जी-7 की बैठक के लिए इटली में एकजुट हुए दुनिया के नेता, मोदी भी हुए रवाना

जी-7 देशों के राष्ट्राध्यक्षों की बैठक में रूस-यूक्रेन युद्ध, ग़ज़ा-इसराइल युद्ध, जलवायु परिवर्तन, प्रवासी मुद्दे, तकनीक और अन्य मुद्दों पर चर्चा होनी है.

सारांश

  • नीट-यूजी में ग्रेस मार्क्स दिए गए 1,563 छात्रों के लिए दोबारा होगी परीक्षा. एनटीए ने नोटिफ़िकेशन जारी कर बताया 23 जून को होंगे एग्ज़ाम.
  • पीएम नरेंद्र मोदी जी7 शिखर सम्मेलन में शामिल होने इटली रवाना हुए. तीसरी बार पीएम पद की शपथ लेने के बाद मोदी का यह पहला विदेश दौरा है.
  • अजीत डोभाल को एक बार फिर राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार नियुक्त कर दिया गया है.
  • चीन और पाकिस्तान के संयुक्त बयान में जम्मू और कश्मीर पर की गई टिप्पणी पर भारत के विदेश मंत्रालय ने तीखी प्रतिक्रिया दी है.
  • पेमा खांडू ने लगातार तीसरी बार अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है. चोओना मीन ने उप मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली.

लाइव कवरेज

दीपक मंडल

  1. अब इस लाइव ब्लॉग को विराम देने का वक़्त आ गया है. मुझे यानी बीबीसी संवाददाता अरशद मिसाल को दीजिए इजाज़त.

    कल एक नए लाइव ब्लॉग के साथ हम फिर हाज़िर होंगे.

    बीबीसी न्यूज़ हिन्दी पर मौजूद अहम ख़बरों को पढ़ने के लिए उनके साथ दिए गए लिंक पर क्लिक करें.

  2. फ़्रांस के कई शहरों में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़पें, 135 लोग गिरफ़्तार

    पुलिस और प्रदर्शनकारी
    इमेज कैप्शन, राजधानी पेरिस में वॉटर कैनन का इस्तेमाल करती पुलिस

    फ़्रांस के कई शहरों में शनिवार को प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़पें हुई हैं. देशभर में हज़ारों लोग प्रदर्शन करने के लिए सड़कों पर उतरे हैं.

    पेरिस पुलिस के मुताबिक़, देशव्यापी प्रदर्शनों के तहत आज राजधानी पेरिस में 1 लाख 10 हज़ार लोगों ने मार्च निकाला. पुलिस ने बताया कि पूरे शहर में हालात ज़्यादातर "शांत" रहे.

    लियोन और मार्सेई समेत कई शहरों में पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े. वहीं, बोर्डो में कुछ लोगों को एक दुकान के बाहर लगे लकड़ी के तख्ते उखाड़ते और बैरिकेड बनाते देखा गया.

    हालांकि, पेरिस में मौजूद बीबीसी संवाददाता के मुताबिक़, अब तक पिछले प्रदर्शनों के दौरान हुई अफ़रा-तफ़री जैसे हालात नहीं बने हैं.

    मध्य पेरिस में प्रदर्शन कर रही एक महिला ने बीबीसी से कहा कि जब तक फ़्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों प्रदर्शनकारियों की बात नहीं सुनते, तब तक प्रदर्शन जारी रहेंगे.

    26 साल की ज़ेली ने कहा कि लोग सड़कों पर इसलिए उतरे हैं, क्योंकि वे "बहुत निराश" हैं और मैक्रों के सत्ता में आने के बाद से "बहुत कुछ बर्दाश्त कर रहे हैं".

    ज़ेली
    इमेज कैप्शन, ज़ेली ने कहा कि लोग सड़कों पर इसलिए उतरे हैं, क्योंकि वे "बहुत निराश" हैं

    उन्होंने कहा, "वे हमें चुप रखते हैं. वे हमारा पैसा लेते हैं, हम पर बहुत ज़्यादा टैक्स लगाते हैं और हम कुछ कह भी नहीं सकते."

    उन्होंने कहा, "आज हम सड़कों पर हैं, क्योंकि अब बहुत समय हो गया है और बहुत कुछ बर्दाश्त कर लिया है."

    फ़्रांस के गृह मंत्री ने इससे पहले बताया था कि देशभर में 135 लोगों को गिरफ़्तार किया गया है. वहीं, पेरिस में पुलिस ने हथियार और गैस मास्क ज़ब्त किए हैं.

    स्थानीय न्यूज़पेपर ले पेरिसियन के मुताबिक़, स्ट्रासबर्ग में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच कई बार झड़पें हुईं. वहीं, नैंसी में कई अनधिकृत मार्च निकाले जाने के दौरान वाटर कैनन का इस्तेमाल किया गया.

    आज के ये प्रदर्शन पिछले सप्ताह के आखिर में हुए दंगों और लूटपाट की घटनाओं के बाद हो रहे हैं. उन घटनाओं में 2,700 से ज़्यादा लोगों को गिरफ़्तार किया गया था.

  3. हूती विद्रोहियों का दावा, सना पर सऊदी अरब के हवाई हमलों में 11 लोगों की मौत

    हूती विद्रोही
    इमेज कैप्शन, हूती विद्रोहियों के नियंत्रण वाले टीवी चैनल अल-मसीरा ने सऊदी अरब की ओर से सना पर कई हवाई हमले किए जाने की ख़बर दी है (सांकेतिक तस्वीर)

    हूती विद्रोहियों का दावा है कि सऊदी अरब की ओर से शनिवार को यमन की राजधानी सना पर किए गए हवाई हमलों में 11 लोगों की मौत हो गई.

    हूती विद्रोहियों के नियंत्रण वाले टीवी चैनल अल-मसीरा ने सऊदी अरब की ओर से सना पर कई हवाई हमले किए जाने की ख़बर दी है.

    चैनल के मुताबिक़, एक घर पर हुए हमले में कम से कम चार लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए.

    रिपोर्ट के मुताबिक़, सना में सीमेंट फ़ैक्ट्री के मज़दूरों के एक आवासीय भवन पर अलग से हमला हुआ. इस हमले में छह महिलाओं और एक बच्चे की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य लोग घायल हो गए.

    इससे पहले, सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने कहा था कि उसने अपने शहरों की ओर दागी गई दो मिसाइलों को हवा में ही रोक दिया.

    2022 में हुए संघर्षविराम के बाद, यमन में गृहयुद्ध थम गया था. हालांकि, मध्य पूर्व में बढ़ते संकट के बीच जुलाई में यह संघर्ष एक बार फिर भड़क उठा.

  4. दिल्ली नहीं आएंगे ईरानी संसद के स्पीकर ग़ालिबाफ़, ईरानी दूतावास ने ये वजह बतायी

    मोहम्मद बग़र ग़ालिबाफ़
    इमेज कैप्शन, ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बग़र ग़ालिबाफ़ (फ़ाइल फ़ोटो)

    नई दिल्ली स्थित ईरानी दूतावास ने शनिवार को बयान जारी कर बताया कि 12वें ब्रिक्स संसदीय मंच में ईरानी पार्लियामेंट के स्पीकर शामिल नहीं होंगे.

    दूतावास ने मुताबिक़, "कुछ अप्रत्याशित परिस्थितियों के कारण ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बग़र ग़ालिबाफ़ इस बैठक में शामिल नहीं हो सकेंगे."

    हालांकि, ईरान का संसदीय प्रतिनिधिमंडल बैठक में हिस्सा लेगा. आगामी 26 और 27 अक्तूबर को दिल्ली में ब्रिक्स संसदीय मंच की बैठक होने वाली है.

    ग़ालिबाफ़ को ईरान की सत्ता संरचना और अमेरिका के साथ चल रहे हालिया रणनीतिक घटनाक्रमों में एक बेहद प्रभावशाली और ताकतवर चेहरा माना जाता है

    दूतावास ने कहा कि ब्रिक्स के सदस्य के तौर पर ईरान इस समूह के शिखर सम्मेलनों और बैठकों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रतिबद्ध है.

    बयान के मुताबिक़, "ईरान का प्रतिनिधिमंडल ब्रिक्स के सदस्य देशों के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत और विचार-विमर्श जारी रखेगा."

    ईरानी दूतावास ने इस बैठक की मेज़बानी और इसके लिए की गई व्यवस्थाओं को लेकर भारत सरकार का आभार जताया.

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  8. सऊदी अरब में ड्रोन हमले में गोरखपुर के कमलेश पांडेय की मौत, गांव में पसरा मातम, अजीत सिंह, गोरखपुर से बीबीसी न्यूज़ हिन्दी के लिए

    कमलेश
    इमेज कैप्शन, मृतक कमलेश (फ़ाइल फ़ोटो)

    उत्तर प्रदेश के गोरखपुर के रहने वाले एक युवक की सऊदी अरब में गुरुवार रात मौत हो गई.

    परिवार वालों के मुताबिक, यह घटना दम्माम के किंग फहद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हूती लड़ाकों के मिसाइल और ड्रोन हमले के दौरान हुई.

    शुक्रवार देर रात युवक की मौत की जानकारी परिजनों को दी गई, जिसके बाद परिवार में मातम पसर गया.

    बांसगांव थाना क्षेत्र के किशनपुर बगही गांव के रहने वाले हरिश्चंद्र पांडेय के बेटे कमलेश पांडेय साल 2022 में रोजगार के सिलसिले में सऊदी अरब गए थे.

    वह दम्माम के किंग फहद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के भीतर चलने वाली बस सेवा में ड्राइवर थे. परिजनों के मुताबिक, कुछ महीने पहले वह छुट्टियों पर घर आए थे. इसके बाद वह वापस सऊदी अरब चले गए थे.

    कमलेश के परिवार में उनकी पत्नी, दो बेटियां और माता-पिता हैं.

    चार भाइयों में कमलेश दूसरे नंबर पर थे. उनके पिता किसान हैं.

    कमलेश के एक भाई अंडमान और निकोबार में नौकरी करते हैं, जबकि दो भाई खेती-किसानी में पिता का हाथ बंटाते हैं.

    परिजन कमलेश के शव के घर पहुंचने का इंतज़ार कर रहे हैं. उन्हें प्रशासन की कार्रवाई का भी इंतज़ार है.

    कमलेश के भाई ने बताया कि 21 अक्तूबर को रात 10 बजे उनकी वॉट्सऐप पर कमलेश से बात हुई थी. इससे पहले कमलेश ने परिवार के अन्य सदस्यों से भी वीडियो कॉल पर बात की थी.

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  10. टाइगर श्रॉफ़ पर हमले के मामले में एक और अभियुक्त इंदौर से गिरफ़्तार, समीर ख़ान, इंदौर से बीबीसी न्यूज़ हिन्दी के लिए

    टाइगर श्रॉफ
    इमेज कैप्शन, बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ (फ़ाइल फ़ोटो)

    बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ़ पर हमले के मामले में इंदौर से एक और अभियुक्त को गिरफ़्तार किया गया है.

    इससे पहले इस मामले में राजस्थान के कोटा से तीन और दिल्ली से चार अभियुक्तों को गिरफ़्तार किया गया था.

    इंदौर के एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया ने बताया, "हमले की जांच में इंदौर कनेक्शन सामने आने के बाद मुंबई क्राइम ब्रांच और इंदौर क्राइम ब्रांच ने संयुक्त ऑपरेशन चलाया. इस दौरान इंदौर के परदेशीपुरा पुलिस थाना क्षेत्र से 22 साल के प्रांजल ठाकरान नाम के संदिग्ध को हिरासत में लिया गया."

    उन्होंने बताया कि प्रांजल मूल रूप से सोनीपत का रहने वाला है. वह पांच दिन पहले अपने भाई के इलाज के लिए इंदौर आया था.

    पुलिस की आठ सदस्यीय टीम ने मिलकर यह ऑपरेशन पूरा किया. इसमें मुंबई क्राइम ब्रांच के दो और इंदौर क्राइम ब्रांच के छह सदस्य शामिल थे.

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  12. जामिया में छात्र संघ चुनाव की मांग को लेकर प्रदर्शन जारी, स्टूडेंट्स को हटाने की हुई थी कोशिश

    जामिया प्रोटेस्ट
    इमेज कैप्शन, शनिवार को प्रदर्शन स्थल पर छात्रों और प्रशासन के बीच धक्का-मुक्की हुई

    जामिया मिल्लिया इस्लामिया (जेएमआई) में शनिवार को प्रदर्शन कर रहे स्टूडेंट्स से मिलने विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार, प्रोफेसर और नॉन-टीचिंग स्टाफ़ पहुंचे.

    प्रशासन ने छात्रों से प्रदर्शन ख़त्म करने की मांग की, लेकिन उन्होंने ऐसा करने से इनकार कर दिया. इसके बाद सुरक्षा गार्डों और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की हुई.

    जामिया के गार्ड प्रदर्शन स्थल पर लगे तिरपाल हटा रहे थे, जबकि स्टूडेंट्स धरना स्थल को बचाने की कोशिश कर रहे थे.

    इस घटना के बाद विश्वविद्यालय में प्रदर्शन कर रहे छात्रों की भीड़ और बढ़ गई.

    दरअसल, जामिया में छात्र संघ के गठन और चुनाव कराने की मांग को लेकर पिछले 13 दिनों से प्रदर्शन जारी है. प्रदर्शनकारी छात्र यूनियन चुनाव की तारीख घोषित करने की मांग कर रहे हैं.

    जामिया मिल्लिया इस्लामिया के रजिस्ट्रार प्रोफ़ेसर मोहम्मद महताब आलम रिज़वी ने एएनआई से बात करते हुए कहा, "मैं ख़ुद भूख हड़ताल कर रहे छात्रों से बात करने गया था. छात्र संघ चुनाव कराने की उनकी मांग को लेकर मैंने उन्हें बताया कि संविधान का मसौदा तैयार करने के लिए एक ड्राफ़्ट कमेटी पहले ही बना दी गई है."

    "उन्होंने इसके लिए समय-सीमा पूछी. मैंने उनसे कहा कि वे जितनी जल्दी संविधान का मसौदा तैयार करेंगे, उतनी ही जल्दी चुनाव कराए जाएंगे. इस प्रस्ताव पर वे सहमत हो गए."

    "इसके बाद उन्होंने पूछा, ‘सर, चुनाव कब होंगे?’ मैंने जवाब दिया कि चूंकि उन्होंने ख़ुद अपने प्रतिनिधियों को कमेटी में शामिल करते हुए संविधान का मसौदा तैयार करने का प्रस्ताव दिया है, इसलिए मसौदा मिलते ही चुनाव की घोषणा कर दी जाएगी."

    रजिस्ट्रार ने बाहरी नेताओं पर प्रदर्शन कर रहे जामिया के स्टूडेंट्स को उकसाने का आरोप भी लगाया.

    वहीं, जामिया से एलएलएम कर रहे शकील ने बीबीसी से बात करते हुए कहा, “जामिया प्रशासन ने धरना स्थल पर पहुंचकर तोड़फोड़ की और छात्रों को उकसाने की कोशिश की.”

    शकील ने बताया कि फिलहाल स्थिति समान्य है.

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  15. हिटलर के जर्मनी स्थित घर में लगी आग़, एक संदिग्ध हिरासत में

    ईगल्स नेस्ट
    इमेज कैप्शन, शनिवार सुबह तक ईगल्स नेस्ट में आग लगी हुई थी

    जर्मनी के दक्षिणी राज्य बवेरिया में एडॉल्फ़ हिटलर के घर ‘केल्श्टाइनहाउस’ में शुक्रवार को आग लग गई.

    इस दौरान पुलिस ने एक संदिग्ध को हिरासत में लिया है. इस इमारत को ‘ईगल्स नेस्ट’ के नाम से भी जाना जाता है.

    ट्रॉनस्टाइन में आपातकालीन सेवा के अधिकारियों को शुक्रवार रात स्थानीय समय 9:15 बजे इस इमारत में आग लगने की सूचना मिली.

    दमकलकर्मियों ने मौके पर पहुंचकर देखा कि इमारत आग की लपटों से घिरी हुई थी.

    पुलिस के मुताबिक़, दुर्गम इलाक़े के कारण आग बुझाने के काम में मुश्किलें आ रही थीं. शनिवार सुबह तक भी आग जल रही थी. मौके पर आपातकालीन सेवाओं के करीब 200 कर्मियों को तैनात किया गया था. घटना में किसी के घायल होने की ख़बर नहीं है.

    बेरश्टेसगाडेन शहर के ऊपर स्थित यह ठिकाना उन इमारतों में से एक था, जिनका इस्तेमाल नाज़ी तानाशाह हिटलर और उसके क़रीबी लोग दूसरे विश्व युद्ध के दौरान करते थे.

    हिटलर और नाज़ी शासन के शीर्ष अधिकारियों ने 1941 में सोवियत संघ पर हमले की योजना बनाने के लिए पास स्थित अपने आवास ‘बर्गहॉफ़’ का इस्तेमाल किया था. इस पूरे परिसर को हिटलर के प्रमुख ठिकानों में से एक माना जाता था.

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  17. दूसरे टी20 मैच में भारत ने न्यूज़ीलैंड को चार विकेट से हराया

    तिलक वर्मा और नितीश कुमार रेड्डी
    इमेज कैप्शन, न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ जीत के बाद जश्न मनाते भारतीय खिलाड़ी

    पांच टी20 मैचों की सीरीज़ के दूसरे मैच में भारत ने न्यूज़ीलैंड को चार विकेट से हराकर सीरीज़ में 2-0 की बढ़त बना ली है.

    भारत ने छह विकेट के नुक़सान पर 19.5 ओवर में 181 रन बनाकर मैच अपने नाम कर लिया.

    न्यूज़ीलैंड के क्राइस्टचर्च में खेले जा रहे दूसरे टी20 मैच में पहले बल्लेबाज़ी करते हुए न्यूज़ीलैंड ने 20 ओवर में पांच विकेट के नुक़सान पर 180 रन बनाए. ग्लेन फिलिप्स ने 43 गेंदों में 77 रन बनाए. वहीं, बेवन जैकब्स ने 46 गेंदों पर 58 रन बनाए.

    भारत की ओर से तिलक वर्मा ने सबसे ज़्यादा 51 रन बनाए. उन्होंने 26 गेंदों का सामना किया. वहीं, नमन धीर ने 17 गेंदों पर 31 रन बनाए.

    न्यूज़ीलैंड की ओर से मिचेल सैंटनर ने चार विकेट लिए.

  18. जॉर्डन के चर्च पर हुए हमले को लेकर भारत सरकार ने क्या कहा

    जॉर्डन के काराक प्रांत के हमूद में स्थित चर्च
    इमेज कैप्शन, भारत ने इस मुश्किल घड़ी में जॉर्डन के हाशमी साम्राज्य की सरकार और वहां के लोगों के साथ मज़बूती से खड़े होंने की बात कही है

    शुक्रवार को जॉर्डन के काराक प्रांत के हमूद में एक चर्च पर हथियारबंद लोगों की ओर से की गई गोलीबारी में सात लोगों की मौत हो गई और कम से कम 34 अन्य लोग घायल हो गए.

    भारतीय विदेश मंत्रालय ने शनिवार को बयान जारी कर इस हमले की निंदा की है.

    भारत सरकार ने बयान जारी कर कहा, " भारत जॉर्डन के काराक में एक चर्च पर हुए जघन्य हमले की कड़े शब्दों में निंदा करता है. इस हमले में कई निर्दोष लोगों की दुखद मौत हुई और कई अन्य घायल हो गए."

    "हम इस हमले में जान गंवाने वालों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करते हैं."

    भारत ने इस मुश्किल घड़ी में जॉर्डन के हाशमी साम्राज्य की सरकार और वहां के लोगों के साथ मज़बूती से खड़े होंने की बात कही है.

  19. रविशंकर प्रसाद बोले, 'राहुल गांधी सिख समुदाय की आहत भावनाओं पर नमक छिड़कने की कोशिश कर रहे'

    रविशंकर प्रसाद
    इमेज कैप्शन, बीजेपी सांसद रविशंकर प्रसाद ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ़्रेंस कर राहुल गांधी पर निशाना साधा

    बीजेपी सांसद रविशंकर प्रसाद ने दिल्ली के रामलीला मैदान में एक नवंबर को होने वाली राहुल गांधी की रैली पर निशाना साधा है.

    उन्होंने शनिवार को प्रेस कॉन्फ़्रेस कर कहा, ''राहुल गांधी बहुत सोच-समझकर सिख समुदाय की आहत भावनाओं पर नमक छिड़कने की कोशिश कर रहे हैं. वह एक नवंबर को ही अपनी रैली करने पर अड़े हैं और तारीख़ बदलने को तैयार नहीं हैं. हम इसकी कड़े शब्दों में निंदा करते हैं.”

    दरअसल, 1984 में इंदिरा गांधी की हत्या के बाद एक नवंबर से दिल्ली और देश के कुछ दूसरे हिस्सों में सिख विरोधी दंगे भड़क उठे थे.

    रविशंकर प्रसाद ने कहा, ''यह बताना और याद रखना ज़रूरी है कि मोदी सरकार ने सिख समुदाय की भावनाओं का सम्मान करने के लिए क्या-क्या कदम उठाए हैं. करतारपुर साहिब कॉरिडोर को देखिए या गुरु गोबिंद सिंह के बेटों की शहादत को मान्यता देने की बात, जिन्हें ज़िंदा दीवार में चुनवा दिया गया था.''

    उन्होंने राहुल गांधी से सवाल किया कि 1 नवंबर ही क्यों?

    उन्होंने कहा, “आप अपनी रैली इसी तारीख़ को करने पर क्यों अड़े हुए हैं? आप क्या संदेश देना चाहते हैं? आपका संदेश बिल्कुल साफ़ है: 'हमें कोई परवाह नहीं है.''

    उन्होंने सैम पित्रोदा के बयान का ज़िक्र करते हुए कहा, “याद कीजिए, उनके एक सहयोगी सैम पित्रोदा ने क्या कहा था.''

    उन्होंने पूछा था, ''1984 की बात बार-बार क्यों उठाते रहते हैं? जो हुआ, सो हुआ.''