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जी-7 की बैठक के लिए इटली में एकजुट हुए दुनिया के नेता, मोदी भी हुए रवाना
जी-7 देशों के राष्ट्राध्यक्षों की बैठक में रूस-यूक्रेन युद्ध, ग़ज़ा-इसराइल युद्ध, जलवायु परिवर्तन, प्रवासी मुद्दे, तकनीक और अन्य मुद्दों पर चर्चा होनी है.
सारांश
- नीट-यूजी में ग्रेस मार्क्स दिए गए 1,563 छात्रों के लिए दोबारा होगी परीक्षा. एनटीए ने नोटिफ़िकेशन जारी कर बताया 23 जून को होंगे एग्ज़ाम.
- पीएम नरेंद्र मोदी जी7 शिखर सम्मेलन में शामिल होने इटली रवाना हुए. तीसरी बार पीएम पद की शपथ लेने के बाद मोदी का यह पहला विदेश दौरा है.
- अजीत डोभाल को एक बार फिर राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार नियुक्त कर दिया गया है.
- चीन और पाकिस्तान के संयुक्त बयान में जम्मू और कश्मीर पर की गई टिप्पणी पर भारत के विदेश मंत्रालय ने तीखी प्रतिक्रिया दी है.
- पेमा खांडू ने लगातार तीसरी बार अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है. चोओना मीन ने उप मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली.
लाइव कवरेज
दीपक मंडल
नेतन्याहू बोले- अरब पार्टियों ने चुनाव चुराए
आईआरजीसी ने होर्मुज़ स्ट्रेट के पास एक एमक्यू-1 ड्रोन मार गिराने का दावा किया
ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (आईआरजीसी) का कहना है कि उनके वायु रक्षा तंत्र ने होर्मुज़ स्ट्रेट के पूर्वी हिस्से में सिराक के पास एक एमक्यू-1 ड्रोन को मार गिराया है.
ईरानी समाचार एजेंसी आईआरएनए ने आईआरजीसी का हवाला देते हुए कहा, "देश के एकीकृत हवाई रक्षा नेटवर्क के तहत संचालित एक नई हवाई रक्षा प्रणाली ने होर्मुज़ स्ट्रेट के पास एक आधुनिक एमक्यू-1 ड्रोन को निशाना बनाया."
ईरानी अधिकारियों का दावा है कि यह इस प्रकार का 14वां ड्रोन है जिसे मार गिराया गया है.
ये दावे ऐसे समय में सामने आए हैं जब क्षेत्र में तनाव चरम पर है और ईरान, सऊदी अरब और हूती विद्रोहियों के बीच सुरक्षा स्थिति को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं.
महाराष्ट्र एमएलसी चुनावः नागपुर में कांग्रेस की जीत बीजेपी के लिए झटका क्यों है?, भाग्यश्री राउत, बीबीसी मराठी संवाददाता, नागपुर
महाराष्ट्र विधान परिषद के शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों की कुल 5 सीटों में महाविकास अघाड़ी ने 3 सीटें जीतीं हैं, जबकि बीजेपी को केवल 2 सीटें मिलीं.
नागपुर के नतीजों पर पूरे देश में चर्चा है. नागपुर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का गृह नगर है और यहीं बीजेपी को हार का सामना करना पड़ा.
कांग्रेस के अभिजीत वंजारी ने सुधाकर कोहली को हराकर जीत हासिल की है.
कांग्रेस के अभिजीत वंजारी ने नागपुर स्नातक चुनाव में 3,240 वोटों के अंतर से जीत हासिल की है. नितेश कराले को मिले 25,000 प्रथम वरीयता मतों में से अभिजीत वंजारी को सबसे अधिक द्वितीय वरीयता मत प्राप्त हुए. इसके साथ ही वंजारी लगातार दूसरी बार एमएलसी बन गए और उन्होंने बीजेपी के सुधाकर कोहली को हराया.
नागपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र भाजपा का गढ़ था. लेकिन पिछली बार कांग्रेस ने इस गढ़ को कमज़ोर कर दिया था. इस साल भाजपा ने अपनी पूरी ताक़त लगा दी थी.
बीजेपी के लिए क्यों है निराशाजनक
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने खुद इस चुनाव पर ध्यान दिया था. फडणवीस के साथ बावनकुले और गडकरी ने भी चुनाव प्रचार किया था. मुख्यमंत्री ने मतदान के दिन खुद बूथ का दौरा किया था. लेकिन बीजेपी के भीतर उम्मीदवारी को लेकर असंतोष था. अनिल सोले ने स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में अपना नामांकन दाखिल किया था. हालांकि सीएम फडणवसी ने उन्हें मनाने की कोशिश की थी.
स्नातकों के बीच अभिजीत वंजारी का प्रभाव सुधाकर कोहली से कहीं अधिक है. उनके जनसंपर्क अच्छे हैं. विदर्भ में कॉलेज के माध्यम से उनका एक मजबूत नेटवर्क है. कहा जाता है कि उन्हें भी इससे लाभ हुआ है.
इस चुनाव में एक अहम कारक निर्दलीय उम्मीदवार नितेश कराले थे. वे इस चुनाव में निर्णायक साबित हुए. शुरू में सुधाकर कोहली प्रथम वरीयता मतों में 6 हजार वोटों से आगे थे. लेकिन जब नितेश कराले चुनाव से बाहर हो गए और उनके 25 हजार मतपत्रों पर द्वितीय वरीयता मतों की गिनती शुरू हुई, तो कोहली 3240 वोटों से पिछड़ गए.
नितेश कराले को लगभग 25 हजार प्रथम वरीयता वोट मिले, जबकि स्थापित पार्टी के उम्मीदवारों की जीत भी कराले पर ही निर्भर थी. क्योंकि उन्हें तृतीय वरीयता वोटों की संख्या अधिक मिली थी. विजेता का निर्धारण इस आधार पर हुआ कि प्रथम वरीयता मतपत्र पर किसे द्वितीय वरीयता वोट मिले.
महाराष्ट्र एमएलसी चुनाव परिणाम
शिक्षक विभाग निर्वाचन क्षेत्र-
- पुणे: कौस्तुभ गावड़े (महायुति-बीजेपी)
- अमरावती: किरण सरनाईक (महायुति: शिव सेना)
स्नातक प्रभाग निर्वाचन क्षेत्र: विजयी उम्मीदवार-
- मराठवाड़ा: डॉ. प्रतापसिंह पाटिल (राष्ट्रवादी कांग्रेस - शरदचंद्र पवार)
- पुणे: हर्षदा देशमुख-जाधव (राष्ट्रवादी कांग्रेस - शरद चंद्र पवार समूह)
- नागपुर: अभिजीत वंजारी (कांग्रेस)
फ़िल्म 'रामायण' में सीता के किरदार के लिए साई पल्लवी के चुने जाने पर क्यों छिड़ी बहस?
नसीरुद्दीन के ‘मैं दिमाग़ी नक्सल हूं’ वाले बयान पर किरण रिजिजू क्या बोले?
बॉलीवुड के जाने-माने अभिनेता नसीरुद्दीन शाह के दिमाग़ी नक्सल बयान पर केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने तीखी प्रतिक्रिया दी है.
रिजिजू ने एक्स पर लिखा, "मैं सोचता था कि नसीरुद्दीन शाह एक सामान्य एक्टर थे. मैं उनकी इज़्ज़त करता था और पसंद करता था. मुझे नहीं पता था कि वो एक ख़तरनाक़ अरबन दिमाग़ी नक्सल हैं."
“मुझे उसके असली चरित्र के बारे में बहुत देर से पता चला. भारत के लोकतंत्र के लिए अत्यंत हानिकारक है.”
रिजिजू की यह टिप्पणी मंगलवार को फ़ेसबुक पर नसीरुद्दीन शाह के एक वीडियो पोस्ट के जवाब में आई.
इस वीडियो में नसीरुद्दीन शाह ने दिल्ली की जामिया मिल्लिया इस्लामिया के छात्रों का समर्थन किया, जो अपने छात्र संघ को बहाल किए जाने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं.
'दिमागी नक्सल' लिखा बैज लगाए शाह केंद्र की बीजेपी सरकार की तीखी आलोचना करते नज़र आए.
वीडियो में शाह ने कहा, "मैं फ़ख़्र के साथ कहता हूं कि मैं दिमाग़ी नक्सल हूं. दिमाग़ी नक्सल के अलावा मालूम नहीं मुझे जैसे लोगों को चौकीदार ने क्या क्या नाम दिए हैं. एंटी नेशनल, टुकड़े-टुकड़े गैंग और न जाने क्या-क्या. टुकड़े टुकड़े गैंग इस मुल्क में अगर कई है तो ये नाजायज़ हुक़ूमत है."
उन्होंने कहा, "...मैं इस हुक़ूमत से ये सवाल पूछना चाहता हूं. और क्या क्या करोगे हमारे मुल्क के नौजवानों की हिम्मत तोड़ने के लिए, हमारी शिक्षा व्यवस्था को बर्बाद करने के लिए और हमारे लोकतंत्र को ख़तरे में डालने के लिए कितना करोगे?...कहां तक जाओगे?"
उन्होंने कहा, "पहले जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय, फिर सत्यजीत रे फ़िल्म इंस्टीट्यूट और अब जामिया मिल्लिया में जो छात्रों पर जो ज़ुल्म किया जा रहा है वो याद रखा जाएगा. सब कुछ याद रखा जाएगा. कर लो जितना हो सके तुमसे."
इसके बाद उन्होंने स्वतंत्रता सेनानी बिस्मिल अज़ीमाबादी की कविता 'सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है' की पंक्ति पढ़ी, "देखना है ज़ोर कितना बाज़ू-ए-कातिल में है."
इसी वीडियो में उन्होंने मीडिया और बीजेपी के आईटी सेल पर भी तीख़ा हमला बोला.
उन्होंने कहा, “पूरी ताक़त लगाकर जो करना है कर लो, हमारे नौजवानों का हौसला न टूटने वाला है, न हमारी शिक्षा संस्था बर्बाद होने वाली है और न हमारा लोकतंत्र ख़तरे में पड़ने वाला है.”
हाल के महीनों में शाह ने छात्र प्रदर्शनों के समर्थन में सोशल मीडिया पर कई वीडियो पोस्ट किए हैं. पिछले सप्ताह उन्होंने कोलकाता स्थित सत्यजीत रे फ़िल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट (एसआरएफ़टीआई) के छात्रों के प्रति एकजुटता जताई थी.
एमएलसी चुनावों को लेकर पीएम मोदी की टिप्पणी पर कांग्रेस ने क्या कहा
एमएलसी चुनाव के नतीजों पर पीएम मोदी के सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर राजनीतिक बयानबाज़ी तेज़ हो गई है.
नागपुर एमएलसी सीट जीतने के बाद जहां कांग्रेस हमलावर हो गई है, वहीं बीजेपी के कई नेताओं ने पीएम मोदी की टिप्पणी पर सफ़ाई दी है.
कांग्रेस नेता उदित राज ने कहा, "मुख्यमंत्री योगी के लिए गोरखपुर, पीएम मोदी के लिए बनारस और आरएसएस के लिए नागपुर. इन तीनों जगहों पर उन्हें बड़ा झटका लगा है. उन्हें अपने मामलों को संभालने पर ध्यान देना चाहिए."
"जहां तक बैलेट पेपर से चुनाव कराने को लेकर उनके तंज की बात है, तो हम तैयार हैं. बैलेट पेपर से चुनाव कराए जाएं. हमें जीत या हार की चिंता नहीं है. हमें ईवीएम पर भरोसा नहीं है, हम बैलेट पेपर पर भरोसा करते हैं."
महाराष्ट्र में बीजेपी एमएलए राम कदम ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा, "चुनाव बैलेट पेपर से हुए. 28 सीटों में से कांग्रेस को सिर्फ एक सीट मिली और उस पर भी जीत का अंतर बहुत कम रहा. उत्तर प्रदेश में कांग्रेस को एक भी सीट नहीं मिली और बिहार में भी उसका खाता नहीं खुला."
"कर्नाटक में भी, जहां कांग्रेस सत्ता में है, वह एक भी सीट जीतने में नाकाम रही. बैलेट पेपर से चुनाव होने के बावजूद कांग्रेस 28 में से सिर्फ एक सीट जीत सकी."
राम कदम ने पूछा, "क्या कांग्रेस अब हकीकत स्वीकार करेगी? वह लगातार चुनाव हारती है, फिर भी बार-बार ईवीएम या चुनाव आयोग पर हार का ठीकरा फोड़ने की हिम्मत करती है. क्या अब वह आत्ममंथन करेगी और यह मानेगी कि उसकी हार के लिए दूसरे नहीं, बल्कि उसकी अपनी पार्टी ज़िम्मेदार है? अब यही सवाल उठता है."
अमेरिकी उप राष्ट्रपति ने ईरान को लिखी चिट्ठी, ट्रंप ने क्या बताया?
अमेरिकी उप राष्ट्रपति जेडी वेंस की ओर से ईरान को भेजी गई चिट्ठी पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रतिक्रिया दी है.
ट्रंप ने इस चिट्ठी की पुष्टि करते हुए कहा, "इसकी विषयवस्तु दवा और चिकित्सा आपूर्ति से संबंधित मुद्दों से जुड़ी थी."
वॉल स्ट्रीट जर्नल में प्रकाशित इस ख़बर के बाद ट्रंप ने कहा, "दरअसल बात यह है कि उन्हें चिकित्सा सामग्री और अन्य ज़रूरी चीज़ें पहुँचाने में मदद की ज़रूरत है. उन्होंने (जेडी वेंस) मुझसे मेरी राय पूछी. मैंने कहा, अगर आप करना चाहते हैं, तो ठीक है. असल मुद्दा तो यह है कि बीमार लोगों की मदद के लिए राहत सामग्री पहुँचाई जाए."
वॉल स्ट्रीट जर्नल ने बुधवार को अमेरिकी अधिकारियों और जानकार लोगों के हवाले से बताया कि अमेरिकी उप राष्ट्रपति जेडी वेंस ने शांति वार्ता को पुनर्जीवित करने के उद्देश्य से सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव मोहसिन रेज़ाई को एक पत्र भेजा है.
मोहसिन रेज़ाई या ईरानी विदेश मंत्रालय ने जेडी वेंस से पत्र मिलने की ख़बर पर अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है. हालांकि, पिछले सप्ताह में वरिष्ठ क्षेत्रीय अधिकारियों की ईरान यात्राएं बढ़ गई हैं.
यह ऐसे समय में हो रहा है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में कई बार ईरान के खिलाफ युद्ध फिर से शुरू करने की धमकी दी है.
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इसराइली आम चुनावों के नतीजे पर लेबनान के हिज़्बुल्लाह ने क्या कहा
इसराइल में हुए आम चुनावों के नतीजे आने के बाद लेबनान के हथियारबंद समूह हिज़्बुल्लाह ने प्रतिक्रिया दी है.
हिज़्बुल्लाह के महासचिव नईम क़ासिम ने कहा, "इसराइली चुनावों का परिणाम समूह के लिए महत्वपूर्ण नहीं है और हिज़्बुल्लाह चुनावों में कोई भी जीते, इसराइल का प्रतिरोध करना जारी रखेगा."
90 प्रतिशत से ज़्यादा वोटों की गिनती के बाद, इसराइली प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू का दक्षिणपंथी गठबंधन सबसे बड़ा ब्लॉक होने के बावजूद बहुमत नहीं पा सका है.
गादी आइज़नकोट के नेतृत्व वाले मुख्य विपक्षी गठबंधन ने उसे कड़ी टक्कर दी है और 48 सीटें हासिल की हैं.
बीबीसी फ़ारसी के मुताबिक़, नईम क़ासिम ने बुधवार को एक लिखित बयान में कहा, "हमें इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि इसराइ पर कौन शासन करता है. लेकिन यह स्पष्ट होना चाहिए कि इसराइल कब्ज़ा जारी नहीं रख सकता और उसे हमारी ज़मीन छोड़नी होगी."
महाराष्ट्र एमएलसी चुनावः नागपुर में कांग्रेस का उम्मीदवार जीता
महाराष्ट्र विधान परिषद यानी एमएलसी चुनाव में प्रदेश के सीएम देवेंद्र फडणवीस के गृह नगर में कांग्रेस का उम्मीदवार जीता है.
समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, कांग्रेस उम्मीदवार अभिजीत वंजारी ने नागपुर संभाग स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से जीत दर्ज की है.
उन्हें पहली और दूसरी वरीयता के वोटों को मिलाकर कुल 67,231 वोट मिले. जबकि बीजेपी के उम्मीदवार सुधाकर कोहले को 63,960 वोट मिले.
वंजारी ने कोहले को 3,271 वोटों के अंतर से हराया.
इस जीत पर अभिजीत वंजारी ने कहा, "बीजेपी ने अपनी पूरी ताक़त लगा दी. उनके सभी नेता नागपुर में मौजूद थे. इसके बावजूद मतदाताओं ने हमारा साथ दिया. हमारी पार्टी एकजुट रही और महा विकास अघाड़ी के नेता और कार्यकर्ता एक साथ खड़े रहे."
"कई संगठनों ने मेरा समर्थन किया. दरअसल, मैंने अपने चुनाव प्रचार की सामग्री में भी बताया था कि 48 संगठन मेरे समर्थन में हैं. यह जीत उन्हीं संगठनों के कार्यकर्ताओं और नेताओं की है."
ग़ौरतलब है कि गुरुवार को उत्तर प्रदेश, बिहार, कर्नाटक और महाराष्ट्र की 28 एमएलसी सीटों पर चुनावी नतीजे आ रहे थे लेकिन कांग्रेस का एक भी उम्मीदवार नहीं जीता था.
इस पर तंज़ करते हुए पीएम मोदी ने एक्स लिखा था, "4 राज्यों में 28 सीटों पर एमएलसी चुनाव हो रहे हैं, ये सभी चुनाव बैलेट पेपर के जरिए करवाए जाने के बाद आख़िर कांग्रेस को कितनी सीटें मिली?"
इस पोस्ट को देवेंद्र फडणवीस ने भी एक्स पर शेयर किया था लेकिन देर रात ये पोस्ट हटा ली.
इससे पहले कर्नाटक में सत्तारूढ़ कांग्रेस को बड़ा झटका देते हुए बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए ने कर्नाटक विधान परिषद की चार सीटों पर जीत हासिल कर ली है. एमएलसी चुनावों में कांग्रेस अपनी भी सीट नहीं बचा पाई,
महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ महायुति और विपक्षी महा विकास अघाड़ी (एमवीए) ने विधान परिषद की सभी पांच सीटों पर चुनाव लड़ा था.
साइक्लोन अर्नब: आंध्र प्रदेश में पांच लोगों की मौत, भारी बारिश के बीच लोगों को घरों से बाहर न निकलने की सलाह
अर्नब तूफ़ान का कहरः आंध्र, तेलंगाना और ओडिशा में भारी बारिश का हाल तस्वीरों में
साइक्लोन अर्नब का प्रभाव अभी भी जारी है. आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और ओडिशा में भारी बारिश हो रही है.
अर्नब तूफ़ान के प्रभाव से आंध्र प्रदेश, ओडिशा और तेलंगाना के कई हिस्सों में भारी बारिश हो रही है. चक्रवात से हुई तबाही का प्रारंभिक आकलन किया जा रहा है.
भारतीय मौसम विभाग ने कहा कि पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में, आंध्र प्रदेश और पुडुचेरी के यानम तटों के निकट चक्रवात अर्नब पूरी तरह से कमज़ोर हो गया है.
तूफ़ान पिछले 6 घंटों में यह लगभग 15 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से उत्तर की ओर बढ़ा है और एक गंभीर निम्न दबाव क्षेत्र में बदल गया है.
मौसम विभाग के अनुसार, 28 अक्तूबर को रात 11.30 बजे इसका केंद्र आंध्र प्रदेश के पास, दक्षिण ओडिशा, दक्षिण छत्तीसगढ़ और उत्तरपूर्वी तेलंगाना से सटे क्षेत्र में था.
मौसम विभाग ने कहा कि आज सुबह इसके कमज़ोर होकर डिप्रेशन में बदलने और शाम तक निम्न दबाव क्षेत्र में तब्दील होने की संभावना है.
इसराइलः बहुमत न मिलने पर नेतन्याहू बोले- ‘अरब पार्टियों ने चुनाव चुराए’
बीते मंगलवार को इसराइल में हुए चुनावों के नतीजे लगभग सामने आ चुके हैं. इसमें नेतन्याहू की लिकुड पार्टी के गठबंधन को बहुमत नहीं मिल पाया है.
इसराइली पीएम बिन्यामिन नेतन्याहू ने अपने गठबंधन के बहुमत से दूर रहने को लेकर अरब पार्टियों पर आरोप लगाए हैं.
उन्होंने एक्स पर अपनी पार्टी का एक बयान जारी किया, जिसमें कहा गया है, “इसराइल में चुनाव अरब पार्टियों ने चोरी किए हैं, जो आतंकवाद का समर्थन करती हैं और यहूदी राज्य को ख़त्म करना चाहती हैं. यह चोरी रिश्वतखोरी, धमकी, हिंसा, जालसाजी और मतदाताओं को जुटाने के लिए प्रतिबंधित सॉफ्टवेयर के इस्तेमाल जैसे गंभीर आपराधिक कृत्यों के जरिए की गई है.”
“लिकुड पार्टी चुनाव में धांधली से जुड़े सैकड़ों बयान और सबूत पुलिस, शिन बेट और केंद्रीय चुनाव समिति को सौंप रही है. ये सबूत कई अरब मतदान केंद्रों पर चुनाव में धांधली से जुड़े हैं. इनमें रा'म पार्टी की पर्चियों और नकदी वाले हज़ारों लिफ़ाफ़े, मतदान केंद्र के सदस्यों को धमकाने और उनके साथ हिंसा करने, मतदान कक्ष के पर्दे के पीछे कई बार वोट डालने, दोहरी पहचान के साथ मतदान करने, लिफ़ाफ़ों की संख्या और मतदाताओं की संख्या में अंतर, मतदाताओं को जुटाने के लिए प्रतिबंधित सॉफ्टवेयर के इस्तेमाल समेत कई अन्य मामले शामिल हैं.”
“हम पुलिस और शिन बेट से मांग करते हैं कि अरब पार्टियों की ओर से चुनाव में की गई धांधली की गहन जांच की जाए और इसमें शामिल अपराधियों के ख़िलाफ़ पूरी क़ानूनी कार्रवाई की जाए.”
“हम केंद्रीय चुनाव समिति से मांग करते हैं कि वह इन आपराधिक कृत्यों की जांच के लिए तत्काल कदम उठाए. इन कृत्यों ने इसराइल में चुनाव की निष्पक्षता और चुनाव परिणामों को गंभीर नुक़सान पहुंचाया है.”
97 प्रतिशत वोटों की गिनती के बाद नेतन्याहू के गठबंधन के हिस्से में 53 सीटें, उनके विरोधी आइज़नकोट की अगुवाई वाले गठबंधन को 48 सीटें और अरब पार्टियों के गठबंधन को 19 सीटें मिली हैं.
इसराइली संसद में बहुमत के लिए 61 सीटें चाहिए होती हैं.
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MLC Election के नतीजे BJP के लिए कितना बड़ा झटका?
अब इस लाइव पेज को विराम देने का वक़्त आ गया है. मुझे यानी बीबीसी संवाददाता शिवांगी जायसवाल को दीजिए इजाज़त.
कल सुबह एक नए लाइव पेज के साथ हम फिर हाज़िर होंगे.
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इसराइल के राष्ट्रपति बोले- 'हर संभव कोशिश हो ताकि एक और चुनाव का सामना न करना पड़े'
इसराइल में आम चुनावों के बाद एक बार फिर राजनीतिक गतिरोध की स्थिति बनती दिख रही है.
अब तक 85% वोटों की गिनती पूरी हो चुकी है, लेकिन न तो मौजूदा प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू और न ही उनके प्रमुख प्रतिद्वंद्वी गादी आइज़नकोट बहुमत के लिए पर्याप्त सीटें हासिल करते नज़र आ रहे हैं.
उधर, जॉइंट अरब लिस्ट के नेता यूसुफ़ जबारीन ने कहा है कि उनका गठबंधन "नेतन्याहू सरकार को सत्ता से बाहर करने का रास्ता तैयार करने के लिए तैयार है."
इसराइल की केंद्रीय चुनाव समिति के अनुसार, जॉइंट लिस्ट को फ़िलहाल 9.11% वोट मिले हैं और यह वोट शेयर के आधार पर चौथा सबसे बड़ा गठबंधन बनकर उभरा है.
ऐसे में नई गठबंधन सरकार बनाने की कोशिशों में इसकी अहम भूमिका हो सकती है.
इस बीच, इसराइल के राष्ट्रपति इसहाक हर्ज़ोग ने कहा है, "हमें हर संभव कोशिश करनी चाहिए ताकि देश को एक और चुनाव का सामना न करना पड़े."
आधिकारिक चुनाव नतीजे अगले सप्ताह आएंगे, जिसके बाद राष्ट्रपति यह तय करेंगे कि किस नेता के पास सरकार बनाने की सबसे अधिक संभावना है.
इसके बाद वही नेता सरकार गठन की प्रक्रिया शुरू करने का निमंत्रण पाएगा.
इसराइल में संसद को कनेसेट कहा जाता है जहां चुनाव आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली के तहत होते हैं.
कनेसेट में कुल 120 सीटें हैं. किसी पार्टी को देशभर में जितने प्रतिशत वोट मिलते हैं, लगभग उसी अनुपात में उसे सीटें आवंटित की जाती हैं.
इसराइल के इतिहास में अब तक कोई भी एक दल अकेले 120 सीटों में बहुमत हासिल नहीं कर पाया है. यही वजह है कि वहां हर सरकार दो या उससे अधिक दलों के गठबंधन से बनती है.
इस व्यवस्था में छोटे दलों की भूमिका बेहद अहम हो जाती है, क्योंकि वे किसी भी गठबंधन सरकार को बनाने या गिराने की क्षमता रखते हैं.
जामिया मिल्लिया में जारी प्रदर्शनों के बीच ऑनलाइन क्लासेस और एग्ज़ाम पर नया आदेश
जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय में जारी प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाइयों के बीच प्रबंधन ने ऑनलाइन क्लासेस की मियाद बढ़ाकर 26 नवंबर कर दी है.
इस केंद्रीय विश्वविद्यालय ने बुधवार को एक बैठक के बाद जारी किए आदेश में इसकी जानकारी दी है.
जामिया विश्वविद्यालय ने लेटर में कहा है कि कैंपस की स्थिति स्टूडेंट्स की सुरक्षा के हिसाब से ठीक नहीं है, ऐसे में ऑनलाइन कक्षाएं अब छह नवंबर के बजाय 26 नवंबर तक जारी रहेंगी.
इतना ही नहीं, एक दिसंबर से 24 दिसंबर तक एंड सेमेस्टर एग्ज़ाम भी ऑनलाइन मोड में ही कराए जाएंगे.
बता दें कि जामिया मिल्लिया में 17वें दिन भी बुधवार को प्रदर्शन जारी रहा. प्रदर्शनकारी छात्र संघ चुनाव की तारीख घोषित कराने की मांग कर रहे हैं.
ब्राज़ील आम चुनाव में हार के बाद अमेरिका पहुंचे बोल्सोनारो, तस्वीरें सामने आईं
ब्राज़ील के राष्ट्रपति चुनाव में हार के बाद फ़्लावियो बोल्सोनारो ब्राज़ील छोड़कर अमेरिका के फ़्लोरिडा पहुंच गए हैं, इसकी तस्वीरें सामने आई हैं.
तस्वीरों में बोल्सोनारो और उनका परिवार अमेरिकी कस्टम्स से बाहर निकलते दिखे.
बीबीसी की लैटिन अमेरिका और कैरेबियन संपादक वनेसा बुशश्लूटर ने बताया, "हमें पता है कि फ़्लावियो बोल्सोनारो के साथ तीन लोग थे, जब उन्होंने ब्राज़ील से अर्जेंटीना की सीमा पार की.
"यह जानकारी अर्जेंटीना के इमिग्रेशन अधिकारियों की एक्स पोस्ट में दी गई कुछ गिनी-चुनी जानकारियों में से एक है. इस पोस्ट में उनके साथ यात्रा करने वालों के नाम भी दर्ज हैं."
"ये तीन लोग उनकी पत्नी फ़र्नांडा और उनकी दो बेटियां, लुइज़ा और कैरोलिना हैं. उनकी एक बेटी विमान से उनके पीछे उतरती हुई भी दिखाई दे रही है."
बुधवार सुबह फ़्लोरिडा पहुंचने के दौरान बोल्सोनारो की कुछ और तस्वीरों में उनके साथ उनकी पत्नी फ़र्नांडा और दो बेटियां भी नज़र आईं.
बाद में बोल्सोनारो अमेरिकी कस्टम्स से बाहर निकलते हुए भी दिखाई दिए. इस दौरान रणनीतिक ढंग से पकड़ी गईं छतरियों की मदद से उन्हें मीडिया की नज़रों से दूर रखने की कोशिश की गई.