भूटान की शिंटाफू झील में ग्लेशियल लेक के फटने के बाद संकोश नदी का जलस्तर बढ़ने की आशंका को देखते हुए पश्चिम बंगाल और असम के कुछ इलाक़ों में हाई अलर्ट जारी किया गया है.
पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री निशीथ प्रमाणिक ने कहा, "कूच बिहार, तूफानगंज और बुसीरहाट के चाय बागानों और नदी किनारे रहने वाले लोगों को संकोश और ब्रह्मपुत्र नदियों में संभावित बाढ़ के ख़तरे को देखते हुए तुरंत सुरक्षित स्थानों पर चले जाना चाहिए."
सेंट्रल वाटर कमीशन ने भूटान की शिंटाफू झील में ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड यानी हिमनद झील के फटने से आई बाढ़ की ख़बरों के बाद पश्चिम बंगाल और असम के लिए अलर्ट जारी किया है.
संकोश नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने की आशंका है. इससे अगले 6 से 8 घंटों के भीतर पश्चिम बंगाल के अलीपुरद्वार और असम के धुबरी जिले प्रभावित हो सकते हैं.
पश्चिम बंगाल और असम में संकोश नदी के किनारे स्थित इन दोनों ज़िलों के स्थानीय अधिकारियों को सतर्क रहने, स्थिति पर लगातार नज़र रखने और जरूरी एहतियाती कदम उठाने की सलाह दी गई है.
समाचार एजेंसी पीटीआई की ओर से शेयर किए गए वीडिओ में पश्चिम बंगाल में ख़तरे की आशंका वाले इलाक़ों में सिविल डिफ़ेस के लोग लाउडस्पीकर से लोगों को अलर्ट करते हुए नज़र आ रहे हैं.
इसमें कहा जा रहा है, "भूटान में बादल फटने के कारण इलाक़े में बाढ़ आने की संभावना है, इसलिए हर कोई सावधानी बरते."
भूटान की शिंटाफू झील में ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड के संभावित असर से निपटने की तैयारियों पर अलीपुरद्वार के एसपी अमित कुमार शॉ ने समाचार एजेंसी एएनआई से बात की.
उन्होंने कहा, "सबसे पहले मैं ज़िले के लोगों को बताना चाहता हूं कि घबराने की बिल्कुल ज़रूरत नहीं है. फ़िलहाल स्थिति नियंत्रण में है. हमलोग भूटान के अधिकारियों के लगातार संपर्क में हैं. हमारी पुलिस टीम, ज़िला मजिस्ट्रेट, ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर और उनकी टीमें, सभी संबंधित एजेंसियां और अन्य पक्ष आपसी तालमेल के साथ काम कर रहे हैं."
एसपी ने बताया, "हमने स्कूलों को राहत केंद्र बनाकर क़रीब 4,000 से 5,000 लोगों को सुरक्षित ठिकानों में पहुंचाया है. इसके अलावा छह हज़ार से ज़्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया है."
वहीं असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, "हम धुबरी और कोकराझार के सभी संवेदनशील राजस्व सर्किलों में भूटान में ग्लेशियल झील के फटने से पड़ने वाले संभावित असर पर लगातार नज़र रख रहे हैं."