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सैलानियों की भीड़ वाले शहरों में रहना कैसा लगता है
- Author, लिंडसे गैलोवे
- पदनाम, बीबीसी ट्रैवल
- प्रकाशित
दुनिया भर में सैर-सपाटे का चलन बढ़ रहा है. पर्यटन वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद बढ़ने की रफ़्तार से भी तेज़ रफ़्तार से बढ़ रहा है.
दुनिया की अर्थव्यवस्था में यह सालाना 8 ट्रिलियन डॉलर (8,00,000 करोड़ डॉलर) का योगदान करता है.
लेकिन कुछ शहरों में रिकॉर्ड संख्या में सैलानियों को देखकर सरकारें और स्थानीय लोग सवाल करने लगे हैं कि क्या पर्यटन का इतना विकास सचमुच कोई अच्छी बात है.
आने वाले वर्षों में इन शहरों को कैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है और वे उनसे कैसे निपटेंगे, इसके लिए वर्ल्ड ट्रैवेल एंड टूरिज्म काउंसिल (WTTC) और रियल एस्टेट फ़र्म जेएलएल (JLL) ने हाल ही में डेस्टिनेशन 2030 इंडेक्स बनाया है.
यह सूचकांक पर्यटन के विकास और उसे संभालने की शहर की क्षमता पर आधारित है, जिससे पता चलता है कि कोई शहर सैर-सपाटे के लिए कितना तैयार है.
यह सूचकांक दुनिया के 50 बड़े शहरों के सामने आने वाली चुनौतियों का निर्धारण करने के लिए पर्यटन के 75 संकेतकों को मापता है, जिसमें सैलानियों का घनत्व, शहर की तैयारी और स्थानीय नीतियां शामिल हैं.
जिन शहरों में पर्यटन तेज़ी से बढ़ा है वे अगर इसे संभालने के लिए कदम नहीं उठाते तो मौजूदा बुनियादी ढांचे पर दबाव बढ़ने की संभावना रहती है.
हमने इन शहरों के कुछ लोगों से बात करके यह जानने की कोशिश की कि पर्यटकों के आने से वे कैसे प्रभावित हुए हैं, अधिकारियों का रुख क्या रहा है और आने वाले मेहमान पूरे साल वहां रहने वाले लोगों के प्रति कैसे सम्मानपूर्ण व्यवहार रखें.
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एम्सटर्डम
10 लाख से भी कम आबादी वाले एम्सटर्डम में पिछले साल 1 करोड़ 80 लाख पर्यटक आए.
किराया बढ़ने के कारण यहां रियल एस्टेट की कीमतें बढ़ी हैं. सड़कों पर भीड़भाड़ रहती है और ड्रग्स कानूनों में ढील से जुड़ी समस्याएं हो रही हैं.
इंडेक्स में सैलानियों के घनत्व और शहर पर दबाव के मामले में एम्सटर्डम अव्वल है. इससे नाखुश निवासियों ने इसे "वेनिस" का उपनाम दिया है, जो इस बात का प्रतीक है कि छुट्टी बिताने वाले लोग उनके शहर को रौंद रहे हैं.
फिर भी, कुछ लोगों का कहना है कि हालात उतने भी ख़राब नहीं जितना मीडिया दिखाता है.
एम्सटर्डम के मूल निवासी हेनेक व्रोइगिन्देविज कहते हैं, "संग्रहालयों के पास पर्याप्त बजट है और छोटे व्यवसाय अच्छा कर रहे हैं."
व्रोइगिन्देविज एक निजी टूर कंपनी एम्सटर्डम ओडिसी के सह-संथापक हैं. वह कहते हैं, "जीवन के 42 वर्षों में मैंने अपने शहर को इतना ख़ूबसूरत कभी नहीं देखा."
इसका यह मतलब नहीं है कि करने को बहुत कुछ नहीं है. डच सरकार भी इस पर तेज़ी से काम कर रही है.
इस शहर ने कुछ इलाकों में अल्प-अवधि के किराये (जैसे Airbnb) को प्रतिबंधित कर दिया है. जहाजों को यहां लंगर डालने से रोकने की योजना है.
सैलानियों को पड़ोस के दूसरे शहरों की ओर भेजने की योजना पर भी काम हुआ है. सिटी सेंटर से 40 किलोमीटर दूर ज़ैंडवूर्ट को "एम्सटर्डम बीच" का उपनाम दिया गया है ताकि लोगों को लगे कि वहां आसानी से पहुंचा जा सकता है.
टिकाऊ विकास पर जोर देते हुए यह शहर कई तरह के पर्यटन को बढ़ावा देने वाली परियोजनाओं को लागू कर रहा है, जैसे कि आसपास के कम ज्ञात शहरों में घूमने के लिए 24 घंटे की परियोजना.
व्रोइगिन्देविज कहते हैं, "हम एम्सटर्डम में ढेर सारे पर्यटकों के होने के ख़िलाफ़ नहीं है. हम बस चाहते हैं यह शहर मास टूरिज्म के स्तर से ऊपर उठे."
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सैन फ्रांसिस्को
कैलिफोर्निया का यह तटीय शहर अपने गोल्डन गेट ब्रिज और मछुआरों की गोदी के साथ हमेशा से पर्यटकों को लुभाता रहा है.
सिलिकॉन वैली के टेक्नोलॉजी बूम ने शहर के संसाधनों पर अतिरिक्त बोझ बढ़ाया है और पर्यटकों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है.
सूचकांक में सैन फ्रांसिस्को संसाधनों पर दबाव के मामले में सबसे ऊंचे पायदान पर है.
घुमावदार और हेयरपिन मोड़ के लिए मशहूर लोम्बार्ड स्ट्रीट दुनिया की सबसे टेढ़ी-मेढ़ी सड़क कहलाती है. क्रिस्टीन ड्वोर्किन का परिवार कई पीढ़ियों से यहां रह रहा है. बार-बार होने वाले ट्रैफिक जाम से उन्हें भारी परेशानी होती है.
वह कहती हैं, "सैलानियों के समूह सेल्फी लेने के लिए रुक जाते हैं और यह भी नहीं देखते कि गाड़ियां उनकी ओर आ रही हैं."
"पैदल चलने वालों को भी यह अहसास नहीं होता कि लोम्बार्ड के दोनों तरफ बने घर निजी संपत्तियां हैं. वे बार-बार चारदीवारियों का उल्लंघन करते हैं."
शिकायतें बढ़ने पर हाल ही में एक टोल-आधारित आरक्षण व्यवस्था बनाई है जो अगले साल से लागू होगी.
लोम्बार्ड अकेली सड़क नहीं है कि जहां सैलानियों की वजह से स्थानीय निवासियों की ज़िंदगी में खलल पड़ती है.
शहर के बीचोंबीच अलामो स्क्वायर पार्क 1890 के दशक में बने रंग-बिरंगे विक्टोरियन घरों (पेंटेड लेडीज़) के लिए मशहूर है.
इसी पृष्ठभूमि से सिचुएशनल कॉमेडी शो फ़ुल हाउस की ओपनिंग होती है, जिससे यह जगह और मशहूर हो गई है.
ड्वोर्किन कहती हैं, "अलामो पार्क की हाल की यात्रा में मेरे बच्चे यह देखकर दंग रह गए कि लोग फ़ुल हाउस के बरामदे तक चले आते थे और फ़ैमिली फोटो खिंचवाते थे."
"मेरी बेटी ने पूछा कि क्या उनको ऐसा लगता है कि लोग यहां नहीं रहते हैं. शायद उनको ऐसा लगता है कि यह शो का सेट है."
सैन फ्रांसिस्को को सैलानियों से हर साल 9 अरब डॉलर मिलता है, इसलिए अधिकारियों को ट्रैफिक से दिक्कत नहीं है.
वे शहर के दूसरे हिस्सों को साफ करने और उनको सैलानियों के लिए अधिक आकर्षक बनाने पर काम कर रहे हैं. बदले में शहर के मूल निवासी सैलानियों से अपने लिए सम्मान की दरकार रखते हैं.
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प्राग
शहर के संसाधनों पर दबाव और सैलानियों के ट्रैफिक घनत्व, दोनों पैमानों पर प्राग की रैंकिंग ऊंची है.
चेक रिपब्लिक की राजधानी की आबादी 13 लाख है और पिछले साल इसने 79 लाख सैलानियों को आकर्षित किया था.
अधिकतर सैलानी प्राग 1, पुराने शहर, माला स्ट्राना और कैसल एरिया में ही रहते हैं, जिसका नकारात्मक असर पड़ता है.
चार्ली नेविले मूल रूप से लंदन के हैं, लेकिन 2002 से प्राग में रह रहे हैं और जेवे ट्रैवेल में काम करते हैं.
वह कहते हैं, "यह शर्म की बात है कि शहर के केंद्र को पर्यटकों के लिए समर्पित कर दिया गया है, लेकिन वहां भी स्थानीय लोग अपने लिए आसरा ढूढ़ सकते हैं."
"हम प्राग के पड़ोस में कम व्यस्त क्षेत्रों जैसे बीयर गार्डन वाले लेटना, पेड़ों की कतार वाले विनोह्राडी, फ़ैशनेबल कार्लिन और वर्सोविस में आनंद लेते हैं."
पर्यटन के प्रभावों को सीमित रखने के लिए प्राग सिटी काउंसिल ने रात में शांति के नियमों का पालन कराने पर काम किया है, सेगवे पर पाबंदी लगा दी है.
ट्रैफिक पर असर डालने वाले बीयर-बाइक पर भी पाबंदी के बारे में सोचा जा रहा है. पैडल चालित यह ट्रॉली-बाइक सिटी सेंटर की ब्रेवरीज़ और बार की सैर कराती है.
एम्सटर्डम की तरह चेक टूरिज्म ब्यूरो भी सैलानियों को राजधानी से दूर की जगहों की ओर ले जाने की योजना बना रहा है.
नेविले कहते हैं, "प्राग से 170 किलोमीटर दक्षिण में बोहेमियन महलों के शहर सेस्की क्रुमलोव में दिन के समय सैलानियों की भीड़ जुटने लगी है, लेकिन देश के दूसरे सबसे बड़े शहर ब्रनो और ओलोमोक सैलानी-रहित सुखद विकल्प हैं."
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बार्सिलोना
सड़कों पर बढ़ते सैलानियों की तादाद को व्यवस्थित करने में बार्सिलोना को भी संघर्ष करना पड़ा है. संसाधनों पर दबाव के मामले में इसकी रैंकिंग भी सबसे ऊपरी खाने में है.
पिछले साल यहां 3 करोड़ सैलानी आए, जबकि स्थानीय आबादी सिर्फ़ 16 लाख है. इससे शहर के संसाधनों पर दबाव बढ़ता है.
बार्सिलोना की स्थानीय निवासी मार्टा लॉरेंट वेसियाना कहती हैं, "मुझे फर्क पड़ता है जब आठ से ज़्यादा लोग स्थानीय मिनीबसों में सवार हो जाते हैं."
"ये मिनीबसें स्थानीय लोगों को ऊपर पहाड़ियों पर उनके घर ले जाने के काम आती हैं, ख़ासकर बूढ़े और बच्चों वाले परिवार या खरीदारी करने वाले लोग अपने भारी शॉपिंग बैग के साथ इनमें सफर करते हैं."
सैलानियों के बड़े समूह अक्सर सबवे टिकट मशीन को ब्लॉक कर देते हैं. वेसियाना कहती हैं, "वे कम से कम एक टिकट मशीन को तो छोड़ दें ताकि स्थानीय लोग भी अपना टिकट ले सकें."
बार्सिलोना के समुद्र तटों पर कई बार सैलानियों का व्यवहार बिगड़ जाता है.
पिछले एक साल से बार्सिलोना में रह रही मारिया जोस कैस्ट्रो कहती हैं, "जब आप सैलानियों को सड़क पर कचरा फेंकते हुए या विदेशियों को रात में उल्टी करते हुए देखते हैं तो सचमुच बड़ा गुस्सा आता है."
वेसियाना को उन लोगों से समस्या है जो सड़कों पर कम कपड़ों में घूमते हैं. बार्सिलोना में ऐसे नजारे आम हैं.
"अगर वे चाहते हैं तो यहां दो न्यूडिस्ट बीच हैं. पुरुषों को भी बीच एरिया से बाहर नंगी छाती दिखाते हुए नहीं जाना चाहिए."
शहर के निवासियों का कहना है कि सैलानियों को गंदगी नहीं फैलाने और रात में शांति में रहने जैसे बुनियादी कदम उठाने चाहिए, ताकि स्थानीय लोग भी शांति से रह सकें.
सरकार भी इस दिशा में काम कर रही है जिससे दबाव घटे. पार्क का टिकट खरीदने पर अल्फोंस एक्स सबवे स्टेशन से गॉडी पार्क ग्वेस तक मुफ़्त शटल बस चलाई गई है.
सग्रादा फैमिलिया बेसिलिका के आसपास की कई सड़कों को गाड़ियों से मुक्त कर दिया गया है. भीड़भाड़ वाले कुछ क्षेत्रों में सेगवे और बाइक टूर को प्रतिबंधित करने के लिए भी कानून बनाए गए हैं.
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टोरंटो
सभी शहर मेहमानों की तादाद बढ़ने को बुरी बात नहीं मानते. टेक स्टार्ट-अप फेज़ के संस्थापक काइल कॉलियर कहते हैं, "निजी तौर पर मैं हमारे महान शहर टोरंटो में अधिक लोगों को देखना पसंद करता हूं. मैं शंघाई में रहा हूं, इसलिए मुझे टोरंटो में बहुत जगह दिखती है."
इसका यह मतलब नहीं है कि टोरंटो के सामने चुनौतियां नहीं हैं. संसाधनों पर दबाव के मामले में इस शहर की रैंकिंग भी शीर्ष खाने में है.
यहां का पर्यटन उद्योग मेहमानों की आमद को संभालने के लिए तैयार है, लेकिन स्थानीय लोगों के मुताबिक आवास के मामले में उन पर असल का दबाव पड़ रहा है.
ओंटेरियो अवे पर ब्लॉग लिखने वाले एरिक वाइचोपेन कहते हैं, "टोरंटो में किफायती आवास की पहले से ही कमी है. विशेष रूप से शहर के बाहरी रिहाइशी इलाकों में हॉलीडे रेंटल जैसे Airbnb के आने से समस्या और गंभीर हो गई है."
"किराये के नियम और शर्तों में अब यह शर्त आम हो गई है कि किरायेदार उस संपत्ति को होलीडे रेंट पर नहीं देंगे. फिर भी कुछ किरायेदार अवैध तरीके से ऐसा करते हैं."
सैलानी अगर पर्यावरण के प्रति थोड़ा भी सम्मान दिखाएं तो स्थानीय लोगों के लिए बड़ी बात होती है.
कॉलियर कहते हैं, "गंदगी फैलने से मुझे निराशा होती है. आप कतई नहीं चाहेंगे कि कोई आपके घर में आकर कूड़ा-कचरा फैलाए, तो दूसरे लोग ऐसा कैसे बर्दाश्त कर लेंगे?"
"धरती का और यहां के लोगों का सम्मान कीजिए, ख़ासकर उनका जिन्हें आप नहीं जानते हैं."
(मूल लेख अंग्रेजी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें, जो बीबीसी ट्रैवल पर उपलब्ध है.)
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