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जी-7 की बैठक के लिए इटली में एकजुट हुए दुनिया के नेता, मोदी भी हुए रवाना

जी-7 देशों के राष्ट्राध्यक्षों की बैठक में रूस-यूक्रेन युद्ध, ग़ज़ा-इसराइल युद्ध, जलवायु परिवर्तन, प्रवासी मुद्दे, तकनीक और अन्य मुद्दों पर चर्चा होनी है.

सारांश

  • नीट-यूजी में ग्रेस मार्क्स दिए गए 1,563 छात्रों के लिए दोबारा होगी परीक्षा. एनटीए ने नोटिफ़िकेशन जारी कर बताया 23 जून को होंगे एग्ज़ाम.
  • पीएम नरेंद्र मोदी जी7 शिखर सम्मेलन में शामिल होने इटली रवाना हुए. तीसरी बार पीएम पद की शपथ लेने के बाद मोदी का यह पहला विदेश दौरा है.
  • अजीत डोभाल को एक बार फिर राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार नियुक्त कर दिया गया है.
  • चीन और पाकिस्तान के संयुक्त बयान में जम्मू और कश्मीर पर की गई टिप्पणी पर भारत के विदेश मंत्रालय ने तीखी प्रतिक्रिया दी है.
  • पेमा खांडू ने लगातार तीसरी बार अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है. चोओना मीन ने उप मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली.

लाइव कवरेज

दीपक मंडल

  1. मध्य प्रदेश के 'चिता आंदोलन' से चर्चा में आईं दिव्या अहिरवार कौन हैं?

  2. स्पेन रेल हादसे से कुछ मिनट पहले कंट्रोल सेंटर और ड्राइवर के बीच क्या बात हुई?

    स्पेनिश मीडिया में सामने आई ऑडियो रिकॉर्डिंग्स से यूरोप के आधुनिक इतिहास की सबसे भीषण रेल दुर्घटनाओं में से एक से ठीक कुछ मिनट पहले ट्रेन ड्राइवरों और रेलवे कंट्रोल सेंटर के बीच हुई बातचीत सामने आई है.

    एक रिकॉर्डिंग में तकनीकी दिक्कतों के बाद कंट्रोल सेंटर का ऑपरेटर एक ट्रेन ड्राइवर से कहता है, "सामान्य गति से अपनी यात्रा जारी रखें."

    बीबीसी न्यूज़ को मिली जानकारी के मुताबिक़, एक दूसरी ऑडियो रिकॉर्डिंग में ट्रेन 'इर्यो' का ड्राइवर कहता है कि ट्रेन कंट्रोल सिस्टम से संपर्क टूट गया है और वे उर्दा में रुके हुए हैं.

    ये रिकॉर्डिंग्स ऐसे समय में सामने आई हैं, जब स्पेन में तीन दिनों का राष्ट्रीय शोक घोषित किया गया है.

    बुधवार सुबह मैड्रिड से सेविले जा रही एक ट्रेन की दूसरी ट्रेन से टक्कर हो गई थी. ऐसा लग रहा था कि दूसरी ट्रेन वहां खड़ी थी.

    इस हादसे में कम से कम 69 लोगों की मौत हो गई और दर्जनों लोग घायल हुए हैं.

    आपातकालीन बचाव दलों ने पीड़ितों की तलाश के लिए रातभर डिब्बों को काटने का काम किया. हादसे में मारे गए कई लोगों की पहचान अभी नहीं हो पाई है.

    राहत-बचाव कार्य पर स्पेन के प्रधानमंत्री ने क्या कहा ?

    बीबीसी न्यूज से मिली जानकारी के मुताबिक, स्पेन के प्रधानमंत्री पेद्रो सांचेज़ ने कहा है कि, इस रेल हादसे के बाद प्रभावित क्षेत्र के आस-पास सहायता केंद्र स्थापित किए गए हैं.उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस में बताया कि पीड़ितों के रिश्तेदारों, ख़ुद पीड़ितों और कल दुर्घटना वाले इलाक़े में मौजूद रहे किसी भी व्यक्ति के लिए मनोवैज्ञानिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है.

    सांचेज़ ने बचाव दल की ओर से किए गए "शानदार काम" की सराहना की और कहा कि स्पेन की सरकार इस घटना के कारणों का पता लगाने के लिए कड़ी मेहनत कर रही है.

  3. दक्षिण कोरिया ने कहा, 'होर्मुज़ स्ट्रेट में नहीं करेंगे लड़ाकू तैनाती'

    समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक़, दक्षिण कोरिया के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार वी सुंग-लाक ने गुरुवार को कहा कि सियोल होर्मुज़ जलडमरूमध्य में संभावित तैनाती के लिए अभी कई विकल्पों पर विचार कर रहा है.

    उन्होंने बताया कि इनमें समुद्री गश्ती विमान भेजने का विकल्प भी शामिल है. वी सुंग-लाक ने संसदीय ऑडिट के दौरान कहा कि इन विकल्पों को लेकर सियोल की वॉशिंगटन से बातचीत जारी है.

    हालांकि, उन्होंने साफ़ किया कि राष्ट्रपति ली जे म्योंग की पहले की घोषणा के मुताबिक़ दक्षिण कोरिया किसी भी तरह की लड़ाकू तैनाती नहीं करेगा.

  4. एमएलसी चुनाव नतीजों पर पीएम मोदी को जवाब देते हुए खड़गे ये बोले

    उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, बिहार, और महाराष्ट्र में एमएलसी चुनाव नतीजों पर बयानबाज़ी और तेज़ हो चुकी है. पीएम मोदी के ट्वीट पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने जवाब दिया है.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, कर्नाटक में एमएलसी चुनाव के नतीजों के बारे में पूछे जाने पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रतिक्रिया दी है.

    खड़गे ने कहा, "हम अभी भी बैलेट पेपर से चुनाव की मांग कर रहे हैं, सिर्फ़ इसलिए कि वे जीत रहे हैं, हमें मैदान नहीं छोड़ देना चाहिए."

    उन्होंने आगे कहा, "एक समय ऐसा भी था जब वे संसद की केवल दो सीटें जीते थे. कभी-कभी ऐसा हो जाता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि पार्टी की कोई पकड़ नहीं है."

    कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा को यह अहंकार नहीं होना चाहिए कि उन्होंने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है.

    उन्होंने कहा, "अगर ऐसा है, तो वे संसद को भंग कर दें और बैलेट पेपर से चुनाव करवा लें."

    इससे एक दिन पहले पीएम मोदी ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा था, " चार राज्यों में 28 सीटों पर एमएलसी चुनाव हो रहे हैं, ये सभी चुनाव बैलेट पेपर के ज़रिए करवाए जाने के बाद आख़िर कांग्रेस को कितनी सीटें मिलीं?"

    खड़गे से पहले कांग्रेस नेता उदित राज ने भी पीएम मोदी के ट्वीट पर प्रतिक्रिया दी थी.

    उदित राज ने कहा था, "मुख्यमंत्री योगी के लिए गोरखपुर, पीएम मोदी के लिए बनारस और आरएसएस के लिए नागपुर. इन तीनों जगहों पर उन्हें बड़ा झटका लगा है. उन्हें अपने मामलों को संभालने पर ध्यान देना चाहिए."

  5. इसराइल: चुनाव ने समाज के गहरे मतभेद उजागर किए, अरब पार्टियों ने दिखाया अपना दम

  6. इलाहाबाद हाई कोर्ट ने आज़म ख़ान और बेटे अब्दुल्ला आज़म को इस केस में दी बड़ी राहत, प्रेरणा, बीबीसी संवाददाता, लखनऊ

    इलाहाबाद हाई कोर्ट ने समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आज़म ख़ान और उनके बेटे अब्दुल्ला आज़म ख़ान को दो पैन कार्ड मामले में राहत दी है.

    अदालत ने उनकी सज़ा निलंबित कर दी और ज़मानत मंज़ूर कर ली है. दोनों इस मामले में 17 नवंबर, 2025 से रामपुर जेल में बंद हैं.

    आज़म ख़ान के वकील नासिर सुल्तान ने फ़ैसले की जानकारी देते हुए कहा कि इस मामले में रामपुर की ट्रायल कोर्ट और अपीलीय अदालत से सज़ा मिलने के बाद हाई कोर्ट में क्रिमिनल रिवीज़न याचिकाएं दायर की गई थीं.

    14 और 15 अक्तूबर को इन याचिकाओं पर सुनवाई हुई थी, जिसके बाद अदालत ने अपना फ़ैसला सुरक्षित रख लिया था.

    नासिर सुल्तान ने बीबीसी न्यूज़ हिन्दी से कहा कि अब दोनों की ज़मानत मंज़ूर हो गई है. उन्होंने उम्मीद जताई कि ज़मानती दस्तावेज़ दाखिल करने और उनके सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद दोनों अगले दो-तीन दिनों में जेल से बाहर आ सकते हैं.

    क्या है दो पैन कार्ड का मामला?

    यह मामला अब्दुल्ला आज़म ख़ान के नाम पर कथित तौर पर दो अलग-अलग जन्मतिथियों वाले पैन कार्ड बनवाने और उनके इस्तेमाल से जुड़ा है.

    आरोप है कि अब्दुल्ला आज़म के नाम पर एक पैन कार्ड में जन्मतिथि 1 जनवरी, 1993 दर्ज थी, जबकि दूसरे में 30 सितंबर, 1990. अभियोजन पक्ष के मुताबिक, इन दस्तावेज़ों का इस्तेमाल अलग-अलग आधिकारिक कामों में किया गया.

    दिसंबर 2019 में बीजेपी नेता आकाश सक्सेना की शिकायत पर रामपुर के सिविल लाइंस थाने में इस मामले में एफ़आईआर दर्ज की गई थी. मामले में धोखाधड़ी, जालसाज़ी, जाली दस्तावेज़ को असली के तौर पर इस्तेमाल करने और आपराधिक साज़िश जैसे आरोप लगाए गए थे.

    नवंबर 2025 में रामपुर की एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट अदालत ने आज़म ख़ान और अब्दुल्ला आज़म को दोषी ठहराते हुए दोनों को सात-सात साल की क़ैद और 50-50 हज़ार रुपये जुर्माने की सज़ा सुनाई थी. इसके बाद दोनों को जेल भेज दिया गया था.

    इस मामले में दायर अपीलों को रामपुर की एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट ने ख़ारिज कर दिया. मई 2026 में इसी अदालत ने अभियोजन पक्ष की अपील पर आज़म ख़ान की सज़ा सात साल से बढ़ाकर दस साल कर दी.

    इसके बाद दोनों ने हाई कोर्ट का रुख किया था. हाई कोर्ट ने अब उनकी सज़ा निलंबित करते हुए ज़मानत मंज़ूर कर ली है.

    हालांकि दो पैन कार्ड मामले में ज़मानत मिलने के बावजूद आज़म ख़ान के लिए क़ानूनी मुश्किलें पूरी तरह ख़त्म नहीं हुई हैं. उनके ख़िलाफ़ रामपुर समेत उत्तर प्रदेश के अलग-अलग इलाक़ों में कई अन्य आपराधिक मामले दर्ज हैं.

  7. अभी तक बीबीसी संवाददाता संदीप राय आप तक ख़बरें पहुंचा रहे थे.

    अब बीबीसी संवाददाता अभिषेक प्रताप सिंह रात दस बजे तक आप तक ख़बरें पहुंचाएंगे.

    बीबीसी न्यूज़ हिन्दी पर मौजूद कुछ अहम ख़बरों को आप नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक कर विस्तार से पढ़ सकते हैं -

  8. सऊदी अरब पर हूती विद्रोहियों ने दागी बैलिस्टिक मिसाइल

    यमन में अदन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर दो हमलों और अल-जॉफ़ में 14 लोगों की मौत की ख़बरों के बीच सऊदी अरब ने अपने पूर्वी क्षेत्र की ओर दागी गई एक बैलिस्टिक मिसाइल को रोकने का दावा किया है.

    बीबीसी अरबी के मुताबिक़, सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन के प्रवक्ता तुर्की अल-मलिकी ने गुरुवार तड़के एक्स पर बताया कि हवाई रक्षा बलों ने हूती विद्रोहियों की ओर से दागी गई मिसाइल को रोककर नष्ट कर दिया.

    इससे पहले, यमन के परिवहन मंत्रालय ने कहा था कि हूती विद्रोहियों ने बुधवार को अदन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर दो बार मिसाइल हमले किए.

    मंत्रालय के मुताबिक़, कुछ ही दिनों में हवाई अड्डे को निशाना बनाकर किए गए हमलों की संख्या छह हो गई है.

    मंत्रालय ने कहा कि ये हमले स्थानीय समयानुसार दोपहर एक बजे और तीन बजे हुए.

    मंत्रालय ने चेतावनी दी कि ऐसे हमलों से यात्रियों, हवाई अड्डे के कर्मचारियों और नागरिक उड्डयन की सुरक्षा को खतरा है. इससे लोगों की आवाजाही और मानवीय सहायता के काम पर भी असर पड़ सकता है.

    बुधवार को हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी ने अदन हवाई अड्डे पर मौजूद लोगों से तुरंत परिसर खाली करने की अपील की थी.

    उन्होंने दावा किया कि वहां सऊदी अरब का एक सैन्य मालवाहक विमान मौजूद है, जो यमनी लोगों को निशाना बनाने के लिए हथियार लेकर आया है.

    हूती विद्रोहियों का दावा है कि उन्होंने हाल के दिनों में सऊदी अरब के अंदर हवाई अड्डों और तेल सुविधाओं को निशाना बनाया है.

  9. बिहार एमएलसी चुनाव: बीजेपी के लिए बदली तस्वीर, नवल किशोर यादव हारे, जनसुराज की एंट्री

  10. अर्नब तूफ़ान ने आंध्र में सबसे अधिक तबाही मचाई, 26 लाख एकड़ धान के खेत प्रभावित

    आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू सबसे प्रभावित इलाक़ों में गुरुवार को दौरा करने जा रहे हैं.

    तूफ़ान अर्नब के कारण तेज़ हवाएं और भारी के चलते आंध्र प्रदेश में बड़े पैमाने पर फसलों को नुक़सान पहुंचा है.

    अधिकारियों के अनुमान के अनुसार, इस खरीफ सीजन में राज्य में धान की कुल खेती का रकबा 37.53 लाख एकड़ है. इनमें से 26 लाख एकड़ साइक्लोन प्रभावित क्षेत्र में आते हैं.

    बीबीसी तेलुगू के मुताबिक़, कोनसीमा ज़िले में धान और केले की खेती को काफ़ी नुक़सान हुआ है. भार संख्या में नारियल के पेड़ और बिजली के खंभे गिरे हैं. कई घरों को भी नुकसान पहुंचा है.

    वह कोनासीमा ज़िले के कात्रेनिकोन मंडल के चेयेरू में फसलों का निरीक्षण करेंगे और किसानों से बात करेंगे. बाद में, वे शेल्टर में शरण लिए हुए पीड़ितों से बात करेंगे.

    इससे पहले, मुख्यमंत्री चंद्रबाबू ने ज़िला स्तरीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में कहा कि सरकार ने चक्रवात के कारण अपने घर, फसल, दुकानें और अन्य संपत्ति खोने वालों की मदद के लिए कदम उठाए हैं.

    उन्होंने मृतकों के परिवारों को 5 लाख रुपये मुआवज़ा और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में प्रभावित लोगों को 25 किलो चावल उपलब्ध कराने का आदेश दिया.

    हथकरघा कामगारों और मछुआरों को 50 किलो चावल, प्याज़, खाद्य तेल और दाल उपलब्ध कराई जाएगी. साथ ही आश्रय शिविरों में शरण लेने वालों को 1,000 रुपये की वित्तीय सहायता दी जाएगी.

    आंध्र प्रदेश के बिजली विभाग के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री के साथ एक समीक्षा बैठक में बताया कि अर्नब के प्रभाव से कोनासीमा ज़िले में करीब 6,000 बिजली के खंभे गिर गए हैं.

    चक्रवात का तटीय ज़िलों में धान, कोनासीमा में नारियल और गोदावरी घाटी में केले और जलीय कृषि सहित प्रमुख फसलों की खेती पर गंभीर असर पड़ा है.

    भारी बारिश, तेज़ हवाओं और बाढ़ से हज़ारों एकड़ में फैली फसलें क्षतिग्रस्त हो गई हैं.

  11. लाखों फॉलोअर्स वाले शख्स को चुनाव में मिले 33 वोट

  12. नेतन्याहू बोले- अरब पार्टियों ने चुनाव चुराए

  13. आईआरजीसी ने होर्मुज़ स्ट्रेट के पास एक एमक्यू-1 ड्रोन मार गिराने का दावा किया

    ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (आईआरजीसी) का कहना है कि उनके वायु रक्षा तंत्र ने होर्मुज़ स्ट्रेट के पूर्वी हिस्से में सिराक के पास एक एमक्यू-1 ड्रोन को मार गिराया है.

    ईरानी समाचार एजेंसी आईआरएनए ने आईआरजीसी का हवाला देते हुए कहा, "देश के एकीकृत हवाई रक्षा नेटवर्क के तहत संचालित एक नई हवाई रक्षा प्रणाली ने होर्मुज़ स्ट्रेट के पास एक आधुनिक एमक्यू-1 ड्रोन को निशाना बनाया."

    ईरानी अधिकारियों का दावा है कि यह इस प्रकार का 14वां ड्रोन है जिसे मार गिराया गया है.

    ये दावे ऐसे समय में सामने आए हैं जब क्षेत्र में तनाव चरम पर है और ईरान, सऊदी अरब और हूती विद्रोहियों के बीच सुरक्षा स्थिति को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं.

  14. महाराष्ट्र एमएलसी चुनावः नागपुर में कांग्रेस की जीत बीजेपी के लिए झटका क्यों है?, भाग्यश्री राउत, बीबीसी मराठी संवाददाता, नागपुर

    महाराष्ट्र विधान परिषद के शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों की कुल 5 सीटों में महाविकास अघाड़ी ने 3 सीटें जीतीं हैं, जबकि बीजेपी को केवल 2 सीटें मिलीं.

    नागपुर के नतीजों पर पूरे देश में चर्चा है. नागपुर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का गृह नगर है और यहीं बीजेपी को हार का सामना करना पड़ा.

    कांग्रेस के अभिजीत वंजारी ने सुधाकर कोहली को हराकर जीत हासिल की है.

    कांग्रेस के अभिजीत वंजारी ने नागपुर स्नातक चुनाव में 3,240 वोटों के अंतर से जीत हासिल की है. नितेश कराले को मिले 25,000 प्रथम वरीयता मतों में से अभिजीत वंजारी को सबसे अधिक द्वितीय वरीयता मत प्राप्त हुए. इसके साथ ही वंजारी लगातार दूसरी बार एमएलसी बन गए और उन्होंने बीजेपी के सुधाकर कोहली को हराया.

    नागपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र भाजपा का गढ़ था. लेकिन पिछली बार कांग्रेस ने इस गढ़ को कमज़ोर कर दिया था. इस साल भाजपा ने अपनी पूरी ताक़त लगा दी थी.

    बीजेपी के लिए क्यों है निराशाजनक

    मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने खुद इस चुनाव पर ध्यान दिया था. फडणवीस के साथ बावनकुले और गडकरी ने भी चुनाव प्रचार किया था. मुख्यमंत्री ने मतदान के दिन खुद बूथ का दौरा किया था. लेकिन बीजेपी के भीतर उम्मीदवारी को लेकर असंतोष था. अनिल सोले ने स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में अपना नामांकन दाखिल किया था. हालांकि सीएम फडणवसी ने उन्हें मनाने की कोशिश की थी.

    स्नातकों के बीच अभिजीत वंजारी का प्रभाव सुधाकर कोहली से कहीं अधिक है. उनके जनसंपर्क अच्छे हैं. विदर्भ में कॉलेज के माध्यम से उनका एक मजबूत नेटवर्क है. कहा जाता है कि उन्हें भी इससे लाभ हुआ है.

    इस चुनाव में एक अहम कारक निर्दलीय उम्मीदवार नितेश कराले थे. वे इस चुनाव में निर्णायक साबित हुए. शुरू में सुधाकर कोहली प्रथम वरीयता मतों में 6 हजार वोटों से आगे थे. लेकिन जब नितेश कराले चुनाव से बाहर हो गए और उनके 25 हजार मतपत्रों पर द्वितीय वरीयता मतों की गिनती शुरू हुई, तो कोहली 3240 वोटों से पिछड़ गए.

    नितेश कराले को लगभग 25 हजार प्रथम वरीयता वोट मिले, जबकि स्थापित पार्टी के उम्मीदवारों की जीत भी कराले पर ही निर्भर थी. क्योंकि उन्हें तृतीय वरीयता वोटों की संख्या अधिक मिली थी. विजेता का निर्धारण इस आधार पर हुआ कि प्रथम वरीयता मतपत्र पर किसे द्वितीय वरीयता वोट मिले.

    महाराष्ट्र एमएलसी चुनाव परिणाम

    शिक्षक विभाग निर्वाचन क्षेत्र-

    • पुणे: कौस्तुभ गावड़े (महायुति-बीजेपी)
    • अमरावती: किरण सरनाईक (महायुति: शिव सेना)

    स्नातक प्रभाग निर्वाचन क्षेत्र: विजयी उम्मीदवार-

    • मराठवाड़ा: डॉ. प्रतापसिंह पाटिल (राष्ट्रवादी कांग्रेस - शरदचंद्र पवार)
    • पुणे: हर्षदा देशमुख-जाधव (राष्ट्रवादी कांग्रेस - शरद चंद्र पवार समूह)
    • नागपुर: अभिजीत वंजारी (कांग्रेस)
  15. फ़िल्म 'रामायण' में सीता के किरदार के लिए साई पल्लवी के चुने जाने पर क्यों छिड़ी बहस?

  16. नसीरुद्दीन के ‘मैं दिमाग़ी नक्सल हूं’ वाले बयान पर किरण रिजिजू क्या बोले?

    बॉलीवुड के जाने-माने अभिनेता नसीरुद्दीन शाह के दिमाग़ी नक्सल बयान पर केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने तीखी प्रतिक्रिया दी है.

    रिजिजू ने एक्स पर लिखा, "मैं सोचता था कि नसीरुद्दीन शाह एक सामान्य एक्टर थे. मैं उनकी इज़्ज़त करता था और पसंद करता था. मुझे नहीं पता था कि वो एक ख़तरनाक़ अरबन दिमाग़ी नक्सल हैं."

    “मुझे उसके असली चरित्र के बारे में बहुत देर से पता चला. भारत के लोकतंत्र के लिए अत्यंत हानिकारक है.”

    रिजिजू की यह टिप्पणी मंगलवार को फ़ेसबुक पर नसीरुद्दीन शाह के एक वीडियो पोस्ट के जवाब में आई.

    इस वीडियो में नसीरुद्दीन शाह ने दिल्ली की जामिया मिल्लिया इस्लामिया के छात्रों का समर्थन किया, जो अपने छात्र संघ को बहाल किए जाने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं.

    'दिमागी नक्सल' लिखा बैज लगाए शाह केंद्र की बीजेपी सरकार की तीखी आलोचना करते नज़र आए.

    वीडियो में शाह ने कहा, "मैं फ़ख़्र के साथ कहता हूं कि मैं दिमाग़ी नक्सल हूं. दिमाग़ी नक्सल के अलावा मालूम नहीं मुझे जैसे लोगों को चौकीदार ने क्या क्या नाम दिए हैं. एंटी नेशनल, टुकड़े-टुकड़े गैंग और न जाने क्या-क्या. टुकड़े टुकड़े गैंग इस मुल्क में अगर कई है तो ये नाजायज़ हुक़ूमत है."

    उन्होंने कहा, "...मैं इस हुक़ूमत से ये सवाल पूछना चाहता हूं. और क्या क्या करोगे हमारे मुल्क के नौजवानों की हिम्मत तोड़ने के लिए, हमारी शिक्षा व्यवस्था को बर्बाद करने के लिए और हमारे लोकतंत्र को ख़तरे में डालने के लिए कितना करोगे?...कहां तक जाओगे?"

    उन्होंने कहा, "पहले जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय, फिर सत्यजीत रे फ़िल्म इंस्टीट्यूट और अब जामिया मिल्लिया में जो छात्रों पर जो ज़ुल्म किया जा रहा है वो याद रखा जाएगा. सब कुछ याद रखा जाएगा. कर लो जितना हो सके तुमसे."

    इसके बाद उन्होंने स्वतंत्रता सेनानी बिस्मिल अज़ीमाबादी की कविता 'सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है' की पंक्ति पढ़ी, "देखना है ज़ोर कितना बाज़ू-ए-कातिल में है."

    इसी वीडियो में उन्होंने मीडिया और बीजेपी के आईटी सेल पर भी तीख़ा हमला बोला.

    उन्होंने कहा, “पूरी ताक़त लगाकर जो करना है कर लो, हमारे नौजवानों का हौसला न टूटने वाला है, न हमारी शिक्षा संस्था बर्बाद होने वाली है और न हमारा लोकतंत्र ख़तरे में पड़ने वाला है.”

    हाल के महीनों में शाह ने छात्र प्रदर्शनों के समर्थन में सोशल मीडिया पर कई वीडियो पोस्ट किए हैं. पिछले सप्ताह उन्होंने कोलकाता स्थित सत्यजीत रे फ़िल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट (एसआरएफ़टीआई) के छात्रों के प्रति एकजुटता जताई थी.

  17. एमएलसी चुनावों को लेकर पीएम मोदी की टिप्पणी पर कांग्रेस ने क्या कहा

    एमएलसी चुनाव के नतीजों पर पीएम मोदी के सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर राजनीतिक बयानबाज़ी तेज़ हो गई है.

    नागपुर एमएलसी सीट जीतने के बाद जहां कांग्रेस हमलावर हो गई है, वहीं बीजेपी के कई नेताओं ने पीएम मोदी की टिप्पणी पर सफ़ाई दी है.

    कांग्रेस नेता उदित राज ने कहा, "मुख्यमंत्री योगी के लिए गोरखपुर, पीएम मोदी के लिए बनारस और आरएसएस के लिए नागपुर. इन तीनों जगहों पर उन्हें बड़ा झटका लगा है. उन्हें अपने मामलों को संभालने पर ध्यान देना चाहिए."

    "जहां तक बैलेट पेपर से चुनाव कराने को लेकर उनके तंज की बात है, तो हम तैयार हैं. बैलेट पेपर से चुनाव कराए जाएं. हमें जीत या हार की चिंता नहीं है. हमें ईवीएम पर भरोसा नहीं है, हम बैलेट पेपर पर भरोसा करते हैं."

    महाराष्ट्र में बीजेपी एमएलए राम कदम ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा, "चुनाव बैलेट पेपर से हुए. 28 सीटों में से कांग्रेस को सिर्फ एक सीट मिली और उस पर भी जीत का अंतर बहुत कम रहा. उत्तर प्रदेश में कांग्रेस को एक भी सीट नहीं मिली और बिहार में भी उसका खाता नहीं खुला."

    "कर्नाटक में भी, जहां कांग्रेस सत्ता में है, वह एक भी सीट जीतने में नाकाम रही. बैलेट पेपर से चुनाव होने के बावजूद कांग्रेस 28 में से सिर्फ एक सीट जीत सकी."

    राम कदम ने पूछा, "क्या कांग्रेस अब हकीकत स्वीकार करेगी? वह लगातार चुनाव हारती है, फिर भी बार-बार ईवीएम या चुनाव आयोग पर हार का ठीकरा फोड़ने की हिम्मत करती है. क्या अब वह आत्ममंथन करेगी और यह मानेगी कि उसकी हार के लिए दूसरे नहीं, बल्कि उसकी अपनी पार्टी ज़िम्मेदार है? अब यही सवाल उठता है."

  18. अमेरिकी उप राष्ट्रपति ने ईरान को लिखी चिट्ठी, ट्रंप ने क्या बताया?

    अमेरिकी उप राष्ट्रपति जेडी वेंस की ओर से ईरान को भेजी गई चिट्ठी पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रतिक्रिया दी है.

    ट्रंप ने इस चिट्ठी की पुष्टि करते हुए कहा, "इसकी विषयवस्तु दवा और चिकित्सा आपूर्ति से संबंधित मुद्दों से जुड़ी थी."

    वॉल स्ट्रीट जर्नल में प्रकाशित इस ख़बर के बाद ट्रंप ने कहा, "दरअसल बात यह है कि उन्हें चिकित्सा सामग्री और अन्य ज़रूरी चीज़ें पहुँचाने में मदद की ज़रूरत है. उन्होंने (जेडी वेंस) मुझसे मेरी राय पूछी. मैंने कहा, अगर आप करना चाहते हैं, तो ठीक है. असल मुद्दा तो यह है कि बीमार लोगों की मदद के लिए राहत सामग्री पहुँचाई जाए."

    वॉल स्ट्रीट जर्नल ने बुधवार को अमेरिकी अधिकारियों और जानकार लोगों के हवाले से बताया कि अमेरिकी उप राष्ट्रपति जेडी वेंस ने शांति वार्ता को पुनर्जीवित करने के उद्देश्य से सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव मोहसिन रेज़ाई को एक पत्र भेजा है.

    मोहसिन रेज़ाई या ईरानी विदेश मंत्रालय ने जेडी वेंस से पत्र मिलने की ख़बर पर अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है. हालांकि, पिछले सप्ताह में वरिष्ठ क्षेत्रीय अधिकारियों की ईरान यात्राएं बढ़ गई हैं.

    यह ऐसे समय में हो रहा है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में कई बार ईरान के खिलाफ युद्ध फिर से शुरू करने की धमकी दी है.

  19. कश्मीर में बच्चे को सीने से बांधकर हाफ़ मैराथन दौड़ीं कुलसुम, बताई ये वजह

  20. इसराइली आम चुनावों के नतीजे पर लेबनान के हिज़्बुल्लाह ने क्या कहा

    इसराइल में हुए आम चुनावों के नतीजे आने के बाद लेबनान के हथियारबंद समूह हिज़्बुल्लाह ने प्रतिक्रिया दी है.

    हिज़्बुल्लाह के महासचिव नईम क़ासिम ने कहा, "इसराइली चुनावों का परिणाम समूह के लिए महत्वपूर्ण नहीं है और हिज़्बुल्लाह चुनावों में कोई भी जीते, इसराइल का प्रतिरोध करना जारी रखेगा."

    90 प्रतिशत से ज़्यादा वोटों की गिनती के बाद, इसराइली प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू का दक्षिणपंथी गठबंधन सबसे बड़ा ब्लॉक होने के बावजूद बहुमत नहीं पा सका है.

    गादी आइज़नकोट के नेतृत्व वाले मुख्य विपक्षी गठबंधन ने उसे कड़ी टक्कर दी है और 48 सीटें हासिल की हैं.

    बीबीसी फ़ारसी के मुताबिक़, नईम क़ासिम ने बुधवार को एक लिखित बयान में कहा, "हमें इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि इसराइ पर कौन शासन करता है. लेकिन यह स्पष्ट होना चाहिए कि इसराइल कब्ज़ा जारी नहीं रख सकता और उसे हमारी ज़मीन छोड़नी होगी."