछ सही नहीं था."

    आगे वो कहती हैं, ''बहुत-सी बातें या तो मनगढ़ंत थीं या फिर उन्हें बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया था. इसलिए मुझे लगा कि अब मुझे खुद अपनी कहानी लिखनी चाहिए और तथ्यों व घटनाओं को ठीक वैसे ही बताना चाहिए, जैसे वे असलियत में घटी थीं.''