जी-7 की बैठक के लिए इटली में एकजुट हुए दुनिया के नेता, मोदी भी हुए रवाना

जी-7 देशों के राष्ट्राध्यक्षों की बैठक में रूस-यूक्रेन युद्ध, ग़ज़ा-इसराइल युद्ध, जलवायु परिवर्तन, प्रवासी मुद्दे, तकनीक और अन्य मुद्दों पर चर्चा होनी है.

सारांश

  • नीट-यूजी में ग्रेस मार्क्स दिए गए 1,563 छात्रों के लिए दोबारा होगी परीक्षा. एनटीए ने नोटिफ़िकेशन जारी कर बताया 23 जून को होंगे एग्ज़ाम.
  • पीएम नरेंद्र मोदी जी7 शिखर सम्मेलन में शामिल होने इटली रवाना हुए. तीसरी बार पीएम पद की शपथ लेने के बाद मोदी का यह पहला विदेश दौरा है.
  • अजीत डोभाल को एक बार फिर राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार नियुक्त कर दिया गया है.
  • चीन और पाकिस्तान के संयुक्त बयान में जम्मू और कश्मीर पर की गई टिप्पणी पर भारत के विदेश मंत्रालय ने तीखी प्रतिक्रिया दी है.
  • पेमा खांडू ने लगातार तीसरी बार अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है. चोओना मीन ने उप मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली.

लाइव कवरेज

दीपक मंडल

  1. एक ऐसा किसान जो दोनों हाथ गंवाने के बावजूद ट्रैक्टर चलाकर करता है खेती

  2. कार्टून: दुस्साहस तो देखो

    कार्टून
    इमेज कैप्शन, प्रोटेस्ट में भाग लेने पर अभिनेता इमरान खान को भारत छोड़ने के नोटिस पर आज का कार्टून.
  3. जिन तीन साइट्स को सरकार ने प्रोटेस्ट के लिए निर्धारित किया है, वहां के लोग क्या बोले?

  4. सीजेपी के प्रदर्शन के एलान के बाद दिल्ली पुलिस ने अपनी तैयारियों पर क्या बताया

    दिल्ली पुलिस
    इमेज कैप्शन, सीजेपी के प्रदर्शन को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई है

    दिल्ली पुलिस ने गुरुवार को दिल्ली हाई कोर्ट में कहा कि वह 16 अक्तूबर को कनॉट प्लेस में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शन को नियंत्रित करने के लिए 'हर संभव कदम' उठाएगी.

    बार एंड बेंच के अनुसार, दिल्ली हाई कोर्ट के एक्टिंग चीफ़ जस्टिस नितिन वासुदेव सांबरे और जस्टिस संजय शर्मा की पीठ के सामने अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल चेतन शर्मा ने पुलिस की ओर से ये बात कही.

    कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि याचिकाकर्ता की आशंकाओं पर ध्यान दिया जाएगा. संबंधित पक्षों ने सीजेपी और उसके फ़ाउंडर अभिजीत दीपके की गतिविधियों को नियंत्रित करने के लिए पहले ही पर्याप्त कदम उठाए हैं. ज़रूरत पड़ने पर क़ानून के मुताबिक़ सभी संभव कदम उठाए जाएंगे.

    चेतन शर्मा ने कोर्ट से यह स्पष्ट करने को कहा कि क्या आदेश में दीपके के साथ उनके सहयोगी भी शामिल होंगे. उन्होंने कहा कि ऐसा न होने पर दीपके पर रोक लगने के बावजूद उनके सहयोगी गतिविधियां जारी रख सकते हैं.

    कोर्ट ने स्पष्ट किया कि आदेश में सीजेपी के पदाधिकारी और अन्य सभी लोग शामिल होंगे.

    अनिल कुमार गुप्ता ने सीजेपी के विरोध प्रदर्शन को लेकर हाई कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की थी.

    अभिजीत दीपके ने नागरिकों से 16 अक्तूबर को शाम 5 बजे कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में तिरंगे के साथ जुटने की अपील की है.

    यह प्रदर्शन पार्टी नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका को हिरासत में लिए जाने के विरोध में बुलाया गया है.

  5. अंकिता भंडारी मर्डर केस: पिता ने कहा- 'इंसाफ़ नहीं मिला तो पूरा उत्तराखंड सड़कों पर होगा'

  6. चीफ़ जस्टिस ने क्यों कहा, 'कोई भी न्यायपालिका को डरा-धमका नहीं सकता'

    राहुल गांधी
    इमेज कैप्शन, 12 अक्तूबर को राहुल गांधी के नेतृत्व में इंडिया गठबंधन ने सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकालने की कोशिश की थी

    सुप्रीम कोर्ट ने 12 अक्तूबर को कोर्ट परिसर में मार्च निकालने और रजिस्ट्री में जाने के मामले में कांग्रेस, राहुल गांधी और इंडिया गठबंधन के अन्य नेताओं को नोटिस जारी किया है.

    बार एंड बेंच के अनुसार, गुरुवार को कोर्ट ने कोर्ट परिसर में राजनीतिक प्रदर्शनों पर रोक लगाने की मांग वाली याचिका पर जवाब मांगा है.

    सीजेआई जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की पीठ ने चार वकीलों की याचिका पर यह आदेश दिया.

    याचिकाकर्ताओं ने सीजेआई सूर्यकांत के ख़िलाफ़ कांग्रेस की केरल इकाई की सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर अवमानना की कार्रवाई की मांग भी की है.

    सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश वरिष्ठ वकील गौरव भाटिया ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट परिसर में इस तरह के प्रदर्शन नहीं होने चाहिए.

    इस पर सीजेआई सूर्यकांत ने कहा, "कोई भी न्यायपालिका को डरा-धमका नहीं सकता."

    हालांकि, कोर्ट ने फ़िलहाल अवमानना की कार्रवाई की मांग पर नोटिस जारी नहीं किया.

    पीठ ने कहा कि अभी अन्य मांगों पर जवाब मांगा जा रहा है और जवाब मिलने के बाद आगे विचार किया जाएगा.

  7. वो वादा, जिसकी वजह से ईरान से आए पारसी भी गुजराती बोलने लगे

  8. दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी की प्रेस कॉन्फ़्रेंस में हंगामा

    सीजेपी की प्रेस कॉन्फ़्रेंस
    इमेज कैप्शन, हंगामे की वजह से सीजेपी की प्रेस कॉन्फ़्रेंस में कुछ देर बाधा पैदा हुई

    16 अक्तूबर शुक्रवार को दिल्ली में प्रदर्शन के आह्वान से एक दिन पहले कॉकरोच जनता पार्टी ने गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस आयोजित की.

    इस प्रेस कॉन्फ़्रेंस में सीजेपी के फ़ाउंडर अभिजीत दीपके, आइसा की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा, अभिनेता प्रकाश राज और सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण और वामपंथी छात्र संगठनों के नेताओं समेत कई लोग मौजूद थे.

    दिल्ली के प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस कॉन्फ़्रेंस में जैसे ही नेहा बोरा ने बोलना शुरू हुआ वहां हंगामे की स्थिति पैदा हो गई और कुछ देर के लिए प्रेस कॉन्फ़्रेंस बाधित रहा.

    इससे पहले नेहा बोरा ने कहा कि वोट का अधिकार एक बुनियादी अधिकार है और जब आशुतोष रांका और सौरव दास को जेल भेजा जाता है और लोगों को सड़कों पर घसीटा जाता है तो यह उन 13 करोड़ लोगों के साथ किया जाता है जिन्हें मतदाता सूची से हटा दिया गया.

    लेकिन तभी एक पत्रकार ने सवाल पूछना शुरू कर दिया, जिस पर नेहा बोरा ने कहा कि प्रेस कॉन्फ़्रेंस का नियम है कि अंत में सवाल जवाब होता है.

    हालांकि शोर बढ़ने के बाद सभी लोग उठकर खड़े हो गए.

    अभिजीत दीपके को बीच में उठकर लोगों को शांत कराना पड़ा. इसके तुरंत बाद उन्होंने प्रेस को संबोधित करना शुरू किया और सरकार पर 'तानाशाही' अपनाने का आरोप लगाया.

  9. अभिजीत दीपके ने पूछा- 'नरेंद्र मोदी के लिए ज्ञानेश कुमार तिरंगे से ज़्यादा अहम क्यों हो गए हैं'

    सीजेपी फ़ाउंडर अभिजीत दीपके
    इमेज कैप्शन, सीजेपी फ़ाउंडर अभिजीत दीपके ने नेहा बोरा और प्रकाश राज के साथ आज प्रेस क्लब में एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस की

    कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के फ़ाउंडर अभिजीत दीपके ने गुरुवार को केंद्र की मोदी सरकार पर तीख़ा हमला बोलते हुए सरकार को 'तानाशाह' बताया है.

    उन्होंने कहा, "नरेंद्र मोदी एक तानाशाह बन चुके हैं लेकिन उनमें इमरजेंसी लगाने की हिम्मत नहीं है."

    बीते कुछ दिनों में सीजेपी कार्यकर्ताओं, वामपंथी छात्र संगठनों, पत्रकारों और सिविल सोसायटी के लोगों पर पुलिस की कार्रवाई और हिरासत में लिए जाने पर सवाल खड़ा किया.

    उन्होंने कहा, "अगर ऐसे ही लोगों को डिटेन करना है तो इमरजेंसी डिक्लेयर करिए. कबतक लोगों को बेवकूफ़ बनाते रहेंगे."

    दो दिन पहले ही सीजेपी के सह संयोजक आशुतोष रांका और सौरव दास को जंतर मंतर पर तिरंगा झंडा लेकर पहुंचने पर गिरफ़्तार किया गया और उन्हें पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया.

    इसके हवाला देते हुए दीपके ने कहा, "तिरंगा लहराना कब से अपराध हो गया. अंग्रेज़ों के जमाने में ऐसा होता है, आज मोदी और शाह की पुलिस भी यही कर रही है. आज ये दिन आ गए कि हमारे देश में ही तिरंगा नहीं लहराने दिया जा रहा."

    उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा, "नरेंद्र मोदी के लिए ज्ञानेश कुमार तिरंगे से ज़्यादा क्यों अहम हो गए हैं."

    उन्होंने आरोप लगाया कि आज केंद्र में जो सरकार बैठी है उनके जुड़े लोगों की स्वतंत्रता संघर्ष में कोई भागीदारी नहीं थी.

    "इन्होंने अपनी शाखा पर तिरंगा लहराया ही नहीं. जब आशुतोष और सौरव ने तिरंगा लहराया तो आपको दिक्कत होनी ही थी."

    अभिजीत दीपके ने कहा, "यह देश गांधी के विचार और बाबा साहब के संविधान पर चलेगा."

    दीपके ने 16 अक्तूबर शुक्रवार को दिल्ली के कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में लोगों से इकट्ठा होने का आह्वान किया है. यह आह्वान जंतर-मंतर को धरना प्रदर्शन स्थल से हटाए जाने और सीजेपी नेताओं को गिरफ़्तार किए जाने के ख़िलाफ़ किया है.

    सीजेपी ने पिछले महीने के अंत में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े की मांग रखी थी और 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया था, जिसके बाद धरना प्रदर्शन की शुरुआत हुई.

  10. जंतर-मंतर पर पुलिस की सख़्ती पर सरकार की चुप्पी क्यों?

  11. एसीपी पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने वाली महिला पत्रकार की गिरफ़्तारी पर रोक

    सुप्रीम कोर्ट
    इमेज कैप्शन, यौन हमले का आरोप लगाने वाली महिला पत्रकार पर दिल्ली पुलिस के एसीपी ने एससी/एसटी एक्ट के तहत एफ़आईआर दर्ज कराई थी

    गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली पुलिस अधिकारी के ख़िलाफ़ यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने वाली महिला पत्रकार को गिरफ़्तारी से राहत दी है.

    दरअसल, एसीपी ने उस महिला पत्रकार के ख़िलाफ़ एससी/एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कराया था.

    लाइव लॉ के अनुसार, भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की पीठ ने विरोध प्रदर्शनों को कवर करने वाली महिला पत्रकारों के ख़िलाफ़ यौन हिंसा के आरोपों की जांच की मांग करने वाले पत्रकार संगठनों की याचिकाओं पर यह आदेश दिया.

    कोर्ट ने कहा कि महिला पत्रकार के ख़िलाफ़ कोई 'दंडात्मक कार्रवाई' नहीं की जाएगी.

    महिला पत्रकार पर दायर एफ़आईआर में कहा गया है कि उन्होंने विरोध प्रदर्शन के दौरान अपनी ड्यूटी निभा रहे एसीपी भगत को अपने सहकर्मियों के साथ मिलकर सार्वजनिक रूप से अपमानित किया और जातिसूचक गालियां दीं.

    एफ़आईआर में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 221 (लोक सेवक के काम में बाधा डालना), धारा 356(2) (मानहानि) और धारा 3(5) (सामूहिक दायित्व) के साथ एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम के प्रावधान भी शामिल हैं.

    सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता इंदिरा जयसिंह ने विरोध प्रदर्शनों को कवर करने वाली महिला पत्रकारों के ख़िलाफ़ यौन हिंसा के आरोपों की जांच के लिए एक अलग समिति गठित करने की मांग की.

    उन्होंने कहा कि इस समिति में एक सेवानिवृत्त महिला न्यायाधीश और एक सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी को शामिल किया जाए.

    तीन अक्तूबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस के एसीपी पर महिला पत्रकार पर यौन हमले का आरोप लगा था.

    इसके बाद से अधिकारी के ख़िलाफ़ एफ़आईआर की मांग को लेकर थाने के बाहर धरना प्रदर्शन हुआ.

  12. अभी तक बीबीसी संवाददाता रौनक भैड़ा आप तक ख़बरें पहुंचा रहे थे. अब बीबीसी संवाददाता संदीप राय रात दस बजे तक आप तक ख़बरें पहुंचाएंगे.

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  13. राहुल गांधी की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने निर्वाचन आयोग और ज्ञानेश कुमार को जारी किया नोटिस

    राहुल गांधी
    इमेज कैप्शन, याचिकाकर्ताओं में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी समेत विपक्ष के कई अन्य नेता भी शामिल हैं (फ़ाइल फ़ोटो)

    सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को निर्वाचन आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को नोटिस जारी किया.

    एसआईआर के दौरान बड़े पैमाने पर वोटर्स के नाम हटाए जाने और कथित अनियमितताओं को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए अदालत ने नोटिस जारी किया है.

    बार एंड बेंच के अनुसार, ये याचिकाएं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी समेत विपक्ष के अन्य नेताओं ने दाख़िल की हैं.

    भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ ने निर्वाचन आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त से जवाब मांगा.

    साथ ही, अदालत ने इन याचिकाओं को विभिन्न राज्यों में एसआईआर की वैधता को चुनौती देने वाली पहले से लंबित याचिकाओं के साथ संबद्ध कर दिया.

    सुनवाई के दौरान पीठ ने कहा कि याचिकाओं पर नोटिस जारी किया जा रहा है और इन्हें पहले से लंबित मामलों के साथ जोड़ा जाएगा.

    अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि निर्वाचन आयोग की ओर से कोई नोटिस स्वीकार करे, अन्यथा आयोग को नोटिस की तामील कराई जाए.

    सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने एक याचिकाकर्ता के आचरण पर भी सवाल उठाया. हालांकि, पीठ ने यह स्पष्ट नहीं किया कि वह किस याचिकाकर्ता की बात कर रही है.

    अदालत ने कहा, "अगली सुनवाई पर संबंधित याचिकाकर्ता से उसके आचरण के बारे में स्पष्टीकरण मांगा जाएगा."

    पीठ ने स्पष्ट किया कि नोटिस जारी करने का अर्थ यह नहीं है कि अदालत किसी निष्कर्ष पर पहुंच गई है या किसी की निंदा कर रही है.

    पीठ ने कहा कि संबंधित याचिकाकर्ता के मामले में नोटिस को फ़िलहाल अस्थायी आधार पर स्वीकार किया जाएगा और यह उसके आचरण के स्पष्टीकरण पर निर्भर करेगा.

    इस मामले में याचिका दायर करने वाले अन्य नेताओं में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, तृणमूल कांग्रेस के नेता सौगत रॉय, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव, राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी प्रसाद यादव और शिवसेना (यूबीटी) के नेता संजय राउत शामिल हैं.

  14. धर्म परिवर्तन के बाद पुराने सामाजिक दर्जे पर आरक्षण नहीं: सुप्रीम कोर्ट

    सुप्रीम कोर्ट
    इमेज कैप्शन, जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा और जस्टिस श्री चंद्रशेखर की पीठ ने की सुनवाई (फ़ाइल फ़ोटो)

    सुप्रीम कोर्ट ने आज मद्रास हाईकोर्ट के उस फ़ैसले को बरकरार रखा, जिसमें कहा गया था कि इस्लाम धर्म अपनाने वाला व्यक्ति धर्म परिवर्तन से पहले की सामाजिक स्थिति के आधार पर पिछड़ा वर्ग आरक्षण का लाभ पाने का हक़दार नहीं है.

    बार एंड बेंच के अनुसार, अदालत ने गुरुवार को कहा कि हिंदू धर्म छोड़कर किसी गैर-हिंदू धर्म को अपनाने वाला व्यक्ति अपने पहले धर्म में सामाजिक पिछड़ेपन के आधार पर आरक्षण का लाभ पाने का दावा नहीं कर सकता.

    जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा और जस्टिस श्री चंद्रशेखर की पीठ ने स्पष्ट किया कि धर्म परिवर्तन के बाद व्यक्ति को उसके पहले के धर्म में प्राप्त सामाजिक पिछड़ेपन के आधार पर किसी अन्य धर्म के अधिसूचित पिछड़े वर्ग में शामिल नहीं किया जा सकता.

    पीठ ने कहा, "संविधान के अनुच्छेद 16(4) के तहत आरक्षण का लाभ पाने के लिए संबंधित पिछड़े वर्ग की सदस्यता आवश्यक है. केवल धर्म परिवर्तन से पहले की सामाजिक स्थिति के आधार पर किसी व्यक्ति को नए धर्म में पिछड़े वर्ग का सदस्य नहीं माना जा सकता."

    सुप्रीम कोर्ट ने संविधान (अनुसूचित जाति) आदेश, 1950 का उल्लेख करते हुए कहा, "इसके पैराग्राफ 3 के तहत हिंदू, सिख या बौद्ध धर्म के अलावा किसी अन्य धर्म को मानने वाले व्यक्ति को अनुसूचित जाति का सदस्य नहीं माना जा सकता."

    पीठ ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि कोई व्यक्ति धर्म परिवर्तन के बाद दोबारा हिंदू धर्म अपना लेता है, तो उसे अपने पुराने पिछड़े वर्ग के दर्जे और आरक्षण के लाभ स्वतः नहीं मिल जाएंगे.

  15. अंकिता भंडारी केस फिर चर्चा में क्यों? जानिए 8 बड़े सवाल और उनके जवाब

  16. हिरासत से रिहा होने के बाद अंकिता भंडारी के माता-पिता क्या बोले?

  17. पाकिस्तान: पेशावर में स्कूल की छत गिरने से 18 बच्चों की मौत

    पेशावर
    इमेज कैप्शन, हादसे में घायल 40 बच्चों को इलाज के लिए एलआरएच में भर्ती कराया गया है

    पाकिस्तान के पेशावर में एक निजी स्कूल की छत गिरने से 18 बच्चों और एक महिला टीचर समेत 19 लोगों की मौत हो गई, जबकि 40 अन्य बच्चे घायल हो गए.

    बीबीसी उर्दू के मुताबिक़, हादसा पेशावर के दिर कॉलोनी इलाके में हुआ.

    लेडी रीडिंग हॉस्पिटल (एलआरएच) के प्रवक्ता मोहम्मद आसिम के मुताबिक़, हादसे के बाद 18 बच्चों को मृत अवस्था में अस्पताल लाया गया. वहीं, एक महिला शिक्षिका का शव भी अस्पताल पहुंचाया गया है.

    प्रवक्ता ने बताया कि हादसे में घायल 40 बच्चों को इलाज के लिए एलआरएच में भर्ती कराया गया है. इनमें से कुछ बच्चों की हालत गंभीर बताई जा रही है.

    अस्पताल प्रशासन ट्रॉमा सेंटर में मौजूद है और घायलों को तत्काल चिकित्सा सहायता मुहैया कराई जा रही है.

  18. 30 की उम्र में अपनाएं ये आदतें, 70 तक रहेंगे हेल्दी

  19. अभिनेता इमरान ख़ान को मिला भारत छोड़ने का नोटिस, ज्ञानेश कुमार के ख़िलाफ़ प्रदर्शन में हुए थे शामिल, बीबीसी मराठी

    एक्टर इमरान ख़ान
    इमेज कैप्शन, अभिनेता इमरान ख़ान ने प्रदर्शन में हिस्सा लिया और वो हिरासत में भी लिए गए थे (फ़ाइल फ़ोटो)

    अभिनेता आमिर ख़ान के भांजे और एक्टर इमरान ख़ान को फ़ॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस ने नोटिस जारी कर 28 अक्तूबर तक भारत छोड़ने का निर्देश दिया है.

    इमरान ख़ान पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन में शामिल होकर फॉरेनर्स एक्ट का उल्लंघन करने का आरोप है.

    यह मामला 10 अक्तूबर को सामने आया था, जब इमरान ख़ान अगस्त क्रांति मैदान में विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए थे. इस दौरान उन्हें हिरासत में लिया गया था.

    इसके बाद बीजेपी नेता किरीट सोमैया ने आरोप लगाया कि इमरान ख़ान अमेरिकी नागरिक हैं और उन्होंने फ़ॉरेनर्स एक्ट का उल्लंघन किया है. सोमैया ने इस संबंध में शिकायत भी दर्ज कराई थी.

    पुलिस ने बताया, "गामदेवी पुलिस स्टेशन में एक शिकायत दर्ज कराई गई, जिसमें आरोप लगाया गया कि ख़ान ने फ़ॉरेनर्स एक्ट का उल्लंघन किया है. इसके बाद इस शिकायत को फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस के पास भेज दिया गया."

    एक पुलिस अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि नोटिस में उन्हें अमेरिकी नागरिक बताते हुए इमिग्रेशन एंड फ़ॉरेनर्स एक्ट की धारा 7 और 29 के उल्लंघन का आरोप लगाया गया है. इसी आधार पर उन्हें निर्धारित समयसीमा के भीतर देश छोड़ने का निर्देश दिया गया है.

  20. अंकिता भंडारी के माता-पिता को हिरासत में लेने पर बोले राहुल गांधी- न्याय की लड़ाई न दबेगी, न रुकेगी

    राहुल गांधी
    इमेज कैप्शन, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार पीड़ितों की आवाज़ दबाती है और सवाल करने वालों को हटा देती है (फ़ाइल फ़ोटो)

    लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अंकिता भंडारी के माता-पिता को हिरासत में लिए जाने की घटना की निंदा की है.

    उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार पीड़ितों की आवाज़ दबाती है और सवाल करने वालों को हटा देती है.

    राहुल गांधी ने एक्स पर लिखा, "सुबह के 4 बजे. जब दुनिया सो रही थी, तब अंकिता भंडारी के माता-पिता को हिरासत में ले लिया गया. उनका गुनाह? वे इंडिया गेट पर चुपचाप बैठे थे - बोझिल कंधों के साथ, बिना किसी हंगामे के और सिर्फ़ इतना मांग रहे थे कि सीबीआई जांच पूरी होने तक दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल न बनाया जाए."

    "कल मैं और प्रियंका इन माता-पिता से मिले थे. जिस जांच का नतीजा आया नहीं, उसके पहले ही नियुक्ति की जल्दी और सवाल पूछने वाले मां-बाप को रात के अंधेरे में उठा लिया गया. इस सरकार की पहचान यही है: पीड़ितों की आवाज़ दबा दो, सवाल करने वालों को हटा दो."

    राहुल गांधी ने लिखा, "न्याय की लड़ाई न दबेगी, न रुकेगी. कांग्रेस अंकिता भंडारी के परिवार के साथ खड़ी है, और खड़ी रहेगी - जब तक उन्हें न्याय नहीं मिलता."

    गौरतलब है कि रातभर चले प्रदर्शन के बाद दिल्ली पुलिस ने अंकिता भंडारी के माता-पिता समेत कई लोगों को इंडिया गेट पर हिरासत में ले लिया था.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ कुछ देर हिरासत में रखे जाने के बाद उन्हें सुबह पांच बजे छोड़ दिया गया.