जी-7 की बैठक के लिए इटली में एकजुट हुए दुनिया के नेता, मोदी भी हुए रवाना

जी-7 देशों के राष्ट्राध्यक्षों की बैठक में रूस-यूक्रेन युद्ध, ग़ज़ा-इसराइल युद्ध, जलवायु परिवर्तन, प्रवासी मुद्दे, तकनीक और अन्य मुद्दों पर चर्चा होनी है.

सारांश

  • नीट-यूजी में ग्रेस मार्क्स दिए गए 1,563 छात्रों के लिए दोबारा होगी परीक्षा. एनटीए ने नोटिफ़िकेशन जारी कर बताया 23 जून को होंगे एग्ज़ाम.
  • पीएम नरेंद्र मोदी जी7 शिखर सम्मेलन में शामिल होने इटली रवाना हुए. तीसरी बार पीएम पद की शपथ लेने के बाद मोदी का यह पहला विदेश दौरा है.
  • अजीत डोभाल को एक बार फिर राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार नियुक्त कर दिया गया है.
  • चीन और पाकिस्तान के संयुक्त बयान में जम्मू और कश्मीर पर की गई टिप्पणी पर भारत के विदेश मंत्रालय ने तीखी प्रतिक्रिया दी है.
  • पेमा खांडू ने लगातार तीसरी बार अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है. चोओना मीन ने उप मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली.

लाइव कवरेज

दीपक मंडल

  1. कर्नाटक के सीएम डीके शिवकुमार ने किस बात पर दी आईटी कंपनियों को चेतावनी

    डीके शिवकुमार
    इमेज कैप्शन, कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार (फ़ाइल फ़ोटो)

    कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने रविवार को कहा कि बेंगलुरु की आईटी कंपनियों में कन्नड़ लोगों को नौकरी नहीं दिए जाने की शिकायतें सुनना दुखद है.

    उन्होंने कहा कि कन्नड़ मातृभाषा वाले लोगों की अनदेखी किए जाने की शिकायतों को सरकार गंभीरता से ले रही है.

    डीके शिवकुमार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "कर्नाटक में कन्नड़ लोगों का ही सबसे ज़्यादा अधिकार है. सरकार किसी भी हाल में उनके अधिकारों, सम्मान और अवसरों की अनदेखी नहीं होने देगी."

    उन्होंने कहा, "दुनिया बेंगलुरु को भारत की टेक्नोलॉजी कैपिटल के रूप में देखती है और हमें अपने कन्नड़ लोगों की प्रतिभा, कौशल और क्षमता पर बेहद गर्व है."

    उन्होंने आगे कहा कि अगर किसी निजी कंपनी की ओर से जानबूझकर कन्नड़ लोगों की अनदेखी किए जाने की बात सामने आती है, तो सरकार उचित कार्रवाई करेगी.

    शिवकुमार ने कहा कि सरकार कन्नड़ लोगों के हितों की रक्षा करने और उनकी समस्याओं को दूर करने के लिए हमेशा प्रतिबद्ध है.

  2. केसी वेणुगोपाल दावा- एक नवंबर को रामलीला मैदान में 10 लाख लोग शामिल होंगे

    केसी वेणुगोपाल

    कांग्रेस के महासचिव केसी वेणुगोपाल ने रविवार को एक बार फिर मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े की मांग की.

    वेणुगोपाल ने दिल्ली के रामलीला मैदान में एक नवंबर को होने वाली इंडिया गठबंधन की रैली से पहले राजस्थान कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की.

    पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने दावा किया कि इस बड़ी रैली में 10 लाख लोग शामिल होंगे.

    उन्होंने कहा, “एसआईआर का इस्तेमाल करके लोकतंत्र को प्रभावी रूप से खत्म कर दिया गया है. इस व्यवस्था को लेकर जनता में गहरा गुस्सा है. यह रैली किसी एक व्यक्ति या किसी खास राजनीतिक दल के लिए नहीं है, बल्कि आम नागरिकों के वोटों की रक्षा के लिए है. 10 लाख लोग दिल्ली कूच करेंगे.”

    कांग्रेस नेता ने आगे कहा, “सभी वरिष्ठ नेताओं की यह ज़िम्मेदारी है. हम सब मिलकर काम करेंगे और सभी नेता एकजुट होकर आगे बढ़ेंगे."

    इससे पहले शुक्रवार को कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा और एआईसीसी महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल ने नई दिल्ली स्थित एआईसीसी मुख्यालय में उत्तर प्रदेश और हरियाणा के पार्टी नेताओं के साथ बैठक की थी.

  3. इसराइल के अंदर सैनिकों को 'नाज़ी' बताकर प्रदर्शन क्यों, क्या बंट रहा है इसराइली समाज?

  4. ग़ुलाम नबी आज़ाद बोले- 'फ़ारूक़ साहब का बयान पूरी तरह ग़लत'

    ग़ुलाम नबी आज़ाद
    इमेज कैप्शन, जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री ग़ुलाम नबी आज़ाद (फ़ाइल फ़ोटो)

    फ़ारूक़ अब्दुल्लाह के बयान पर जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री ग़ुलाम नबी आज़ाद ने प्रतिक्रिया दी है.

    उन्होंने कहा, "मैं फ़ारूक़ साहब का सम्मान करता हूं, लेकिन उनका यह बयान पूरी तरह ग़लत है. अगर भारत और जम्मू-कश्मीर के लोगों का कोई दुश्मन है, तो वह पाकिस्तान है."

    फ़ारूक़ अब्दुल्लाह ने उत्तरी कश्मीर के बारामूला ज़िले में नेशनल कॉन्फ़्रेंस के एक कार्यक्रम के दौरान पाकिस्तान का बिना नाम लिए बिना कहा, "वो हमें बचा रहे हैं."

    इस पर आज़ाद ने कहा, "आज पाकिस्तान के कब्ज़े वाले कश्मीर (पीओके) में क्या हालात हैं? वहां कितने लोग मारे गए हैं? वहां के लोग वापस लौटकर भारत का हिस्सा बनकर रहना चाहते हैं."

    ग़ुलाम नबी आज़ाद ने कहा कि 1947 से जम्मू-कश्मीर में जो भी विकास हुआ है, वह केंद्र सरकार की कोशिशों का नतीजा है.

    फ़ारूक़ अब्दुल्लाह के इस बयान पर बीजेपी ने जहां कड़ी प्रतिक्रिया दी है वहीं, कांग्रेस के नेताओं ने कहा है कि फ़ारूक़ अब्दुल्लाह को ऐसा बयान नहीं देना चाहिए था.

  5. राहुल गांधी की रामलीला मैदान रैली: बीजेपी ने कांग्रेस को सिख विरोधी दंगों पर क्यों घेरा

  6. पटना में मल्लिकार्जुन खड़गे की सभा में हंगामा, जानें क्या हुआ

    कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे
    इमेज कैप्शन, रविवार को पटना में आयोजित डॉ. श्रीकृष्ण सिंह की 139वीं जयंती कार्यक्रम में मल्लिकार्जुन खड़गे शामिल हुए

    केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने बयान दिया था कि कांग्रेस पार्टी और उसके नेता राहुल गांधी अगले 30 साल तक सत्ता में नहीं आएंगे. अमित शाह के इस बयान पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रतिक्रिया दी है.

    पटना में एक कार्यक्रम के बाद उन्होंने कहा, "30 साल बाद कौन रहेगा? मैं 85 साल का हूं. वह लोगों को गुमराह करने के लिए ऐसी बातें कहते हैं. जब तक उनके पास ये ईवीएम हैं और जब तक उन पदों पर उनके अपने वफ़ादार लोग बैठे हैं, तब तक उनके दावों का यही आधार है. उनके अपने लोगों ने भी कहा है कि गड़बड़ी हो रही है."

    कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा, सभी चुनाव बैलेट पेपर से कराए जाने चाहिए. पिछले दो साल में हुए सभी विधानसभा चुनाव रद्द किए जाने चाहिए और उन राज्यों की सरकारों को बर्खास्त कर देना चाहिए."

    रविवार को पटना में डॉ. श्रीकृष्ण सिंह की 139वीं जयंती मनाई गई. कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे इसी कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे. श्रीकृष्ण सिंह बिहार के पहले मुख्यमंत्री थे.

    कार्यक्रम में उनके भाषण के दौरान ऑडिटोरियम में बैठे एक शख़्स ने पीएम मोदी समर्थन में नारे लगाने शुरू कर दिए. इस पर मल्लिकार्जुन खड़गे नाराज़ भी होते देखे गए. जिसके बाद वहां थोड़ी गहमागहमी की स्थिति बन गई. इसके बाद उस शख़्स को वहां से बाहर निकाला गया.

  7. ग़ालिबाफ़ का अमेरिका को जवाब-'किसी भी हमले का ऐसा जवाब देंगे, जैसा कोई सोच भी नहीं सकता'

    मोहम्मद बग़र ग़ालिबाफ़
    इमेज कैप्शन, ईरानी पार्लियामेंट के स्पीकर मोहम्मद बग़र ग़ालिबाफ़ (फ़ाइल फ़ोटो)

    ईरानी पार्लियामेंट के स्पीकर मोहम्मद बग़र ग़ालिबाफ़ ने ईरान पर दोबारा सैन्य हमले की आशंका को लेकर अमेरिका के वरिष्ठ अधिकारियों की धमकियों पर प्रतिक्रिया दी है.

    उन्होंने कहा, "ईरान की क्षेत्रीय अखंडता के ख़िलाफ़ किसी भी तरह की गुस्ताख़ी का ऐसा जवाब दिया जाएगा, जिसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती."

    रविवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी कहा, "हो सकता है कि मुझे काम पूरा करना पड़े, या हो सकता है कि वे कोई समझौता कर लें."

    हालांकि, ट्रंप ने यह साफ़ नहीं किया कि 'काम पूरा करने' से उनका मतलब ईरान पर फिर से हमला करने से है या नहीं.

    ईरानी संसद के स्पीकर और मुख्य वार्ताकार ग़ालिबाफ़ ने रविवार को संसद की कार्यवाही शुरू होने से पहले दिए गए अपने भाषण में यह बात कही.

    इस सत्र में सांसदों ने 'घुसपैठ का मुक़ाबला करने' से जुड़े विधेयक पर चर्चा जारी रखी.

    रविवार को संसद के क़रीब दो-तिहाई सदस्य अलग-अलग तरीक़ों से सत्र में शामिल हुए. कुछ सांसद पार्लियामेंट हाउस में मौजूद थे, जबकि कुछ ने ऑनलाइन हिस्सा लिया.

    रविवार को स्पीकर ग़ालिबाफ़ भी सत्र में शामिल होने के लिए संसद भवन पहुंचे.

  8. जेडीयू पार्टी से छह साल के लिए निकाले जाने पर क्या बोले अनंत सिंह?

  9. एलन मस्क ने यूक्रेन में स्टारलिंक इंटरनेट सेवा पर प्रतिबंध लगाने की बात मानी, सेवा बहाल

    एलन मस्क
    इमेज कैप्शन, टेस्ला और स्पेसएक्स के मालिक एलन मस्क (फ़ाइल फ़ोटो)

    टेस्ला और स्पेसएक्स के मालिक एलन मस्क ने बताया कि उनकी कंपनी स्पेसएक्स ने यूक्रेन में स्टारलिंक इंटरनेट सेवा के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाए थे.

    मस्क ने यूक्रेन पर स्टारलिंक की सेवा शर्तों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है.

    उनका कहना है कि यूक्रेन इस सेवा का इस्तेमाल सैन्य गतिविधियों के लिए कर रहा था. हालांकि, उन्होंने इस बात से इनकार किया कि अमेरिका के सैन्य-ग्रेड नेटवर्क "स्टारशील्ड" में आई समस्या के लिए वे ज़िम्मेदार थे.

    मस्क के ताज़ा दावों पर यूक्रेन की ओर से कोई आधिकारिक जवाब नहीं आया है. हालांकि, यूक्रेनी राष्ट्रपति के सलाहकार सेरही बेस्क्रेस्तनोव ने मस्क की पोस्ट को "बहुत अजीब" बताया है.

    इससे पहले मस्क ने यह आरोप खारिज किया था कि उन्होंने जानबूझकर यूक्रेन के इंटरनेट कनेक्शन की स्पीड कम की थी.

    यूक्रेन का कहना है कि इस समस्या के कारण उसे एक सप्ताह से अधिक समय तक अपनी रक्षात्मक सैन्य गतिविधियां संचालित करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा.

    स्टारलिंक और स्टारशील्ड इंटरनेट सेवा की स्पीड सही होने के बाद यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने एक्स पर पोस्ट कर अमेरिका का शुक्रिया कहा.

    उन्होंने कहा, "यह हमारे फ्रंटलाइन पर तैनात लॉजिस्टिक्स सिस्टम के लिए बेहद अहम है. साथ ही, जेट इंजन से संचालित 'शाहेद' ड्रोन हमलों के ख़िलाफ़ यूक्रेन की रक्षा के लिए भी यह आवश्यक है."

    यह विवाद पिछले सप्ताह उस समय सामने आया था, जब अमेरिका और यूक्रेन के बीच रूसी ऑयल इंफ़्रास्ट्रक्चर पर यूक्रेनी हमलों को लेकर तनाव बढ़ गया था.

  10. जस्टिस कौल की किताब में पूर्व सीजेआई चंद्रचूड़ के बारे में क्या लिखा है, जिस पर कांग्रेस ने सरकार को घेरा

  11. फ़्रांस में महंगाई और खराब स्कूल व्यवस्था के ख़िलाफ़ प्रदर्शन

    बोर्दो
    इमेज कैप्शन, फ़्रांस के बोर्दो में प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प

    फ़्रांस में शनिवार को एक बार फिर बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुए. अधिकारियों के मुताबिक, इन प्रदर्शनों में लाखों लोगों ने हिस्सा लिया और करीब 1300 लोगों को गिरफ़्तार किया गया.

    शनिवार देर रात कुछ जगहों पर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़पें भी हुईं.

    हालांकि, अधिकारियों ने अब तक पिछले सप्ताह के आख़िर में हुई हिंसा और लूटपाट जैसी घटनाओं को रोकने में कामयाबी हासिल की है.

    पिछले सप्ताह हुई हिंसा को फ़्रांस के आधुनिक इतिहास में अशांति की सबसे गंभीर घटनाओं में से एक माना गया था.

    फ़्रांस के गृह मंत्रालय के मुताबिक़, शनिवार को करीब 4 लाख 10 हज़ार लोगों ने प्रदर्शन किया. वहीं, ट्रेड यूनियनों ने प्रदर्शनकारियों की संख्या करीब 8 लाख बताई है.

    प्रदर्शनों के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए करीब 70 हज़ार पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था.

    कई शहरों में पाबंदियां भी लगाई गईं. इन कदमों का मक़सद महंगाई और स्कूलों की खराब स्थिति के ख़िलाफ़ हो रहे प्रदर्शनों को हिंसक होने से रोकना था.

    पिछले सप्ताह हुई हिंसा के दौरान पुलिसकर्मियों की संख्या प्रदर्शनकारियों के मुकाबले कम पड़ गई थी. उस दौरान सैकड़ों दुकानों में लूटपाट हुई और कई इमारतों में आग लगा दी गई थी.

    फ़्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने इसी सप्ताह आदेश दिया था कि केवल मान्यता प्राप्त ट्रेड यूनियनों की ओर से आयोजित प्रदर्शनों की अनुमति दी जाएगी.

    वहीं, तेज़ सुनवाई के बाद तोड़फोड़, आगज़नी और लूटपाट के मामलों में सैकड़ों लोगों को जेल भेजा जा चुका है.

  12. छोटे से घर में रहने वाले जादूगर साहिल, जो दुनिया भर में मैजिक शो करना चाहते हैं

  13. ईरान पर फिर से हमले की आशंका के बीच डोनाल्ड ट्रंप ये बोले

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रंप
    इमेज कैप्शन, फ्लोरिडा के वेस्ट पाम बीच में मिडटर्म चुनाव के लिए अर्ली वोट डालने पहुंचे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रंप

    अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर कहा, "हो सकता है कि मुझे काम पूरा करना पड़े, या हो सकता है कि वे कोई समझौता कर लें." हालांकि उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि अभी यह तय नहीं है कि आगे क्या होगा.

    ट्रंप ने यह साफ़ नहीं किया कि 'काम पूरा करने' से उनका मतलब ईरान पर फिर से हमला करने से है या नहीं.

    ट्रंप ने 24 अक्तूबर, शनिवार को फ्लोरिडा के वेस्ट पाम बीच में मिडटर्म चुनाव के लिए अर्ली वोट डालने के बाद पत्रकारों से बात की थी. वह फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रंप के साथ वोट डालने पहुंचे थे.

    वहीं, अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने ईरान के साथ युद्ध की कड़ी आलोचना की.

    उन्होंने कहा कि उनके प्रशासन ने कूटनीति के ज़रिए ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने में कामयाबी पाई थी और इसके लिए "एक भी मिसाइल दागने की ज़रूरत नहीं पड़ी."

    ओबामा ने अमेरिकी सैन्यकर्मियों की मौत, ऊर्जा की बढ़ती क़ीमतों और होर्मुज़ स्ट्रेट से तेल की आवाजाही बाधित करने की ईरान की क्षमता का भी ज़िक्र किया.

  14. छह महीने में 23 दोषियों को मौत की सज़ा सुनाने वाले जज का हुआ ट्रांसफर

    रवि कुमार दिवाकर
    इमेज कैप्शन, रवि कुमार दिवाकर (फ़ाइल फ़ोटो)

    उत्तर प्रदेश के मुज़फ़्फ़रनगर में छह महीने के भीतर 23 दोषियों को मौत की सज़ा सुनाने वाले एडिशनल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशन्स जज रवि कुमार दिवाकर का तबादला हो गया है.

    रवि कुमार दिवाकर का ट्रांसफ़र फ़ैमिली कोर्ट में कर दिया गया है. इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के बाद उन्हें मुज़फ़्फ़रनगर फ़ैमिली कोर्ट का एडिशनल प्रिंसिपल जज नियुक्त किया गया है.

    रवि दिवाकर ने इस साल अप्रैल से सितंबर के बीच 11 मामलों में 23 दोषियों को मौत की सज़ा सुनाई थी.

    पिछले दिनों नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस एक्ट (एनडीपीएस) मामलों में पुलिस की कथित लापरवाही को लेकर भी जज रवि दिवाकर ने कई आईपीएस अधिकारियों के ख़िलाफ़ आदेश पारित किए थे.

    उनके फ़ैसलों और न्यायिक कार्यवाही को लेकर भी चर्चाएं होती रही हैं.

    अब नई नियुक्ति के बाद रवि दिवाकर परिवार न्यायालय में वैवाहिक विवादों से जुड़े मामलों की सुनवाई करेंगे.

  15. बीबीसी न्यूज़ हिन्दी के लाइव पेज पर अभी तक बीबीसी संवाददाता रौनक भैड़ा आप तक ख़बरें पहुंचा रहे थे.

    अब बीबीसी संवाददाता अरशद मिसाल दोपहर दो बजे से रात दस बजे तक आप तक अहम ख़बरें पहुंचाएंगे.

    हमारी वेबसाइट पर प्रकाशित प्रमुख ख़बरों को यहां पढ़ सकते हैं-

  16. नमो घाट पर भारतीय वायुसेना का एयर शो देख रहे पीएम मोदी, कांग्रेस ने क्या कहा?

    नरेंद्र मोदी
    इमेज कैप्शन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल भी इस कार्यक्रम में शामिल हैं

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी के नमो घाट पर भारतीय वायुसेना का भव्य एयर शो देखने पहुंचे.

    भारतीय वायुसेना की 94वीं वर्षगांठ के मौके पर आयोजित इस एयर शो का नाम 'विंग्स ओवर गंगा' रखा गया है.

    नमो घाट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल भी इस कार्यक्रम में शामिल हैं.

    विमान
    इमेज कैप्शन, भारतीय वायुसेन के इस आयोजन के दौरान 100 विमानों का प्रदर्शन हो रहा है

    इस तीन दिवसीय मेगा शो के आख़िरी दिन (ग्रैंड फिनाले) में राफेल, सुखोई-30 एमकेआई, तेजस, जगुआर, मिराज-2000 और मिग-29 जैसे 52 आधुनिक लड़ाकू विमान कलाबाज़ियां दिखा रहे हैं.

    भारतीय वायुसेन के इस आयोजन में करीब 100 विमान शामिल हैं. अधिकारियों के मुताबिक, इनमें 52 लड़ाकू विमान, 15 परिवहन विमान, 32 हेलीकॉप्टर और एक हेरिटेज विमान शामिल है.

    पीएम मोदी के एयर शो में शामिल होने पर कांग्रेस नेता अजय राय ने कहा, "रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, जो ख़ुद काशी क्षेत्र से आते हैं, उनका नाम कहीं भी निमंत्रण कार्डों पर नहीं है. ऐसा लगता है कि उन्हें किनारे कर दिया गया है; हो सकता है कि वे बस आएं, प्रधानमंत्री मोदी के साथ फ़ोटो खिंचवाएं और चले जाएं."

    उन्होंने कहा, "बनारस में रोज़गार लाएं. एक 'रोज़गार मेला' आयोजित करें ताकि लोगों को काम मिल सके. आखिर युवा कहां रोज़गार ढूंढें?"

    न्यूज़ एजेंसी एएनआई के मुताबिक, पीएम मोदी ने वाराणसी में अरविंद लिमिटेड की नई गारमेंट मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का उद्घाटन भी किया है.

    एयर शो
    एयर शो
    एयर शो
  17. सऊदी में फंसे भारतीय उमरा यात्रियों ने बीबीसी को क्या बताया?

  18. ईरान के परमाणु हथियार को लेकर ओबामा और ट्रंप के बीच नोक झोंक

    डोनाल्ड ट्रंप
    इमेज कैप्शन, डोनाल्ड ट्रंप ने ओबामा को 'नाक़ाबिल' राष्ट्रपति करार देते हुए उनकी नीतियों की आलोचना की (फ़ाइल फ़ोटो)

    अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा पर आरोप लगाया है कि उनके कार्यकाल में ईरान को अरबों डॉलर दिए गए और उसे परमाणु हथियार हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ने का मौका मिला.

    ट्रंप ने ओबामा को 'नाक़ाबिल' राष्ट्रपति करार देते हुए उनकी नीतियों की आलोचना की.

    दरअसल, इससे पहले शनिवार को चुनावी सभाओं को संबोधित करते हुए बराक ओबामा ने ट्रंप प्रशासन की नीतियों की आलोचना की थी. उन्होंने ईरान के साथ युद्ध समेत कई मुद्दों पर प्रशासन को घेरा.

    ओबामा ने दावा किया कि उनके कार्यकाल में ईरान के साथ हुआ परमाणु समझौता उसको परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने में कारगर था.

    उन्होंने कहा कि इस समझौते के ज़रिए बिना मिसाइल दागे ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर अंकुश लगाया गया था.

    इसके बाद ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में लिखा, "ओबामा बहुत ही नाक़ाबिल राष्ट्रपति थे! उन्होंने ईरान को अरबों डॉलर दिए और उसे परमाणु हथियार बनाने का रास्ता दिया."

    ट्रंप ने लिखा, "उन्होंने (ओबामा) हिलेरी क्लिंटन के लिए खूब प्रचार किया, लेकिन वह हर तरह से हार गईं. इसके बाद उन्होंने कमला के लिए भी पूरा ज़ोर लगाकर प्रचार किया और वह भी हार गईं."

    गौरतलब है कि अमेरिका में मिडटर्म चुनाव के चलते रिपब्लिकन और डेमोक्रेटिक दोनों पार्टियों अपने-अपने उम्मीदवारों का प्रचार कर रही हैं. इसी दौरान ये बयानबाज़ी सामने आई है.

  19. मणिपुर में बढ़ी हिंसा के बीच पीएम मोदी से मिले सीएम खेमचंद्र ने बताया, शांति के लिए क्या करेंगे, दिलीप कुमार शर्मा, गुवाहाटी से बीबीसी न्यूज़ हिन्दी के लिए

    युमनाम खेमचंद सिंह
    इमेज कैप्शन, मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने इस समिति में राज्य के सभी 36 समुदायों के प्रतिनिधियों को शामिल किया जाएगा

    मणिपुर में बढ़ती हिंसा के बीच मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने प्रदेश में स्थायी शांति कायम करने के उद्देश्य से एक राज्यव्यापी समिति (कमेटी) गठित करने का प्रस्ताव रखा है.

    उन्होंने कहा कि इस समिति में राज्य के सभी 36 समुदायों के प्रतिनिधियों को शामिल किया जाएगा. इनमें आधिकारिक तौर पर 33 अनुसूचित जनजातियां भी शामिल हैं.

    खेमचंद सिंह ने शनिवार को इंफाल में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हुई बैठक में ऐसी शांति समिति की आवश्यकता पर चर्चा हुई थी.

    दरअसल, प्रदेश के मौजूदा हालात पर चर्चा के लिए मुख्यमंत्री खेमचंद सिंह ने इसी महीने 10 अक्तूबर को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी.

    संयोग से उसी दिन मणिपुर में सबसे अधिक हिंसा भी दर्ज की गई थी. कामजोंग, कांगपोकपी और उखरुल जिलों में 12 घंटे के भीतर हुई हिंसक घटनाओं में 9 लोगों की जान गई थी.

    3 मई 2023 से मैतेई समुदाय और कुकी जनजाति के बीच जारी हिंसा में इस वर्ष कुछ कमी देखने को मिली थी. हालांकि, फ़रवरी में उखरुल जिले में कुकी और नगा समुदाय के कुछ युवकों के बीच कहासुनी के बाद हालात फिर बिगड़ गए.

    करीब आठ महीने पहले शुरू हुए नगा-कुकी संघर्ष में अब तक कम से कम 22 नगा और 31 कुकी लोगों की मौत हो चुकी है. ऐसे में मैतेई, कुकी और नगा समुदायों के बीच त्रिकोणीय तनाव ने राज्य सरकार की चुनौतियों को और बढ़ा दिया है.

  20. जब गुलशन कुमार की दिनदहाड़े हत्या कर दी गई थी, बॉलीवुड में अंडरवर्ल्ड के आतंक का वह दौर कैसा था?